Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 31 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

 

  1. 21वीं सदी की आर्थिक चुनौतियों का संयुक्त परिवारों के जीवन चक्र पर एक बड़ा प्रभाव रहा है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: www.un.org

 

निर्देशक शब्द:

 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

संयुक्त परिवार के जीवन चक्र के विभिन्न चरणों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

समझाइए कि जब बच्चा बड़ा हो जाता है, तो वह अपना स्वयं का परिवार शुरू करने के लिए घर छोड़ देता है। इस स्तर पर, संयुक्त परिवार एक एकल परिवार में विकसित होता है। बाद के चरण में, बूढ़े माता-पिता विभिन्न कारणों से अपने बेटे / बेटी के साथ रहने के लिए वापस आ सकते हैं।

संयुक्त परिवार के विभिन्न चरणों एवं उन्हें प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों की व्याख्या कीजिए।

इस पर आर्थिक कारकों का क्या प्रभाव पड़ता है, चर्चा कीजिए।

 

निष्कर्ष:

अपनी राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

 

  1. भारत के सॉफ्ट पॉवर प्रतिमान पर हाल के घटनाक्रमों के प्रभावों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Times of India

 

निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

सॉफ्ट पॉवर से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए एवं इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • सॉफ्ट पॉवर के महत्व पर संक्षेप में चर्चा कीजिए एवं इसके विभिन्न घटकों पर प्रकाश डालिए।
  • भारत की सॉफ्ट पॉवर को अस्थिर करने वाले हाल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त कीजिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सभ्यताओं का आकलन न केवल विरूपण साक्ष्य, वस्तु अथवा शस्त्रागारों के आधार पर किया जाता है, बल्कि वे किस विचार के पक्षधर हैं; वह आत्मा जो उन्हें बनाये रखती है, के आधार पर भी इनका विश्लेषण किया जाता है।

     

 

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 

  1. यद्यपि गुड समैरिटन लॉ (Good Samaritan Law) एक सही दिशा में प्रगति पथ पर है, लेकिन इसके साथ ही इस विषय में और अधिक जागृत होने की आवश्यकता है। विचार विमर्श कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The wire

 

निर्देशक शब्द:

 

विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

कुछ तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए; जैसे – अध्ययनों के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 1,50,000 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हो जाती है। भारतीय विधि आयोग के अनुसार, यदि पीड़ितों को समय पर बुनियादी देखभाल प्रदान की जाती, तो इनमें से लगभग 50% मामलों को रोका जा सकता था।

 

विषय वस्तु:

गुड समैरिटन से आप क्या समझते हैं? परिभाषित कीजिए।

चर्चा कीजिए कि हालाँकि इस सन्दर्भ में कानून विद्यमान हैं, लेकिन इस बारे में जनता में अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इससे सम्बद्ध चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सड़क सुरक्षा की समस्या बहुआयामी है और इसे बहुत व्यापक दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है। सर्वाधिक समस्या कानून व्यवस्था की है।अनियोजित, त्रुटिपूर्ण सड़क डिजाइन एवं इंजीनियरिंग, सड़क पर गति अन्य ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर नीति निर्माताओं के गंभीर ध्यान की आवश्यकता है।

 

 

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

  1. महामारी से वैश्विक आरोग्य प्राप्ति की प्रमुख चुनौतियों एवं विकसित देशों से सक्रिय प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालिए एवं समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Business standard 

 

निर्देशक शब्द:

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • कोविड-19 महामारी से आरोग्य प्राप्ति में शामिल चुनौतियां
  • इसकी वैश्विक प्रकृति एवं अनेक विकासशील देशों में निरंतर संकट की स्थिति
  • उत्परिवर्तन का खतरा
  • खराब तरीके से निर्मित अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक-संपदा व्यवस्था के कारण आपूर्ति में बाधाएं
  • “महामारी राष्ट्रवाद” का उदय
  • असमानता

 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: पंचवर्षीय योजनाएँ: प्राथमिकताएँ और प्रदर्शन, योजना से सम्बद्ध मुद्दे।

 

  1. उपलब्धियों के अलावा, ऐसे अनेक अधूरे कार्य हैं, जिन्हें भारत में नियोजन के द्वारा पूर्ण रूप से प्राप्त करना शेष है। जांच कीजिए। (250 शब्द)

 

सन्दर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था: दत्ता एवं सुंदरम

 

निर्देशक शब्द:

जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

भारत में नियोजन की अवधारणा को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भारत में नियोजन की उपलब्धियों पर संक्षिप्त चर्चा कीजिए।
  • नियोजन की कमियों अथवा विफलताओं पर चर्चा कीजिए।
  • भारत में नियोजन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कीजिए।

 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: केस स्टडी – लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

 

  1. आप सरकार के एक वरिष्ठ स्तर के अधिकारी हैं, जो कल्याणकारी गतिविधियों के लिए 800 करोड़ रुपये के कोष का उपयोग करने के लिए उत्तरदायी है। आपको राज्य के एक मंत्री के द्वारा राज्य में बाढ़ राहत के लिए निधि का उपयोग करने के लिए कहा गया है।

यद्यपि आपके पास ऐसा करने की शक्ति है, लेकिन निधि के किसी भी अन्यथा उपयोग को वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट में उचित औचित्य की आवश्यकता होती है एवं यदि कोई कमी पाई जाती है, तो यह वित्तीय अव्यवस्था का मामला हो सकता है। क्या आप इस निधि का अन्यथा उपयोग करेंगे? समझाइए एवं अपने विचार प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

 

निर्देशक शब्द:

 

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

केस स्टडी में शामिल नैतिक चिंताओं की पहचान करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

केस स्टडी में निम्नलिखित नैतिक आयामों को शामिल कीजिए –

  • शासन में सत्यनिष्ठा, सार्वजनिक धन का विवेकपूर्ण उपयोग, नागरिक सेवाएं- राजनेता संबंध एवं अखंडता।
  • पर्याप्त तर्कों के साथ अपने दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत कीजिए।

 

निष्कर्ष:

सार्वजनिक धन का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण क्यों है? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 

 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

 

  1. क्या सिविल सेवकों को सरकार के निर्णयों के सन्दर्भ में चिंतित होना चाहिए, भले ही वे उनसे प्रत्यक्ष रूप से सम्बद्ध न हों एवं यदि वे संविधान की भावना के अनुसार न हों, तो क्या उन्हें आवाज उठानी चाहिए? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: darpg.gov.in

 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के पश्चात् सिविल सेवकों द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के संदर्भ में संक्षिप्त चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

समझाइए कि सिविल सेवकों को क्यों चिंतित होना चाहिए एवं उन्हें अपनी आवाज क्यों उठानी चाहिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि ऐसे अनेक मंच एवं माध्यम हैं, जिनके माध्यम से सिविल सेवक अपनी आवाज़ उठा सकते हैं एवं वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से अपनी चिंताओं को व्यक्त कर सकते हैं, जैसे अखबार के लेख एवं बहस आदि। हालांकि, उन्हें केवल अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए पद से त्यागपत्र नहीं देना चाहिए।

 


Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates

Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos