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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 15 May 2021

 

विषयसूची

सामान्य अध्ययन-I

1. मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियाँ

2. बसव जयंती

3. चक्रवात ‘तौकते’

 

सामान्य अध्ययन-II

1. दोषियों को उनके घरों में नजरबंद करने पर विचार करें: उच्चतम न्यायालय

2. किफायती एवं मध्यम आय वर्गीय आवास (SWAMIH) हेतु विशेष विडों

3. ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (EWG) की बैठक

 

सामान्य अध्ययन-III

1. पीएम-किसान योजना

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली तलवारबाज़ भवानी देवी

2. निर्देशात्मक नोट

3. पंजाब का 23वां जिला: मलेरकोटला

4. गोवा समुद्री संगोष्ठी (GMS) – 2021

5. रेड-ईयर स्लाइडर

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियाँ


(Mongolian Kanjur Manuscripts)

संस्कृति मंत्रालय ने सूचित करते हुए बताया है, कि अगले वर्ष तक, मंगोलिया के प्रमुख बौद्ध केन्‍द्रों में वितरण के लिए पवित्र मंगोलियाई कंजूर (Mongolian Kanjur) के लगभग 100 सेटों का पुन:मुद्रण कार्य पूरा करने की संभावना है।

मंगोलियाई कांजूर क्या है?

मंगोलियाई भाषा में ‘कंजूर’  (Kanjur) का अर्थ होता है; ‘संक्षिप्त आदेश‘ जोकि मुख्यतः भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हैं।

  • मंगोलियाई बौद्धों में इनका काफी महत्व है और वे मंदिरों में कंजुर की पूजा करते हैं तथा एक धार्मिक रिवाज के रूप में अपने प्रतिदिन के जीवन में ‘कंजूर’ की पंक्तियों का पाठ करते हैं।
  • मंगोलियाई ‘कंजूर’ को तिब्बती भाषा से अनुदित किया गया है। ‘कंजूर’ की भाषा शास्त्रीय मंगोलियाई है।

भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक संबंध:

भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक परस्पर संबंध सदियों पुराने हैं।

  • मंगोलिया में बौद्ध धर्म, भारतीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक राजदूतों द्वारा ईस्वी सदी के शुरुआती दौर में ले जाया गया था।
  • परिणामस्वरूप, आज मंगोलिया में बौद्धों का धार्मिक प्रभुत्व सर्वाधिक है।
  • मंगोलिया के साथ भारत के औपचारिक राजनयिक संबंध, वर्ष 1955 में स्थापित हुए थे। तब से, दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध एक नई ऊंचाई तक पहुंच गए हैं।

‘राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन’ के बारे में:

राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (National Mission for Manuscripts NMM) की शुरुआत, भारत सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा फरवरी 2003 में की गई थी।

  • इसका कार्य पांडुलिपियों में संरक्षित ज्ञान के दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं प्रसार करना है।
  • मिशन का उद्देश्य, दुर्लभ एवं अप्रकाशित पांडुलिपियों को प्रकाशित करना है जिससे कि उनमें संचित ज्ञान शोधकर्ताओं, विद्वानों एवं बड़े पैमाने पर आम लोगों के बीच प्रसारित हो सके।

पृष्ठभूमि:

भारत में विभिन्न प्रकार की लगभग दस मिलियन पांडुलिपियां है, जो संभवतः विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है। ये विभिन्न विषयों, बनावट और सौंदर्यशास्त्र, लिपियों, भाषाओं, सुलेखों, चित्रों और चित्रों को कवर करती हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. मंगोलिया कहाँ है?
  2. NMM कब लॉन्च किया गया था? उद्देश्य?
  3. मंगोलियाई कंजुर – अर्थ और महत्व।
  4. भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंध।
  5. विभिन्न बौद्ध मुद्राएँ, हाथ के इशारे और उनके अर्थ।

मेंस लिंक:

मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी।

 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

बसव जयंती


(Basava Jayanti)

संदर्भ:

बसव जयंती, 12वीं सदी के कवि-दार्शनिक और लिंगायत धर्म के संस्थापक संत भगवान बसवन्ना (Basavanna) के जन्मदिवस पर मनाई जाती है।

इस वर्ष, इसे 4 मई 2021 को मनाया गया।

बसवन्ना: विचार एवं योगदान

  • बसवन्ना, कर्नाटक में कलचुरी-वंश के राजा बिज्जल प्रथम के शासनकाल के दौरान बारहवीं सदी के दार्शनिक, राजनीतिज्ञ, कन्नड़ कवि और समाज सुधारक थे।
  • बसवन्ना ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में जागरूकता का प्रसार किया, इन कविताओं को ‘वचन’ (Vachanaas) कहा जाता है।
  • बासवन्ना ने लैंगिक अथवा सामाजिक भेदभाव, अंधविश्वास और रीति-रिवाजों का खंडन किया था।
  • उन्होंने, अनुभव मंटपा (अथवा, आध्यात्मिक अनुभव भवन) जैसे नए सार्वजनिक संस्थानों की शुरुआत की। यहाँ पर, सभी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमियों के पुरुषों और महिलाओं का स्वागत किया जाता था और जीवन के आध्यात्मिक और सांसारिक सवालों पर खुलकर चर्चा की जाती थी।
  • उन्होंने एक नेता के रूप में ‘वीरशैव’ (भगवान शिव के कट्टर उपासक) नामक एक नए भक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया। इस आंदोलन की जड़ें सातवीं से ग्यारहवीं सदी के दौरान में प्रचलित तमिल भक्ति आंदोलन, विशेषकर शैव नयनार परंपराओं में मिलती है।
  • बसवा ने भक्तिमय आराधना पर जोर देते हुए ब्राह्मणों के नेतृत्व में मंदिरों में पूजा और अनुष्ठानों का खंडन किया और इसके स्थान पर प्रतीक रूप में व्यक्तिगत रूप से छोटे शिवलिंग धारण करके शिव की प्रत्यक्ष आराधना करने का संदेश दिया।
  • बसवन्ना के नेतृत्व में चलाए गए ‘शरण आंदोलन’ (Sharan Movement) ने सभी जातियों के लोगों को आकर्षित किया और भक्ति आंदोलन की अधिकाँश शाखाओं की भांति, ‘वचन’ के रूप में साहित्य रचना की, जिसमे वीरशैव संप्रदाय के संतों की आध्यात्मिक दुनिया का वर्णन मिलता है।
  • बसवन्ना का ‘शरण आंदोलन’ तत्कालीन समय के हिसाब से काफी उग्र सुधारवादी आंदोलन था।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. श्रमण परंपरा क्या है?
  2. वचन क्या हैं?
  3. अनुभव मंटपा क्या है?
  4. कलचुरि कौन हैं?
  5. नयनार कौन हैं?
  6. भक्ति आंदोलन क्या है?

मेंस लिंक:

12वीं शताब्दी के सुधारक बसवन्ना द्वारा समाज में किए गए महत्वपूर्ण योगदानों पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: पीआईबी।

 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान आदि।

चक्रवात ‘तौकते’


(Cyclone Tauktae)

संदर्भ:

वर्तमान में लक्षद्वीप के ऊपर केंद्रित, चक्रवात ‘तौकते’ (Cyclone Tauktae), तीव्र होकर ‘चक्रवाती तूफान’ में बदल चुका है।

  • आगामी 24 घंटों में इसके और भीषण चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हो जाने की संभावना है।
  • इस चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 18 मई तक गुजरात तट के निकट पहुंचने की संभावना है।

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पृष्ठभूमि:

‘विश्व मौसम विज्ञान संगठन’ (World Meteorological Organisation- WMO) द्वारा चक्रवातों के नामों की क्रमिक सूची की देखरेख की जाती है।

  • चक्रवात के लिए ‘तौकते’ (Tauktae) शब्द का सुझाव ‘म्यांमार’ द्वारा दिया गया था, जिसका अर्थ बर्मी भाषा में ‘गेको’ (Gecko), एक विशिष्ट मुखर छिपकली होता है।
  • पिछले वर्ष ‘भारतीय मौसम विज्ञान विभाग’ (IMD) द्वारा जारी की गई चक्रवातों के 169 नामों की नई सूची में यह चौथा नाम है।

चक्रवातों का नामकरण:

उष्णकटिबंधीय चक्रवात पर समिति (Panel on Tropical Cyclones – PTC)  द्वारा, वर्ष 2000 में ओमान सल्तनत के मस्कट में आयोजित, WMO/ESCAP के 27 वें सत्र में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उत्पन्न होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम देने के लिए सैद्धांतिक तौर पर सहमति जताई गई थी।

  • WMO/ESCAP का तात्पर्य ‘विश्व मौसम विज्ञान मौसम संगठन’ (World Meteorological Organisation- WMO) और ‘एशिया एवं प्रशांत हेतु संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग’ (United Nations Economic and Social Commission for Asia and the Pacific) से है।
  • उत्तर हिंद महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण की शुरुआत, सितंबर 2004 से, WMO/ESCAP पीटीसी के तत्‍कालीन आठ सदस्य देशों: बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड द्वारा प्रस्‍तावित किये गए नामों के साथ की गयी थी। इसके बाद से उष्णकटिबंधीय चक्रवात पर समिति (PTC) में पांच अन्य सदस्य शामिल हो चुके है।
  • बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर निर्मित होने वाले चक्रवाती तूफान, जब उपयुक्त तीव्रता हासिल कर लेते हैं, तब इनके नामकरण के लिए, ‘क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र’ (Regional Specialised Meteorological Centre- RSMC), नई दिल्ली जिम्मेदार होता है।
  • ‘भारतीय मौसम विज्ञान विभाग’ (IMD) तथा पांच उष्णकटिबंधीय चक्रवात चेतावनी केंद्रों सहित, विश्व भर में कुल छह ‘क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र’ (RSMC) हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. चक्रवातों के निर्माण के लिए उत्तरदायी कारक
  2. विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में चक्रवातों का नामकरण
  3. भारत के पूर्वी तट पर अधिक चक्रवात आने का कारण
  4. कोरिओलिस बल क्या है?
  5. संघनन की गुप्त ऊष्मा क्या है?

मेंस लिंक:

उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के निर्माण के लिए उत्तरदायी कारकों की विवेचना कीजिए।

स्रोत: द हिंदू।

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।

दोषियों को उनके घरों में नजरबंद करने पर विचार करें: उच्चतम न्यायालय


संदर्भ:

हाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने, विधायिका से जेलों में अत्याधिक भीड़भाड़ से बचने के लिए दोषियों को उनके घरों में नजरबंद करने पर विचार करने के लिए कहा है।

पृष्ठभूमि:

कुछ समय पूर्व, कार्यकर्ता गौतम नवलखा द्वारा उच्चतम न्यायालय में ‘वैधानिक जमानत’ / डिफॉल्ट जमानत (Default Bail) याचिका दायर की गई थी।

  • याचिकाकर्ता ने तर्क देते हुए कहा था, कि वह कई दिनों से घर में नजरबंद है, और इस आधार पर उन्हें ‘वैधानिक जमानत’ दी जानी चाहिए।
  • शीर्ष अदालत द्वारा सुनाया गया 206 पन्नों का फैसला इसी याचिका पर आधारित था।

नजरबंद मामले पर विचार करने की आवश्यकता:

  • जेलों में अत्याधिक भीड़भाड़- अर्थात, जेलों में कैदियों के रहने की दर, वर्ष 2019 में बढ़कर 5% हो गई।
  • वर्ष 2019 में विचाराधीन कैदियों की संख्या 3,30,487 थी, जोकि कुल कैदियों की संख्या का 05% है।
  • बजट में एक बहुत बड़ी राशि (₹6818.1 करोड़) जेलों के लिए निर्धारित की गई थी।
  • कोविड-19 का प्रसरण।

स्रोत: द हिंदू।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

किफायती एवं मध्यम आय वर्गीय आवास (SWAMIH) हेतु विशेष विडों


(Special Window for Affordable & Mid-Income Housing)

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘किफायती एवं एवं मध्यम आय वर्गीय आवास हेतु विशेष विडों’ (Special Window for Affordable & Mid-Income Housing- SWAMIH) ने अपनी पहली आवासीय परियोजना पूरी कर ली है।

  • उपनगरीय मुंबई में स्थित, रिवाली पार्क आवासीय परियोजना, SWAMIH फंड के तहत धन प्राप्त करने वाली भारत की पहली आवास परियोजना है।

SWAMIH फंड के बारे में:

किफायती एवं एवं मध्यम आय वर्गीय आवास हेतु विशेष विडों’ (SWAMIH) फंड की शुरुआत, नवंबर 2019 में, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई थी।

  • SWAMIH इन्वेस्टमेंट फंड’ का गठन, धन की कमी के कारण रुकी हुई ‘रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरणों’ (RERA) के तहत पंजीकृत ‘किफायती एवं मध्यम आय वर्गीय आवास परियोजनाओं’ को पूरा करने के लिए किया गया है।
  • इस फंड को सेबी के अंतर्गत पंजीकृत, श्रेणी- II वैकल्पिक निवेश कोष (Alternate Investment FundAIF) ऋण-निधि, के रूप में स्थापित किया गया था।
  • एसबीआईकैप वेंचर्स (SBICAP Ventures), इस फंड का निवेश प्रबंधक है, जोकि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। ‘एसबीआई कैपिटल’ भारतीय स्टेट बैंक के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
  • सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग, वित्त मंत्रालय इस फंड के आर्थिक संरक्षक हैं।

SWAMIH फंड में निवेशक:

विशेष विंडो के तहत, गठित किए गए अथवा वित्त पोषित ‘वैकल्पिक निवेश कोष’ (AIF) द्वारा सरकार और अन्य निजी निवेशकों से SWAMIH फंड में निवेश करने का आग्रह किया जाएगा। अन्य निजी निवेशकों में नकदी-समृद्ध वित्तीय संस्थान, सॉवरेन वेल्थ फंड, सार्वजनिक और निजी बैंक, घरेलू पेंशन और भविष्य निधि, वैश्विक पेंशन फंड और अन्य संस्थागत निवेशक शामिल होंगे।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. वैकल्पिक निवेश कोष क्या है? ये कितने प्रकार के होते हैं?
  2. SWAMIH फंड के निवेश प्रबंधक?
  3. फंड के आर्थिक संरक्षक?
  4. कौन निवेश कर सकता है?
  5. इसका उपयोग किस लिए किया जाएगा?

स्रोत: पीआईबी।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (EWG) की बैठक


(BRICS Employment Working Group)

संदर्भ:

हाल ही में, ब्रिक्स देशों के मध्य ‘ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह’ (BRICS Employment Working Group– EWG) की पहली बैठक नई दिल्ली में, आभासी प्रारूप में, आयोजित की गई थी।

भारत ने इसी वर्ष ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता ग्रहण की है।

वार्ता हेतु प्रमुख एजेंडा में शामिल विषय:

  • ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को बढ़ावा देना,
  • श्रम बाजारों का औपचारिककरण,
  • श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी, और
  • श्रम बाजार में घंटे अथवा पार्ट-टाइम के हिसाब से काम करने वाले गिग (Gig) वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की श्रम बाजार में भूमिका।

बैठक के परिणाम:

  • सामाजिक सुरक्षा समझौते (Social Security Agreement- SSA) के मुद्दे पर, सदस्य देशों द्वारा आपस में संवाद और चर्चा करने, तथा समझौतों पर हस्ताक्षर करने की दिशा में कदम बढाने हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
  • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एजेंसी (ISSA) ने अपनी ओर से इस तरह के समझौतों के निष्कर्ष को सुविधाजनक बनाने में तकनीकी सहायता प्रदान करने संबंधी रजामंदी व्यक्त की।

‘सामाजिक सुरक्षा समझौता’ (SSA) क्या हैं?

  • सामाजिक सुरक्षा समझौता (Social Security Agreement- SSA), भारत और किसी अन्य देश के बीच, सीमा पार श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निर्मित किया गया एक द्विपक्षीय समझौता होता है।
  • यह समझौता, श्रमिकों के लिए ‘दोहरे कवरेज’ से बचाव का प्रावधान करता है और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोनों देशों के श्रमिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करता है।

पृष्ठभूमि:

अब तक, भारत के द्वारा 18 देशों के साथ ‘सामाजिक सुरक्षा समझौतों’ (SSA) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

सामाजिक सुरक्षा समझौतों’ से मुख्यतः निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  1. श्रमिकों के लिए दोहरा सामाजिक सुरक्षा योगदान करने से बचाव (तटस्थता)
  2. श्रमिकों के लिए प्राप्त लाभों का आसान प्रेषण (निर्यात-सामर्थ्य)
  3. लाभों की होने वाली क्षति को रोकने के लिए योगदान अवधि (दो देशों में) को एकत्रित करना (एकत्रीकरण)
  4. विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों को विकलांगता बीमा लाभ प्रदान करना।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ब्रिक्स के बारे में।
  2. ब्रिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण संगठन।
  3. सामाजिक सुरक्षा समझौता’ क्या हैं?

मेंस लिंक:

‘सामाजिक सुरक्षा समझौता’ के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

पीएम-किसान योजना.


(PM-Kisan scheme)

संदर्भ:

हाल ही में, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) [Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN)] योजना के तहत न्यूनतम वित्तीय लाभों की आठवीं किस्त जारी कर दी गई है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए, पीएम किसान सम्मान निधि की यह पहली किस्त है।

‘पीएम-किसान योजना’ के बारे में:

  • यह भारत सरकार द्वारा 100 प्रतिशत वित्त-पोषित, एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना (central sector scheme) है। इस योजना को दिसंबर 2018 में शुरू किया गया था।
  • इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थी किसान परिवारों को 6,000 रुपए प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो चार-चार महीने की अवधि में 2000 रुपए की तीन समान किश्तों में दिया जाता है।
  • योजना के लिए पात्र किसानों को राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा चिह्नित किया जाता है, और चिह्नित किसानों की इस सूची को केंद्र के साथ साझा किया जाता है।

योजना का विस्तार:

इस योजना के अंतर्गत, शुरुआत में, दो हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि पर खेती करने वाले पूरे देश के सभी छोटे और सीमांत किसान परिवारों के लिए आय-सहायता प्रदान की गई थी। बाद में, 01 जून, 2019 से इस योजना का विस्तार करते हुए देश के किसान परिवारों को इसके दायरे में लाया गया तथा पूर्व निर्धारित कृषि योग्य भूमि- जोत की सीमा को हटा लिया गया।

अपवाद:

पिछले आकलन वर्ष में, आयकर दाता, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि जैसे पेशेवर और प्रति माह न्यूनतम 10,000 रुपए प्राप्त करने वाले (एमटीएस / चतुर्थ-वर्ग / ग्रुप डी कर्मचारी को छोड़कर) संपन्न किसानों को इस योजना से बाहर रखा गया है।

राज्यों द्वारा चलाए जा रहे इसी प्रकार के कार्यक्रम:

  1. भावांतर भुगतान योजना- म.प्र.
  2. रायथु बंधु योजना- तेलंगाना
  3. आजीविका और आय वृद्धि हेतु कृषक सहायता (Krushak Assistance for Livelihood and Income augmentation KALIA)- ओडिशा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. पीएम किसान- पात्रता।
  2. भावांतर भुगतान योजना के बारे में।
  3. रायथु बंधु योजना के बारे में।
  4. KALIA योजना के बारे में।

स्रोत: पीआईबी

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली तलवारबाज़ भवानी देवी

  • तलवारबाज़ (Sabre Fencer) भवानी देवी, ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई करके इतिहास रचने वाली पहली भारतीय तलवारबाज़ बन गई हैं।
  • इस वर्ष मार्च में बुडापेस्ट विश्व कप के बाद समायोजित आधिकारिक रैंकिंग (Adjusted Official Ranking- AOR) पद्धति के माध्यम से कोटा हासिल किया है।

निर्देशात्मक नोट

(Indicative Notes)

  • यह सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर शुरू की गई एक नई सुविधा है।
  • इसका उद्देश्य, ‘समझने में आसान प्रारूप’ में ऐतिहासिक निर्णयों का संक्षिप्त सारांश उपलब्ध करना है।
  • यह अदालत के फैसलों के बारे में बेहतर जानकारी हासिल करने के इच्छुक मीडियाकर्मियों और आम जनता के लिए एक उपयोगी संसाधन के रूप में काम करेगा।

पंजाब का 23वां जिला: मलेरकोटला

शहर के निवासियों और मुस्लिम समुदाय द्वारा मलेरकोटला को एक स्वतंत्र जिला घोषित करने की काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस शहर में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी निवास करती है।

गोवा समुद्री संगोष्ठी (GMS) – 2021

(Goa Maritime Symposium)

  • हाल ही में, भारतीय नौसेना द्वारा गोवा के नेवल वॉर कॉलेज के तत्वावधान में ‘GMS-21’ की मेजबानी की गई।
  • इस कार्यक्रम को वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया था और इसमें हिंद महासागर के तटवर्ती 13 देशों के नौसेना प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन भाग लिया।
  • कार्यक्रम में भारत, बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका एवं थाईलैंड शामिल थे।
  • GMS-21 का विषय “समुद्री सुरक्षा और उभरते गैर-पारंपरिक खतरे: हिन्द महासागर क्षेत्र में स्थित नौसेनाओं हेतु सक्रिय भूमिका निभाने वाले हालात” पर केंद्रित था।

महत्व: हिंद महासागर के 21वीं सदी के रणनीतिक परिदृश्य का ठिकाना बनने के साथ ही यह संगोष्ठी उन हितधारकों को एक साथ लाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगी जिनकी समुद्री क्षेत्र में साझा हित के मुद्दों पर रणनीतियां, नीतियां और कार्यान्वयन तंत्र विकसित करने में भूमिका रही है।

रेड-ईयर स्लाइडर

(Red-eared slider)

रेड-ईयर स्लाइडर कछुए (ट्रेकेमीस स्क्रिप्टा एलिगेंस- Trachemys scripta elegans) का यह नामकरण, इसके कानों के समीप पाई जाने वाली लाल धारियों, तथा किसी भी सतह से पानी में जल्दी से सरक जाने की इसकी क्षमता की वजह से किया गया है।

  • मूलतः अमेरिका और उत्तरी मेक्सिको में पाया जाने वाला, यह कछुआ अपने छोटे आकार, आसान रखरखाव और अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण एक बेहद लोकप्रिय पालतू जानवर है।
  • ये कछुए, तेजी के साथ वृद्धि करते हैं और देशी प्रजातियों को भोजन के लिए वस्तुतः कुछ भी नहीं छोड़ते हैं।

संदर्भ:

उभयसृपविज्ञानियों (Herpetologists) ने चेतावनी दी है, कि आकर्षक पालतू जानवर के रूप में रखने वाले लोगों द्वारा ‘तेज़ी से फैलने वाला’ यह रेड-ईयर स्लाइडर कछुआ, प्राकृतिक जल निकायों में छोड़े जाने से कछुओं की 29 देशी प्रजातियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।


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