HINDI - INSIGHTS CURRENT EVENTS QUIZ 2020
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Welcome to Current Affairs Quiz in HINDI Medium. Hope you are happy with our Hindi Current Affairs. The following Quiz is based on the Hindu, PIB and other news sources. It is a current events based quiz. Solving these questions will help retain both concepts and facts relevant to UPSC IAS civil services exam – 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
1 pointsसिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) एक गैर-लाभकारी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन है, जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग (UNCITRAL) के मध्यस्थता नियमों के तहत मध्यस्थता का प्रबंधन करता है।
- SIAC के नियमों के तहत, पार्टियां तत्काल अंतरिम राहत पाने के लिए आपातकालीन मध्यस्थ नियुक्त करने के लिए SIAC से आग्रह कर सकती हैं।
- भारत ने दक्षिण-एशियाई क्षेत्र में SIAC में न्यूनतम मामलों को भेजा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) सिंगापुर में स्थित एक गैर-लाभकारी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन है, जो मध्यस्थता के अपने नियमों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग (UNCITRAL) मध्यस्थता नियमों के तहत मध्यस्थता का प्रबंधन करता है।
SIAC की 2019 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा मध्यस्थता का अधिक उपयोग किया गया था, जिसने 485 मामले SIAC को संदर्भित किए गए थे।
SIAC के नियमों के तहत, पार्टियां तत्काल अंतरिम राहत पाने के लिए आपातकालीन मध्यस्थ नियुक्त करने के लिए SIAC से आग्रह कर सकती हैं, यहां तक कि मुख्य मध्यस्थ न्यायाधिकरण की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
वर्तमान में भारतीय कानून के तहत, इमरजेंसी आर्बिट्रेटर के आदेशों के प्रवर्तन के लिए कोई निर्धारित तंत्र मौजूद नहीं है।
लेकिन, पार्टियां स्वेच्छा से इमरजेंसी निर्देशों का अनुपालन करती हैं।
हालाँकि, यदि पार्टियां स्वेच्छा से आदेश का पालन नहीं करती हैं, तो जिस पार्टी ने आपातकालीन मध्यस्था प्राप्त की है, वह मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत भारत में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकती है।
Incorrect
उत्तर: a)
सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) सिंगापुर में स्थित एक गैर-लाभकारी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन है, जो मध्यस्थता के अपने नियमों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग (UNCITRAL) मध्यस्थता नियमों के तहत मध्यस्थता का प्रबंधन करता है।
SIAC की 2019 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा मध्यस्थता का अधिक उपयोग किया गया था, जिसने 485 मामले SIAC को संदर्भित किए गए थे।
SIAC के नियमों के तहत, पार्टियां तत्काल अंतरिम राहत पाने के लिए आपातकालीन मध्यस्थ नियुक्त करने के लिए SIAC से आग्रह कर सकती हैं, यहां तक कि मुख्य मध्यस्थ न्यायाधिकरण की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
वर्तमान में भारतीय कानून के तहत, इमरजेंसी आर्बिट्रेटर के आदेशों के प्रवर्तन के लिए कोई निर्धारित तंत्र मौजूद नहीं है।
लेकिन, पार्टियां स्वेच्छा से इमरजेंसी निर्देशों का अनुपालन करती हैं।
हालाँकि, यदि पार्टियां स्वेच्छा से आदेश का पालन नहीं करती हैं, तो जिस पार्टी ने आपातकालीन मध्यस्था प्राप्त की है, वह मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत भारत में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकती है।
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Question 2 of 5
2. Question
1 pointsमोयार नदी घाटी स्थित है
Correct
उत्तर: c)
मोयार नदी तमिलनाडु में भवानी की सहायक नदियों में से एक है। मोयार नदी एक छोटे से कस्बे से निकलती है जिसे मोइनुगुड़ी-ऊटी मार्ग से मोयार कहा जाता है। यह कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य के बीच और बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के जंगल तथा दक्षिण में मुदुमलाई अभयारण्य के बीच एक प्राकृतिक विभाजक रेखा है।
Incorrect
उत्तर: c)
मोयार नदी तमिलनाडु में भवानी की सहायक नदियों में से एक है। मोयार नदी एक छोटे से कस्बे से निकलती है जिसे मोइनुगुड़ी-ऊटी मार्ग से मोयार कहा जाता है। यह कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य के बीच और बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के जंगल तथा दक्षिण में मुदुमलाई अभयारण्य के बीच एक प्राकृतिक विभाजक रेखा है।
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Question 3 of 5
3. Question
1 pointsभारत के लोक लेखा (Public Account) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भारत का लोक लेखा का उपयोग उन लेनदेन के लिए किया जाता है जहां केंद्र सरकार एक बैंकर के रूप में कार्य करती है।
- इसमें राज्य भविष्य निधि और लघु बचत जमाएं शामिल हैं।
- भारत के लोक लेखा से व्यय के लिए संसद की स्वीकृति की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
भारत का लोक लेखा का उपयोग उन लेनदेन के लिए किया जाता है जहां केंद्र सरकार एक बैंकर के रूप में कार्य करती है। यह निधि संविधान के अनुच्छेद 266 (2) के तहत गठित की गई थी।
इसके उदाहरण हैं भविष्य निधि, लघु बचत आदि। यह निधि सरकार से संबंधित नहीं है। इसका कुछ समय के पश्चात सभी हितधारकों को भुगतान करना होगा। निधि की इस प्रकृति के कारण, इससे होने वाले व्यय को संसद द्वारा अनुमोदित की आवश्यकता नहीं होता है।
Incorrect
उत्तर: b)
भारत का लोक लेखा का उपयोग उन लेनदेन के लिए किया जाता है जहां केंद्र सरकार एक बैंकर के रूप में कार्य करती है। यह निधि संविधान के अनुच्छेद 266 (2) के तहत गठित की गई थी।
इसके उदाहरण हैं भविष्य निधि, लघु बचत आदि। यह निधि सरकार से संबंधित नहीं है। इसका कुछ समय के पश्चात सभी हितधारकों को भुगतान करना होगा। निधि की इस प्रकृति के कारण, इससे होने वाले व्यय को संसद द्वारा अनुमोदित की आवश्यकता नहीं होता है।
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Question 4 of 5
4. Question
1 pointsनिम्नलिखित में से कौन-से मवेशियों और भैंसों में जीवाणु संबंधी रोग हैं?
- एंथ्रेक्स
- इन्फ्लुएंजा
- टेटनस
- तपेदिक
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: c)
Incorrect
उत्तर: c)
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Question 5 of 5
5. Question
1 pointsराष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- NGT एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने के हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
- NGT का निर्णय पार्टियों के लिए बाध्यकारी होता है, जब तक पार्टियों के द्वारा उच्चतम न्यायालय में अपील नहीं की जाती है।
- NGT प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजे और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान नहीं कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: a)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT), राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (National Green Tribunal Act), 2010 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
अधिकरण को पर्यावरण संरक्षण, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन से संबंधित मामलों में प्रभावी और त्वरित उपाय प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। अधिकरण के आदेश बाध्यकारी हैं और इसमें प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान करने का आदेश देने की शक्ति है।
अधिकरण पांच क्षेत्रो में स्थिति है – उत्तर, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम। मुख्य बेंच उत्तर (दिल्ली) क्षेत्र में स्थित है।
अधिकरण के निर्णय बाध्यकारी हैं। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत सिविल कोर्ट को प्राप्त शक्तियों के समान अधिकरण के आदेश प्रवर्तनीय हैं।
अधिकरण के पास अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा करने की शक्ति है। यदि यह विफल रहता है, तो नब्बे दिनों के भीतर निर्णय को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी जा सकती है।
अधिकरण एक ओपन कोर्ट (open court) है और इसकी कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: a)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT), राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (National Green Tribunal Act), 2010 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
अधिकरण को पर्यावरण संरक्षण, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन से संबंधित मामलों में प्रभावी और त्वरित उपाय प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। अधिकरण के आदेश बाध्यकारी हैं और इसमें प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान करने का आदेश देने की शक्ति है।
अधिकरण पांच क्षेत्रो में स्थिति है – उत्तर, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम। मुख्य बेंच उत्तर (दिल्ली) क्षेत्र में स्थित है।
अधिकरण के निर्णय बाध्यकारी हैं। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत सिविल कोर्ट को प्राप्त शक्तियों के समान अधिकरण के आदेश प्रवर्तनीय हैं।
अधिकरण के पास अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा करने की शक्ति है। यदि यह विफल रहता है, तो नब्बे दिनों के भीतर निर्णय को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी जा सकती है।
अधिकरण एक ओपन कोर्ट (open court) है और इसकी कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया जा सकता है।









