HINDI - INSIGHTS CURRENT EVENTS QUIZ 2020
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Welcome to Current Affairs Quiz in HINDI Medium. Hope you are happy with our Hindi Current Affairs. The following Quiz is based on the Hindu, PIB and other news sources. It is a current events based quiz. Solving these questions will help retain both concepts and facts relevant to UPSC IAS civil services exam – 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
1 pointsअलकनंदा नदी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।
- सतोपंथ हिमनद से अलकनंदा उद्गमित होती है।
- अलकनंदा, देवप्रयाग में धौली गंगा से मिलती है।
- नंदाकनी, पिंडर, मंदाकिनी और भागीरथी अलकनंदा नदी की सहायक नदियाँ हैं।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
सतोपंथ हिमनद से अलकनंदा उद्गमित होती है और धौली गंगा से विष्णुप्रयाग में मिलती है। अलकनंदा नंदाप्रयाग में नंदकिनी, कर्णप्रयाग में पिंडर, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और देवप्रयाग में भागीरथी से मिलती है। इसके बाद, इसे गंगा के रूप में जाना जाता है, जो ऋषिकेश और हरिद्वार की ओर प्रवाहित होती है।
Incorrect
उत्तर: c)
सतोपंथ हिमनद से अलकनंदा उद्गमित होती है और धौली गंगा से विष्णुप्रयाग में मिलती है। अलकनंदा नंदाप्रयाग में नंदकिनी, कर्णप्रयाग में पिंडर, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और देवप्रयाग में भागीरथी से मिलती है। इसके बाद, इसे गंगा के रूप में जाना जाता है, जो ऋषिकेश और हरिद्वार की ओर प्रवाहित होती है।
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Question 2 of 5
2. Question
1 pointsकिशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) एक्ट, 2015 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।
- अधिनियम ने वयस्कों के रूप में 16-18 वर्ष की आयु के सभी किशोरों के ट्रायल की अनुमति दी है।
- इस अधिनियम ने अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों के लिए गोद लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया।
- केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) को वैधानिक निकाय का दर्जा दिया गया ताकि वह अपने कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से कर सके।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) एक्ट को 2015 में संसद में पारित किया गया था जिसने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम) 2000 को प्रतिस्थापित किया था।
यह बिल जघन्य अपराधों में संलिप्त 16-18 वर्ष की आयु के बीच के किशोरों (जुवेनाइल) के ऊपर बालिगों के समान मुकदमा चलाने की अनुमति देता है। साथ ही कोई भी 16-18 वर्षीय जुवेनाइल जिसने कम जघन्य अर्थात् गंभीर अपराध किया हो उसके ऊपर बालिग के समान केवल तभी मुकदमा चलाया जा सकता है जब उसे 21 वर्ष की आयु के बाद पकड़ा गया हो। इस अधिनियम में बच्चे के विरुद्ध अत्याचार, बच्चे को नशीला पदार्थ देने और बच्चे का अपहरण या उसे बेचने के संदर्भ में दंड निर्धारित किया गया है। 2012 के दिल्ली गैंगरेप के बाद इस प्रावधान को गति मिली, जिसमें एक आरोपी की आयु 18 वर्ष से कम थी और इसलिए उस पर किशोर के रूप में मुकदमा चलाया गया था।
एक्ट के अंतर्गत भारत या विदेश में रहने वाले भावी दत्तक (एडॉप्टिव) माता-पिता एक बार बच्चे को स्वीकार कर लेते हैं तो एडॉप्शन एजेंसी सिविल अदालत में एडॉप्शन के आदेश हासिल करने के लिए आवेदन देती है। अदालत अपने आदेश में कहती है कि बच्चा एडॉप्टिव माता-पिता का है।
अगर विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति को अपने किसी संबंधी के बच्चे को गोद लेना है, तो उसे अदालत से आदेश हासिल करना होता है और सेंट्रल एडॉप्शन रेगुलेशन अथॉरिटी (कारा) में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना होता है।अधिनियम ने अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चों के लिए गोद लेने की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया और मौजूदा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) को एक वैधानिक निकाय का दर्जा दिया गया ताकि वह अपने कार्य को और प्रभावी ढंग से कर सके।
Incorrect
उत्तर: b)
किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) एक्ट को 2015 में संसद में पारित किया गया था जिसने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम) 2000 को प्रतिस्थापित किया था।
यह बिल जघन्य अपराधों में संलिप्त 16-18 वर्ष की आयु के बीच के किशोरों (जुवेनाइल) के ऊपर बालिगों के समान मुकदमा चलाने की अनुमति देता है। साथ ही कोई भी 16-18 वर्षीय जुवेनाइल जिसने कम जघन्य अर्थात् गंभीर अपराध किया हो उसके ऊपर बालिग के समान केवल तभी मुकदमा चलाया जा सकता है जब उसे 21 वर्ष की आयु के बाद पकड़ा गया हो। इस अधिनियम में बच्चे के विरुद्ध अत्याचार, बच्चे को नशीला पदार्थ देने और बच्चे का अपहरण या उसे बेचने के संदर्भ में दंड निर्धारित किया गया है। 2012 के दिल्ली गैंगरेप के बाद इस प्रावधान को गति मिली, जिसमें एक आरोपी की आयु 18 वर्ष से कम थी और इसलिए उस पर किशोर के रूप में मुकदमा चलाया गया था।
एक्ट के अंतर्गत भारत या विदेश में रहने वाले भावी दत्तक (एडॉप्टिव) माता-पिता एक बार बच्चे को स्वीकार कर लेते हैं तो एडॉप्शन एजेंसी सिविल अदालत में एडॉप्शन के आदेश हासिल करने के लिए आवेदन देती है। अदालत अपने आदेश में कहती है कि बच्चा एडॉप्टिव माता-पिता का है।
अगर विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति को अपने किसी संबंधी के बच्चे को गोद लेना है, तो उसे अदालत से आदेश हासिल करना होता है और सेंट्रल एडॉप्शन रेगुलेशन अथॉरिटी (कारा) में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना होता है।अधिनियम ने अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चों के लिए गोद लेने की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया और मौजूदा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) को एक वैधानिक निकाय का दर्जा दिया गया ताकि वह अपने कार्य को और प्रभावी ढंग से कर सके।
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Question 3 of 5
3. Question
1 pointsनिम्नलिखित युग्मों पर विचार करें:
- ग्रे हाइड्रोजन: कार्बन कैप्चर और भंडारण विकल्पों के साथ जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न हाइड्रोजन।
- ब्लू हाइड्रोजन: हाइड्रोजन जो जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न नहीं होता है
- ग्रीन हाइड्रोजन: हाइड्रोजन पूरी तरह से अक्षय ऊर्जा स्रोतों से उत्पन्न होता है
उपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुम्मेलित है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
जिन स्रोतों और प्रक्रियाओं से हाइड्रोजन प्राप्त होता है, उन्हें कलर टैब द्वारा वर्गीकृत किया जाता है।
जीवाश्म ईंधन से उत्पादित हाइड्रोजन को ग्रे हाइड्रोजन कहा जाता है; वर्तमान में इसका सर्वाधिक उत्पादन हो रहा है।
कार्बन कैप्चर और भंडारण विकल्पों के साथ जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न हाइड्रोजन को ब्लू हाइड्रोजन कहा जाता है;
अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरी तरह से उत्पन्न हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन कहा जाता है। अंतिम प्रक्रिया में, अक्षय ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का उपयोग पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करने के लिए किया जाता है।
Incorrect
उत्तर: c)
जिन स्रोतों और प्रक्रियाओं से हाइड्रोजन प्राप्त होता है, उन्हें कलर टैब द्वारा वर्गीकृत किया जाता है।
जीवाश्म ईंधन से उत्पादित हाइड्रोजन को ग्रे हाइड्रोजन कहा जाता है; वर्तमान में इसका सर्वाधिक उत्पादन हो रहा है।
कार्बन कैप्चर और भंडारण विकल्पों के साथ जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न हाइड्रोजन को ब्लू हाइड्रोजन कहा जाता है;
अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरी तरह से उत्पन्न हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन कहा जाता है। अंतिम प्रक्रिया में, अक्षय ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का उपयोग पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करने के लिए किया जाता है।
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Question 4 of 5
4. Question
1 pointsनिम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- स्टैगफ्लेशन (Stagflation) एक ऐसी स्थिति है जिसमें मुद्रास्फीति की दर उच्च होती है और साथ ही आर्थिक विकास दर लगातार उच्च बनी रहती है।
- अपस्फीति (Deflation) से तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में कमी से है लेकिन मुद्रास्फीति की दर शून्य से ऊपर बनी रहती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
स्टैगफ्लेशन बढ़ती कीमतों या मुद्रास्फीति के साथ धीमी आर्थिक वृद्धि और अपेक्षाकृत उच्च बेरोजगारी, या आर्थिक ठहराव की स्थिति होती है।
अपस्फीति से तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में कमी से है साथ ही मुद्रास्फीति की दर शून्य से नीचे हो जाती है।
Incorrect
उत्तर: c)
स्टैगफ्लेशन बढ़ती कीमतों या मुद्रास्फीति के साथ धीमी आर्थिक वृद्धि और अपेक्षाकृत उच्च बेरोजगारी, या आर्थिक ठहराव की स्थिति होती है।
अपस्फीति से तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में कमी से है साथ ही मुद्रास्फीति की दर शून्य से नीचे हो जाती है।
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Question 5 of 5
5. Question
1 pointsभारत में निम्नलिखित किस अधिनियम के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यवाही कर सकता है
Correct
उत्तर: d)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक कानून प्रवर्तन एजेंसी और आर्थिक खुफिया एजेंसी है जो भारत में आर्थिक कानूनों को लागू करने और आर्थिक अपराध को नियंत्रित करने हेतु उत्तरदायी है। यह राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
प्रवर्तन निदेशालय का मुख्य उद्देश्य दो प्रमुख अधिनियमों नामतः विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) और धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) का प्रवर्तन करना है।
Incorrect
उत्तर: d)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक कानून प्रवर्तन एजेंसी और आर्थिक खुफिया एजेंसी है जो भारत में आर्थिक कानूनों को लागू करने और आर्थिक अपराध को नियंत्रित करने हेतु उत्तरदायी है। यह राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
प्रवर्तन निदेशालय का मुख्य उद्देश्य दो प्रमुख अधिनियमों नामतः विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) और धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) का प्रवर्तन करना है।








