How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन एवं असहयोग आंदोलन की तुलना कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: आधुनिक भारतीय इतिहास: बिपिन चंद्र
निर्देशक शब्द:
तुलना कीजिए- दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
दोनों आंदोलनों के दर्शन का संक्षेप में वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
दोनों आंदोलनों की विस्तार से तुलना कीजिए।
दोनों आंदोलनों में संचालन के तरीके, कार्यप्रणाली, महत्वाकांक्षा, जन भागीदारी का स्तर आदि पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि हालांकि असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन दोनों में अनेक अंतर थे, लेकिन उन्होंने ब्रिटिश राज के उदार निरंकुशता के मिथक को तोड़ने एवं स्वतंत्रता के लिए भविष्य के आंदोलन के लिए जनता को एकजुट करने में सहायता की।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
2. इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष के दो-राज्य समाधान की सफलता में शामिल चुनौतियों पर प्रकाश डालिए तथा इसके लिए एक-राज्य समाधान के सौहार्द्र का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
द्वि-राज्य समाधान की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
द्वि-राज्य समाधान की व्याख्या पर विस्तार से प्रकाश डालिए। इससे सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
एक-राज्य समाधान पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार, एक राज्य समाधान फिलिस्तीन में आगे की राह है और यह राज्य सभी नागरिकों के लिए होना चाहिए।
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
3. नवीन सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं हेतु दिशा-निर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। साथ ही, गैर-अनुपालन से सम्बद्ध चिंताओं का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
हाल ही में सरकार द्वारा जारी किये गए दिशानिर्देशों पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- इन नियमों के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
- नए नियमों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को क्या करने की आवश्यकता है? समझाइए।
- नियमों के निर्माण के संदर्भ की व्याख्या कीजिए।
- गैर-अनुपालन से सम्बंधित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
4. ग्रामीण क्षेत्रों में महामारी प्रेरित संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं मनरेगा को सशक्त करने की तत्काल आवश्यकता की जांच कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न के संदर्भ की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
कुछ सहायक तथ्यों के साथ सम्बन्धित मुद्दे के विवरण पर प्रकाश डालिए (लेख से संकेत लीजिए)।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को सशक्त करने की तत्काल आवश्यकता क्यों है? समझाइए।
उच्च विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की असमानता में कमी के लिए आवश्यक नीतियों का सुझाव दीजिए। संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि टीकाकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में विस्तार और नकद हस्तांतरण मांग को बढ़ावा देने और असमानताओं को दूर करने की रणनीति का भाग होना चाहिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
5. सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए हाल ही में प्रस्तावित एकीकृत कानून प्रवर्तन केंद्रों (ILECs) की आवश्यकता एवं महत्व पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Hindustan Times
निर्देशक शब्द:
लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारतीय सीमाओं पर सीमा-पार और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- वर्तमान सीमा सुरक्षा तंत्र से सम्बंधित मुद्दों की व्याख्या कीजिए।
- एकीकृत कानून प्रवर्तन केंद्रों (ILECs) के बारे में चर्चा कीजिए।
- एकीकृत कानून प्रवर्तन केंद्रों (ILECs) के लाभों पर एक लेख लिखिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि कानून एवं व्यवस्था ‘राज्य सूची का विषय’ है। केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति के संघीय संतुलन को देखते हुए, एक व्यापक संस्थागत व्यवस्था के लिए केंद्रीय स्तर पर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ-साथ राज्यों द्वारा समायोजन की आवश्यकता होगी।
विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
6. डेटा संचालित दृष्टिकोण जलवायु परिवर्तन से भविष्य में होने वाले व्यवधानों से निपटने में भारत की कैसे सहायता करेगा? समझाइए। भारत के डेटा पारिस्थितिकी तंत्र में वांछित सुधारों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Financial Express
निर्देशक शब्द:
समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न का संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
समझाइए कि महामारी प्रेरित व्यवधान के प्रबंधन के लिए डेटा-संचालित उपकरणों का उपयोग किया गया था। यह जलवायु परिवर्तन से प्रेरित होने वाले भविष्य के व्यवधानों के प्रबंधन के लिए डेटा पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्गठन का अवसर प्रदान करता है।
भारत में डेटा साझा करने की नीतियों पर प्रकाश डालिए।
इससे सम्बद्ध चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। डेटा-पारिस्थितिकी तंत्र में आवश्यक सुधारों का सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकलिए।
विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
7. हरित बौद्धिक संपदा के विकास पर विचार-विमर्श कीजिए एवं भारत में पर्यावरणीय धारणीयता प्राप्त करने में इसके महत्व की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Down to Earth
निर्देशक शब्द:
विचार-विमर्श कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।
व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
हरित बौद्धिक संपदा से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
हरित बौद्धिक संपदा के विकास पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
भारत में पर्यावरणीय धारणीयता प्राप्त करने में इसके महत्व की व्याख्या कीजिए।
इसके लाभों पर विस्तार से चर्चा कीजिए, उदाहरण भी दीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि सशक्त बौद्धिक संपदा सुरक्षा हरित प्रौद्योगिकी निर्माण, अनुकूलन और वितरण की सुविधा प्रदान करती है। गैर-नवीकरणीय संसाधनों का ह्रास बहुत तेज गति से हो रहा है और इसकी उपलब्धता सीमित है। इसलिए, हरित प्रौद्योगिकियों पर आधारित अधिक टिकाऊ जीवन शैली की दिशा में बदलाव को अपनाना आवश्यक है। जो नई वैश्विक पर्यावरण नीतियों के विकास का भाग है और बौद्धिक संपदा अधिकारों का मजबूत संरक्षण इस प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है।
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