HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
जनहित याचिका (PIL) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- जनहित याचिका में, व्यक्तिगत अधिकारों के हनन के संबंध में अधिनिर्णयन के निर्धारण का कोई प्रावधान नहीं है।
- यह समानता, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता आदि मौलिक अधिकारों के विस्तार में मदद करती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
पीआईएल को किसी व्यक्ति के खिलाफ दूसरे के अधिकार को लागू करने के उद्देश्य से न्यायालय समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता है जैसा कि साधारण मुकदमेबाजी के मामले में किया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य सार्वजनिक हित को बढ़ावा देना और उसे लागू करना होता है। पीआईएल में, पारंपरिक विवाद समाधान तंत्र के विपरीत, व्यक्तिगत अधिकारों के हनन के संबंध में अधिनिर्णयन के निर्धारण का कोई प्रावधान नहीं है।
यह समानता, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता आदि मौलिक अधिकारों के विस्तार में मदद करती है।
Incorrect
उत्तर: c)
पीआईएल को किसी व्यक्ति के खिलाफ दूसरे के अधिकार को लागू करने के उद्देश्य से न्यायालय समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता है जैसा कि साधारण मुकदमेबाजी के मामले में किया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य सार्वजनिक हित को बढ़ावा देना और उसे लागू करना होता है। पीआईएल में, पारंपरिक विवाद समाधान तंत्र के विपरीत, व्यक्तिगत अधिकारों के हनन के संबंध में अधिनिर्णयन के निर्धारण का कोई प्रावधान नहीं है।
यह समानता, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता आदि मौलिक अधिकारों के विस्तार में मदद करती है।
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Question 2 of 5
2. Question
भारत में दबाव समूह किस प्रकार शासन को प्रभावित करते हैं?
- अपने प्रत्याशियों को राजनीतिक चुनाव में भागीदारी प्रदान कर
- लोबिंग द्वारा नीतियों को प्रभावित करके
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उतर: b)
दबाव समूहों को हित समूह भी कहा जाता है। वे राजनीतिक दलों से अलग होते हैं क्योंकि न तो वे नाव लड़ते हैं और न ही राजनीतिक सत्ता प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।
वे विशिष्ट कार्यक्रमों और मुद्दों से संबंधित होते हैं और उनकी गतिविधियाँ सरकार को प्रभावित करके अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण और संवर्धन तक सीमित हैं।
दबाव समूह सरकार की नीति-निर्माण और नीति-कार्यान्वयन को लॉबीइंग, पत्राचार, प्रचार, याचिका, सार्वजनिक बहस, विधायकों के साथ संपर्क स्थापित कर आदि तरीकों के माध्यम से प्रभावित करते हैं।
हालांकि, कभी-कभी वे हिंसा जैसे अनुचित और अवैध तरीकों का सहारा लेते हैं, उदाहरण के लिए: LWE समूह।
Incorrect
उतर: b)
दबाव समूहों को हित समूह भी कहा जाता है। वे राजनीतिक दलों से अलग होते हैं क्योंकि न तो वे नाव लड़ते हैं और न ही राजनीतिक सत्ता प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।
वे विशिष्ट कार्यक्रमों और मुद्दों से संबंधित होते हैं और उनकी गतिविधियाँ सरकार को प्रभावित करके अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण और संवर्धन तक सीमित हैं।
दबाव समूह सरकार की नीति-निर्माण और नीति-कार्यान्वयन को लॉबीइंग, पत्राचार, प्रचार, याचिका, सार्वजनिक बहस, विधायकों के साथ संपर्क स्थापित कर आदि तरीकों के माध्यम से प्रभावित करते हैं।
हालांकि, कभी-कभी वे हिंसा जैसे अनुचित और अवैध तरीकों का सहारा लेते हैं, उदाहरण के लिए: LWE समूह।
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Question 3 of 5
3. Question
कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- यह सीधे संसदीय कार्य मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- कैबिनेट सचिव सिविल सेवा बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है।
- यह मंत्रालयों / विभागों में कार्यों के सुचारू संचालन के लिए जिम्मेदार है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
कैबिनेट सचिवालय सीधे प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है।
सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख कैबिनेट सचिव होता है जो सिविल सेवा बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है।
भारत सरकार (व्यवसाय आवंटन) नियम 1961 के तहत कैबिनेट सचिवालय को आवंटित कार्यों में (i) मंत्रिमंडल और मंत्रिमंडल समितियों को सचिवीय सहायता; और (ii) कार्य संचलन के नियम शामिल हैं।
मंत्रिमंडल सचिवालय भारत सरकार (कार्य संचालन) नियम, 1961 और भारत सरकार (व्यवसाय आवंटन) नियम 1961 के प्रशासन के लिए ज़िम्मेदार है, जो मंत्रालयों / विभागों में कार्यों के सुचारू संचालन की सुविधा प्रदान करता है।
सचिवालय अंतर-मंत्रालयी समन्वय सुनिश्चित करके सरकार की निर्णय लेने में सहायता करता है, मंत्रालयों / विभागों के बीच मतभेदों को दूर करता है और सचिवों की स्थायी / तदर्थ समितियों के माध्यम से सर्वसम्मति विकसित करता है। देश में प्रमुख संकट की स्थितियों का प्रबंधन और ऐसी स्थिति में विभिन्न मंत्रालयों की गतिविधियों का समन्वय करना भी कैबिनेट सचिवालय के कार्यों में से एक है।
