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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 9 अप्रैल 2021

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

1. समाज में पक्षपात को मिटाने के लिए समाज के प्रति लोगों की धारणा को परिवर्तित करना एवं ट्रांसजेंडर लोगों को समान मानव के रूप में स्वीकार करना लिंग समानता को संबोधित करने का सबसे अच्छा तरीका है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय समाज में ट्रांसजेंडरों की स्थिति की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

आप इस सन्दर्भ में उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं एवं यह स्पष्ट कर सकते हैं कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षण की कमी के बावजूद उनका चयन, उम्मीदवारों की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता को दर्शाएगा एवं उनकी पहचान, विकलांगता, आपराधिकता अथवा अस्पृश्यता के कलंक को दूर करने में सहायता करेगा।

यह निश्चित रूप से समाज के प्रति लोगों की धारणा को बदलने में सहायता करेगा ताकि समाज अपनी पक्षपात की भावना को मिटा सके और ट्रांसजेंडर लोगों को समान मानव के रूप में स्वीकार कर सके।

समाज में इस समुदाय के प्रति पक्षपात को मिटाने एवं उन्हें समान मानव की भांति स्वीकार करने के लिए समाज के लोगों की धारणा को बदलने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

हमारे समाज में इस प्रकार के बदलावों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित समाधान एवं उपायों को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

2. वैश्विक लिंग अंतराल प्रगति-पत्र में भारत का खराब प्रदर्शन सरकार एवं नीति निर्धारकों के लिए एक गंभीर जागरूकता-पुकार एवं नॉर्डिक क्षेत्र से सीखने के सबक पर संकेत देता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी वैश्विक लिंग अंतराल सूचकांक में 156 देशों में से भारत का स्थान 140 है, जो 28 स्थान नीचे खिसक गया है।

विषय वस्तु:

हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति की व्याख्या कीजिए।

इस प्रकार के आंकड़ों के मध्य, नॉर्डिक देश (नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड) लंबे समय से वैश्विक रैंकिंग में वे सबसे ऊपर होते हुए भी लिंग समानता मानदंडों की पुनर्संरचना कर रहे हैं। वे काम पर, घर पर एवं सार्वजनिक रूप से लैंगिक समानता का स्पष्ट रूप से समर्थन करते हैं। अब समय आ गया है कि भारत, नॉर्डिक देशों की दूरंदेशी पहलों से सीखे ताकि एक विकसित कल्याणकारी राज्य का निर्माण हो सके।

नीति निर्माताओं और सरकार को इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए क्या करना चाहिए? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकलिए।

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

3. एक विधिक प्रक्रिया का महज एक परिणाम तेजी से निपटान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में भारत में लोक अदालतों से सम्बद्ध मुद्दों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ में भारतीय न्यायपालिका की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भारतीय न्यायपालिका में स्थानिक विलम्ब एवं अत्यधिक बैकलॉग की तस्वीर प्रस्तुत कीजिए।
  • संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि एक विधिक प्रक्रिया का महज एक परिणाम शीघ्र निपटान की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 4. वैश्विक पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था में प्रवाल भित्तियों का क्या महत्व है? प्रवालों की क्षति न केवल जलवायु बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी क्षति कैसे पहुंचा सकती है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  iucn.org

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रवाल भित्ति क्या है, इसके बारे में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इनके लाभों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि कैसे प्रवाल की क्षति न केवल जलवायु बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों को भी क्षति पहुंचा सकती है।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: विकास और फैलते उग्रवाद के बीच संबंध।

 5. बस्तर क्षेत्र में माओवादियों के नवीनतम हमले भारत के उग्रवाद विरोधी अभियानों में परिवर्तन का आह्वान करते हैं। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: tribuneindia.com

