[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 12 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं आंग्ल-भारतीय वर्ग के लिए विशेष प्रावधान।

 1. जनजातीय समुदायों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए संविधान की छठी अनुसूची के प्रावधान, निम्न स्तरों को कुछ आवश्यक शक्तियां सौंपते हैं। छठी अनुसूची के अंतर्गत स्थापित संस्थानों द्वारा सामना की जा रही आधुनिक चुनौतियों का परीक्षण करते हुए चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

छठी अनुसूची के प्रावधानों को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

निम्न स्तरों को शक्ति सौंपे जाने सम्बन्धी इसके प्रावधानों एवं इसके लाभों पर चर्चा कीजिए।

इसके अंतर्गत स्थापित संस्थानों द्वारा सामना की जा रही आधुनिक चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

यदि आवश्यक हो तो प्रासंगिक उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: लोक सेवा।

 2. भारत में सिविल सेवकों के न्यून कार्यकाल के कारण उत्पन्न होने वाले मुद्दों पर एक लेख लिखिए। इस समस्या के समाधान के लिए “लोक सेवा बोर्ड” की स्थापना के कदम का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  भारतीय शासन: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में लोक सेवकों एवं उनके कार्यकाल से सम्बंधित प्रमुख मुद्दों की एक संक्षिप्त तस्वीर प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर लेखन का सर्वोत्तम तरीका उदाहरणों के साथ उत्तर लिखना है।

देश में सिविल सेवकों के कार्यकाल की अल्पावधि एवं स्थानांतरण से संबंधित चिंताओं एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

प्रत्येक चिंता पर विस्तार से चर्चा कीजिए एवं इसमें सुधारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

समझाइए कि ऐसा ही एक सुधार, “लोक सेवा बोर्ड” की स्थापना करना है।

इसके पक्ष एवं विपक्ष दोनों को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

                  

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 3. निरंतर रूप से विकसित खाद्य सब्सिडी विधेयक, वर्तमान सार्वजानिक वितरण प्रणाली मॉडल में मूलभूत सुधारों की मांग करता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वर्तमान सार्वजानिक वितरण प्रणाली मॉडल की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्यभाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

वर्तमान सार्वजानिक वितरण प्रणाली मॉडल से सम्बंधित प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डालिए।

इनके समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 4. भारत में छोटे एवं सीमांत कृषकों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान उत्पादक संगठन (FPO) की संभावित भूमिका पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

किसान उत्पादक संगठन (FPO) क्या हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके उद्देश्यों एवं प्रमुख कार्यों पर प्रकाश डालिए। 

समझाइए कि भारत में छोटे एवं सीमांत कृषकों की समस्याओं के समाधान के लिए यह किस प्रकार सहायक है।

किसान उत्पादक संगठन (FPO) से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि केंद्र ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को किसानों की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित किया है। हालाँकि किसान उत्पादक संगठनों से मिलने वाले लाभों के कारण आय में वृद्धि होगी, लेकिन छोटे एवं सीमांत किसानों को उचित आय प्रदान करने में ये अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।

  

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. जलीय पारिस्थितिकी पर महासागरीय तापन के प्रभावों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महासागरीय तापन क्या है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

समझाइए कि पृथ्वी की सतह के लगभग 70 प्रतिशत भाग में विस्तृत विश्व के महासागरों का मौसम एवं जलवायु के साथ दो-तरफ़ा संबंध है। महासागर स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक मौसम को प्रभावित करते हैं, जबकि जलवायु में परिवर्तन से महासागरों के गुणधर्मों में अनेक परिवर्तन हो सकते हैं।

क्योंकि ग्रीनहाउस गैसें सूर्य से अधिक ऊर्जा अवशोषित करती हैं, अतः महासागर भी अधिक तापन को दर्शाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप सतही समुद्री जल के तापमान एवं समुद्र तल की सतह में वृद्धि होती है। जलवायु परिवर्तन के द्वारा समुद्र के तापमान एवं धाराओं में किये गए परिवर्तन से विश्व भर के जलवायु पैटर्न में परिवर्तन हो जाएगा।

अपने उत्तर के समर्थन में उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

 विषय: केस स्टडी।

6. आप एक ऐसे जिले के जिला मजिस्ट्रेट हैं, जहाँ बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर निवास करते हैं। इस समुदाय के खिलाफ विभेद की घटनाएं सर्वज्ञात है, लेकिन इनके द्वारा यात्रियों को उत्पीड़ित किये जाने की शिकायतों में वृद्धि हुई है, विशेषरूप से ट्रैफिक चौराहों पर, जहां अधिकांशतः ट्रांसजेंडर भिक्षावृत्ति में लिप्त हैं। इसके कारण, कई बार, ट्रैफ़िक प्रबंधन की समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। आपको इस संबंध में अनेक शिकायतें प्राप्त हुई हैं एवं इसके समाधान के लिए तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है। हालांकि, ट्रांसजेंडर संगठनो के एक समूह का तर्क है कि भिक्षावृत्ति ही उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है। इस स्थिति को देखते हुए, इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों का वर्णन कीजिए। ट्रांसजेंडरों के प्रति लोगों के रवैये एवं उसके कारणों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दी गयी केस स्टडी में जनसंख्या के कमजोर वर्ग के मुद्दे के साथ-साथ समुदाय के आराम का मुद्दा भी शामिल है। यह मुद्दा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ जीवन यापन में भी ट्रांसजेंडरों द्वारा सामना किये जाने वाले विभेद के प्रतिस्पर्धी हितों को ध्यान में रखने से संबंधित है।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

  • इसमें शामिल नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिए एवं ट्रांसजेंडरों के प्रति लोगों के रवैये के कारणों पर प्रकाश डालिए।
  • गुण एवं अवगुण दोनों के साथ संभावित कार्यवाहियों पर चर्चा कीजिए। आप दीर्घकालिक समाधान का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकाल सकते हैं।

निष्कर्ष:

हालांकि आम जनता को राहत देना महत्वपूर्ण है लेकिन ट्रांसजेंडर समुदाय के परिप्रेक्ष्य को सशक्त बनाया जाना चाहिए अन्यथा यह समाधान दीर्घकालिक रूप से समावेशी नहीं होगा। कुछ मामलों में उनके साथ विशेष व्यवहार करने सम्बन्धी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को लागू करने से समाज में उन्हें एकीकृत करने में एक लंबा रास्ता तय होगा।

  

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. विधि एवं नियमों के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए। इनके निर्माण में नैतिकता की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  विगत वर्ष के यूपीएससी मुख्य परीक्षा प्रश्न- 2020

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विधि एवं नियमों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

नैतिकता मानवीय कार्यों को सही या गलत मानने के मापदंड की जाँच करती है। हालांकि, नैतिक दार्शनिकों ने मानव नैतिक आचरण का मार्गदर्शन करने वाली विधि, नियमों, विनियमों एवं विवेक को महत्वपूर्ण स्रोतों के रूप में पहचाना है।

विधि एवं नियम दोनों के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।

इनके निर्माण में नैतिकता की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आधुनिक समाजों में, विधि एवं नियमों की प्रणाली नैतिकता के साथ निकटता से संबंधित है, जिसमें वे निश्चित अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करते हैं और उन्हें लागू करते हैं।हालांकि, विधि एवं नियम तटस्थ हो सकते हैं या उन्हें नैतिकता का समर्थन करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos