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INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन – 1
विषय: मूल ढांचा, संविधान में संशोधन।
1. भारतीय संविधान के किसी भी भाग को संशोधित करने की सीमाओं की जांच कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारतीय संविधान में संशोधन करने की क्षमता से आपका क्या अभिप्राय है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
समझाइए कि संसद द्वारा संविधान में कितनी भी बार संशोधन किया जा सकता है लेकिन केवल प्रदान किए गए तरीके के माध्यम से ही। भारत के संविधान में ऐसी कोई सीमा प्रदान नहीं की गई है जो इसे एक वर्ष में केवल कुछ सीमित संशोधन करने की अनुमति देता है।
संशोधन की प्रक्रिया एवं इसकी सीमाओं पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
हमारे संवैधानिक निर्माताओं द्वारा निर्धारित इन सीमाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: मौलिक कर्त्तव्य।
2. कर्तव्यों के बिना अधिकार अराजकता को जन्म देते हैं। वर्तमान समय में मौलिक कर्तव्यों की प्रासंगिकता के संदर्भ में कथन की जांच कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
समझाइए कि मौलिक कर्तव्य, लोगों को उनके अधिकारों के समान ही कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं एवं एक लोकतान्त्रिक संतुलन की स्थापना करते हैं।
वे अधिकारों को कैसे संतुलित करते हैं एवं इस प्रकार देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में वे कैसे सहायता करते हैं? चर्चा कीजिए।
कथन की पुष्टि के लिए हाल के कुछ उपयुक्त उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि हालाँकि उचित विधायी साधनों के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करने की राज्यों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन पारदर्शिता के अग्रदूतों की रक्षा करना हम सब की जिम्मेदारी है।
विषय: सा.अ. 2– शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।
सा.अ. 3– भ्रष्टाचार से संबंधित चुनौतियां।
3. “भ्रष्टाचार सार्वजनिक क्षेत्र की विश्वसनीयता को कम करता है, सरकार पर विश्वास एवं उच्च आर्थिक विकास तथा साझा समृद्धि प्राप्त करने के लिए किसी देश को चलाने की उनकी क्षमता को मिटाता है। इस संदर्भ में चर्चा कीजिए कि भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध में कैसे प्रगति कर सकता है। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने का सबसे अच्छा तरीका भ्रष्टाचार से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य / आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ करना है।
विषय वस्तु:
सर्वप्रथम भारत में भ्रष्टाचार रुपी बुराई एवं उसकी ऐतिहासिक उपस्थिति पर चर्चा कीजिए।
समझाइए कि भ्रष्टाचार से निपटना एवं सिस्टम का दुरुपयोग करना लोगों के विश्वास को बहाल करने एवं मौजूदा आर्थिक संकट से उबरने के लिए महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध लड़ने के मौजूदा उपायों की व्याख्या कीजिए।
सुझाव दीजिए कि पंचायत से लेकर राजनीतिक दल के अध्यक्ष स्तर तक सभी राजनीतिक एवं नौकरशाही पदाधिकारियों की संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा से भ्रष्टाचार को रोकने में सहायता मिलेगी क्योंकि यह मौलिक रूप से सूचना के स्तर को कम करके नागरिकों एवं सत्ता के प्रत्येक स्तर पर उपस्थित लोगों के मध्य पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।
इसके समाधान के अन्य उपायों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 3
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
4. मानव एवं भौतिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देने से भारत को डिजिटल सूचना-प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए वैश्विक बाजार में चमकने का अवसर मिलेगा। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Financial Express
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
देश की वृद्धि एवं विकास के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे के महत्व पर कुछ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
समझाइए कि डिजिटल प्रौद्योगिकी में अवसंरचनात्मक निवेश से मोबाइल ब्रॉडबैंड, फाइबर-ऑप्टिक केबल कनेक्शन एवं विद्युत-आपूर्ति के विस्तार तक पहुंच बढ़ गई है। कम लागत वाले स्मार्टफोन के विस्तार के माध्यम से लाखों भारतीयों को संयुक्त रूप से पहली बार इंटरनेट से जुड़ने में सक्षम बनाया गया है।
वैश्विक बाजार में भारत के लिए इसके द्वारा प्रदान किये जाने वाले संभावित लाभों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार का परिवर्तन कुछ चुनौतियां भी लाएगा एवं इस दिशा में नीतिगत उपाय भी सुझाइए।
विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
5. पेट्रोलियम एवं तेल की कीमतों में हालिया वृद्धि की पृष्ठभूमि में भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता को कम करने के लिए सरकार द्वारा की गयी पहलों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu , Indian Express
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता के तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
कुछ तथ्यों के साथ भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
इस दिशा में सरकार द्वारा की गयी पहलों पर प्रकाश डालिए।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन योजना, FAME योजना, वैकल्पिक ईंधन आदि पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 4
विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
6. “लोक सेवकों के बार-बार स्थानांतरण से उनका मनोबल प्रभावित होता है एवं प्रशासन भी कमजोर होता है”, क्या आप सहमत हैं? उपयुक्त स्पष्टीकरण के साथ अपनी राय प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
उत्तर की संरचना:
परिचय:
सिविल सेवकों के बार-बार होने वाले स्थानांतरण का मुद्दा सम्पूर्ण भारत का एक महत्वपूर्ण मुद्दा क्यों है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
इस प्रकार के स्थानांतरण का लोक सेवकों के मनोबल पर क्या प्रभाव पड़ता है? चर्चा कीजिए।
इसके उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
इस समस्या के समाधान के लिए उपाय सुझाइए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
7. महान नेताओं का जीवन हमें अनेक प्रकार से प्रेरित करता है। किस नेता का एवं किस प्रकार से आप पर स्थायी प्रभाव पड़ा है? उस नेता से आपके द्वारा ग्रहण किये गए एक उत्कृष्ट मूल्य एवं बतौर सिविल सेवक उसके महत्त्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
एक न्याय परायण एवं सुसंतुलित जीवन अर्थात् शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं बौद्धिक जीवन जीने के लिए मानवीय मूल्य सर्वोपरि क्यों हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में –
किस नेता का आप पर स्थायी प्रभाव पड़ा एवं क्यों? समझाइए।
उस नेता के उन उत्कृष्ट मूल्यों का उल्लेख कीजिए, जिन्हें आपके द्वारा अपनाया गया है।
सिविल सेवाओं में उन मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
आपके द्वारा अपनाये गये मूल्यों का महत्व स्पष्ट करते हुए निष्कर्ष निकालिए।








