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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 19 मार्च 2021

 

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सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र / सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 1. मंडल निर्णय क्या है? हाल के वर्षों में मंडल केस पर उच्च न्यायपालिका द्वारा दिए गए विभिन्न विचार क्या हैं? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मंडल निर्णय क्या है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

मंडल निर्णय के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

कोटा प्रणाली (quota system) से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए। इस मुद्दे से सम्बंधित अब तक के निर्णयों पर प्रकाश डालिए।

कोटा के लिए सीलिंग पर विगत वर्षों में दिए गए निर्णयों के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए। संदर्भित लेख की सहायता से उपर्युक्त को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

इस प्रकार के निर्णयों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 2. आधार परियोजना की अक्षमताओं को कल्याणकारी वितरण की राह में नहीं आना चाहिए। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

कल्याणकारी वितरण प्रणाली में शामिल बाध्यताओं से संबंधित मामले पर चर्चा कीजिए एवं सम्बंधित चिंताओं पर प्रकाश डालिए।

कल्याणकारी वितरण प्रणाली से सम्बंधित आधार परियोजना की अक्षमताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान के उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

   


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: सरकारी बजट।

 3. राज्य द्वारा कम व्यय एवं राजकोषीय समेकन पर ध्यान केंद्रण, एक सार्वजनिक-व्यय आधारित वसूली की आशाओं को झुठलाता है। जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

निर्देशक शब्द:

जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

राज्य-स्तरीय बजट के व्यापक रुझान एवं उनके निहितार्थ- 11 राज्यों पर आधारित, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 60% से अधिक भाग का निर्माण करते हैं। कुल व्यय में कमी: संशोधित अनुमान (आरई) 2020-21 में उनके बजट अनुमान (बीई) से लगभग 6% की कमी के साथ कुल व्यय में कमी को दर्शाता है। कारण – राज्यों द्वारा राजस्व प्राप्ति में टकराव एवं केंद्र द्वारा प्रदत्त राजस्व में कमी, उच्च आय वाले राज्यों (जैसे गुजरात, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक) की व्यय को कम करने की अनिच्छा। राजस्व घाटे में वृद्धि। उधार में वृद्धि: केंद्र ने राज्यों के लिए उनके बाजार उधार पर जीएसडीपी के 3 से 5% तक की सीमा वृद्धि कर दी है, आदि।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि एक वृहत अर्थव्यवस्था में व्यापक-आधार वसूली के लिए आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक सरकारी व्यय की आवश्यकता है।

  

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 4. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) का निजीकरण करने सम्बन्धी केंद्र सरकार की मांग, बैंकिंग क्षेत्र में ग़ैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) के खतरनाक वृद्धि के मुद्दे को संबोधित करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं हो सकता है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

  • सार्वजनिक बैंकों द्वारा निभाई जाने वाली सकारात्मक भूमिका स्पष्ट कीजिए।
  • बैंकों के निजीकरण से उत्पन्न खतरा।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अनुचित आलोचना।
  • इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 5. मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण की प्रभावकारिता से सम्बंधित चिंताओं पर चर्चा करते हुए मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के महत्व को स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण की अवधारणा पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि मुद्रास्फीति नियंत्रण, आर्थिक नीति का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है, जो मुद्रास्फीति एवं वृहद-आर्थिक स्थिरता के मध्य के संबंध को दर्शाता है। मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण कई मुद्रास्फीति नियंत्रण नीतियों में से एक है।

मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: भावनात्मक समझ।

6. क्या भावनात्मक समझ, सांस्कृतिक बाध्यताओं से प्रभावित होती है? आप पश्चिमी समाज एवं भारतीय समाज में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की प्रयोज्यता में कैसे विभेद करेंगे? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि।

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भावनात्मक बुद्धिमत्ता को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सांस्कृतिक मूल्यों से भावनात्मक बुद्धिमत्ता कैसे प्रभावित होती है? चर्चा कीजिए।

भारतीय एवं पश्चिमी समाज में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की प्रयोज्यता में विभेद कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सुशासन।

 7. “सुशासन के सभी पक्षों को समाज के भीतर उपस्थित एक मजबूत एवं स्वतंत्र मीडिया द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है।” इस संबंध में, सुशासन को प्रोत्साहित करने में मीडिया द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। वर्तमान में मीडिया के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर चर्चा कीजिए एवं आगे की राह का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि।

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मीडिया एवं सुशासन के मध्य सम्बन्ध स्थापित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

  • सुशासन को प्रोत्साहित करने में मीडिया द्वारा निभाई जाने वाली प्रमुख भूमिकाओं पर चर्चा कीजिए।
  • वर्तमान में मीडिया के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।
  • इन चुनौतियों के समाधान के लिए कुछ आवश्यक कदमों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान के लिए उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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