Incorrect
उत्तर: a)
कैबिनेट सचिवालय सीधे प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है।
सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख कैबिनेट सचिव होता है जो सिविल सेवा बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है।
भारत सरकार (व्यवसाय आवंटन) नियम 1961 के तहत कैबिनेट सचिवालय को आवंटित कार्यों में (i) मंत्रिमंडल और मंत्रिमंडल समितियों को सचिवीय सहायता; और (ii) कार्य संचलन के नियम शामिल हैं।
मंत्रिमंडल सचिवालय भारत सरकार (कार्य संचालन) नियम, 1961 और भारत सरकार (व्यवसाय आवंटन) नियम 1961 के प्रशासन के लिए ज़िम्मेदार है, जो मंत्रालयों / विभागों में कार्यों के सुचारू संचालन की सुविधा प्रदान करता है।
सचिवालय अंतर-मंत्रालयी समन्वय सुनिश्चित करके सरकार की निर्णय लेने में सहायता करता है, मंत्रालयों / विभागों के बीच मतभेदों को दूर करता है और सचिवों की स्थायी / तदर्थ समितियों के माध्यम से सर्वसम्मति विकसित करता है। देश में प्रमुख संकट की स्थितियों का प्रबंधन और ऐसी स्थिति में विभिन्न मंत्रालयों की गतिविधियों का समन्वय करना भी कैबिनेट सचिवालय के कार्यों में से एक है।
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Question 4 of 5
4. Question
कभी-कभी समाचारों में चर्चित संविधान के अनुच्छेद 310 और अनुच्छेद 311 संबंधित हैं
Correct
उत्तर: d)
अनुच्छेद 310: इस संविधान द्वारा अभिव्यक्त रूप से यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक व्यक्ति जो रक्षा सेवा का या संघ की सिविल सेवा का या अखिल भारतीय सेवा का सदस्य है अथवा रक्षा से संबंधित कोई पद या संघ के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और प्रत्येक व्यक्ति जो किसी राज्य की सिविल सेवा का सदस्य है या राज्य के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, उस राज्य के राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।
अनुच्छेद 311: किसी व्यक्ति को जो संघ की सिविल सेवा का या अखिल भारतीय सेवा का या राज्य की सिविल सेवा का संदस्य है अथवा संघ या राज्य के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, उसकी नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी के अधीनस्थ किसी प्राधिकारी द्वारा पदच्युत नहीं किया जाएगा या पद से नहीं हटाया जाएगा।
Incorrect
उत्तर: d)
अनुच्छेद 310: इस संविधान द्वारा अभिव्यक्त रूप से यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक व्यक्ति जो रक्षा सेवा का या संघ की सिविल सेवा का या अखिल भारतीय सेवा का सदस्य है अथवा रक्षा से संबंधित कोई पद या संघ के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और प्रत्येक व्यक्ति जो किसी राज्य की सिविल सेवा का सदस्य है या राज्य के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, उस राज्य के राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।
अनुच्छेद 311: किसी व्यक्ति को जो संघ की सिविल सेवा का या अखिल भारतीय सेवा का या राज्य की सिविल सेवा का संदस्य है अथवा संघ या राज्य के अधीन कोई सिविल पद धारण करता है, उसकी नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी के अधीनस्थ किसी प्राधिकारी द्वारा पदच्युत नहीं किया जाएगा या पद से नहीं हटाया जाएगा।
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Question 5 of 5
5. Question
मीडिया, चुनाव और राजनीतिक अधिकारों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- मतदान की वास्तविक गणना के दौरान मतदान प्रक्रिया और मतगणना को कवर करने के लिए मतदान केंद्रों में प्रवेश करने के लिए मीडियाकर्मियों को विशेष पास दिए जाते हैं।
- सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य दलों को चुनाव के दौरान एक निश्चित अवधि के लिए अपने प्रचार अभियान के लिए राज्य के स्वामित्व वाले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की मुफ्त पहुंच प्राप्त है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
मतदान समाप्त होने के बाद, निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की देखरेख में वोटों की गिनती की जाती है।
चुनावी प्रक्रिया में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने के लिए, मीडिया को चुनाव को कवर करने के लिए (वोटों की वास्तविक गिनती सहित) सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य दलों को चुनाव के दौरान अपने प्रचार अभियान के लिए व्यापक पैमाने पर राज्य के स्वामित्व वाले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया-आकाशवाणी और दूरदर्शन तक मुफ्त पहुंच प्राप्त होती है।
Incorrect
उत्तर: c)
मतदान समाप्त होने के बाद, निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की देखरेख में वोटों की गिनती की जाती है।
चुनावी प्रक्रिया में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने के लिए, मीडिया को चुनाव को कवर करने के लिए (वोटों की वास्तविक गिनती सहित) सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य दलों को चुनाव के दौरान अपने प्रचार अभियान के लिए व्यापक पैमाने पर राज्य के स्वामित्व वाले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया-आकाशवाणी और दूरदर्शन तक मुफ्त पहुंच प्राप्त होती है।








