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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 17 April 2021

 

विषयसूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. सर्वोच्च न्यायालय का विस्तृत अधिकार क्षेत्र

2. भारत, अमेरिकी ट्रेजरी की मुद्रा निगरानी सूची में शामिल

 

सामान्य अध्ययन-III

1. आरबीआई के समक्ष ‘ऑन टैप’ लाइसेंस हासिल करने हेतु आवेदन

2. यूरेनियम का 60% तक संवर्धन शुरू : ईरान

3. सौर-प्रकाश को 99 प्रतिशत तक परावर्तित करने में सक्षम ‘अब तक का सर्वाधिक सफ़ेद पेंट’

4. यूनाइटेड किंगडम, नीरव मोदी का प्रत्यर्पण करने पर सहमत

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. ईटस्मार्ट सिटीज़ चैलेंज

2. सभी के लिए परिवहन (टी4ऑल) चुनौती

3. लैंगिक संवाद

 


सामान्य अध्ययन-I


 

विषय शामिल: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

सर्वोच्च न्यायालय का विस्तृत अधिकार क्षेत्र


संदर्भ:

पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और शीर्ष अदालत के अन्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर कोविड-19 के कारण ख़राब होती स्थिति पर ध्यान देने तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों को राजनीतिक रैलियों, विरोध सभाओं, धार्मिक समागमों अथवा त्यौहार मनाने हेतु 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने हेतु “उपयुक्त निर्देश” जारी करने का आग्रह किया है।

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय को अपने विस्तृत क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 142 के तहत) का प्रयोग करते हुए स्वतः संज्ञान से उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा है।

आवश्यकता:

यह आधिकारिक रूप से स्वीकार किया जा चूका है और चिकित्सकीय रूप से इसकी पुष्टि भी हो चुकी है, कि कोरोना मामलों की संख्या में जानलेवा वृद्धि, जोकि दुनिया में सबसे अधिक है, राजनीतिक रैलियों, धार्मिक समागमों तथा त्यौहारों पर होने वाले कार्यक्रमों, जैसे आयोजनों के कारण मुक्त रूप से हो रही है।

हालांकि, एक पूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने के खिलाफ कोई एक मामला हो सकता है, लेकिन कोविड​​-19 संक्रमण फैलाने वाली भीड़ के एकत्रित होने पर रोक लगाना अति आवश्यक है।

अनुच्छेद 142 क्या है?

अनुच्छेद 142 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को पक्षकारों के मध्य ‘पूर्ण न्याय’ करने की अद्वितीय शक्ति प्रदान की गई है, अर्थात, जब कभी स्थापित नियमों एवं कानूनों के तहत कोई समाधान नहीं निकल पाता है, तो ऐसे में अदालत, मामले से संबंधित तथ्यों के मुताबिक़ विवाद पर ‘अंतिम फैसला’ सुना सकती है।

अनुच्छेद 142 (1) में कहा गया है कि “उच्चतम न्यायालय अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए ऐसी डिक्री अथवा ऐसा आदेश कर सकेगा जो उसके समक्ष लंबित किसी वाद या विषय में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक हो, और इस प्रकार पारित डिक्री या किया गया आदेश, भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र, संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन विहित की गई रीति से, और जब तक इस निमित्त कोई उपबंध किए नहीं किया जाता है, तब तक राष्ट्रपति के आदेश द्वारा विहित रीति से प्रवर्तनीय होगा”।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 142 का प्रयोग करने के उदाहरण
  2. उच्च न्यायालयों को प्राप्त इस प्रकार की समान शक्तियाँ
  3. मूल आधिकारिता बनाम अपीलीय आधिकारिता

मेंस लिंक:

“अनुच्छेद 142 के तहत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपनी विस्तृत शक्तियों का उपयोग किये जाने से कई वंचित वर्गों के लिए बहुत अच्छा हुआ है। हालांकि, यह नियंत्रण और संतुलन स्थापित करने का समय है।” चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

