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INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन – 2
विषय: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।
1. अस्वीकरण के अधिकार की अवधारणा क्या है? चुनाव में एक उम्मीदवार को अस्वीकार करने का अधिकार भारत में प्रणालीगत राजनीतिक सुधारों का वादा कैसे करता है? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Print
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
अस्वीकरण के अधिकार को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:
- भारत में NOTA प्रणाली के विकास की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
- एक उम्मीदवार को अस्वीकार करने के अधिकार के लाभों पर चर्चा कीजिए।
- अस्वीकरण के अधिकार को प्रेरित करने के लिए NOTA के क्षेत्र में किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालिए।
- चुनाव में उम्मीदवार को अस्वीकार करने का अधिकार, भारत में प्रणालीगत राजनीतिक सुधारों का वादा कैसे करता है? समझाइए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि मौजूदा NOTA प्रणाली अस्वीकरण के अधिकार के समान नहीं है। NOTA को लेकर वर्तमान जनहित याचिका, इस प्रकार मतदाताओं के अस्वीकार करने के अधिकार ’के बारे में एक व्यापक बहस का भाग है। यह सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक पूर्व शर्त है, जो अस्वीकार करने के अधिकार के पीछे प्रेरक कारक है।
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
2. भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी में भू-राजनीतिक बलों की भूमिका पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Hindustan Times
निर्देशक शब्द:
लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत-अमेरिकी रक्षा सहयोगों की पृष्ठभूमि को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
भारत एवं अमेरिका अनेक द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों में शामिल हुए हैं। भारत एवं अमेरिका के मध्य LEMOA, COMCASA एवं BECA जैसे मूलभूत समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। हाल ही में चतुर्पक्षीय फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत, अमेरिका, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया के नेताओं का सम्मलेन आयोजित किया गया है।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी में भू-राजनीतिक बलों की भूमिका के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 3
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
3. सूचना प्रौद्योगिकी नीति से सम्बद्ध निम्न वृद्धि को देखते हुए, क्या हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि भारत मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण को जारी रखने की स्थिति में नहीं है? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Financial Express , Indian Express
निर्देशक शब्द:
आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में मुद्रास्फीति के आधारभूत सिद्धांतों एवं संबंधित नीतियों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख उपकरणों की व्याख्या कीजिए।
हाल के दिनों में भारत में अतीत से लेकर वर्तमान तक मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के उपायों पर प्रकाश डालिए।
भारत में मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि सूचना प्रौद्योगिकी नीति से सम्बंधित निम्न वृद्धि को देखते हुए, हम यह कह सकते हैं कि भारत मुद्रास्फीति की स्थिति को जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
4. हाल के दिनों में सतत उच्च मुद्रास्फीति ने देश में विकास को पुनर्जीवित करने सम्बन्धी आरबीआई के प्रयासों को कैसे कम किया है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
देश में सतत महंगाई को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख तथ्य अथवा आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:
- मुद्रास्फीति के अंतर्निहित कारकों पर चर्चा कीजिए।
- RBI के समक्ष उपस्थित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।
- सुझाव दीजिए कि क्या किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
इस समस्या को हल करने के लिए समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
5. भारत में बेरोजगारी की समस्या की प्रकृति एवं सीमायें क्या हैं? इसके अंतर्निहित कारणों पर चर्चा कीजिए एवं इन मुद्दों को सम्बोधित करने के लिए आवश्यक सुझाव दीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था: उमा कपिला
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
बेरोजगारी को परिभाषित कीजिए अथवा भारत में बेरोजगारी से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
विभिन्न प्रकार की बेरोजगारी एवं इसकी व्यापकता पर चर्चा कीजिए।
इसके अंतर्निहित कारणों पर प्रकाश डालिए।
इससे संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 4
विषय: अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।
6. लोगों की अभिवृत्ति उनके आचरण को कैसे प्रभावित करती है? चर्चा कीजिए। भारत में लोगों द्वारा धारण की जाने वाली अभिवृत्ति की सकारात्मक एवं नकारात्मक विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
अभिवृत्ति की सामान्य परिभाषा एवं इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर प्रकाश डालिए:
- लोगों के आचरण को अभिवृत्ति कैसे प्रभावित करती है? इसके प्रमुख कारकों पर प्रकाश डालिए।
- भारत में सभी स्तरों पर अभिवृत्ति के सकारात्मक और नकारात्मक गुणों को सूचीबद्ध कीजिए।
निष्कर्ष:
सिविल सेवाओं के लिए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: केस स्टडी- अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।
7. आप माओवाद से प्रभावित एक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के रूप में तैनात हैं। आपको साक्षरता मिशन पर काम करने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा रिपोर्टों को पढ़ने एवं क्षेत्र का दौरा करने के बाद, आप पाते हैं कि विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है एवं छात्रों तथा शिक्षकों में प्रेरणा का अभाव है। हालाँकि कुछ बुनियादी ढांचे पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन इन विद्यालयों में छात्रों को आकर्षित करने में प्रमुख बाधा शिक्षा के प्रति निवासियों का दृष्टिकोण एवं बच्चों को विद्यालयों में भेजने में शामिल सुरक्षा जोखिम हैं। स्थिति को देखते हुए, निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (250 शब्द)
(a) इस प्रकार के दृष्टिकोण के पीछे के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
(b) एक जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में, विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि करने एवं शिक्षा के प्रति निवासियों के प्रचलित दृष्टिकोण को परिवर्तित करने के लिए आप क्या कदम उठाएंगे?
सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न में दिए गए मामले की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:
- परिचय में मामले का संक्षिप्त विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए, जिसमें हितधारकों के साथ-साथ शिक्षा से सम्बंधित मुद्दों पर भी प्रकाश डालिए।
- इस प्रकार के दृष्टिकोंण के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
- जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा कीजिए।
- लघ्वावधिक एवं दीर्घावधिक दोनों प्रकार के मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी उपाय सुझाएं।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि ये उपाय जब सुशासन एवं धन के कुशल उपयोग के साथ संपन्न होते हैं, तो शिक्षा के प्रति बेहतर दृष्टिकोंण एवं व्यवहारिक परिवर्तन सुनिश्चित करेंगे।








