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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 22 March 2021

 

विषयसूची

 सामान्य अध्ययन-I

1. तोमर राजा अनंगपाल द्वितीय

 

सामान्य अध्ययन-II

1. हिरासत में ‘वकील का अधिकार’

 

सामान्य अध्ययन-III

1. अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस

2. हिमाचल प्रदेश का जल संकट

3. व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति पर केंद्र सरकार द्वारा अदालत में मामला

4. केन-बेतवा इंटरलिंकिंग परियोजना

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. जापी (Jaapi)

2. जोराई (Xorai)

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

तोमर राजा अनंगपाल द्वितीय


संदर्भ:

हाल ही में, सरकार द्वारा 11 वीं सदी के तोमर शासक, अनंगपाल द्वितीय की विरासत को लोकप्रिय बनाने के लिए एक समिति बनाई गयी है।

अनंगपाल द्वितीय कौन थे?

  1. अनंगपाल द्वितीय, 8 वीं से 12वीं सदी के मध्य वर्तमान दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों पर शासन करने वाले तोमर वंश के प्रसिद्ध शासक थे।
  2. अनंगपाल तोमर द्वितीय के उत्तराधिकारी उनके पोते पृथ्वीराज चौहान थे, जिनकी तराइन (वर्तमान हरियाणा) के युद्ध में गौरी की सेना द्वारा पराजय के बाद वर्ष 1192 में दिल्ली सल्तनत की स्थापना हुई थी।
  3. तोमर वंश ने 8 वीं शताब्दी में, अनंगपाल तोमर द्वितीय के शासनकाल के दौरान अपनी राजधानी ढिल्लिकापुरी (Dhillikapuri) (दिल्ली) स्थानांतरित की थी।
  4. उन्होंने दिल्ली को इसका वर्तमान नाम दिया और इसे फिर से बसाया था।
  5. उन्होंने लाल कोट दुर्ग और अनंगताल बावली का निर्माण कराया।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. तोमर साम्राज्य के बारे में
  2. तोमर वंश के महत्वपूर्ण शासक और उनके योगदान
  3. तोमर वंश की राजधानियाँ
  4. महत्वपूर्ण युद्ध और उनके परिणाम

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

हिरासत में ‘वकील का अधिकार’


संदर्भ:

हाल ही में गिरफ्तार किए गए मुंबई पुलिस के एक अधिकारी सचिन वझे ने पूछताछ के दौरान अपने वकील के उपस्थिति रहने की मांग की है, जबकि /राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण’ अर्थात ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी’ (National Investigation Agency- NIA) ने तर्क दिया है, कि यह ज़िद जांच में बाधा उत्पन्न कर रही है।

क्या ‘वकील की सहायता लेना’ किसी आरोपी का अधिकार है?

भारत में, इस प्रकार की परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को उपलब्ध सुरक्षा उपायों का संविधान में उल्लेख किया गया है।

  • संविधान के अनुच्छेद 20 (3) के अंतर्गत आत्म अभिशंसन से मुक्ति दी गई है। किसी भी अभियोजन में आरोपी को आत्म अभिशंसन (witness against himself) के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
  • अनुच्छेद 22 के अनुसार, गिरफ्तार किये गए किसी व्यक्ति को अपनी रुचि के विधि व्यवसायी से परामर्श करने और प्रतिरक्षा कराने के अधिकार से वंचित नहीं रखा जाएगा। इस अनुच्छेद के अंतर्गत ऐसे प्रावधान भी किए गए हैं, जिनमे अभियुक्त को एक वकील से “परामर्श करने का अधिकार” प्रदान किया गया है।
  • दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 41D के अनुसार किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को पूछताछ के दौरान अपने पसंद के वकील से मिलने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है, हालांकि पूछताछ के दौरान हर समय यह अधिकार प्राप्त नहीं होगा।

इस प्रकार के मामलों से संबंधित उच्चतम न्यायालय के फैसले:

1997 के डी के बसु मामले में:

अदालत ने गिरफ्तारी या हिरासत संबंधी मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा निर्देशित सिद्धांतों के अनुपालन पर विचार किया।

  • इस निर्णय में अदालत ने कहा, कि किसी गिरफ्तार व्यक्ति को पूछताछ के दौरान अपने वकील से मिलने की अनुमति दी जा सकती है, हालांकि पूरी पूछताछ के दौरान हर समय के लिए इसकी अनुमति नहीं होगी।
  • उच्चतम न्यायालय ने आरोपियों के लिए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया, लेकिन ‘अपराधों का खुलासा करने में होने वाली कठिनाइयों, विशेषकर “कट्टर अपराधियों” के मामलों में, के बारे भी बात की। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा, कि पूछतांछ के दौरान हर समय वकील को मौजूद रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

वरिष्ठ खुफिया अधिकारी बनाम जुगल किशोर शर्मा (2011) मामले में:

शीर्ष अदालत ने आरोपी के वकील को ‘दूर से अथवा शीशे के दूसरी ओर से कार्यवाही देखने’ की अनुमति दी, और साथ में यह भी कहा कि, वकील सुनाई देने योग्य सीमा से बाहर रहेगा, और उसके लिए पूछताछ के दौरान उत्तरदाता को परामर्श देने की अनुमति नहीं होगी’।

हालांकि, कई आपराधिक मामलों में, यह, पुलिस की हिरासत में भेजने वाली अदालत के विवेक पर छोड़ दिया जाता है, कि वह पूछताछ के दौरान, जब पूछताछ नहीं चल रही हो, उस समय निजी रूप से, किसी निर्धारित समय के लिए, वकील को आरोपी से मिलने की अनुमति देती है अथवा नहीं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘परामर्श का अधिकार’ क्या है?
  2. इस संबंध में संवैधानिक प्रावधान
  3. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
  4. आरोपी व्यक्ति के अधिकार

मेंस लिंक:

हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस


(International Day of Forests)

संदर्भ:

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष 21 मार्च को, समूचे विश्व में ‘हरित आवरण’ को याद करते हुए तथा इसके महत्व को दोहराते हुए अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस (International Day of Forests) के रूप में मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस 2021 का विषय (Theme): ‘वनों का पुनर्नवीकरण: बहाली एवं कल्याण का मार्ग’ (Forest restoration: a path to recovery and well-being) है।

इस विषय का महत्व:

इस वर्ष की थीम का उद्देश्य इस बात पर जोर देना है, कि वनों के पुनर्नवीकरण तथा वनों के संवहनीय या टिकाऊ प्रबंधन से जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संकट का समाधान करने में किस प्रकार मदद मिल सकती है।

  • इससे संवहनीय विकास हेतु वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करने, रोजगार सृजन करने वाली आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, और जीवन को बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस के विषयों का उद्देश्य, दुनिया भर के पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण और पुनरुद्धार का आह्वान करने वाले संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्नवीकरण दशक (UN Decade on Ecosystem Restoration) (2021-2030) के साथ ताल-मेल बिठाना होता है।

प्रमुख तथ्य:

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2012 में 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस (IDF) घोषित किया गया था।
  • यह दिवस, संयुक्त राष्ट्र वन फोरम (United Nations Forum on Forests- UNFF) और संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (UNFAO) द्वारा विभिन्न देशों की सरकारों, वनों से संबंधित सहयोग संगठनों तथा अन्य प्रासंगिक संस्थाओं के सहयोग से मनाया जाता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस’ के बारे में।
  2. किसके द्वारा मनाया जाता है?
  3. विषय
  4. भारत में वन आवरण की स्थिति- नवीनतम निष्कर्ष।

मेंस लिंक:

किसी देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि में वनों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

हिमाचल प्रदेश का जल संकट


संदर्भ:

हिमाचल प्रदेश में, इस वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की भारी कमी होने की संभावना है। इस दौरान कई जल योजनाएं बंद होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। पीने के पानी की कमी के कारण राज्य को सबसे मुश्किल दौर से गुजरना पड़ सकता है।

बारहमासी जल स्रोतों वाले राज्य में जल संकट के कारण:

  1. बीती सर्दियों के मौसम में कम बर्फ गिरना और बारिश का कम होना।
  2. इससे भूजल के साथ-साथ पहाड़ियों के निचले भागों में स्थित अन्य जल स्रोतों जैसे झरनों, कुओं, बावड़ियों, झीलों, नालों, धाराओं और नदियाँ प्रभावित हुई है।
  3. राज्य में बढ़ती जनसंख्या के कारण पानी की मांग बढ़ रही है, लोग अब जल के पारंपरिक स्रोतों जैसेकि झरनों और बावड़ियों के बजाय पाइप से जलापूर्ति संबंधी योजनाओं पर अधिक निर्भर हो रहे हैं।

प्रभाव:

पानी की कमी से फसल के नुकसान और चारे की कमी होने की भी संभावना है।

प्रस्तावित समाधान क्या हैं?

  1. जल-स्तर में गिरावट को देखते हुए हैंड-पंप और बोरवेल लगाने पर रोक लगा दी गई है।
  2. पूरे राज्य में वाटर हार्वेस्टिंग टैंकों का निर्माण किया जाएगा।
  3. भविष्य में, जल शक्ति विभाग द्वारा अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में “स्नो हार्वेस्टिंग” के विकल्प खोजने का प्रयास किया जाएगा।

प्रीलिम्स लिंक:

हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण नदियाँ एवं उनकी सहायक नदियाँ।

मेंस लिंक:

हिमालयी क्षेत्र में अवस्थित होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश पानी के संकट से क्यों गुजर रहा है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति पर केंद्र सरकार द्वारा अदालत में मामला


संदर्भ:

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय से व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति के बारे में हस्तक्षेप करने तथा इसे लागू करने से रोकने का आग्रह किया गया है।

आईटी मंत्रालय के उच्च न्यायालय से व्हाट्सएप पर लगाम लगाने संबंधी आग्रह का कारण:

उच्चतम न्यायालय के निर्णयों, केंद्र सरकार को “डेटा सुरक्षा तथा सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन नहीं करने वाली गोपनीयता नीतियों” संबंधी मामलों पर, व्हाट्सएप जैसी इकाईयों की क्षमताओं को सीमित करने हेतु ‘डेटा सुरक्षा और गोपनीयता प्रशासन’ संबंधी क़ानून का निर्माण करने का दायित्व सौपा गया है। इसलिए, व्हाट्सएप के लिए अपनी सेवाओं को चालू करने से रोका जाना चाहिए।

आईटी मंत्रालय द्वारा व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति जारी होने पर, वर्तमान आईटी नियमों के होने वाले निम्नलिखित प्रमुख उल्लंघनों को सूचीबद्ध किया गया है:

  • व्हाट्सएप, इसके द्वारा किस प्रकार संवेदनशील डेटा एकत्र किया जा रहा है, इसे स्पष्ट करने में विफल रहा है।
  • व्हाट्सएप, उपयोगकर्ता के लिए, एकत्र की जा रही सूचनाओं की समीक्षा या संशोधन करने का विकल्प प्रदान करने में विफल रहा है।
  • इस नीति में, उपयोगकर्ताओं को डेटा साझा करने संबंधी सहमति को पूर्वव्यापी ढंग से वापस लेने का विकल्प प्रदान नहीं किया गया है।
  • इस नीति में, किसी तीसरे पक्ष द्वारा सूचनाओं के खुलासा-नहीं करने संबंधी गारंटी भी नहीं दी गयी है।

नीति की प्रमुख विशेषताएं:

  1. तीसरे पक्ष की सेवाओं के साथ जानकारी साझा करना: जब उपयोगकर्ता, तीसरे-पक्ष की सेवाओं या व्हाट्सएप सेवाओं के साथ एकीकृत फेसबुक कंपनी के अन्य उत्पादों पर यकीन करते हैं, तो उपयोगकर्ता तथा साझा करने वाले अन्य लोगों के बारे में उन तीसरे-पक्ष की सेवाओं को जानकारी हासिल हो सकती है।
  2. हार्डवेयर की जानकारी: व्हाट्सएप, उपयोगकर्ता के उपकरणों के बैटरी स्तर, सिग्नल शक्ति, ऐप संस्करण, ब्राउज़र जानकारी, मोबाइल नेटवर्क, कनेक्शन जानकारी (फोन नंबर, मोबाइल ऑपरेटर या आईएसपी सहित) आदि एकत्र करता है।
  3. अकाउंट डिलीट करना: यदि कोई उपयोगकर्ता, ऐप में दी गयी प्रक्रिया का उपयोग किए बिना अपने डिवाइस से व्हाट्सएप ऐप को हटा देता है, तो उस उपयोगकर्ता की जानकारी प्लेटफ़ॉर्म में संग्रहीत रहेगी।
  4. डेटा स्टोरेज: व्हाट्सएप कहता है कि वह फेसबुक की वैश्विक अवसंरचनाओं और डेटा केंद्रों का उपयोग करता है। यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में, उपयोगकर्ताओं के डेटा को संयुक्त राज्य अमेरिका अथवा जिन स्थानों पर फेसबुक की सहयोगी कंपनियां है, वहां स्थानांतरित किया जा सकता है।
  5. अवस्थिति: भले ही कोई उपयोगकर्ता अपनी अवस्थिति संबंधी सुविधाओं का उपयोग नहीं करता है, तो भी व्हाट्सएप उसकी सामान्य अवस्थिति (शहर, देश) का अनुमान लगाने के लिए आईपी पते और फोन नंबर क्षेत्र कोड जैसी अन्य जानकारी एकत्र करता है।
  6. भुगतान सेवा: व्हाट्सएप का कहना है कि अगर कोई भी उपयोगकर्ता अपनी भुगतान सेवाओं का उपयोग करता है तो वे आपके बारे में अतिरिक्त जानकारी संसाधित करेंगे, जिसमें भुगतान खाता और लेनदेन की जानकारी शामिल है।

संबंधित चिंताएँ:

  1. व्हाट्सएप की नई नीति, डेटा संरक्षण विधेयक, 2019’ को आधार प्रदान करने वाली ‘श्रीकृष्ण समिति’ की रिपोर्ट की सिफारिशों की अवहेलना करती है।
  2. डेटा स्थानीयकरण के सिद्धांत का उद्देश्य निजी डेटा का देश के बाहर हस्तांतरण पर रोक लगाना है, इससे व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति के साथ विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  3. नई गोपनीयता नीति के लागू होने पर व्हाट्सएप किसी उपयोगकर्ता का मेटाडेटा भी साझा कर सकता है, अर्थात, वार्तालाप के मूल संदेशों के आलावा सबकुछ साझा किया जा सकता है।
  4. यदि उपयोगकर्त्ता व्हाट्सएप की अद्यतन गोपनीयता नीति से असहमत हैं, तो इस नई नीति लागू होने के बाद उनके पास व्हाट्सएप छोड़ना होगा।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

केन-बेतवा इंटरलिंकिंग परियोजना


(Ken-Betwa Interlinking Project)

संदर्भ:

हाल ही में, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों द्वारा ‘केन-बेतवा लिंक परियोजना’ (Ken Betwa Link Project-KBLP) को कार्यान्वित करने हेतु एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

केन-बेतवा परियोजना के बारे में:

दो-भागों में पूरी की जाने वाली परियोजना के रूप में परिकल्पित ‘केन-बेतवा परियोजना’ देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है।

  • इसे अंतरराज्यीय नदी स्थानांतरण मिशन हेतु एक मॉडल परियोजना के रूप में माना जाता है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य, मध्य प्रदेश में केन नदी से अधिशेष जल को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी में स्थानांतरित करना है, जिससे सूखा-प्रवण बुंदेलखंड क्षेत्र के उत्तरप्रदेश में झांसी, बांदा, ललितपुर और महोबा जिलों और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, पन्ना और छतरपुर जिलों को सिंचित किया जा सकेगा।

प्रमुख तथ्य:

  1. केन और बेतवा नदियों का उद्गम मध्यप्रदेश में होता है और ये यमुना की सहायक नदियाँ हैं।
  2. केन नदी, उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले में और बेतवा नदी हमीरपुर जिले में यमुना नदी में मिल जाती हैं।
  3. राजघाट, परीछा और माताटीला बांध, बेतवा नदी पर स्थित हैं।
  4. केन नदी, पन्ना बाघ अभ्यारण्य से होकर गुजरती है।

इंटरलिंकिंग के लाभ:

  • जल और खाद्य सुरक्षा में वृद्धि
  • जल का समुचित उपयोग
  • कृषि को बढ़ावा
  • आपदा न्यूनीकरण
  • परिवहन को बढ़ावा देना

प्रीलिम्स लिंक:

  1. परियोजना के बारे में
  2. केन और बेतवा- सहायक नदियाँ और संबंधित राज्य।

मेंस लिंक:

‘केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना’ के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


जापी (Jaapi)

यह, बांस से निर्मित तथा सूखे हुए तोकोऊ पत्तों (तोकोऊ: ऊपरी असम के वर्षावनों में पाया जाने वाला ताड़ का पेड़) से ढकी हुई एक शंक्वाकार टोपी होती है। बहुधा, आधिकारिक कार्यक्रमों में इसका उपयोग मेहमानों को सम्मानित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, असम के ग्रामीण क्षेत्रों में, किसान खेतों में काम करते समय, कठोर मौसम, धूप और बारिश से खुद को बचाने के लिए ‘जापी’ टोपी पहनते हैं।

जोराई (Xorai)

घंटी धातु (bell-metal) से निर्मित जोराई (Xorai), मुख्यतः ‘स्टैंड’ लगी हुई एक तश्तरी होती है, जिसके ऊपर प्रायः एक छोटी छतरी भी लगी रहती है। यह असम के लगभग प्रत्येक परिवार में पाई जाती है। इसे मुख्य रूप से प्रार्थना के दौरान प्रसाद की तश्तरी के रूप में, अथवा मेहमानों को तमाले-पान (सुपारी) परोसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। किसी को विदाई देते समय जापी और गमोसा के साथ-साथ एक ज़ोराई भी प्रदान की जाती है। ज़ोराई का बड़ी मात्रा में उत्पादन असम के घंटी धातु क्षेत्र, बजाली जिला के सरथेबारी में किया जाता है।


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