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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 28 अप्रैल 2021

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

1. भारतीय न्यायपालिका में महिलाओं की स्थिति पर एक लेख लिखिए। उदाहरणों के साथ देश में व्यापक महिला प्रतिनिधित्व के संभावित लाभों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में महिलाओं की सामान्य स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • न्यायपालिका में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की गंभीर तस्वीर प्रस्तुत करने वाले प्रमुख तथ्यों पर प्रकाश डालिए।
  • ऐसी स्थिति के लिए उत्तरदायी अंतर्निहित कारकों पर चर्चा कीजिए।
  • देश में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में वृद्धि के संभावित लाभों पर प्रकाश डालिए।
  • इस सन्दर्भ में उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि महिला जज न्यायपालिका में लैंगिक संवेदनशीलता का अधिक व्यापक और सशक्त दृष्टिकोण ला सकते हैं।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 2. भारत में बढ़ती खाद्य असुरक्षा पर महामारी के निरंतर प्रभाव का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत में महामारी और बढ़ती खाद्य असुरक्षा के अंतर संबंध पर चर्चा कीजिए।

इसके अंतर्निहित कारणों पर एक लेख लिखिए।

सुझाव दीजिए कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


                             

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

3. परमाणु ऊर्जा हालांकि भारत की ऊर्जा समस्याओं को हल करने की क्षमता रखती है, लेकिन यह ऊर्जा समस्या के लिए रामबाण नहीं हो सकती है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: nap.edu

 निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

 उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भारत में परमाणु ऊर्जा क्षमता और परमाणु ऊर्जा के उपयोग की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
  • परमाणु ऊर्जा से जुड़े जोखिमों का उल्लेख कीजिए।
  • हमें परमाणु ऊर्जा पर पूर्ण रूप से निर्भर क्यों नहीं होना चाहिए? समझाइए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

       

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 4. न्यूनतम वैश्विक कॉर्पोरेट आयकर की बोली एक खेल-परिवर्तक हो सकती है। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्विक कॉरपोरेट आयकर से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वैश्विक न्यूनतम कर की आवश्यकता क्यों है? स्पष्ट कीजिए।

न्यूनतम वैश्विक कॉर्पोरेट आयकर की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

वैकल्पिक नीति विकल्पों के साथ इसकी सीमाओं पर भी प्रकाश डालिए।

इस विचार से सम्बद्ध चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इस नीति के प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 5. हमारे देश में भूजल के त्वरित क्षय के क्या कारण हैं? भारत में सिंचाई के लिए यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? फसल की तीव्रता के साथ इसके सहसंबंध पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में भूजल क्षय से संबंधित कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। आप इस सन्दर्भ में हालिया रिपोर्ट उद्धृत कर सकते हैं।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भूजल क्या है और भारत में सिंचाई के लिए यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
  • भूजल के त्वरित क्षय के क्या कारण हैं?
  • इस समस्या के समाधान के लिए संभावित उपायों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने में बाहरी राज्य और गैर-राज्य अभिनेताओं की भूमिका।

 6. “भारत में माओवादी विद्रोह एक विचारधारा से अधिक कानून एवं व्यवस्था की समस्या है”, टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में हाल ही में हुए विद्रोह के कुछ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

यह समस्या एक वैचारिक समस्या से अधिक कैसे है? चर्चा कीजिए।

अपने उत्तर का समर्थन करने के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इस समस्या के समाधान के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

7. सद्गुण के सिद्धांत के विकास में प्लेटो के योगदान पर विचार विमर्श कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सद्गुण के सिद्धांत को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि सद्गुण को एक व्यक्ति के नैतिक कर्तव्यों या विशेष कार्यों के परिणामों के बावजूद व्यक्ति के नैतिक चरित्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

प्लेटो का सद्गुण का सिद्धान्त, सुकरात के सिद्धांत का अनुसरण करता है, वे ज्ञान के साथ सद्गुण की पहचान करते हैं। उनके अनुसार, सद्गुण शिक्षणीय है, और मनुष्य अन्य विषयों की भांति नैतिकता को भी सीख सकता है।

आज के विश्व में इसके महत्व और प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

सद्गुण के सिद्धांत के संबंध में प्लेटो के विचारों का महत्व बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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