[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 11 मार्च 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।

 1. भारतीय राजव्यवस्था के लिए “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा के गुणों एवं अवगुणों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।

विषय वस्तु:

मौजूदा चुनाव प्रणाली से सम्बंधित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

एक साथ चुनाव कराने के लाभों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 2. क्वाड (QUAD) में भारत की सदस्यता के संभावित लाभों एवं चिंताओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्वाड (QUAD) की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

भारत के लिए इसके संभावित लाभों पर प्रकाश डालिए।

इसकी चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए।

इन चुनौतियों के कारण भारत के समक्ष उपस्थित दुविधाओं को दूर करने के उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

भारत के लिए इसके महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

                  

विषय: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।

 3. भारत की चुनावी राजनीति में सुधारों की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय लोकतंत्र में चुनाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सरकार निर्माण में लोगों के योगदान के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।

इससे सम्बंधित प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कीजिए। 

इसके समाधान के लिए आवश्यक सुधारों का भी वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 4. वर्तमान कोविड महामारी के समय में स्वास्थ्य देखभाल श्रमिकों (HCW) के टीकाकरण एवं प्रतिरक्षीकरण से संबंधित अनुभव के बारे में भारत की प्राथमिकता की रणनीति पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express  

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में कोविड टीकाकरण की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

इसके प्रमुख फोकस क्षेत्रों की व्याख्या कीजिए, जो भारत को वांछित व्यापक कवरेज और टीकाकरण समता प्राप्त करने में सहायक हैं।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5.  हमारे किसानों द्वारा सामना की जा रही प्रमुख बाधाओं को स्पष्ट कीजिए एवं किसानों को बेहतर उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा एवं आय प्राप्त करने में सहायक एक कृषि नियामक प्रणाली की आवश्यकता पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

सर्वप्रथम किसानों द्वारा सामना की जा रही प्रमुख बाधाओं पर चर्चा कीजिए।

एक कृषि नियामक प्रणाली की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

आगे क्या किया जाना चाहिए? चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सरकारों को ऐसे कानूनों और विनियमों को लागू करना चाहिए, जो किसानों को कृषि आदानों, उत्पादन की लागत, कृषि बाजारों में किसानों की भागीदारी और मूल्य श्रृंखलाओं, किसानों की प्रतिस्पर्धात्मकता और कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को प्रभावित करते हैं।

 

विषय: आपदा तथा आपदा प्रबंधन।

6. अग्नि आपदा की घटनाओं को भाग्य नहीं कहा जा सकता है क्योंकि यह विभिन्न नियामक एवं संगठनात्मक स्तरों पर तैयारियों के अभाव को दर्शाती है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में अग्नि आपदा की घटनाओं से संबंधित कुछ आश्चर्यजनक तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर निकाय में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • समझाइए कि कैसे अग्नि आपदा की घटनाएं हमारे देश में महज दुर्घटनाएं नहीं हैं।
  • भारत में अग्नि दुर्घटनाओं के कारणों पर चर्चा कीजिए।
  • ऐसी घटनाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 7. भारत को यह आश्वस्त करने की आवश्यकता है कि कुछ संरक्षणवादी चरण स्थायी नहीं होते हैं एवं उन्हें टैरिफ एवं भारत-अमेरिकी संबंधों को टैरिफ एवं गैर-टैरिफ जैसी बाधाओं पर असहमति से पृथक रखना चाहिए। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Business Standard 

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उत्तर के समर्थन में रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत की व्यापार संरक्षणवाद नीति के सन्दर्भ में निम्नलिखित प्रमुख चिंताओं पर प्रकाश डालिए:

  1. गैर-टैरिफ बाधा: ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड द्वारा उठाया गया “कृषि नीति (विशेष रूप से खाद्यान्न नीति) में स्पष्टता के अभाव” का मुद्दा।
  2. ब्राजील द्वारा एक प्रमुख चिंता के रूप में उठाया गया “चीनी खरीद में सुधार की अनुपस्थिति” का मुद्दा।
  3. टैरिफ बाधा: सबसे पसंदीदा राष्ट्र (MFN) के लिए लागू सामान्य औसत टैरिफ दर में वृद्धि, जो 2015 में 13.5% से बढ़कर 2019 में 17.6% हो गयी है।
  4. स्मार्टफोन एवं इस्पात में घरेलू उत्पादकों के लिए सहायता पर शुल्क की दर में वृद्धि।
  5. द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते के बावजूद दक्षिण कोरिया द्वारा एंटी-डंपिंग एवं सुरक्षा उपायों का लागू किया जाना।
  6. यूरोपीय संघ के द्वारा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में व्यापार के खुलेपन एवं एकीकरण का अभाव।
  7. बार-बार टैरिफ परिवर्तन से भारत में ताइवान द्वारा नियोजित निवेश बाधित हुआ है।

उपरोक्त चिंताओं को दूर करने के लिए भारत द्वारा किस मार्ग का अनुसरण किया जाना चाहिए, सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इस प्रकार, निष्कर्ष निकालिए कि भारत को यह आश्वस्त करने की आवश्यकता है कि कुछ संरक्षणवादी चरण स्थायी नहीं होते हैं एवं उन्हें टैरिफ एवं गैर-टैरिफ बाधाओं पर असहमति से भारत-अमेरिकी संबंधों को पृथक रखना चाहिए।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos