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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 30 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

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सामान्य अध्ययनI


विषय: महिलाओं की भूमिका, सामाजिक सशक्तिकरण।

 

  1. “मासिक धर्म वाली महिलाओं के प्रति भेदभाव पूर्ण घृणित व्यवहार असामान्य माना जाना चाहिए।” चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

शुद्धता एवं अपवित्रता की धारणाओं की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

मासिक धर्म से सम्बंधित प्रमुख सामाजिक कुरीतियों का वर्णन कीजिए।

इससे सम्बंधित प्रमुख चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

इस संबंध में अदालत के हस्तक्षेप और उनकी राय पर चर्चा कीजिए।

इन समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अनेक समाजों में मौजूद मासिक धर्म से सम्बंधित कुरीतियों का लड़कियों एवं महिलाओं की भावनात्मक स्थिति, मानसिकता, स्वास्थ्य एवं जीवन शैली पर प्रभाव पड़ता है।

 

 

 

विषय: जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

 

  1. शहरी अतिप्रजन के अंतर्निहित कारकों की बेहतर समझ भारत में शहरी गतिशीलता की प्रगति सुनिश्चित करने वाले नीतिगत उपायों का समर्थन करेगी। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 

सन्दर्भ:  Financial Express

 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

भारत में शहरी अतिप्रजन के पहलू पर कुछ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में समझाइए कि अतिप्रजन के कारणों की बेहतर समझ भारत में शहरी गतिशीलता में सुधार के लिए नीतिगत उपायों में कैसे सुधार करेगी एवं परिवहन नेटवर्क, बाजार एकीकरण और वैश्वीकरण के मध्य वार्ता को कैसे सशक्त करेगी, जो भविष्य के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को गति देगी।

संदर्भित लेख की सहायता से इसके अंतर्निहित कारकों को सूचीबद्ध कीजिए एवं समझाइए कि ये कारक इस समस्या को हल करने के लिए नीतिगत उपायों को प्रभावी ढंग से कैसे निर्देशित कर सकते हैं।

 

निष्कर्ष:

उपयुक्त समाधानों के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

 

  1. जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता है ताकि ग्रामीण युवाओं के लिए लाभकारी रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए उपयुक्त वातावरण का निर्माण किया जा सके। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 

सन्दर्भ:  The Diplomat

 

निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

भारत में बढ़ती बेरोजगारी के संदर्भ को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है, जहाँ भारत की युवाओं की आबादी का अधिकांश भाग ग्रामीण युवाओं का है। हालांकि, हाल के वर्षों में बेरोजगारी की दर में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन विगत कुछ वर्षों से इसका प्रभुत्व भी कम हो रहा है। इसलिए, उत्पादक कृषि गतिविधियों में ग्रामीण युवाओं को शामिल करने से भारत को जनसांख्यिकीय लाभांश के लाभों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने में सहायक ग्रामीण-केंद्रित नीतियों पर चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर एक लेख लिखिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार, देश की वृद्धि के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश का उपयोग करने के लिए ग्रामीण केंद्रित नीतियों की आवश्यकता होगी।

 

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

 

  1. भारत में बार-बार होने वाली आग की दुर्घटनाएँ सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाती हैं। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 

निर्देशक शब्द:

 

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

देश में आग की दुर्घटनाओं से संबंधित कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

हाल ही में, मुंबई अस्पताल में आग लगने की घटना (मुंबई के ड्रीम्स मॉल के अंदर स्थित) के कारण अब तक 10 लोगों की मौत हो गई।

एक प्रभावी अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल जीवन एवं संपत्ति पर विनाशकारी प्रभाव को रोक सकता था।

यह त्रासदी सार्वजनिक भवनों में आग से सुरक्षा को अनिवार्य बनाने में सरकार की विफलता की ओर इशारा करती है।

गौरतलब हो कि पिछले वर्ष नवंबर में राजकोट में आग लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना का संज्ञान लिया था। इसने प्रत्येक कोविड -19 अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के साथ एक अधिकारी को नियुक्त किए जाने के लिए निर्देश जारी किए थे।

चर्चा कीजिए कि आगे क्या किया जाना चाहिए।

 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 

  1. आर्थिक विकास का वर्तमान मॉडल श्रम पर पूंजी को प्राथमिकता देता है तथा महामारी की स्थिति के दौरान बेरोजगारी के संकट को हल करने की संभावना नहीं दर्शाता है, क्या आप सहमत हैं? टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 

सन्दर्भ: Indian Express

 

निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:

महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में उत्पन्न समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  1. समझाइए कि आर्थिक विकास का मौजूदा मॉडल श्रम पर पूंजी को प्राथमिकता कैसे देता है।
  2. महामारी की स्थिति के बीच उत्पन्न बेरोजगारी के संकट पर चर्चा कीजिए।

बेरोजगारी का यह स्तर आर्थिक विकास के “बेरोजगार” मॉडल का महज एक लक्षण नहीं है, जिसका पालन पिछले दो दशकों में किया गया है, लेकिन यह राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता का एक नुस्खा भी है। रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति में महामारी और उसके बाद के संकट ने केवल श्रम बाजार की नाजुक स्थिति को उजागर किया है। बेरोजगारी और बेरोजगारी में वृद्धि का वास्तविक संकट एक बड़ी महामारी है, जिसे आर्थिक विकास के मौजूदा मॉडल के साथ हल किया जाना संभव नहीं है, जो श्रम पर पूंजी को प्राथमिकता देती है।

 

सुझाव दीजिए कि क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


विषय: अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।

 

  1. जब भारत में लोगों की अभिवृत्ति बात आती है तो व्यक्ति को प्रायः रूढ़िबद्ध धारणा, पूर्वाग्रहों, आत्मसंतुष्टता लेकिन शत्रुतापूर्ण और संघर्षपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ता है। क्या आप सहमत हैं? जांच कीजिए एवं तर्क प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: लेक्सिकन प्रकाशन

 

निर्देशक शब्द:

 

जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 

उत्तर की संरचना:

परिचय:

अभिवृत्ति की सामान्य परिभाषा एवं इसके महत्व को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

 

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  1. पूर्वाग्रह क्या है, समझाइये एवं समाज पर उनके प्रभावों पर प्रकाश डालिए।
  2. कुछ ऐसे उदाहरणों का उल्लेख कीजिए, जिनमें शत्रुतापूर्ण एवं परस्पर विरोधी अभिवृत्ति को देखा जा सकता है।
  3. इस प्रकार की अभिवृत्ति के कारणों पर चर्चा कीजिए। इसके विरोध में तर्क भी प्रस्तुत कीजिए।
  4. इस प्रकार के व्यवहार को दूर करने के उपाय सुझाइए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि लोगों की अभिवृत्ति में रातोरात परिवर्तन नहीं होता है। यह एक धीमी प्रक्रिया है।

 

 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 

  1. “अगली बार जब कोई आपसे शिकायत करे कि आपसे कोई गलती हुई है, तो उसे बताएं कि यह एक अच्छी बात हो सकती है। क्योंकि अपूर्णता के बिना, न तो आप और न ही मेरा कोई अस्तित्व होगा।”- स्टीफन हॉकिंग। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 

सन्दर्भ: लेक्सिकन प्रकाशन

 

निर्देशक शब्द:

 

टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 

उत्तर की संरचना:

 

परिचय:

प्रश्न में दिए गए कथन का संक्षेप में अर्थ स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

कुछ उदाहरणों के साथ कथन के पक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिए।

कथन के सन्दर्भ में अपनी राय प्रस्तुत कीजिए।

 

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि समाज में यह सामान्य समझ है कि किस गलती को मूर्खतापूर्ण गलती कहा जा सकता है और किसे वास्तविक तथा कौन सी गलती दंडनीय है।

 


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