Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 20 मई 2021

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

1. अपनी स्थापना के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के क्या लक्ष्य एवं उद्देश्य थे? अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में यह कहाँ तक सफल रही? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: आधुनिक भारतीय इतिहास: स्पेक्ट्रम प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन के समय प्रचलित स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • अपनी स्थापना के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
  • अपने प्रारंभिक चरण में लक्ष्यों को प्राप्त करने में कांग्रेस की सफलता का मूल्यांकन कीजिए।
  • संबंधित चुनौतियों को भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 2. “सामाजिक सुरक्षा पर नवीन संहिता में सामाजिक सुरक्षा का सार्वभौमीकरण एक असंतुष्ट आकांक्षा बनी हुई है।” समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

 सामाजिक सुरक्षा पर नवीन संहिता एवं इसमें सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमीकरण से सम्बंधित मुद्दे पर चर्चा कीजिए।

इससे सम्बंधित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कीजिए एवं सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

 3. राज्य विधान परिषदों के निर्माण का क्या औचित्य है? राज्य विधान परिषदों के विरुद्ध की गई आलोचनाओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • विधान परिषद के उन्मूलन या निर्माण से सम्बंधित संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या कीजिए।
  • राज्य विधान परिषदों के निर्माण के औचित्य की व्याख्या कीजिए।
  • राज्य विधान परिषदों के विरुद्ध की गई आलोचनाओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है एवं आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

 4. गंभीर चक्रवातों से निपटने के लिए सटीक पूर्वानुमान एवं लचीलता निर्माण अत्यंत आवश्यक है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: NDTV

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

इस तथ्य को देखते हुए कि वैश्विक तापन के कारण भारत में प्रत्येक वर्ष चक्रवातों की बारम्बारता में वृद्धि की सम्भावना अधिक है, भारत को इन प्रतिकूल जलवायु परिघटनाओं से जान-माल की क्षति को कम करने की दिशा में काम करना चाहिए। इस दिशा में निम्नलिखित उपाय सहायक होंगे।

भारत को पूर्वानुमान लगाने में अधिक विशेषज्ञता विकसित करने की आवश्यकता है, जो सटीक पूर्व चेतावनी जारी करने में सहायता करेगी।

चक्रवातों की अतीव तीव्रता को देखते हुए, जमीन स्तर पर निकासी के लिए तत्काल उपाय अपनाने के लिए बहुत कम समय उपलब्ध है। अत्याधुनिक चक्रवात मॉडल इस अतीव तीव्रता को चुनने में असमर्थ हैं क्योंकि वे समुद्र की गतिशीलता का सटीक रूप से मापन नहीं करते हैं। यह एक पूर्वानुमान चुनौती है, जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है।

आपदा न्यूनीकरण एवं लचीलता निर्माण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह पर विचार करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 5. तकनीकी राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? अतीत में भारत की तकनीकी प्रगति को रोकने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Business Standard.

निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

तकनीकी-राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

वैश्विक मामलों के संबंध में मामलों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कीजिए। भारत के संदर्भ पर चर्चा कीजिए; समझाइए कि चीन के साथ बढ़ते तनाव के चलते भारत ने आत्मनिर्भरता और तकनीकी-राष्ट्रवाद को प्रोत्साहित किया है।

अतीत में भारत की तकनीकी प्रगति को रोकने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि भारत को एक तकनीकी उपनिवेश से बचने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करने में अधिक महत्वाकांक्षी होना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: कॉर्पोरेट शासन प्रणाली; कार्य संस्कृति।

 6. उपयुक्त उदाहरणों के साथ कर्मचारियों पर कंपनी संस्कृति के प्रभावों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कंपनी संस्कृति से आप क्या समझते हैं? बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

कर्मचारियों पर कंपनी संस्कृति के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

संदर्भित लेख से संकेत लीजिए एवं एक अच्छी कंपनी संस्कृति के लिए आवश्यक सभी प्रमुख मूल्यों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

अच्छी कंपनी संस्कृति का अभ्यास करने के उपायों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. ‘नौकरशाही के राजनीतिकरण’ के क्या परिणाम हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: thedailystar.net

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नौकरशाही के राजनीतिकरण से आप क्या समझते हैं? बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

‘नौकरशाही के राजनीतिकरण’ के प्रमुख परिणामों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

प्रासंगिक उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 


Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates

Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos