HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित में से किस शब्द को संविधान में परिभाषित नहीं किया गया है?
Correct
उत्तर: a)
अनुच्छेद 366 में संविधान के विभिन्न प्रावधानों में प्रयुक्त विभिन्न शब्दों की परिभाषाएँ हैं। ये निम्न रूप में उल्लिखित हैं:
कृषि-आय से भारतीय आय-कर से संबंधित अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए यथा परिभाषित कृषि-आय अभिप्रेत है
प्रतिभूतियों के अंतर्गत स्टाक है
संघ राज्यक्षेत्र से पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई संघ राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत ऐसा अन्य राज्यक्षेत्र है जो भारत के राज्यक्षेत्र में समाविष्ट है किंतु उस अनुसूची में विनिर्दिष्ट नहीं है।
संविधान में “विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया” परिभाषित नहीं है।
Incorrect
उत्तर: a)
अनुच्छेद 366 में संविधान के विभिन्न प्रावधानों में प्रयुक्त विभिन्न शब्दों की परिभाषाएँ हैं। ये निम्न रूप में उल्लिखित हैं:
कृषि-आय से भारतीय आय-कर से संबंधित अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए यथा परिभाषित कृषि-आय अभिप्रेत है
प्रतिभूतियों के अंतर्गत स्टाक है
संघ राज्यक्षेत्र से पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई संघ राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत ऐसा अन्य राज्यक्षेत्र है जो भारत के राज्यक्षेत्र में समाविष्ट है किंतु उस अनुसूची में विनिर्दिष्ट नहीं है।
संविधान में “विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया” परिभाषित नहीं है।
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Question 2 of 5
2. Question
भारतीय राज्य के पंथनिरपेक्ष चरित्र के लिए संविधान में कौन से प्रावधान किये गए हैं?
- उद्देशिका भारत के सभी नागरिकों को विश्वास, उपासना और पूजा की स्वतंत्रता प्रदान करती है।
- किसी व्यक्ति को किसी धर्म विशेष के प्रचार के लिए कोई कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
- राज्य सभी नागरिकों को एक समान नागरिक संहिता प्रदान करने का प्रयास करेगा।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
भारत का संविधान एक पंथनिरपेक्ष राज्यकी स्थापना करता। इसलिए, यह भारतीय राज्य के आधिकारिक धर्म के रूप में किसी विशेष धर्म को मान्यता प्रदान नहीं करता है। संविधान के निम्नलिखित प्रावधानों से भारतीय राज्य के पंथनिरपेक्ष चरित्र का पता चलता है:
(a) पंथनिरपेक्ष ’शब्द को 1976 के 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान की उद्देशिका में जोड़ा गया था।
(b) पंथनिरपेक्ष भारत के सभी नागरिकों को विश्वास, उपासन और पूजा की स्वतंत्रता प्रदान करती है।
(c) राज्य विधि के समक्ष किसी व्यक्ति की समानता या कानूनों के समान संरक्षण को बढ़ावा देगा (अनुच्छेद 14)।
(d) राज्य, किसी नागरिक के विरुद्ध के केवल धर्म के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा। (अनुच्छेद 15)।
(e) राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन या नियुक्ति से संबंधित विषयों में सभी नागरिकों के लिए अवसर की समता होगी। (अनुच्छेद 16)।
(f) सभी व्यक्तियो को समान रूप से अंतःकरण की और धर्म की अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता
(g) प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके उसके किसी अनुभाग को धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 26)।
(h) किसी व्यक्ति को किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कोई कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा (अनुच्छेद 27)।
(i) राज्य द्वारा अनुरक्षित किसी भी शैक्षणिक संस्थान में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी (अनुच्छेद 28)।
(j) भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा। (अनुच्छेद 29)।
(k) शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक-वर्गों का अधिकार (अनुच्छेद 30)।
(l) नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता (अनुच्छेद 44)।
Incorrect
उत्तर: d)
भारत का संविधान एक पंथनिरपेक्ष राज्यकी स्थापना करता। इसलिए, यह भारतीय राज्य के आधिकारिक धर्म के रूप में किसी विशेष धर्म को मान्यता प्रदान नहीं करता है। संविधान के निम्नलिखित प्रावधानों से भारतीय राज्य के पंथनिरपेक्ष चरित्र का पता चलता है:
(a) पंथनिरपेक्ष ’शब्द को 1976 के 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान की उद्देशिका में जोड़ा गया था।
(b) पंथनिरपेक्ष भारत के सभी नागरिकों को विश्वास, उपासन और पूजा की स्वतंत्रता प्रदान करती है।
(c) राज्य विधि के समक्ष किसी व्यक्ति की समानता या कानूनों के समान संरक्षण को बढ़ावा देगा (अनुच्छेद 14)।
(d) राज्य, किसी नागरिक के विरुद्ध के केवल धर्म के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा। (अनुच्छेद 15)।
(e) राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन या नियुक्ति से संबंधित विषयों में सभी नागरिकों के लिए अवसर की समता होगी। (अनुच्छेद 16)।
(f) सभी व्यक्तियो को समान रूप से अंतःकरण की और धर्म की अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता
(g) प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके उसके किसी अनुभाग को धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 26)।
(h) किसी व्यक्ति को किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कोई कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा (अनुच्छेद 27)।
(i) राज्य द्वारा अनुरक्षित किसी भी शैक्षणिक संस्थान में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी (अनुच्छेद 28)।
(j) भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा। (अनुच्छेद 29)।
(k) शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक-वर्गों का अधिकार (अनुच्छेद 30)।
(l) नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता (अनुच्छेद 44)।
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Question 3 of 5
3. Question
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘पूर्ण उत्तरदायित्व का सिद्धांत (principle of absolute liability)’ हिस्सा है
Correct
उत्तर: c)
सर्वोच्च न्यायालय ने 1986 में दिल्ली के ओलियम गैस रिसाव मामले पर निर्णय देते हुए, भारत जैसी औद्योगिक अर्थव्यवस्था में नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर उत्तरदायित्व को अपर्याप्त पाया और इसे पूर्ण उत्तरदायित्व के सिद्धांत के रूप में परिवर्तित कर दिया।
पूर्ण उत्तरदायित्व सिद्धांत के तहत, शीर्ष अदालत ने माना कि खतरनाक उद्योग में एक कंपनी किसी भी छूट का दावा नहीं कर सकती है।
उसे अनिवार्य रूप से मुआवजे का भुगतान करना होगा, चाहे आपदा उसकी लापरवाही के कारण हुई हो या नहीं। अदालत ने कहा कि खतरनाक उद्यम का “समाज के प्रति पूर्ण रूप से गैर प्रतिनिधि (non- delegable duty) का कर्तव्य” होगा।
पूर्ण उत्तरदायित्व का सिद्धांत अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का हिस्सा है।
Incorrect
उत्तर: c)
सर्वोच्च न्यायालय ने 1986 में दिल्ली के ओलियम गैस रिसाव मामले पर निर्णय देते हुए, भारत जैसी औद्योगिक अर्थव्यवस्था में नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर उत्तरदायित्व को अपर्याप्त पाया और इसे पूर्ण उत्तरदायित्व के सिद्धांत के रूप में परिवर्तित कर दिया।
पूर्ण उत्तरदायित्व सिद्धांत के तहत, शीर्ष अदालत ने माना कि खतरनाक उद्योग में एक कंपनी किसी भी छूट का दावा नहीं कर सकती है।
उसे अनिवार्य रूप से मुआवजे का भुगतान करना होगा, चाहे आपदा उसकी लापरवाही के कारण हुई हो या नहीं। अदालत ने कहा कि खतरनाक उद्यम का “समाज के प्रति पूर्ण रूप से गैर प्रतिनिधि (non- delegable duty) का कर्तव्य” होगा।
पूर्ण उत्तरदायित्व का सिद्धांत अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का हिस्सा है।
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Question 4 of 5
4. Question
निदेशक तत्व निम्नलिखित किसके तहत वर्णित “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है
Correct
उत्तर: a)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने कहा था कि निदेशक तत्व “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है, जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा गवर्नर-जनरल और भारत के उपनिवेशों के गवर्नरों को 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत जारी किया गया था।’
निदेशक तत्वों को ही “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” कहा जाता है।
अंतर केवल इतना है कि वे विधायिका और कार्यपालिका को निर्देशित करते हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने कहा था कि निदेशक तत्व “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है, जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा गवर्नर-जनरल और भारत के उपनिवेशों के गवर्नरों को 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत जारी किया गया था।’
निदेशक तत्वों को ही “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” कहा जाता है।
अंतर केवल इतना है कि वे विधायिका और कार्यपालिका को निर्देशित करते हैं।
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Question 5 of 5
5. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- मूल संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के लिए प्रावधान नहीं किया गया था।
- नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य अंतर्संबंधित और अविभाज्य हैं
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
मूल संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के लिए प्रावधान नहीं किया गया था। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 1976 के 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक आपात (1975-77) के दौरान इन्हें जोड़ा गया था।
नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य अंतर्संबंधित और अविभाज्य हैं।
Incorrect
उत्तर: d)
मूल संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के लिए प्रावधान नहीं किया गया था। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 1976 के 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक आपात (1975-77) के दौरान इन्हें जोड़ा गया था।
नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य अंतर्संबंधित और अविभाज्य हैं।








