HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य और अध्यक्ष होता है।
- उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के समान औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया के माध्यम से ही हटाया जा सकता है।
- डॉ. एस. राधाकृष्णन लगातार दो कार्यकाल के लिए उपराष्ट्रपति चुने गए।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
उपराष्ट्रपति सदस्य नहीं होता है, हालांकि वह राज्यसभा का अध्यक्ष होता है। उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए भारतीय संविधान में कोई निश्चित प्रक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
Incorrect
उत्तर: a)
उपराष्ट्रपति सदस्य नहीं होता है, हालांकि वह राज्यसभा का अध्यक्ष होता है। उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए भारतीय संविधान में कोई निश्चित प्रक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
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Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- संविधान में प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति की कोई निश्चित प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है।
- कभी-कभी, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति में व्यक्तिगत विवेक का उपयोग कर सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
हल: c)
संविधान में प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है। अनुच्छेद 75 केवल यह कहता है कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाएगा। हालांकि, इसका यह अर्थ यह नहीं है कि राष्ट्रपति किसी को भी प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र है। सरकार की संसदीय प्रणाली की परंपराओं के अनुसार, राष्ट्रपति को लोकसभा में बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करना होता है। लेकिन, जब किसी भी दल के पास लोकसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं होता है, तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति में अपने व्यक्तिगत विवेक का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसी स्थिति में, राष्ट्रपति आम तौर पर प्रधानमंत्री के रूप में लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी या गठबंधन के नेता की नियुक्ति करता है और उसे एक महीने के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहता है।
एक और स्थिति यह भी है जब राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति में अपने व्यक्तिगत निर्णय का प्रयोग करना पड़ सकता है, अर्थात जब प्रधानमंत्री की अचानक मृत्यु हो जाती है और कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं होता है।
Incorrect
हल: c)
संविधान में प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है। अनुच्छेद 75 केवल यह कहता है कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाएगा। हालांकि, इसका यह अर्थ यह नहीं है कि राष्ट्रपति किसी को भी प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र है। सरकार की संसदीय प्रणाली की परंपराओं के अनुसार, राष्ट्रपति को लोकसभा में बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करना होता है। लेकिन, जब किसी भी दल के पास लोकसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं होता है, तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति में अपने व्यक्तिगत विवेक का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसी स्थिति में, राष्ट्रपति आम तौर पर प्रधानमंत्री के रूप में लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी या गठबंधन के नेता की नियुक्ति करता है और उसे एक महीने के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहता है।
एक और स्थिति यह भी है जब राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री के चयन और नियुक्ति में अपने व्यक्तिगत निर्णय का प्रयोग करना पड़ सकता है, अर्थात जब प्रधानमंत्री की अचानक मृत्यु हो जाती है और कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं होता है।
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Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भारत के संविधान के अनुसार, राज्यपाल समय-समय पर सदन या राज्य के विधानमंडल के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर बैठक आहूत करेगा, जैसा वह उचित समझता है।
- राज्यपाल को हमेशा कैबिनेट की सहायता और सलाह पर कार्य करना होता है और वह सदन को आहूत करने के बारे में निर्णय नहीं ले सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
संविधान का अनुच्छेद 174 के अनुसार “राज्यपाल समय-समय पर सदन या राज्य के विधानमंडल के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर बैठक आहूत करेगा, जैसा कि वह उचित समझता है …”। यह प्रावधान राज्यपाल को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी देता है कि सदन को हर छह महीने में कम से कम एक बार आहूत किया जाए।
यद्यपि यह सदन को आहूत करने के लिए राज्यपाल का विशेषाधिकार है, अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को मंत्रिमंडल की “सहायता और सलाह” पर कार्य करना आवश्यक है। इसलिए जब राज्यपाल अनुच्छेद 174 के तहत सदन को आहूत करता हैं, तो यह उसका विवेकाधिकार नहीं होता है, बल्कि मंत्रिमंडल की सहायता और सलाह पर किया जाता है।
ऐसे कुछ उदाहरण मौजूद हैं जहां राज्यपाल मुख्यमंत्री द्वारा अस्वीकार किये जाने के बावजूद सदन को आहूत कर सकता है। जब मुख्यमंत्री बहुमत खो देता है और सदन के विधायी सदस्य मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हैं, तो राज्यपाल सदन को आहूत करने के बारे में निर्णय कर सकता है।
लेकिन राज्यपाल के विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग कर किये गए कार्यों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
Incorrect
उत्तर: a)
संविधान का अनुच्छेद 174 के अनुसार “राज्यपाल समय-समय पर सदन या राज्य के विधानमंडल के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर बैठक आहूत करेगा, जैसा कि वह उचित समझता है …”। यह प्रावधान राज्यपाल को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी देता है कि सदन को हर छह महीने में कम से कम एक बार आहूत किया जाए।
यद्यपि यह सदन को आहूत करने के लिए राज्यपाल का विशेषाधिकार है, अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को मंत्रिमंडल की “सहायता और सलाह” पर कार्य करना आवश्यक है। इसलिए जब राज्यपाल अनुच्छेद 174 के तहत सदन को आहूत करता हैं, तो यह उसका विवेकाधिकार नहीं होता है, बल्कि मंत्रिमंडल की सहायता और सलाह पर किया जाता है।
ऐसे कुछ उदाहरण मौजूद हैं जहां राज्यपाल मुख्यमंत्री द्वारा अस्वीकार किये जाने के बावजूद सदन को आहूत कर सकता है। जब मुख्यमंत्री बहुमत खो देता है और सदन के विधायी सदस्य मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हैं, तो राज्यपाल सदन को आहूत करने के बारे में निर्णय कर सकता है।
लेकिन राज्यपाल के विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग कर किये गए कार्यों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से संसद के प्रति उत्तरदायी होती है।
- राज्यसभा के सभापति अध्यक्ष की अनुपस्थिति में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है।
- मुख्यमंत्री का इस्तीफा देने या मृत्यु होने पर मंत्रिपरिषद भंग हो जाती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होता है। राज्य सभा के सभापति किसी भी परिस्थिति में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है।
Incorrect
उत्तर: d)
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होता है। राज्य सभा के सभापति किसी भी परिस्थिति में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है।
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Question 5 of 5
5. Question
लोकसभा अध्यक्ष निम्न में से किस समिति का अध्यक्ष होता है?
- व्यापार सलाहकार समिति
- नियम समिति
- गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों पर समिति
- सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति संबंधी समिति
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
लोकसभा का अध्यक्ष व्यावसायिक सलाहकार समिति, नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति का अध्यक्ष होता है।
Incorrect
उत्तर: b)
लोकसभा का अध्यक्ष व्यावसायिक सलाहकार समिति, नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति का अध्यक्ष होता है।








