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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 24 April 2021

 

विषयसूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. दिल्ली में वायरस के K प्रकार का बढ़ता प्रसार

2. हेग स्थित ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) हेतु ‘बाह्य लेखा परीक्षक’

 

सामान्य अध्ययन-III

1. स्वामित्व योजना

2. अर्थोपाय ऋण

3. क्रू -2 मिशन

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. सीमा सड़क संगठन

2. जलवायु पर नेताओं का शिखर सम्मेलन- 2021

3. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

 


सामान्य अध्ययन-II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

दिल्ली में वायरस के U.K प्रकार का बढ़ता प्रसार


संदर्भ:

दिल्ली में कोविड-19 मामलों से लिए गए अनुक्रमित जीन के नमूनों में वायरस के U.K प्रकार अर्थात (U.K. variant- B.1.1.7) का अनुपात मार्च के दूसरे सप्ताह में पिछले सप्ताह के 28% से बढ़कर 50% हो गया है।

संबंधित प्रकरण:

इस U.K वैरिएंट में N501Y नामक एक उत्परिवर्तन होता  है, जोकि वायरस का संचरण तीव्र करने वाला बताया जाता है। इसके परिणामस्वरूप प्रारम्भिक तौर पर, संक्रमित मामलों की संख्या में वृद्धि तथा  रोग की गंभीरता और मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है।

पृष्ठभूमि:

पंजाब, छत्तीसगढ़ और गुजरात के साथ-साथ दिल्ली में भी उन राज्यों में भी शामिल है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के बीच पहचान किये गए, U.K प्रकार के वायरस से संक्रमित मामलों से, कहीं ज्यादा संख्या में संक्रमण मामले काफी बड़े समुदाय में पाए गए हैं।

‘वायरस उत्परिवर्तिन’ का कारण:

उत्परिवर्तन अथवा ‘म्युटेशन’ का तात्पर्य, जीनोम अनुक्रमण में होने वाला परिवर्तन होता है।

  • वायरस में ‘उत्परिवर्तन’ उनके क्रमिक विकास की एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है।
  • लाखों लोगों के संक्रमित हो जाने के बाद वायरस पर ‘क्रमिक विकास’ का दबाव बढ़ जाता है।
  • SARS-CoV-2 के मामले में, जोकि एक राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) वायरस है, उत्परिवर्तन का अर्थ, उसके अणु-क्रम संयोजन व्यवस्था में बदलाव होता है।
  • आरएनए वायरस में उत्परिवर्तन, प्रायः वायरस द्वारा स्व-प्रतिलिपियाँ (copies of itself) बनाते समय गलती करने के कारण होता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. कोविड-19 क्या है?
  2. उत्परिवर्तन क्या है?
  3. mRNA क्या है?
  4. RT- PCR टेस्ट क्या है?

मेंस लिंक:

कोविड- 19 वायरस के उत्परिवर्तन से संबंधित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

  

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

हेग स्थित ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) हेतु ‘बाह्य लेखा परीक्षक’


(External auditor for Hague-based OPCW)

संदर्भ:

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)  को तीन वर्ष के कार्यकाल हेतु ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons- OPCW) का बाह्य लेखा परीक्षक चुना गया है। इनका कार्यकाल वर्ष 2021 से शुरू होगा।

  • हाल ही में आयोजित OPCW सम्मेलन में एक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से यह नियुक्ति की गई।
  • OPCW सम्मेलन के दौरान, भारत को एशिया समूह के प्रतिनिधि के रूप में एक अन्य दो-वर्षीय कार्यकाल के लिए OPCW की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में भी चुना गया है।

‘कार्यकारी परिषद’ के बारे में:

यह ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) का शासी निकाय (governing body) है।

  • इस ‘कार्यकारी परिषद’ में 41 OPCW सदस्य देश शामिल होते हैं, जिन्हें सदस्य देशों के परामर्श से चुना जाता है, और ये प्रति दो वर्षो में परिवर्तित होते रहते हैं।
  • यह परिषद, तकनीकी सचिवालय के कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण करती है और कन्वेंशन के प्रभावी कार्यान्वयन और अनुपालन को बढ़ावा देने हेतु उत्तरदायी है।
  • प्रत्येक सदस्य देश को कार्यकारी परिषद में क्रमिक आधार पर चुने जाने का अधिकार होता है।

रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) के बारे में:

यह,‘परमाणु अप्रसार संधि’ (Non-Proliferation Treaty- NPT) की शर्तों को लागू करने और इनका कार्यान्वयन करने हेतु ‘रासायनिक हथियार अभिसमय’ (Chemical Weapons Convention- CWC) के द्वारा स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है।

  • ‘परमाणु अप्रसार संधि’ (NPT) के तहत, संधि पर हस्ताक्षरकर्ता देशों के लिए रासायनिक हथियारों के उपयोग, संग्रहण, या हस्तांतरण को प्रतिबंधित किया गया है।
  • OPCW, हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा ‘संधि’ के किये जाने वाले अनुपालन को सत्यापित करने हेतु निरीक्षण करने के लिए अधिकृत है।
  • OPCW और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध समझौते के तहत, वर्ष 2001 तक OPCW, संयुक्त राष्ट्र के लिए, अपने निरीक्षण और अन्य कार्रवाईयों के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के माध्यम से रिपोर्ट करती थी।
  • इस संगठन को रासायनिक हथियारों को खत्म करने संबंधी व्यापक प्रयासों के लिए वर्ष 2013 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

रासायनिक हथियार अभिसमय’ द्वारा निम्नलिखित कृत्यों को निषिद्ध किया गया है:

  1. रासायनिक हथियारों का विकास, उत्पादन, अधिग्रहण, संग्रहण, या प्रतिधारित रखना।
  2. रासायनिक हथियारों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तांतरण।
  3. रासायनिक हथियारों का उपयोग अथवा सैन्य उपयोग के लिए तैयारी।
  4. CWC -निषिद्ध गतिविधियों में शामिल होने के लिए अन्य राज्यों की सहायता करना, प्रोत्साहित करना या प्रेरित करना।
  5. ‘युद्ध की एक विधि के रूप में’ दंगा नियंत्रण एजेंटों का उपयोग।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. OPCW के बारे में
  2. CWC क्या है
  3. सदस्य
  4. कार्यकारी परिषद के कार्य
  5. OPCW के बाह्य लेखा परीक्षक की भूमिका और कार्य

मेंस लिंक:

‘रासायनिक हथियार अभिसमय’ पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: पीआईबी

 


सामान्य अध्ययन-III


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

स्वामित्व योजना


(SWAMITVA scheme)

संदर्भ:

हाल ही में, ‘स्वामित्व योजना’ (SWAMITVA scheme) का विस्तार सभी राज्यों में कर दिया गया है। इससे पहले, इसे केवल 9 राज्यों में शुरू किया गया था।

स्वामित्व योजना’ के बारे में प्रमुख बिंदु:

इस योजना की शुरुआत ‘पंचायती राज दिवस’ (24 अप्रैल, 2020) को की गयी थी।

  • इस योजना के तहत, ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रिहायशी ज़मीनों के स्वामित्व का मानचित्रण किया जाएगा।
  • इस योजना का उद्देश्य भारत में ‘संपत्ति रिकॉर्ड रखरखाव’ में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।
  • यह योजना ‘पंचायती राज मंत्रालय’ द्वारा संचालित की जा रही है।
  • इस योजना के तहत, गांवों में आवासीय भूमि का गैर-विवादित रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए, ड्रोन का उपयोग करते हुए भूमि को मापा जाएगा।
  • राज्यों द्वारा ड्रोन-मैपिंग द्वारा सटीक मापों का उपयोग करते हुए गाँव की प्रत्येक संपत्ति के लिए प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जाएंगे। ये कार्ड संपत्ति मालिकों को सौंप दिए जाएंगे और इन्हें भूमि राजस्व रिकॉर्ड विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त होगी।

इस योजना के लाभ:

  • इस योजना के तहत प्राप्त आधिकारिक प्रमाण पत्र के माध्यम से संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति के ऊपरर बैंक ऋण और संपत्ति से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
  • गाँव की संपत्तियों से संबंधित ये रिकॉर्ड पंचायत स्तर भी बनाए रखे जाएंगे, जिससे संपत्ति-स्वामियों से संबद्ध करों का संग्रह किया जा सकेगा। इन स्थानीय करों से प्राप्त धन का उपयोग ग्रामीण अवसंरचनाओं और सुविधाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
  • भूमि तथा आवासीय संपत्तियों को भू-स्वामित्व विवादों से मुक्त करने और एक आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करने के परिणामस्वरूप, संपत्तियों के बाजार मूल्य में वृद्धि होने की संभावना है।
  • करों के संग्रह, नई भवन एवं अवसंरचना निर्माण योजनाओं, परमिट जारी करने और संपत्ति पर अवैध कब्ज़ा करने संबंधी प्रयासों को विफल करने, आदि के लिए परिशुद्ध संपत्ति रिकॉर्ड का उपयोग किया जा सकता है।

योजना की आवश्यकता एवं महत्व:

ग्रामीण क्षेत्रों में कई ग्रामीणों के पास अपनी भूमि के स्वामित्व को साबित करने वाले कागजात नहीं होते है, इसे देखते हुए, इस योजना की आवश्यकता तब महसूस की गई।

अधिकांश राज्यों में, गांवों में संपत्तियों के सत्यापन /प्रमाणन के उद्देश्य से आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण और मापन नहीं किया गया है। यह नई योजना, संपत्तियों की वजह से होने वाली कलह के कारण सामाजिक संघर्ष को कम करने, सशक्तिकरण और हकदारी के लिए एक उपकरण बनने में सक्षम है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. पंचायती राज दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
  2. योजना के अनुसार, संपत्ति कार्ड कौन जारी करता है?
  3. योजना के तहत विभिन्न लाभ
  4. योजना को लागू करने के लिए नोडल मंत्रालय

मेंस लिंक:

स्वामित्व योजना की आवश्यकता और महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था और संसाधनों, विकास, विकास और रोजगार की योजना बनाने से संबंधित मुद्दे।

अर्थोपाय ऋण


(Ways and Means credit)

संदर्भ:

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अंतरिम ‘अर्थोपाय अग्रिम’ (Ways and Means Advances– WMA) योजना के तहत ₹ 51,560 करोड़ की मौजूदा सीमा को जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अर्थात, कोविड—19 की फैलाव को देखते हुए ‘अर्थोपाय अग्रिम’  योजना के तहत निर्धारित यह सीमा 30 सितंबर अपरिवर्तित रहेगी।

इस कदम का महत्व:

जिस समय ‘सरकारी व्यय’ में वृद्धि अपेक्षित थी, उस समय कोरोनावायरस के प्रसार के कारण इसमें कमी हो रही है। इसी समय, रिज़र्व बैंक द्वारा अर्थोपाय अग्रिम’ योजना के तहत निर्धारित सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन निधियों के उपलब्ध होने से, सरकार के लिए अपने दीर्घावधिक बाजार ऋणों से हटकर, अल्पकालिक व्यय करने के लिए कुछ अवसर मिलेगा।

‘अर्थोपाय अग्रिम’ (Ways and Means Advances– WMA) क्या हैं?

‘अर्थोपाय अग्रिम’ (WMA), सरकार के लिए, राजस्व और व्यय के मध्य अस्थायी असंतुलन को पूरा करने में समर्थ करने हेतु आरबीआई द्वारा प्रदान की गई अस्थायी ऋण सुविधाएं होते हैं।

  • राशि उधार लेने पर सरकार, केंद्रीय बैंक को ब्याज का भुगतान करती है।
  • इन ऋणों के लिए ब्याज दर रेपो दर के समान होती है, जबकि इनकी अवधि तीन महीने की होती है।
  • ‘अर्थोपाय अग्रिम’ की सीमा, आरबीआई और भारत सरकार द्वारा पारस्परिक रूप से निर्धारित की जाती हैं।
  • राज्यों के लिए 21 दिनों की ओवरड्राफ्ट सुविधा (WMA सीमा से अधिक उधार लेने) की अनुमति होती है।

पृष्ठभूमि:

केंद्र सरकार के लिए ‘अर्थोपाय अग्रिम’ (WMA) योजना का आरंभ 1 अप्रैल, 1997 को किया गया था। इसे, केंद्र सरकार के घाटे को पूरा करने के लिए एडहॉक (अस्थायी) ट्रेजरी बिलों की पुरानी प्रणाली को समाप्त करने के बाद लागू किया गया था।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘अर्थोपाय अग्रिम’ (WMA) क्या हैं?
  2. प्रकार
  3. सीमा
  4. ब्याज दर
  5. लाभार्थी

मेंस लिंक:

‘अर्थोपाय अग्रिम’ (WMA) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

क्रू-2 मिशन


(Crew-2 mission)

संदर्भ:

हाल ही में, एक वाणिज्यिक चालकदल कार्यक्रम‘ (Commercial Crew Programme- CCP) के अंतर्गत नासा और स्पेसएक्स के मध्य सहयोग के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को, फ्लोरिडा से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए भेजा गया है।

इस मिशन को ‘क्रू -2’ (Crew-2 mission) का नाम दिया गया है, और यह ‘स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन’ (SpaceX Crew Dragon) का ‘चालक दल’ ले जाने हेतु दूसरी उड़ान (crew rotation) है। इस उड़ान में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों को शामिल किया गया है।

‘अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन’ पर क्रू-2 द्वारा किए जाने वाले कार्य:

  • इस मिशन के सदस्य सूक्ष्म-गुरुत्व (microgravity) का अध्ययन, आहार संबंधी सुधारों का शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की कार्य-पद्धति तथा आँतों के माइक्रोबायोम पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने हेतु ‘खाद्य शरीर क्रियाविज्ञान’ (food physiology) पर शोध कार्य करेंगे, इसके साथ ही, ये सदस्य, यह भी पता लगाएंगे कि आहार संबंधी सुधार, चालक-दल को अंतरिक्ष-यात्रा के अनुकूल बनाने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं।
  • इस दौरान इनका ध्यान मुख्यतः अंतरिक्ष अध्ययन में ‘ऊतक-चिप्स’ (Tissue Chips) की श्रृंखला जारी रखने पर केन्द्रित रहेगा। ये ‘ऊतक चिप्स’ मानव अंगों के छोटे प्रतिरूप होते हैं जिनमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती है, जो मानव शरीर की भांति व्यवहार करती हैं। नासा के अनुसार, ये चिप्स संभवतः सुरक्षित और प्रभावी दवाओं और टीकों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर सकते हैं।

वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम क्या है?

‘वाणिज्यिक क्रू / चालकदल कार्यक्रम’ (Commercial Crew Programme- CCP) का मुख्य उद्देश्य, लागत के संदर्भ में अंतरिक्ष तक पहुंच को आसान बनाना है, ताकि कार्गो और चालक दलों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से आसानीपूर्वक लाया और ले जाया जा सके। इससे बड़ी मात्रा में और व्यापक वैज्ञानिक शोध किये जा सकेंगे।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, नासा द्वारा ‘बोइंग’ और ‘स्पेसएक्स’ जैसे वाणिज्यिक भागीदारों के साथ साझेदारी करके अंतरिक्ष य्रात्रा की लागत को कम करने की योजना बनाई गयी है, और साथ ही नासा द्वारा इन कंपनियों को ‘वाणिज्यिक कक्षीय परिवहन सेवाओं’ (Commercial Orbital Transportation Services- COTS) के डिजाइन और निर्माण के लिए प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

पृष्ठभूमि:

नासा द्वारा सितंबर 2014 में ‘बोइंग’ और ‘स्पेसएक्स’ को अमेरिका से ‘अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन’ तक चालक दलों को लाने-ले जाने हेतु परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए चुना गया था।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. नासा का ‘वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम’ – भागीदार।
  2. अंतरिक्ष शटल कार्यक्रम
  3. डेमो-1 बनाम डेमो -2 मिशन
  4. ISS क्या है?
  5. अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


सीमा सड़क संगठन

(Border Road OrganisationBRO)

वर्ष 2015 से रक्षा मंत्रालय के अधीन में कार्यरत, सीमा सड़क संगठन (BRO) देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कठिन और दुर्गम क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए सड़क निर्माण कार्यों में संलग्न है।

इसमें, भारतीय सेना के ‘इंजीनियर्स कोर’, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियर्स, सेना-सेवा कोर, सैन्य पुलिस और सेना के जवानों और अधिकारियों को अतिरिक्त रेजिमेंटल कार्यों के लिए शामिल किया जाता है।

जलवायु पर नेताओं का शिखर सम्मेलन- 2021

(Leaders’ Summit on Climate 2021)

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा ‘पृथ्वी दिवस’ (22 अप्रैल) के अवसर पर ‘जलवायु पर नेताओं का शिखर सम्मेलन’ अर्थात लीडर्स समिट ऑन क्लाइमेट नामक एक आभासी बैठक की मेजबानी की गई।
  • इस दो दिवसीय सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) के अग्रगामी सम्मलेन के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। COP26 का आयोजन, इस वर्ष के अंत में ‘ग्लासगो’ में होगा।
  • शिखर सम्मेलन का प्रयोजन “जलवायु संकट से निपटने हेतु प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा किए जाने वाले प्रयासों को प्रेरित करना” और ” सशक्त जलवायु कार्रवाई की तात्कालिकता – और आर्थिक लाभों- को रेखांकित करना” है।

शिखर सम्मेलन के उद्देश्य:

  1. सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस दशक में उत्सर्जन कम करने के लिए दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को तैयार करना।
  2. जलवायु कार्रवाई से होने वाले आर्थिक और सामाजिक लाभों को दिखाना। नए व्यवसायों और उद्योगों का निर्माण करना।
  3. जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, तथा उत्सर्जन को घटाने वाली तकनीक का उपयोग करना। वर्ष 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों का उपयोग करना।
  4. जलवायु परिवर्तन के अनुकूल तरीके खोजने के माध्यम से जीवन और आजीविका की रक्षा करना।

अमेरिका द्वारा की गयी घोषणाएँ:

  1. यह घोषणा की गई कि अमेरिका द्वारा वर्ष 2030 तक अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 50% -52% की कटौती की जायेगी और इसे वर्ष 2005 के स्तर तक लाया जाएगा।
  2. अमेरिका द्वारा वर्ष 2024 तक विकासशील देशों के लिए अपनी वार्षिक वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं को दोगुना किया जाएगा, तथा वर्ष 2024 तक अपने अनुकूलन वित्त का तीन गुना किया जाएगा।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

  • भारत में पंचायती राज व्यवस्था को नियमनिष्ठ करते हुए संविधान (73 वां संशोधन) अधिनियम 24 अप्रैल 1993 को लागू किया गया था।
  • इसी कारण, इस दिन को देश में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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