HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
जीवन रूपों (life forms) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- अधिपादपीय (Epiphytic): पौधे जो कवकों से पोषक तत्वों को प्राप्त करते हैं जो संवहनी पौधे की जड़ों पर आश्रित होते हैं
- स्थलीय (Terrestrial): भूमि और लताओं (climbers) पर उगने वाले पौधे
- मायकोहेट्रोट्रोफिक (Mycoheterotrophic): दूसरे पौधों पर उगने वाले पौधे
उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही ढंग से सुम्मेलित है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- अधिपादपीय (Epiphytic) (रॉक बोल्डर पर उगने वाले पौधों सहित अन्य पौधों पर उगने वाले पौधे एवं जिन्हें अक्सर लिथोफाइट कहा जाता है)
- स्थलीय (Terrestrial) {भूमि और लताओं (climbers) पर उगने वाले पौधे}
- मायकोहेट्रोट्रोफिक (Mycoheterotrophic) {पौधों जो माइकोराइजा (mycorrhiza) कवक से पोषक तत्वों को प्राप्त करते हैं जो संवहनी पौधे की जड़ों पर आश्रित होते हैं}।
Incorrect
उत्तर: a)
- अधिपादपीय (Epiphytic) (रॉक बोल्डर पर उगने वाले पौधों सहित अन्य पौधों पर उगने वाले पौधे एवं जिन्हें अक्सर लिथोफाइट कहा जाता है)
- स्थलीय (Terrestrial) {भूमि और लताओं (climbers) पर उगने वाले पौधे}
- मायकोहेट्रोट्रोफिक (Mycoheterotrophic) {पौधों जो माइकोराइजा (mycorrhiza) कवक से पोषक तत्वों को प्राप्त करते हैं जो संवहनी पौधे की जड़ों पर आश्रित होते हैं}।
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Question 2 of 5
2. Question
स्वनिर्भर (self-sustenance) और सहनशीलता (endurance) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे स्थिर पारिस्थितिकी तंत्र है?
Correct
उत्तर: c)
- महासागर एक स्वनिर्भर (self-sustenance) पारिस्थितिक तंत्र है और पृथ्वी के लगभग 2/3 क्षेत्र को कवर करता है। यह सबसे पुराना पारिस्थितिकी तंत्र है। यह प्राकृतिक आपदाओं से कम से कम प्रभावित हुआ है।
- यह एक अत्यधिक विविधतापूर्ण (फाइटोप्लांकटन से समुद्री घास से व्हेल तक) और उत्पादक पारिस्थितिकी तंत्र है और इसमें आरंभिक जीवन रूपों का विकास हुआ है। विकासवादी इतिहास भी स्थलीय पर्यावरण की तुलना में अधिक स्थिर रहा है।
Incorrect
उत्तर: c)
- महासागर एक स्वनिर्भर (self-sustenance) पारिस्थितिक तंत्र है और पृथ्वी के लगभग 2/3 क्षेत्र को कवर करता है। यह सबसे पुराना पारिस्थितिकी तंत्र है। यह प्राकृतिक आपदाओं से कम से कम प्रभावित हुआ है।
- यह एक अत्यधिक विविधतापूर्ण (फाइटोप्लांकटन से समुद्री घास से व्हेल तक) और उत्पादक पारिस्थितिकी तंत्र है और इसमें आरंभिक जीवन रूपों का विकास हुआ है। विकासवादी इतिहास भी स्थलीय पर्यावरण की तुलना में अधिक स्थिर रहा है।
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Question 3 of 5
3. Question
ध्रुवीय या समशीतोष्ण क्षेत्रों की तुलना में उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। समशीतोष्ण क्षेत्रों की तुलना में उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में अधिक जैविक-विविधता के संभावित कारण क्या हो सकते हैं।
- समशीतोष्ण क्षेत्रों (जहाँ अतीत में बारंबार हिमाच्छादन हुआ है) के विपरीत, उष्णकटिबंधीय अक्षांश लाखों वर्षों तक अपेक्षाकृत अक्षुण्ण रहा है।
- समशीतोष्ण क्षेत्रों के विपरीत, उष्णकटिबंधीय पर्यावरण कम मौसमी, अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और पूर्वानुमान-योग्य है।
- उष्णकटिबंध क्षेत्र में अधिक सौर ऊर्जा उपलब्ध होती है।
सही उत्तर कूर का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों अधिक जैविक विविधता के लिए जिम्मेदार कारक क्या हो सकते हैं? इस संबंध में पारिस्थितिकीविदों और विकासवादी जीवविज्ञानियों ने विभिन्न परिकल्पनाएं प्रस्तुत की हैं; कुछ महत्वपूर्ण हैं:
(a) प्रजातीकरण (Speciation) आम तौर पर समय का एक कार्य है, अतीत में प्राय: समशीतोष्ण क्षेत्रों (जहाँ अतीत में बारंबार हिमाच्छादन हुआ है) के विपरीत, उष्णकटिबंधीय अक्षांश लाखों वर्षों तक अपेक्षाकृत अक्षुण्ण रहा है और इस प्रकार,
क्षेत्र को प्रजातियों के विविधीकरण के लिए एक लंबा विकासवादी समय प्राप्त हुआ था।
(b) समशीतोष्ण क्षेत्रों के विपरीत, उष्णकटिबंधीय पर्यावरण कम मौसमी, अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और पूर्वानुमान-योग्य है। इस प्रकार का निरंतर वातावरण निच विशेषज्ञता (niche specialisation) को बढ़ावा देते हैं और अधिक से अधिक प्रजातियों की विविधता को जन्म देते हैं।
(c) उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक सौर ऊर्जा उपलब्ध होती है, जो उच्च उत्पादकता में योगदान करती है; यह बदले में अप्रत्यक्ष रूप से अधिक विविधता में योगदान दे सकता है।
Incorrect
उत्तर: d)
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों अधिक जैविक विविधता के लिए जिम्मेदार कारक क्या हो सकते हैं? इस संबंध में पारिस्थितिकीविदों और विकासवादी जीवविज्ञानियों ने विभिन्न परिकल्पनाएं प्रस्तुत की हैं; कुछ महत्वपूर्ण हैं:
(a) प्रजातीकरण (Speciation) आम तौर पर समय का एक कार्य है, अतीत में प्राय: समशीतोष्ण क्षेत्रों (जहाँ अतीत में बारंबार हिमाच्छादन हुआ है) के विपरीत, उष्णकटिबंधीय अक्षांश लाखों वर्षों तक अपेक्षाकृत अक्षुण्ण रहा है और इस प्रकार,
क्षेत्र को प्रजातियों के विविधीकरण के लिए एक लंबा विकासवादी समय प्राप्त हुआ था।
(b) समशीतोष्ण क्षेत्रों के विपरीत, उष्णकटिबंधीय पर्यावरण कम मौसमी, अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और पूर्वानुमान-योग्य है। इस प्रकार का निरंतर वातावरण निच विशेषज्ञता (niche specialisation) को बढ़ावा देते हैं और अधिक से अधिक प्रजातियों की विविधता को जन्म देते हैं।
(c) उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक सौर ऊर्जा उपलब्ध होती है, जो उच्च उत्पादकता में योगदान करती है; यह बदले में अप्रत्यक्ष रूप से अधिक विविधता में योगदान दे सकता है।
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Question 4 of 5
4. Question
पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में, अपरद खाद्य श्रृंखला की तुलना में चराई खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- विभिन्न पोषण स्तरों के माध्यम से ऊर्जा प्रवाह में केवल 10% ऊर्जा की कमी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (aquatic ecosystem) में, चराई खाद्य श्रृंखला (grazing food chain) का ऊर्जा प्रवाह में प्रमुख योगदान होता है। इसके विपरीत, स्थस्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- जब किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा एक पोषण स्तर (trophic level ) से अगले तक प्रवाहित होती है, तो केवल दस प्रतिशत ऊर्जा ही प्रवाहित होती है और लगभग 90% ऊर्जा नष्ट होती है।
Incorrect
उत्तर: a)
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (aquatic ecosystem) में, चराई खाद्य श्रृंखला (grazing food chain) का ऊर्जा प्रवाह में प्रमुख योगदान होता है। इसके विपरीत, स्थस्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- जब किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा एक पोषण स्तर (trophic level ) से अगले तक प्रवाहित होती है, तो केवल दस प्रतिशत ऊर्जा ही प्रवाहित होती है और लगभग 90% ऊर्जा नष्ट होती है।
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Question 5 of 5
5. Question
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
Correct
उत्तर: b)
अल्फा विविधता (Alpha diversity)
- अल्फा विविधता छोटे स्तर पर या स्थानीय स्तर पर एक समुदाय के भीतर, आमतौर पर किसी पारिस्थितिकी तंत्र में प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। जब हम सामान्य रूप से किसी क्षेत्र में विविधता की बात करते हैं, तो यह अल्फा विविधता को संदर्भित करता है।
बीटा विविधता (Beta diversity)
- बीटा विविधता दो समुदायों या पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। यह बड़े स्तर की विविधता है, और दो अलग-अलग इकाईयों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना करता है जो प्राय: नदी या पहाड़ी रिज जैसे एक स्पष्ट भौगोलिक अवरोध से विभाजित होते हैं।
गामा विविधता (Gamma diversity)
- गामा विविधता का अध्ययन बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है जैसे एक बायोम। इसके तहत कई पारिस्थितिक तंत्रों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना की जाती है। इसका विस्तार पर्वत के संपूर्ण ढाल, या समुद्र के बेलांचली जोन जैसे क्षेत्रों पर हो सकता है।
- उदाहरण: परिदृश्य के रूप में एक पहाड़ी ढाल का उदाहरण ले सकते हैं। इस ढाल पर, जंगलों और घास के मैदानों के कई अलग-अलग क्षेत्र विस्तृत हो सकते हैं। अल्फा विविधता प्रजाति विविधता है जो ढाल के प्रत्येक जंगल या घास के मैदान पर मौजूद होती है। बीटा विविधता किसी भी दो क्षेत्रों और उनके समुदायों के बीच प्रजातियों की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। इस परिदृश्य की गामा विविधता संपूर्ण पर्वत ढाल पर मौजूद प्रजाति विविधता है।
Incorrect
उत्तर: b)
अल्फा विविधता (Alpha diversity)
- अल्फा विविधता छोटे स्तर पर या स्थानीय स्तर पर एक समुदाय के भीतर, आमतौर पर किसी पारिस्थितिकी तंत्र में प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। जब हम सामान्य रूप से किसी क्षेत्र में विविधता की बात करते हैं, तो यह अल्फा विविधता को संदर्भित करता है।
बीटा विविधता (Beta diversity)
- बीटा विविधता दो समुदायों या पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। यह बड़े स्तर की विविधता है, और दो अलग-अलग इकाईयों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना करता है जो प्राय: नदी या पहाड़ी रिज जैसे एक स्पष्ट भौगोलिक अवरोध से विभाजित होते हैं।
गामा विविधता (Gamma diversity)
- गामा विविधता का अध्ययन बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है जैसे एक बायोम। इसके तहत कई पारिस्थितिक तंत्रों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना की जाती है। इसका विस्तार पर्वत के संपूर्ण ढाल, या समुद्र के बेलांचली जोन जैसे क्षेत्रों पर हो सकता है।
- उदाहरण: परिदृश्य के रूप में एक पहाड़ी ढाल का उदाहरण ले सकते हैं। इस ढाल पर, जंगलों और घास के मैदानों के कई अलग-अलग क्षेत्र विस्तृत हो सकते हैं। अल्फा विविधता प्रजाति विविधता है जो ढाल के प्रत्येक जंगल या घास के मैदान पर मौजूद होती है। बीटा विविधता किसी भी दो क्षेत्रों और उनके समुदायों के बीच प्रजातियों की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। इस परिदृश्य की गामा विविधता संपूर्ण पर्वत ढाल पर मौजूद प्रजाति विविधता है।
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