भारत, अमेरिकी ट्रेजरी की मुद्रा निगरानी सूची में शामिल


प्रसंग:

हाल ही में, अमेरिका ट्रेजरी द्वारा, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की मैक्रोइकॉनॉमिक और विदेशी मुद्रा नीतियों पर एक रिपोर्ट जारी की गई है।

  • इस अर्द्ध वार्षिक रिपोर्ट का अप्रैल 2021 संस्करण बिडेन प्रशासन की पहली रिपोर्ट है।
  • यह रिपोर्ट अमेरिकी कांग्रेस को प्रस्तुत की जाती है और अमेरिका के 20 सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों की मुद्रा-कार्यप्रणालियों की समीक्षा करती है।

प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की समीक्षा करने हेतु तीन मानदंडों का उपयोग किया जाता है:

  1. एक महत्वपूर्ण (कम से कम $ 20 बिलियन) द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष
  2. एक सामग्री चालू खाता अधिशेष
  3. विदेशी मुद्रा बाजारों में लगातार सतत हस्तक्षेप

नवीनतम रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:

भारत, अपनी मुद्रा-कार्यप्रणालियों के संदर्भ में निगरानी सूची’ में शामिल 11 देशों में से एक है।

  • दिसंबर 2020 में जारी रिपोर्ट में भी भारत इस सूची में शामिल था।
  • भारत के अलावा इस सूची में शामिल अन्य 10 देश, चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और मैक्सिको हैं।
  • भारत, तीन में से दो मानदडों को पूरा करता है- “व्यापार अधिशेष” मानदंड और “निरंतर, एकतरफा हस्तक्षेप” मानदंड।

‘मुद्रा-हेरफेर’ / करंसी मैन्युपुलेशन’ क्या है?

‘किसी देश द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ’ हासिल करने के लिए जानबूझकर अपनी मुद्रा और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर को प्रभावित करने’ को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा ‘मुद्रा हेरफेर’ (Currency Manipulation) के रूप में परिभाषित किया जाता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अमेरिका की ‘करंसी मैन्युपुलटेर्स’ सूची
  2. निगरानी सूची में शामिल देश
  3. मानदंड
  4. निहितार्थ
  5. भारत का स्थान

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन-III


 

विषय: समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।

आरबीआई के समक्ष ‘ऑन टैप’ लाइसेंस हासिल करने हेतु आवेदन


संदर्भ:

भारतीय रिज़र्व बैंक को ‘ऑन-टैप’ यूनिवर्सल प्राइवेट बैंक लाइसेंस और ‘लघु वित्त बैंक’ लाइसेंस हेतु, दोनों के लिए, चार-चार आवेदन प्राप्त हुए हैं।

यह प्रक्रिया, इस प्रकार के लाइसेंसों के लिए आरबीआई द्वारा अगस्त 2016 और दिसंबर 2019 में जारी किए गए दिशानिर्देशों का हिस्सा है।

कौन आवेदन कर सकता है?

केंद्रीय बैंक द्वारा, अगस्त 2016 में, जारी दिशानिर्देशों के अनुसार:

‘यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस’ की मांग करने वाली पात्र इकाईयों के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

  1. आवेदनकर्ता व्यक्तियों / इकाईयों के पास बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में वरिष्ठ पद का कार्य करने का कम से कम 10 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। ‘लाइसेंस’ के लिए इच्छुक निजी कंपनियों या समूहों के लिए न्यूनतम 10 वर्षों का सफल बैंकिंग रिकॉर्ड होना आवश्यक है।
  2. इस प्रकार के लाइसेंस हेतु आवेदन करने वाले समूहों या कंपनियों के पास 5,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति होनी चाहिए और गैर-वित्तीय व्यवसायों का इन परिसंपत्तियों में 40% या अधिक नहीं होना चाहिए।

‘लघु वित्त बैंक लाइसेंस’ के लिए आवेदन करने हेतु पात्रता:

  1. आवेदनकर्ता व्यक्तियों के पास बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में वरिष्ठ पद का कार्य करने का न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
  2. इन लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले समूहों, कंपनियों, मौजूदा भुगतान बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, स्थानीय क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकों के पास कम से कम पांच साल का सफल ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए।

पृष्ठभूमि:

अप्रैल 2014 में, आरबीआई द्वारा ‘बंधन बैंक’ लिमिटेड और ‘IDFC बैंक’ को यूनिवर्सल बैंकिंग ऑपरेशन शुरू करने हेतु सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। इसके बाद IDFC बैंक, ‘कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड’ (Capital First Ltd.) के साथ विलय होकर, IDFC फर्स्ट बैंक बन गया।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘ऑन टैप’ लाइसेंसिंग क्या है?
  2. यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए पात्रता
  3. लघु वित्त बैंक लाइसेंस के लिए पात्रता
  4. यूनिवर्सल बैंकिंग क्या है?
  5. NBFC क्या हैं?

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

यूरेनियम का 60% तक संवर्धन शुरू : ईरान


संदर्भ:

ईरान ने अपने एक परमाणु-स्थल पर पिछले सप्ताह हुई तोड़-फोड़ को इजराइल से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया-स्वरूप 60 प्रतिशत की शुद्धता तक यूरेनियम आपूर्ति का संवर्धन करना शुरू कर दिया है। ईरान पहली बार, परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक शुद्धता स्तर की सीमा के इतना नजदीक पंहुचा है।

‘यूरेनियम संवर्धन’ का लक्ष्य:

  • यूरेनियम में एक दुर्लभ रेडियोधर्मी समस्थानिक ‘U-235’ पाया जाता है, जिसे निम्न संवर्धित स्तर पर परमाणु रिएक्टरों के ईंधन के रूप में तथा अति उच्च संवर्धित स्तर पर परमाणु बमों के ईंधन के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है।
  • यूरेनियम संवर्धन का लक्ष्य U-235 के प्रतिशत स्तर में वृद्धि करना होता है, जिसे अक्सर सेंट्रीफ्यूज (Centrifuges) के माध्यम से किया जाता है। अपकेन्द्रण यंत्र (Centrifuges), अपरिष्कृत यूरेनियम के एक रूप को उच्च गति पर घुमाने वाली मशीनें होती हैं।

वर्तमान में ईरान के पास संवर्धित यूरेनियम की मात्रा:

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु-निगरानी शाखा, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, ईरान फरवरी माह तक 2,967.8 किलोग्राम यूरेनियम एकत्रित कर चुका था। परमाणु समझौते के तहत निर्धारित सीमा से लगभग 14 गुना अधिक है, और इसे यदि हथियार ग्रेड के लिए परिष्कृत किया जाए तो यह तीन परमाणु बमों के निर्माण हेतु पर्याप्त होगा।

इस भंडार में 17.6 किलोग्राम यूरेनियम 20 प्रतिशत तक संवर्धित है, जिसके लिए भी, समझौते के तहत निषिद्ध वर्ष 2030 तक किया गया था।

वर्तमान में ईरान के पास अधिक मात्रा में संवर्धित यूरेनियम होने का कारण:

वर्ष 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प द्वारा ईरान समझौते को रद्द करने तथा ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध और अन्य दंड लगाये जाने के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया स्वरूप समझौते से अलग हटकर कई कदम उठाए- जैसे कि अपनी यूरेनियम आपूर्ति में 3.67 प्रतिशत की वृद्धि, यूरेनियम शुद्धता स्तर में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि तथा कुछ परमाणु स्थलों तक अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पहुंच सीमित करना। हालाँकि, ईरान ने इन सभी कदमो को आसानी से रद्द की जा सकने वाली कार्रवाईयां बताया।

वर्तमान चिंता का विषय:

  • 60 प्रतिशत संवर्धन स्तर को विशेष रूप से खतरनाक बनाने वाली ‘संवर्धन की पेचीदा प्रकिया’ है, जिसके तहत जैसे-जैसे शुद्धता का स्तर बढ़ता जाता है, संवर्धन प्रक्रिया आसान होती जाती है, और इसके लिए आवश्यक अपकेन्द्रण यंत्रों की संख्या भी घटती जाती है।
  • दूसरे शब्दों में, 20 प्रतिशत शुद्धता स्तर से संवर्धन शुरू करने पर 90 प्रतिशत शुद्धता प्राप्त करना आसान होता है, तथा 60 प्रतिशत शुद्धता स्तर से शुरू करने पर और भी आसान हो जाता है।

centrifuge

प्रीलिम्स लिंक:

  1. JCPOA क्या है? हस्ताक्षरकर्ता
  2. ईरान और उसके पड़ोसी।
  3. IAEA क्या है? संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंध
  4. IAEA के सदस्य
  5. IAEA के कार्यक्रम।
  6. बोर्ड ऑफ गवर्नर- रचना, मतदान और कार्य
  7. यूरेनियम संवर्धन क्या है?

मेंस लिंक:

संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA)  पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

सौर-प्रकाश को 99 प्रतिशत तक परावर्तित करने में सक्षम ‘अब तक का सर्वाधिक सफ़ेद पेंट’


संदर्भ:

हाल ही में अमेरिकी इंजीनियरों द्वारा सूरज की रोशनी को 99 प्रतिशत तक परावर्तित करने में सक्षम एक पेंट का निर्माण किया गया है, जिसे अब तक के सबसे सफेद पेंट बताया जा रहा है।

इसे किस प्रकार निर्मित किया गया?

अत्याधिक-सफ़ेद (अल्ट्रा-व्हाइट) पेंट, ‘बेरियम सल्फेट’ से बनाया गया है, जो इसे और भी अधिक सफेद बनाता है।

विशेषताएं:

  • यह पेंट, रात्रि के समय बाहरी सतहों के तापमान को आस-पास के तापमान से 19 डिग्री फ़ारेनहाइट तक ठंडा रख सकता है तथा दोपहर के समय कड़ी धूप में, यह पेंट बाहरी सतहों को आस-पास के तापमान से 8 डिग्री फ़ारेनहाइट तक ठंडा रखने में सक्षम है।
  • यह पेंट, ‘वेंटाब्लैक’ नामक सर्वाधिक काले पेंट का नजदीकी समकक्ष हो सकता है। ‘वेंटाब्लैक’ (Vantablack) दृश्य प्रकाश का 9 प्रतिशत तक अवशोषित करने में सक्षम होता है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

यूनाइटेड किंगडम, नीरव मोदी का प्रत्यर्पण करने पर सहमत


संदर्भ:

हाल ही में, यूनाइटेड किंगडम के गृह विभाग द्वारा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,758 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले से संबंधित हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भारत के लिए प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी गयी है।

प्रत्यर्पण को मंजूरी, दो महीने पहले, लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद दी गयी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, कि प्रथम दृष्टया नीरव मोदी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला बनता है।

आगे की कार्रवाई:

  • आरोपी के पास ‘सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट’ के इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए, 14 दिनों के भीतर यूनाइटेड किंगडम के उच्च न्यायालय में गुहार लगाने का कानूनी रास्ता शेष है।
  • यदि कोई अपील नहीं की जाती है, तो ‘सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट’ द्वारा प्रत्यर्पण के आदेश दिए जाने के 28 दिनों के भीतर अनुरोध किए गए व्यक्ति को प्रत्यर्पित कर दिया जाता है।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी:

दिसंबर 2019, एक विशेष अदालत द्वारा ‘प्रवर्तन निदेशालय’ की याचिका पर हीरा कारोबारी नीरव मोदी को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के $ 2 बिलियन की धोखाधड़ी मामले में एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी (fugitive economic offender) घोषित कर दिया गया था।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी- परिभाषा:

