Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 8 फरवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. मुगल शासक तीव्र सौंदर्य जागरूकता के प्रचारक थे तथा कला एवं संस्कृति के संरक्षक के रूप में उन्होंने भारत में सुंदर शहरों एवं इमारतों का निर्माण करवाया। सोलहवीं तथा सत्रहवीं शताब्दी में विभिन्न मुगल शासकों के अधीन वास्तुकला के विकास पर प्रकाश डालिए। 

सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

निर्देशक शब्द:

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मुगल वास्तुकला की भव्यता एवं स्वयं की एक पृथक शैली के उद्भव का संक्षेप में उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

वास्तुकला की विभिन्न शैलियों के विकास पर प्रकाश डालिए; उदाहरण के साथ उनके सौंदर्य जागरूकता का वर्णन कीजिए।

बाबर एवं हुमायूँ – अत्यधिक प्रगति नहीं हुई लेकिन निर्माण के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

अकबर – एक बहुत ही विशिष्ट शैली का विकास हुआ। आगरा के स्मारकों में बंगाल एवं गुजरात की शैलियों का प्रारंभिक उपयोग। फिर फतेहपुर सीकरी एवं दिल्ली के स्मारकों में एक विशिष्ट शैली का उपयोग।

जहाँगीर – इनके काल में वास्तुकला की नई विशेषताओं एवं परिवर्तनों का सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

शाहजहाँ – समझाइए कि कैसे उनके काल में मुगल वास्तुकला अपने चरमोत्कर्ष तक पहुँची। प्रमुख विशेषताओं का सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

औरंगज़ेब – समझाइए कि क्यों उनके शासन काल में कला को अपेक्षाकृत कम संरक्षण दिया गया लेकिन फिर भी कुछ भवनों का निर्माण किया गया।

निष्कर्ष:

भारतीय कला एवं वास्तुकला में मुगल शासकों के योगदान को संक्षेप में बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

 2. 14वीं -17वीं शताब्दी के दौरान उत्तर भारत में बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने वाले भक्ति आंदोलन का विकास अनेक राजनीतिक, सामाजिक-आर्थिक एवं धार्मिक कारकों के कारण हुआ। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भक्ति आंदोलन एवं इसकी विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भक्ति आंदोलन के उद्भव के लिए उत्तरदायी राजनीतिक, सामाजिक-आर्थिक एवं धार्मिक कारकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

राजनीतिक कारक – तुर्की विजय, गैर-अनुरूपवादी आंदोलन का विकास, राजपूत-ब्राह्मण गठबंधन की शक्ति में कमी आदि।

सामाजिक-आर्थिक कारक – जाति व्यवस्था का विरोध, लैंगिक भेदभाव, सामंती उत्पीड़न का विरोध, शहरी शिल्पकारों के वर्गों में वृद्धि, शहरों का विकास, शहरी शिल्प उत्पादन एवं बाजारों का विस्तार आदि।

धार्मिक कारक – ब्राह्मणवादी आधिपत्य। अनुष्ठानों पर जोर, अंधविश्वास का प्रचलन और रूढ़िवादी प्रथाओं के खिलाफ आदि।

निष्कर्ष:

भक्ति आंदोलन के महत्व पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

3. जैसे-जैसे वैश्वीकरण, डिजिटलीकरण एवं कनेक्टिविटी की गति तेज होती जा रही है, सुरक्षा चिंताओं के साथ नागरिक स्वतंत्रता को संतुलित करना एक कठिन कार्य बन जाएगा। सरकारों को ऐसे आधुनिक एवं स्वतंत्र संस्थानों का निर्माण करना होगा, जिनके पास इन चुनौतियों का सामना करने वाली अवसंरचना के निर्माण का अधिकार एवं विशेषज्ञता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इंटरनेट शटडाउन करने के सरकार के बढ़ते रुझानों  के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इंटरनेट शटडाउन के उदाहरणों से सम्बंधित तथ्यों का उल्लेख कीजिए एवं अन्य देशों के साथ भारत की तुलना कीजिए।

इंटरनेट का निलंबन एक महत्वपूर्ण आवश्यकता क्यों बनता जा रहा है? कारण बताइये।

बार-बार होने वाले इंटरनेट निलंबन के प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

नए संस्थानों का निर्माण करने एवं उपर्युक्त खतरों के समाधान के लिए मौजूदा प्रणाली को बंद करने के स्थान पर और अधिक सशक्त बनाने सम्बन्धी सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

यह समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए कि इंटरनेट शटडाउन केवल अपवादस्वरुप ही किया जाना चाहिए।

  

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 4. कोविड-19, ब्रेक्सिट एवं अंतर्राष्ट्रीय तनावों ने यूरोपीय संघ को अस्थिर तथा इसके आंतरिक कलह को तीव्र कर दिया है। परीक्षण कीजिए। यूरोपीय संघ-भारत संबंधों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय संघ द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

यूरोपीय संघ पर कोविड -19, ब्रेक्सिट एवं उसके आंतरिक विघटन के प्रभावों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

यूरोपीय संघ-भारत के मध्य संबंधों एवं व्यापार समझौते पर अब तक की बातचीत में आने वाली बाधाओं तथा असहमति के बिंदुओं का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि इन मुद्दों से व्यापार समझौतों पर क्या प्रभाव पड़ता है एवं इन मुद्दों के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

यूरोपीय संघ के साथ दीर्घकालिक व्यापार समझौते के लिए भारत के लिए आवश्यक आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: सरकारी बजट।

5. एक समग्र रूप में बजट ने व्यय की संरचना में परिवर्तन के माध्यम से विकास को प्रोत्साहित किया है एवं निवेश के वातावरण में सुधार के अन्य उपाय प्रदान किये हैं। लेकिन राजकोषीय घाटे को लेकर चिंतायें बनी हुई हैं। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

व्यय की संरचना में किये गए विभिन्न परिवर्तनों एवं भारत में निवेश के वातावरण में सुधार के कदमों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उपर्युक्त पर विस्तार से चर्चा कीजिए। इस वर्ष के बजट से व्यय की बदलती संरचना से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत कीजिए। इसके प्रभावों पर भी प्रकाश डालिए।

भारत में निवेश में सुधार के लिए बजट द्वारा निर्मित अवसरों पर चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त से संबंधित विभिन्न सीमाओं, विशेषकर राजकोषीय घाटे में वृद्धि से सम्बंधित चिंता का भी उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त के समाधान के लिए आवश्यक उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

महामारी द्वारा उत्पन्न बाधाओं को नियंत्रित करने एवं स्वीकार्य सीमा में राजकोषीय घाटे को बनाए रखने के मध्य संतुलन स्थापित करने के लिए आवश्यक आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: सामाजिक प्रभाव और धारण।

 6. अभिवृत्ति परिवर्तन में प्रेरक संचार की भूमिका का परीक्षण कीजिए। (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

धारण (Persuasion) को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

अभिवृत्ति परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए आवश्यक विभिन्न घटकों पर प्रकाश डालिए।

संदेश का स्रोत (व्यक्ति अथवा संस्थान): विश्वसनीयता एवं आकर्षण।

संदेश की सामग्री – सुझाव, प्रधानता का उपयोग एवं प्रभाव का उपयोग।

संदेश के प्राप्तकर्ता – प्रभावहीनता, चयनात्मक अवधान एवं व्याख्या।

उपर्युक्त को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

इससे सम्बंधित बाधाओं का उल्लेख कीजिए एवं उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम सुझाइए।

 निष्कर्ष:

धारण (Persuasion) की भूमिका को संक्षेप में समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।

7. अस्वास्थ्यकर जीवन शैली, तनाव एवं स्वास्थ्य व्यवहार से सम्बंधित जटिलताओं ने स्वास्थ्य मुद्दों एवं चिरकालिक रोगों को जन्म दिया है। हाल ही में स्वास्थ्य प्रक्रियाओं में भावनाओं की भूमिका पर भी बल दिया गया है। इस अवधारणा को देखते हुए भावनात्मक बुद्धिमत्ता स्वस्थ परिणामों के लिए एक सुरक्षात्मक कारक के रूप में कार्य कर सकती है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अस्वास्थ्यकर जीवनशैली एवं कार्यस्थल पर बढ़ते तनाव का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उपर्युक्त के प्रभावों, विशेष रूप से महामारी के पश्चात की दशाओं में, का वर्णन कीजिए।

भावनात्मक बुद्धिमत्ता उपर्युक्त के प्रभावों को रोकने में कैसे सहायक है? समझाइए।

निष्कर्ष:

इससे उत्पन्न होने वाले लाभों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos