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सामान्य अध्ययन– I
विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
1. एक समाज सुधारक, भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष और साथ ही स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि मंत्री के रूप में बाबा साहेब अम्बेडकर की भूमिका पर विचार-विमर्श कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
विचार-विमर्श कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
उनकी सामान्य विशेषताएं एवं महत्त्व बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
बाबासाहेब अम्बेडकर की कानूनी विशेषज्ञता और विभिन्न देशों के संविधान का ज्ञान संविधान के निर्माण में बहुत सहायक सिद्ध हुआ। वे संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने और भारतीय संविधान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान मौलिक अधिकार, सशक्त केंद्र सरकार एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा था।
संवैधानिक नैतिकता, लोकतंत्र, सामाजिक सुधार आदि के सन्दर्भ में उनके मूल्यों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
2. भारत की विदेश नीति में थिंक टैंक द्वारा निभाई जा सकने वाली संभावित भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: News on Air
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
थिंक टैंक से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
विदेश नीति निर्माण में थिंक टैंकों की भूमिका स्पष्ट कीजिए। जैसे-
अकादमी एवं नीति निर्धारण के मध्य के अंतर को पाटना;
विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक तटस्थ मंच प्रदान करना;
उभरते मुद्दों पर मूल्यांकन प्रस्तुत करना;
निष्कर्ष:
इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।।
3. क्षेत्रीय संगठनों में कज़ाकस्तान का दबदबा भारत की “कनेक्ट मध्य एशिया रणनीति” में सहायता कर सकता है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Financial Express
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत की “कनेक्ट मध्य एशिया रणनीति” क्या है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
भारत के लिए कजाकिस्तान के महत्व पर प्रकाश डालिए।
क्षेत्रीय संगठनों में कजाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी पर चर्चा कीजिए एवं समझाइए कि यह भारत के लिए कैसे उपयोगी है।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
4. अमेरिका के नेविगेशन अभियान की स्वतंत्रता को लेकर हालिया विवाद दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:
- हाल के दिनों में भारत-अमेरिकी संबंधों की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए।
- नेविगेशन की स्वतंत्रता (FONOP) से संबंधित मौजूदा मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
- दोनों देशों के मध्य मतभेद के बिंदुओं पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
5. स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के वितरण में संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के महत्व पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से संबंधित कुछ प्रमुख आंकड़े / तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर कौन होते हैं? चर्चा कीजिए।
- स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के वितरण में उनके योगदान को पहचानना क्यों महत्वपूर्ण है? समझाइये।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा और संबद्ध व्यवसाय आयोग विधेयक 2020 (NCAHP) के बारे में चर्चा कीजिए- इस कानून का स्वास्थ्य कार्यबल और स्वास्थ्य सेवा पर प्रभाव एक प्रतिमान बदलाव को दर्शाता है।
- स्वास्थ्य सेवा एवं संबद्ध पेशेवरों तथा ऐसे पेशेवरों के एक केंद्रीय रजिस्टर के रखरखाव के माध्यम से शिक्षा एवं सेवाओं के मानकों के विनियमन और रखरखाव के महत्व को समझाइए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि आधुनिक जीवनशैली, तेजी से हो रहे शहरीकरण, चिर कालिक गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ और बुजुर्गों की संख्या में सतत वृद्धि (1950 में इनका अनुपात 5.3 था, जो 2020 में बढ़कर अनुमानित 10 प्रतिशत तक और 2050 तक 19 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है) के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में बदलाव की आवश्यकता है।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
6. विश्व भर में 80 प्रतिशत लोग अपनी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं के कुछ भाग के लिए हर्बल दवाओं पर निर्भर हैं। इस संदर्भ में भारत में औषधीय पौधों की क्षमता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: nhp.gov.in
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
वर्तमान परिदृश्य में औषधीय पौधों पर बढ़ती निर्भरता के प्रमुख कारणों पर चर्चा कीजिए।
इस निर्भरता को पूरा करने में भारतीय औषधीय पौधे कितना सक्षम हैं? समझाइए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
7. लोक विश्वास से आप क्या समझते हैं? सार्वजनिक संस्थानों पर लोगों के विश्वास में कमी के प्रमुख कारण क्या हैं? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
लोक विश्वास को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- विश्वास महत्वपूर्ण क्यों है? समझाइए।
- कौन से कारक सार्वजनिक संस्थानों में जनता का विश्वास बढ़ाते हैं? प्रकाश डालिए।
- सार्वजनिक संस्थानों पर लोगों के विश्वास की कमी होने के प्रमुख कारणों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि सरकार के मूल्य, जैसे कि उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं संस्थानों का खुलापन सार्वजनिक विश्वास के प्रबल समर्थक हैं। इसी प्रकार, सरकार की क्षमता – सार्वजनिक सेवाओं को पहुंचाने और नई आवश्यकताओं की आशा करने में इसकी जवाबदेही और विश्वसनीयता – संस्थानों में विश्वास बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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