कोई व्यक्ति, जिसके खिलाफ कम से कम 100 करोड़ रुपये अथवा उससे अधिक के आर्थिक अपराध में शामिल होने के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और जो कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भारत से भाग गया है, ऐसे व्यक्ति को अपराधी माना जायेगा।

प्रक्रिया:

  1. जांच एजेंसियों द्वारा ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ ( Money-Laundering Act) के तहत ‘विशेष अदालत’ में एक आवेदन दायर किया जाता है। इस आवेदन में जब्त की जाने वाली संपत्तियों और व्यक्ति के ठिकाने से संबधित अन्य जानकारी का विवरण होता है।
  2. इसके बाद, विशेष न्यायालय द्वारा, उस व्यक्ति को एक निर्दिष्ट स्थान पर उपस्थित होने के लिए एक नोटिस जारी किया जाता है। उपस्थिति होने के लिए, नोटिस के जारी होने से कम से कम छह सप्ताह के बाद की तारीख निर्धारित की जाती है।
  3. यदि वह व्यक्ति निर्धारित स्थान और तिथि पर हाजिर हो जाता है, तो आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी जाती है। यदि वह व्यक्ति हाजिर नहीं होता है, तो जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाता है।
  4. भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया व्यक्ति ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’, 2018 के अनुसार, इस प्रकार की घोषणा के 30 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दे सकता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ कौन होता है?
  2. ‘प्रवर्तन निदेशालय’ की संरचना एवं शक्तियां
  3. सीबीआई की स्थापना और शक्तियां
  4. PMLA क्या है?
  5. ‘भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम’ का अवलोकन

मेंस लिंक:

‘भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम’ के महत्व और प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


ईटस्मार्ट सिटीज़ चैलेंज

(EatSmart Cities Challenge)

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है।

  • ईटस्मार्ट सिटीज चैलेंज की, ईट राइट इंडिया के तहत विभिन्न पहलों को अपनाने और बढ़ाने में अपने प्रयासों को पहचानने के लिए शहरों के बीच एक प्रतियोगिता के रूप में परिकल्पना की गई है।
  • स्मार्ट सिटीज मिशन के साथ साझेदारी में यह अनूठी चुनौती, भोजन करने की सही आदतों और परिपाटियों का वातावरण बनाएगी, खाद्य सुरक्षा और नियामक वातावरण को मजबूत करेगी, उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता पैदा करेगी और भारत के प्रमुख शहरों में बेहतर पसंदीदा भोजन तैयार करने का आग्रह करेगी।
  • यह चुनौती, सभी स्मार्ट शहरों, राज्यों/संघ शासित प्रदेशों की राजधानी और 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए खुली है।

सभी के लिए परिवहन (टी4ऑल) चुनौती

(Transport 4 All (T4All) Challenge)

इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसपोर्टेशन एंड डेवलपमेंट पॉलिसी (ITDP) के सहयोग से आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है।

  • इस चुनौती का उद्देश्य शहरों, नागरिक समूहों और स्टार्ट-अप को एक साथ लाना है ताकि ऐसा समाधान तैयार किया जा सके जिससे सार्वजनिक परिवहन में सुधार आए ताकि सभी नागरिकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।
  • सभी स्मार्ट सिटीज मिशन शहर, राज्यों और संघ शासित प्रदेशों (UTs) की राजधानियां, और 5 लाख से अधिक की आबादी वाले सभी शहर-चैलेंज के लिए पात्र हैं।

लैंगिक संवाद

(Gender Samvaad)

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आज जेंडर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

  • यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और ‘महिलाओं और लड़कियों को अर्थव्यवस्था में सशक्त बनाने के लिए जरूरी कदम’ (IWWAGE) के तहत की जा रही कोशिशों का हिस्सा है।
  • यह प्रयास देश भर में DAY-NRLM के तहत जेंडर आधारित प्रयासों से लैंगिक जागरूकता उत्पन्न करने, बेहतरीन प्रथाओं को जानने और राज्यों से जमीनी स्तर की आवाजों को सुनने के मकसद से शुरू किया जा रहा है।

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