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में उग्रवाद की वर्तमान स्थिति एवं इससे सम्बंधित प्रमुख वर्तमान आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • माओवादी विद्रोहियों से तत्काल निपटने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
  • माओवादी विद्रोह का मुकाबला करने में शामिल चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।
  • माओवादी उग्रवाद से निपटने के उपायों पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सरकार को इस समस्या (माओवादी उग्रवाद) में भाग लेने और सामूहिक रूप से संबोधित करने के लिए सेनाओं को शामिल किया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

6. सिविल सेवकों द्वारा सक्षम निर्णयों में विवेक की भूमिका आवश्यक है लेकिन यह शक्ति के दुरुपयोग के मुख्य कारणों में से है। कथन की पृष्ठभूमि में, चर्चा कीजिए कि विवेक के सही अनुप्रयोग के लिए मानव विवेक अनुरक्षण के रूप में कैसे कार्य कर सकता है। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सार्वजनिक सेवाओं में विवेक के महत्व एवं इसके नैतिक रूप से सही होने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • सिविल सेवकों को विवेक की आवश्यकता क्यों है? संक्षेप में समझाइए।
  • विवेक के सदुपयोग एवं दुरुपयोगों को सोदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
  • अंतरात्मा का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  • विवेक के उपयुक्त अनुप्रयोगों के लिए मानवीय अंतरात्मा एक मार्गदर्शक के रूप में कैसे कार्य करता है? चर्चा कीजिए।
  • अंतरात्मा की कुछ सीमाओं का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि यदि अंतरात्मा में व्यक्तिपरकता है, तो मानव आचरण का मार्गदर्शन करने में इसकी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

 

विषय: केस स्टडी।

7. एक बैंक के कर्मचारी हर्ष ने बैंक के प्रबंधक श्री रॉय से संपर्क किया एवं उसने बताया कि उसका बच्चा ह्रदय के रोग से पीड़ित है। उसके पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी नहीं है एवं चिकित्सकीय व्ययों को पूरा करने के लिए उसका वेतन अपर्याप्त है। लेकिन इन वर्षों में, उसने विभिन्न बॉलीवुड अभिनेताओं एवं अभिनेत्रियों के ऑटोग्राफ वाली टी-शर्ट एकत्रित कर रखी हैं। इसलिए, वह चाहता है कि श्री रॉय कार्यालय में एक चैरिटी नीलामी आयोजित करने एवं बैंक के ग्राहकों को नीलामी का आमंत्रण भेजने की अनुमति दें। इन टी-शर्टों की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई भी आ सकता है, ताकि वह अपने बच्चे के उपचार के लिए धन जुटा सके। 

बैंक के अन्य कर्मचारी भी इस वार्तालाप को सुनते हैं एवं उन्होंने श्री रॉय को यह भी सूचना दी  कि – वास्तव में हर्ष की वित्तीय स्थिति बहुत खराब है तथा यदि समय पर उपचार नहीं किया जाता है, तो उसका बच्चा मर जाएगा। इसलिए इस चैरिटी नीलामी को आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। श्री राय को अनुमति देनी चाहिए या नहीं? (250 शब्द)

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों की पहचान करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • कुछ सदस्य अनौपचारिक रूप से धन देने का दबाव महसूस कर सकते हैं – विशेषकर हर्ष के अधीनस्थ कर्मचारी।
  • यह बोली लगाने वाले एवं बोली न लगाने वाले कर्मचारियों के मध्य अलगाव की भावना पैदा कर सकता है।
  • अगली बार कोई अन्य कर्मचारी किसी तुच्छ कारण के लिए भी ऐसा करने की कोशिश कर सकता है। और यदि श्री रॉय उस समय अनुमति नहीं देते हैं, तो यह धारणा बन सकती है कि श्री रॉय कुछ कर्मचारियों के प्रति पक्षपाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों का मनोबल कम हो सकता है।
  • नीलामी एवं धन उगाही की अन्य गतिविधियों को कार्यक्षेत्र से बाहर रखना सर्वोत्तम उपाय है, भले ही यह सर्वाधिक लाभ प्रदाता क्यों न हो।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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