[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 26 फरवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. भारत में शहरीकरण की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। इसके अतिरिक्त, भारत में शहरी संकुलन की दक्षता में सुधार करने के लिए उपाय सुझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: “No more urban legend” – The economic times

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में शहरीकरण से सम्बंधित कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर प्रकाश डालिए:

शहरीकरण के लाभों के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

भारत में शहरीकरण के समक्ष उपस्थित चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।

नियोजित शहरीकरण के लिए प्रारम्भ की गयी कुछ पहलों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारतीय राजव्यवस्था: राष्ट्रपति।

 2. अपने स्वविवेकाधिकार के माध्यम से राष्ट्रपति द्वारा कार्यपालिका पर नियंत्रण स्थापित करने सम्बन्धी शक्तियों पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आप राष्ट्रपति का वर्णन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कुछ शब्दों जैसे- नाममात्र का अध्यक्ष, औपचारिक पद आदि का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कर सकते हैं।

 विषय वस्तु:

राष्ट्रपति की शक्तियों का परीक्षण कीजिए।

उसकी विवेकाधीन शक्तियों पर चर्चा कीजिए एवं समझाइए कि विवेकाधीन शक्तियों के माध्यम से राष्ट्रपति एक औपचारिक प्रमुख होने की तुलना में अधिक बेहतर स्थिति रखता है।

बहस के दोनों पक्षों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि हालाँकि बी.आर. अंबेडकर के विचारों में राष्ट्रपति का पद एक औपचारिक पद है लेकिन वह अपनी विवेकाधीन शक्तियों के माध्यम से सरकार पर कम से कम नैतिक नियंत्रण स्थापित कर सकता है।

  

विषय: भारतीय राजव्यवस्था: राज्यपाल।

3. भारत में, हालांकि राष्ट्रपति की भांति राज्य का राज्यपाल भी संवैधानिक प्रमुख होता है, लेकिन उसके पास राष्ट्रपति से अधिक अधिकार हो सकते हैं, क्या आप सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

राष्ट्रपति एवं राज्यपाल दोनों की संवैधानिक स्थिति को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

राष्ट्रपति की तुलना में राज्य के राज्यपाल के पास अधिक अधिकार कैसे हैं? उपयुक्त उदाहरणों के साथ स्पष्ट कीजिए।

हाल के उदाहरणों की सहायता से अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

 निष्कर्ष:

राज्यपाल के पद का महत्व एवं भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में इसकी प्रासंगिकता को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

 4. विधानमण्डल की उपस्थिति वाले संघ शासित प्रदेश, जिनमें अंतिम नियंत्रण केंद्रीय प्रशासक में निहित होता है, भारत में संघ शासित प्रदेशों की संरचनात्मक भंगुरता को दर्शाते हैं। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि अनुच्छेद 239 के तहत मूल संविधान में यह व्यवस्था की गयी थी कि संघ शासित प्रदेशों के प्रशासन को राष्ट्रपति द्वारा प्रशासकों के माध्यम से नियंत्रित किया जायेगा। हालांकि यह एक आम धारणा थी कि यह ढांचा लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहता है।

1962 में अनुच्छेद 239 A जोड़ा गया, जिसका उद्देश्य संसद को यह अधिकार प्रदान करना था कि वह संघ शासित प्रदेशों के लिए विधानमंडलों का निर्माण कर सकती है। इस दिशा में, इन क्षेत्रों के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कुछ संघ शासित प्रदेशों में एक विधानमंडल एवं मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया।

भारतीय संघ में केंद्रशासित प्रदेशों की संरचनात्मक भंगुरता के आलोक में संवैधानिक प्रावधानों एवं उनके कार्यान्वयन का विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अनुभवों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि विधानमण्डल की उपस्थिति वाले संघ शासित प्रदेश, जिनमें अंतिम नियंत्रण केंद्रीय प्रशासक में निहित होता है, व्यावहारिक नहीं हैं। संघ शासित प्रदेशों में एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त सरकार की दृष्टि को साकार बनाने के लिए मौजूदा कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधानों की समीक्षा की जानी  चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।

 5. विश्व में मानवाधिकार का एजेंडा आतंकवाद से एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। इस संदर्भ में आतंकवाद से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा कीजिए एवं इस खतरे से निपटने के लिए विश्व के देशों द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

“आतंकवाद मानव जाति के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। यह मानवता के विरूद्ध एक अपराध है एवं यह सबसे मौलिक मानवाधिकार अर्थात ‘जीवन जीने के अधिकार’ का उल्लंघन करता है।”

 विषय वस्तु:  

समझाइए कि विश्व में मानवाधिकार का एजेंडा आतंकवाद से एक बड़ी चुनौती का सामना कैसे कर रहा है।

आतंकवाद के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कीजिए, बेहतर स्पष्टीकरण के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

इसके समाधान के लिए उपाय सुझाइए।

भारतीय सन्दर्भ के साथ-साथ वैश्विक स्थिति पर भी प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

इसके दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक दोनों प्रकार के समाधानों का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: धन-शोधन।

6. धन शोधन क्या है? यह कैसे कार्य करता है? इसके प्रभाव पर चर्चा कीजिए एवं इससे निपटने के लिए भारत में उपस्थित कानूनी ढांचे की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Hindustan Times

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

धन शोधन को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। इसके उद्भव पर भी प्रकाश डालिए। 

 विषय वस्तु:

धन शोधन कैसे कार्य करता है? समझाइए।

धन शोधन के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

धन शोधन से निपटने के लिए भारत में उपस्थित क़ानूनी ढांचे पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा समर्थित धन शोधन के बढ़ते खतरों को बड़े डेटा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे समान रूप से उन्नत प्रति-धन शोधन तंत्र के माध्यम से संबोधित करने की आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय एवं घरेलू दोनों हितधारकों को धन शोधन की समस्या को प्रभावी ढंग से समाप्त करने के लिए परस्पर डेटा साझाकरण तंत्र को मजबूत करके एक साथ आने की आवश्यकता है।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: केस स्टडी।

7. आप वर्तमान में एक प्रशिक्षु रिपोर्टर हैं, जो पत्रकारों के एक छोटे समूह के साथ सत्तारूढ़ राजनीतिक दल की राज्य इकाई द्वारा आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम की रिपोर्टिंग करने गया है। कार्यक्रम के पश्चात रात्रि भोजन की व्यवस्था थी, जिसमें आपको भी शामिल होने के लिए कहा गया था। यहाँ आपने देखा कि सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों को शराब परोसी जा रही थी। राज्य में कुछ माह पूर्व ही शराब के सेवन को अवैध घोषित किया गया था एवं राज्य भर में इसे सख्ती से लागू किया गया था। आपके समूह के अन्य पत्रकारों ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया और आपसे भी इसे अनदेखा करने को कहा। हालाँकि, यह आपके लिए स्पष्ट था कि कानून का पालन नहीं किया जा रहा था। (250 शब्द)

 (a) इस परिस्थिति में शामिल प्रमुख नैतिक मुद्दों की पहचान कीजिए।

 (b) ऐसी परिस्थिति में आपके क्या कर्तव्य हैं?

 (c) आप क्या कार्रवाई करेंगे तथा क्यों?

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

केस स्टडी के प्रमुख तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए:

  1. राजनीतिक उदासीनता, असंवेदनशीलता एवं मूल्यों की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  1. एक नैतिक पत्रकार एवं एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों पर प्रकाश डालिए।
  1. आपके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos