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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 26 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: महिलाओं की भूमिका।

 1. “पुलिस में महिलाओं के लिए प्रतीकवाद से हटने एवं गौण भूमिका के स्थान पर एक केंद्रीय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।” चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Tribune India  

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पुलिस में महिलाओं की भूमिका से सम्बंधित कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर विचार कीजिए:

  1. एक लैंगिक रूप से विविध पुलिस बल की आवश्यकता पर टिप्पणी कीजिए।
  2. पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  3. पुलिस में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संबंधित चिंताओं पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।

 2. केंद्रशासित प्रदेश में स्वस्थ शासन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2021 को संविधान के अनुकूल होना चाहिए। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विधेयक की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2021 के आलोचनात्मक विश्लेषण को विस्तार से प्रस्तुत कीजिए।

बिल की प्रमुख सामग्री पर विचार कीजिए: अनुच्छेद 239AA में संशोधन – सरकार को पुन: स्थिति प्रदान करना: दिल्ली में विधान सभा द्वारा निर्मित किसी भी कानून में उल्लिखित अभिव्यक्ति “सरकार” का अर्थ “उपराज्यपाल” होगा। कार्यपालिका की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण।

विधेयक के विरुद्ध आलोचनाएं भी प्रस्तुत कीजिए।

उच्चतम न्यायालय की उपयुक्त टिप्पणियों के साथ अपने पक्ष का समर्थन कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

 3. भारत में आरक्षण नीतियों के सटीक कार्यान्वयन को अनेक संवैधानिक संशोधनों, राज्य-स्तरीय कानूनों एवं कानूनी अनिश्चितताओं तथा न्यायालयों के निर्णयों के सन्दर्भ में अनिश्चितताओं के कारण बाधित किया जाता है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Business-standard.com

 निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में आरक्षण प्रणाली की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर विचार कीजिए:

  1. भारत में आरक्षण नीति के विकास की व्याख्या कीजिए।
  2. भारत में आरक्षण नीति से सम्बंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  3. अतीत से लेकर वर्तमान तक इस दिशा में सरकार द्वारा प्रस्तुत की गयी नीतियों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि भारत को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए धीरे-धीरे सभी प्रकार के आरक्षणों को समाप्त करने की आवश्यकता है।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. विकास के अमर्त्य सेन एवं भगवती मॉडल क्या हैं? विस्तार से चर्चा कीजिए तथा उपयुक्त उदाहरणों के साथ इनके मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वर्तमान में देखे जा रहे सेन- भगवती वाद-विवाद की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में दोनों अर्थशास्त्रियों के दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत कीजिए।

दोनों की तुलना कीजिए एवं उनमें अंतर भी स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

दोनों के महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

   

विषय: सा.अ. 2– संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।

सा.अ. 3– भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 5. वित्तीय संसाधनों के उपयोग के संवर्धन एवं राजकोषीय संघवाद के पहलुओं में अविश्वास के न्यूनीकरण के लिए भारत को एक सुस्पष्ट कर प्रणाली की आवश्यकता है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Live Mint

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर विचार कीजिए:

  1. भारत में राजकोषीय संघवाद के रुझान पर प्रकाश डालिए।
  2. भारत में राजकोषीय संघवाद से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  3. इन मुद्दों के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि एक सुस्पष्ट कर प्रणाली हमारे संघीय प्रणाली में संसाधनों के लिए संघर्ष को कम कर सकती है, और केंद्र तथा राज्यों के मध्य हाल के वर्षों में बढ़े अविश्वास को कम कर सकती है।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. जल प्रदूषण से सम्बंधित नवीन खतरों एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत का 70% से अधिक सतही एवं भूजल, मानव तथा अन्य अपशिष्टों द्वारा दूषित है एवं इसके द्वारा विषाणु को प्रसारित करने की संभावना है। अंधाधुंध मानव गतिविधि अक्सर पर्यावरण क्षरण और महामारी का कारण बनती हैं। बड़े पैमाने पर मांस उत्पादन के लिए जानवरों को एक साथ बंद रखने से एक कृत्रिम वातावरण उत्पन्न होता है, जो पूर्ववर्ती निष्क्रिय विषाणु में उत्परिवर्तन उत्पन्न कर सकता है।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर विचार कीजिए:

  1. जल प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से उत्पन्न खतरों पर प्रकाश डालिए।
  2. जल प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करने में शामिल चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।

 7. भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के प्रसार एवं महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था- उमा कपिला

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न में शामिल मुद्दों की पहचान करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।


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