HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
Quiz-summary
0 of 5 questions completed
Questions:
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
Information
Welcome to Insights IAS Static Quiz in HINDI. We have already outlined details of this New Initiative HERE.
You have already completed the quiz before. Hence you can not start it again.
Quiz is loading...
You must sign in or sign up to start the quiz.
You have to finish following quiz, to start this quiz:
Results
0 of 5 questions answered correctly
Your time:
Time has elapsed
You have reached 0 of 0 points, (0)
Categories
- Not categorized 0%
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- Answered
- Review
-
Question 1 of 5
1. Question
निदेशक तत्व निम्नलिखित किसके तहत वर्णित “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है
Correct
उत्तर: a)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने कहा था कि निदेशक तत्व “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है, जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा गवर्नर-जनरल और भारत के उपनिवेशों के गवर्नरों को 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत जारी किया गया था।’
निदेशक तत्वों को ही “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” कहा जाता है।
अंतर केवल इतना है कि वे विधायिका और कार्यपालिका को निर्देशित करते हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने कहा था कि निदेशक तत्व “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” के समरूप है, जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा गवर्नर-जनरल और भारत के उपनिवेशों के गवर्नरों को 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत जारी किया गया था।’
निदेशक तत्वों को ही “इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शन्स” कहा जाता है।
अंतर केवल इतना है कि वे विधायिका और कार्यपालिका को निर्देशित करते हैं।
-
Question 2 of 5
2. Question
संविधान में श्रम अधिकारों की अभिपुष्टि की गई है। निदेशक तत्वों के माध्यम से निम्नलिखित में से किस तरीके से श्रम कल्याण सुनिश्चित किया गया है?
- इनमें कार्य और मातृत्व राहत के लिए उचित और मानवीय परिस्थितियों के संबंध में प्रावधान किए गए हैं।
- ये सरकार को उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने हेतु अधिकृत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
कथन 1: मातृत्व लाभ अधिनियम या इसके हालिया संशोधन जैसे अधिनियमों को राज्य की नीति के निदेशक तत्वों (अनुच्छेद 42) की भावना के अनुरूप अधिनियमित किया गया है।
कथन 2: ये समाजवादी सिद्धांत हैं जो भारत के आर्थिक इतिहास पर आधारित हैं। भारत में समता, निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों के आधारित एक आर्थिक प्रणाली को स्थापित किया गया है। इसलिए, श्रम कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अधिकार (प्रावधान) महत्वपूर्ण हैं।
Incorrect
उत्तर: c)
कथन 1: मातृत्व लाभ अधिनियम या इसके हालिया संशोधन जैसे अधिनियमों को राज्य की नीति के निदेशक तत्वों (अनुच्छेद 42) की भावना के अनुरूप अधिनियमित किया गया है।
कथन 2: ये समाजवादी सिद्धांत हैं जो भारत के आर्थिक इतिहास पर आधारित हैं। भारत में समता, निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों के आधारित एक आर्थिक प्रणाली को स्थापित किया गया है। इसलिए, श्रम कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अधिकार (प्रावधान) महत्वपूर्ण हैं।
-
Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित में से किस निर्देशक तत्व को मूल रूप से भारत के संविधान में शामिल नहीं किया गया था?
Correct
उत्तर: b)
1976 के 42वें संशोधन अधिनियम ने मूल सूची में चार नए निर्देश तत्व जोड़े गए:
(i) बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए सुरक्षित अवसरों प्रदान करना (अनुच्छेद 39)।
(ii) समान न्याय को बढ़ावा देना और निर्धनों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना (अनुच्छेद 39A)।
(iii) उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाना (अनुच्छेद 43A)।
(iv) पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना तथा वनों और वन्य जीवन की रक्षा करना (अनुच्छेद 48A)
Incorrect
उत्तर: b)
1976 के 42वें संशोधन अधिनियम ने मूल सूची में चार नए निर्देश तत्व जोड़े गए:
(i) बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए सुरक्षित अवसरों प्रदान करना (अनुच्छेद 39)।
(ii) समान न्याय को बढ़ावा देना और निर्धनों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना (अनुच्छेद 39A)।
(iii) उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाना (अनुच्छेद 43A)।
(iv) पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना तथा वनों और वन्य जीवन की रक्षा करना (अनुच्छेद 48A)
-
Question 4 of 5
4. Question
समान नागरिक सहिंता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- समान नागरिक संहिता वह है जो पूरे देश के लिए एक कानून प्रदान करती है, जो सभी धार्मिक समुदायों पर उनके व्यक्तिगत मामलों जैसे शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने पर लागू होती है।
- संविधान का अनुच्छेद 44 यह प्रावधान करता है कि भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्रदान करना राज्य का दायित्व होगा।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
समान नागरिक संहिता वह है जो पूरे देश के लिए एक समान कानून प्रदान करेगी, जो सभी धार्मिक समुदायों पर उनके व्यक्तिगत मामलों जैसे शादी, तलाक, विरासत, गोद लेने आदि पर लागू होगा। संविधान का अनुच्छेद 44 यह प्रावधान करता है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्रदान करने का प्रयास करेगा।
संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिये एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा। अनुच्छेद 37 में परिभाषित है कि राज्य के नीति निदेशक तत्त्व संबंधी प्रावधानों को किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तित नहीं किया जा सकता है लेकिन इसमें निहित सिद्धांत शासन व्यवस्था में मौलिक प्रकृति के होंगे। अनुच्छेद 44 में ‘राज्य प्रयास करेगा’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है, परंतु इस अध्याय के अन्य अनुच्छेदों में ‘विशेष रूप से प्रयास में’, ‘विशेष रूप से अपनी नीति को निर्देशित करेगा’, ‘राज्य की बाध्यता होगी’ आदि शब्दों का उपयोग किया गया है।
Incorrect
उत्तर: a)
समान नागरिक संहिता वह है जो पूरे देश के लिए एक समान कानून प्रदान करेगी, जो सभी धार्मिक समुदायों पर उनके व्यक्तिगत मामलों जैसे शादी, तलाक, विरासत, गोद लेने आदि पर लागू होगा। संविधान का अनुच्छेद 44 यह प्रावधान करता है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्रदान करने का प्रयास करेगा।
संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिये एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा। अनुच्छेद 37 में परिभाषित है कि राज्य के नीति निदेशक तत्त्व संबंधी प्रावधानों को किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तित नहीं किया जा सकता है लेकिन इसमें निहित सिद्धांत शासन व्यवस्था में मौलिक प्रकृति के होंगे। अनुच्छेद 44 में ‘राज्य प्रयास करेगा’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है, परंतु इस अध्याय के अन्य अनुच्छेदों में ‘विशेष रूप से प्रयास में’, ‘विशेष रूप से अपनी नीति को निर्देशित करेगा’, ‘राज्य की बाध्यता होगी’ आदि शब्दों का उपयोग किया गया है।
-
Question 5 of 5
5. Question
निर्देशक तत्वों की प्रकृति गैर-न्यायोचित हैं। इसका अर्थ यह है कि
- यदि सरकार निर्देशक तत्वोंको लागू करने में विफल रहती है या कुछ मामलों में उनका उल्लंघन करती है तो नागरिक अदालत में नहीं जा सकता है।
- सरकार निर्देशक तत्वों को लागू करने के लिए कानून नहीं बना सकती है।
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: a)
यदि सरकार निर्देशक तत्वोंको लागू करने में विफल रहती है या कुछ मामलों में उनका उल्लंघन करती है तो नागरिक अदालत में नहीं जा सकता है। इसलिए, सरकार (केंद्रीय, राज्य और स्थानीय) को उन्हें लागू करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।
निर्देशक तत्वों की प्रकृति गैर-न्यायोचित हैं, लेकिन कानून की संवैधानिक वैधता की जांच करने और निर्धारित करने में अदालतों की मदद करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कई बार फैसला सुनाया है कि किसी कानून की संवैधानिकता का निर्धारण करने में, अगर कोई अदालत यह पाती है कि निर्देशक सिद्धांत को कानून के प्रभावी करने का प्रयास किया जाना चाहिए, तो वह अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) या अनुच्छेद 19 (छह स्वतंत्रता) के संबंध में इस तरह के कानून को ‘उचित’ मान सकती है। इस प्रकार ऐसे कानून को असंवैधानिक होने से बचाया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: a)
यदि सरकार निर्देशक तत्वोंको लागू करने में विफल रहती है या कुछ मामलों में उनका उल्लंघन करती है तो नागरिक अदालत में नहीं जा सकता है। इसलिए, सरकार (केंद्रीय, राज्य और स्थानीय) को उन्हें लागू करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।
निर्देशक तत्वों की प्रकृति गैर-न्यायोचित हैं, लेकिन कानून की संवैधानिक वैधता की जांच करने और निर्धारित करने में अदालतों की मदद करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कई बार फैसला सुनाया है कि किसी कानून की संवैधानिकता का निर्धारण करने में, अगर कोई अदालत यह पाती है कि निर्देशक सिद्धांत को कानून के प्रभावी करने का प्रयास किया जाना चाहिए, तो वह अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) या अनुच्छेद 19 (छह स्वतंत्रता) के संबंध में इस तरह के कानून को ‘उचित’ मान सकती है। इस प्रकार ऐसे कानून को असंवैधानिक होने से बचाया जा सकता है।








