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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 15 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

 1. LGTBQ समुदाय को एक भेदभाव-विरोधी कानून की आवश्यकता है, जो उन्हें लैंगिक पहचान अथवा यौन अभिविन्यास के बावजूद उत्पादक जीवन एवं रिश्तों के निर्माण के लिए सशक्त बनाए तथा राज्य एवं समाज को बदलने का कर्तव्य स्थापित करे न कि व्यक्ति को। मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आप यूरोपीय संघ क्षेत्र में घटित हाल की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारंभ कर सकते हैं।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर प्रकाश डालिए:

  • LGBTIQ समुदाय के वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा कीजिए।
  • भारत में LGBTIQ समुदाय की स्थिति पर प्रकाश डालिए।
  • उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
  • संबंधित कानूनी घटनाक्रम की सहायता से अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
  • इसके समाधान के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: ई- शासन।

 2. ई-शासन, भारत में वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक परिवर्तन का अग्रदूत हो सकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय शासन: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ई-शासन एवं समावेशी विकास को परिभाषित कीजिए एवं दोनों के मध्य सम्बन्ध स्थापित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

ई-शासन, भारत में वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक परिवर्तन का अग्रदूत कैसे हो सकता है? समझाइए।

उदाहरणों का उपयोग करते हुए इसके विविध आयामों पर चर्चा कीजिए।

इसके गुणों को सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालिए एवं आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: नागरिक अधिकार पत्र।

 3. “नागरिक अधिकार पत्र” पहल उन समस्याओं के समाधान की खोज की एक प्रतिक्रिया है, जिनका सामना सार्वजनिक सेवा प्रदान करने वाले संगठनों के संपर्क में आने पर नागरिकों द्वारा किया जाता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Times of India

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नागरिक अधिकार पत्र को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इसके विकास के ऐतिहासिक घटनाक्रमों पर प्रकाश डालिए।

इसके द्वारा शामिल किये जाने वाले प्रमुख विषयों एवं संबंधित सेवा क्षेत्र पर प्रकाश डालिए।

भारत में इससे सम्बंधित प्रमुख कानूनों एवं नियमों का वर्णन कीजिए।

इसके सिद्धांतों, गुणों एवं अवगुणों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 4 दक्षिण पूर्व एशिया में चीन एवं अमेरिका की बदलती धारणा, भारत की एक्ट ईस्ट नीति के पुन: अंशांकन की आवश्यकता को दर्शाती है। क्या आप सहमत हैं? जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Times of India

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आप दक्षिण पूर्व एशियाई राज्यों के 2021 सर्वेक्षण रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर प्रकाश डालिए:

  • चीन की घटती धारणा के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।
  • दक्षिण पूर्व एशिया में अमेरिका की उपस्थिति एवं उसकी भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  • समझाइए कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत की “एक्ट ईस्ट एशिया नीति” के पुनः अंशांकन की आवश्यकता क्यों है।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार की धारणा के तहत, भारतीय विदेश नीति निर्माताओं को यह निर्धारित करना चाहिए कि वे आने वाले दिनों में दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुंचने के लिए अपने दृष्टिकोण में क्या परिवर्तन करेंगे।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. जलवायु न्याय सुनिश्चित करने के लिए भारत को अपने विकासात्मक लक्ष्यों के लिए कार्बन उत्सर्जन एवं नीति निर्माण की गारंटी देने के लिए अपनी हरित प्रतिबद्धताओं का लाभ उठाना होगा। उपयुक्त उदाहरणों की सहायता से स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जलवायु न्याय के लिए किये गए वैश्विक प्रयासों की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है? वर्णन कीजिए।

भारतीय आयाम प्रस्तुत कीजिए- इसके प्रयासों, चुनौतियों एवं कमियों पर प्रकाश डालिए।

इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि भारत के लिए जलवायु न्याय बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी विकासात्मक एवं वैश्विक आकांक्षाओं के लिए कार्बन और नीति निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए इसकी हरित एवं प्रकृति समर्थक प्रतिबद्धता को प्रभावित करने की आवश्यकता है।

  

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के रूप में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की राष्ट्रीय सुरक्षा जांच के लिए एक समर्पित कानून की आवश्यकता राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को व्यापक रूप से संबोधित करने में विफल रहती है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ में कुछ प्रासंगिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

समझाइए कि भारत, विदेशी निवेश को कैसे नियंत्रित करता है?

FEMA के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए, FEMA की कमियों, विशेषकर इस तथ्य से कि राष्ट्रीय सुरक्षा FEMA से असंबंधित है, पर प्रकाश डालिए।

विदेशी अधिग्रहणों उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के वैध खतरों को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवं पूंजी नियंत्रण अलग एवं स्वतंत्र नीति उद्देश्य हैं। एफडीआई की राष्ट्रीय सुरक्षा जांच के लिए अलग कानून विवेकपूर्ण होगा।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. कॉलेज एवं उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा हमारे समाज को मूल्य प्रदान करने में निभाई जा सकने वाली भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मूल्यों की परिभाषा एवं किसी भी समाज में उनके सामान्य महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य में अच्छाई, सत्यवादिता एवं दिव्यता को विकसित करना है ताकि विश्व में एक नैतिक जीवन स्थापित किया जा सके।

समाज पर इस प्रकार के मूल्य वृद्धि के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

अपने उत्तर को बेहतर बनाने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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