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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 23 फरवरी 2021

 

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सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: मौलिक अधिकार।

1. भारत में अनुच्छेद-19 के अपने लाभ एवं हानियां हैं। इस संदर्भ में भारत को सोशल मीडिया पर नियमन की कितनी आवश्यकता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में सोशल मीडिया के उपयोग से संबंधित कुछ प्रमुख तथ्य/ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

“भारत में अनुच्छेद-19 के अपने लाभ एवं हानियां हैं।” इस कथन का विस्तार से वर्णन कीजिए।

भारतीय संविधान में वर्णित अनुच्छेद 19 के गुण एवं अवगुणों को विस्तार से सूचीबद्ध कीजिए।

भारत में सोशल मीडिया पर नियमन की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। इससे सम्बद्ध मुद्दों को प्रस्तुत कीजिए एवं इसका समाधान सुझाइए।

अनुच्छेद 19 सोशल मीडिया को विनियमित करने में लाभ एवं हानि दोनों के रूप में कैसे कार्य कर सकता है? समझाइए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मौलिक अधिकार।

 2. लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के अधिकार के महत्व पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विरोध प्रदर्शन से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर प्रकाश डालिए:

  1. लोकतंत्र में मतभेद के महत्व पर चर्चा कीजिए।
  1. समझाइए कि कैसे विरोध करने के अधिकार का उपयोग करके नागरिक प्रहरी बन जाते हैं एवं सरकार के कृत्यों की लगातार निगरानी करते हैं।
  1. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं विरोध प्रदर्शन के अधिकार के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए। इसके संवैधानिक प्रावधानों का उदाहरण दीजिए।
  1. विरोध प्रदर्शन के अधिकार के विरुद्ध एक संतुलित राय प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

3. देश में दलबदल विरोधी कानून के प्रभावी कार्यान्वयन में उपस्थित मूलभूत चुनौतियों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Hindustan Times

 निर्देशक शब्द:

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दलबदल विरोधी कानून की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में सर्वप्रथम इसके महत्व को समझाइए एवं समझाइए कि प्रायः इसका दुरुपयोग क्यों किया जाता है।

दलबदल विरोधी कानून की कार्यप्रणाली एवं इससे सम्बंधित मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

वर्तमान दलबदल विरोधी कानून की कमियों का वर्णन कीजिए।

अंतर-पक्षीय वाद-विवाद एवं मतभेद का महत्व तथा स्वस्थ लोकतंत्र पर दलबदल विरोधी कानून के प्रभावों पर प्रकाश डालिए। जहाँ भी आवश्यक हो, अपने पक्ष की पुष्टि के लिए न्यायालयों के निर्णयों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए एक निश्चित एवं उचित समय सीमा निर्धारित करने की आवश्यकता है।

  

विषय: शिक्षा से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 4 भारत में ऑनलाइन अधिगम से सम्बंधित अनुभवों के अंतराल की जाँच कीजिए। इसे संबोधित करने के लिए उपाय सुझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में ऑनलाइन शिक्षा के वर्तमान संदर्भ को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस तथ्य की व्याख्या कीजिए कि वर्तमान में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभाव से विश्व जूझ रहा है। भारत की गणना उन राष्ट्रों में की जा सकती है, जो गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए महामारी के पश्चात् डिजिटल शिक्षा को सिंक्रनाइज़ करने के लिए तेजी से संक्रमण प्रारम्भ करना आवश्यक क्यों है? विश्लेषण कीजिए।

इससे सम्बंधित चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

आगे की राह पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

5. हाल ही में प्रस्तावित राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन के संदर्भ में ऊर्जा वाहक के रूप में हाइड्रोजन की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Economic Times , Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि आशा की जाती है कि हाइड्रोजन भविष्य में ऊर्जा वाहक के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है।

 विषय वस्तु:  

हाइड्रोजन ईंधन क्या है? समझाइए?

देश में ऊर्जा परिदृश्य की व्याख्या कीजिए। हाइड्रोजन ईंधन के पक्ष एवं विपक्ष दोनों पर चर्चा कीजिए।

राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन की शुरुआत, इसकी महत्वाकांक्षा, मिशन एवं महत्व पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

एक संभावित ईंधन के रूप में हाइड्रोजन को पहचानने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: केस स्टडी।

6. आप एक राज्य में कार्यरत सिविल सेवक हैं, जहाँ हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने अपने चुनाव अभियानों के साथ-साथ अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी शराब पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया था, जिसका राज्य की महिलाओं द्वारा व्यापक रूप से प्रशंसा एवं समर्थन किया गया था। अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। प्रतिबंध के बाद, प्रतिबंध की व्यवहार्यता एवं क्या सरकार को व्यक्तिगत पसंद के मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए, के बारे में प्रश्न उठाये जा रहे हैं। (250 शब्द)

 (a) इस मामले में कौन-कौन हितधारक हैं एवं इस प्रतिबंध से वे कैसे प्रभावित होंगे?

 (b) क्या शराब पर पूर्ण प्रतिबंध एक व्यावहारिक कार्रवाई है?

 (c) प्रतिबंध लागू करने के कारण उत्पन्न मुद्दों की पहचान कीजिए एवं एक सिविल सेवक के रूप में आप उन्हें संभालने के लिए क्या कदम उठाएंगे? बताइये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

केस स्टडी में निहित प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर चर्चा कीजिए:

  1. मामले में निहित हितधारकों की पहचान कीजिए एवं उन पर शराब बंदी के प्रभावों की व्याख्या कीजिए।
  1. क्या पूर्ण प्रतिबंध लगाना सरकार द्वारा की गई एक व्यावहारिक कार्रवाई है अथवा एक जबरदस्ती की गयी कार्रवाई है? टिप्पणी कीजिए।
  1. इस कार्यवाही के क्रियान्वयन के कारण उत्पन्न मुद्दों पर चर्चा कीजिए एवं उनके समाधान के लिए उपाय भी सुझाइए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान के साथ निष्कर्ष निकालिए।

         

विषय: उद्धरण आधारित प्रश्न।

7. “जो लोग कहते हैं कि धर्म का राजनीति से कोई सम्बन्ध नहीं है, वे नहीं जानते कि धर्म क्या है”। स्पष्ट कीजिए। भारतीय संदर्भ में राजनीतिक दृष्टिकोण के निर्माण में धर्म की भूमिका का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण के मूल विचार पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं पर चर्चा कीजिए:

यह महात्मा गांधी द्वारा दिया गया एक उद्धरण है, जो लोगों के राजनीतिक एवं नैतिक दृष्टिकोण को आकार देने में धर्म के महत्व को रेखांकित करता है। उत्तर के मुख्य भाग को निम्नलिखित तरीके से तैयार किया जा सकता है?

उद्धरण का विवरण प्रस्तुत कीजिए एवं इसकी मान्यताओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

भारत में राजनीतिक दृष्टिकोण को आकार देने में धर्म कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? चर्चा कीजिए।

भारत जैसे विकासशील समाज में, जहां आधुनिक प्रथाओं के साथ परंपरा सह-अस्तित्व में उपस्थित है, इस बात का निष्कर्ष है कि धर्म अभी भी समाज में शक्ति के वितरण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसलिए, यह विचार कि राजनीति, धार्मिक विचारों से पृथक है, भारतीय समाज के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में धर्म द्वारा निभाई जा सकने वाली भूमिका के बारे में अज्ञानता मात्र है।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि धर्म अभी भी भारत में लोगों के एक बड़े भाग के राजनीतिक दृष्टिकोण को मौलिक रूप से आकार देता है।


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