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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 28 January 2021

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-I

1. लाला लाजपत राय

2. गाँव में बेटियों के जन्म पर उत्सव

 

सामान्य अध्ययन-II

1. डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, 2019

2. START संधि का विस्तार करने पर रूस की सहमति

3. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA)

 

सामान्य अध्ययन-III

1. हाथी कॉरिडोर मामले में गठित समिति का विस्तार

2. सरकारी गोपनीयता अधिनियम

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. कोपरा के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ का निर्धारण

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

लाला लाजपत राय


संदर्भ:

महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय जी को उनकी जयंती पर याद किया गया।

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लाला लाजपत राय का योगदान, उपलब्धियां और संबंधित प्रमुख तथ्य:

लाला लाजपत राय को स्वदेशी आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका तथा शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदानों के लिए याद किया जाता है।

  • वे दयानंद सरस्वती के अनुयायी थे और समाज के प्रमुख नेताओं में से थे।
  • उन्होंने ‘पंजाब नेशनल बैंक’ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • वर्ष 1885 में इन्होने लाहौर में दयानंद एंग्लो-वैदिक स्कूल की स्थापना की और जीवन भर एक प्रतिबद्ध शिक्षाविद रहे।
  • लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, और बिपिन चंद्र पाल (लाल-बाल-पाल) ने 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल के विवादास्पद विभाजन के बाद स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और जन आंदोलन का जोरदार समर्थन किया।
  • वर्ष 1917 मेंलाला लाजपत राय ने न्यूयॉर्क शहर में इंडियन होम रूल लीग ऑफ अमेरिका की स्थापना की।
  • वर्ष 1920 में इनके लिए कोलकाता में हुए विशेष सत्र के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन का शुभारंभ हुआ था।
  • वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के खिलाफ एक विरोध रैली के दौरान पुलिस के हमले में घायल होने से इस महान देशभक्त की लाहौर में मृत्यु हो गई।
  • इनकी महत्वपूर्ण रचनाओं में शामिल हैं: ‘द आर्य समाज’, ‘यंग इंडिया’, ‘ भारत का इंग्लैंड पर कर्ज ‘, ‘जापान का विकास’, ‘इंडियाज विल टू फ्रीडम’, ‘भगवद् गीता का संदेश’, ‘भारत का राजनीतिक भविष्य”, ‘भारत में राष्ट्रीय शिक्षा की समस्या’, ‘द डिप्रेस्ड ग्लासेस’, और यात्रा वृत्तांत ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. बंगाल विभाजन के समय भारत का वायसराय कौन था?
  2. स्वदेशी आंदोलन के उद्देश्य
  3. लाल बाल पाल का महत्वपूर्ण योगदान
  4. लाला लाजपत राय की महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियाँ।

मेंस लिंक:

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ‘लाल बाल पाल’ के प्रमुख योगदानों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

गाँव में बेटियों के जन्म पर उत्सव


संदर्भ:

तेलंगाना के एक सुदूर गांव हरिदासपुर में किसी लड़की का जन्म होने पर  मिठाई बांटकर और दीप जलाकर उत्सव मनाया जाता है।

गाँव के नजरिए में यह परिवर्तन पंचायत अध्यक्ष मो. शफी और पंचायत सचिव रोहित कुलकर्णी के प्रयासों के कारण हुआ है।

सरकारी प्रयास:

गाँव की सभी बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddi Yojana– SSY) के तहत खाता खोला जाएगा। सुकन्या समृद्धि योजना, केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक बचत योजना है।

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में:

  • यह ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान के एक भाग के रूप में शुरू की गई बालिकाओं के लिए एक लघु बचत योजना है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किसी भी बालिका के जन्म से 10 वर्ष की आयु पूरी करने तक न्यूनतम 250 रुपये (पहले 1,000 रु) की जमा के साथ खाता खोला जा सकता है। चालू वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत न्यूनतम 250 रुपये तथा अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कराये जा सकते हैं।
  • किसी भी डाकघर या वाणिज्यिक बैंकों की अधिकृत शाखाओं में योजना के तहत खाता खोला जा सकता है।
  • योजना के तहत खाता खोलने के बाद यह बालिका शिशु के 21 साल की आयु पूरी होने तक अथवा 18 साल की आयु के बाद उसकी शादी होने तक संचालित किया जा सकता है।
  • योजना खाते से 18 साल की उम्र के बाद बालिका के उच्च शिक्षा पर होने वाले व्यय के लिए 50 प्रतिशत तक राशि निकाली जा सकती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान के बारे में
  2. उद्देश्य
  3. कार्यान्वयन
  4. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के बारे में
  5. पात्रता
  6. लाभ

मेंस लिंक:

सुकन्या समृद्धि योजना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

(नोट: इस तरह के मुद्दों को नीतिशास्त्र तथा सामान्य अध्ययन के प्रश्नों में केस स्टडी के रूप में उपयोग किया जा सकता है)।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, 2019


(DNA Technology (Use and Application) Regulation Bill, 2019)

संदर्भ:

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) के नेताओं ने डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, (DNA Technology (Use and Application) Regulation Bill), 2019 पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट से निम्नलिखित आधारों पर असहमति दर्ज कराई है:

  1. विधेयक में गोपनीयता उल्लंघन संबंधी चिंताओं पर ध्यान में नहीं दिया गया है।
  2. यदि यह विधेयक अधिनियमित किया जाता है, तो इसके द्वारा डीएनए नमूना संग्रह और संदेहास्पद भंडारण के माध्यम से दलितों, मुसलमानों और आदिवासियों को लक्षित किया जाएगा।

विधेयक से संबंधित प्रमुख चिंताएं तथा समस्याएं:

विधेयक में किसी अपराध में अभियुक्त नागरिकों अथवा रिपोर्ट करने पर गुमशुदा नागरिकों के डीएनए नमूनाकरण और प्रोफाइलिंग करने और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए उनकी विशिष्ट आनुवंशिक जानकारी संग्रहीत करने का प्रस्ताव किया गया है।

इस संबंध में निम्नलिखित आशंकाएं हैं:

  1. डीएनए डेटा का जाति अथवा समुदाय-आधारित प्रोफाइलिंग के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।
  2. यह विधेयक, पुत्तस्वामी एवं सुब्रमनियन स्वामी मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंडो का उल्लंघन करता है।
  3. ‘निजता के अधिकार’ की सुरक्षा हेतु किसी वैधानिक ढांचे के अभाव में यह विधेयक आपराधिक न्याय प्रणाली के साथ-साथ व्यक्तियों के ‘निजता-अधिकार’ के लिए अपूर्णनीय क्षति पहुंचाएगा।
  4. एकत्रित की जाने वाली जानकारी और विभिन्न उद्देश्यों हेतु इसके अप्रतिबंधित उपयोग पर कानून की अस्पष्टता के विरुद्ध पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा के बिना इस कानून का भविष्य में दुरुपयोग किया जा सकता है।

 विधेयक की प्रमुख विशेषताएं:

  1. इस विधेयक का उद्देश्य एक राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय डीएनए डेटा बैंक की स्थापना करना है। इसके तहत प्रत्येक डेटा बैंक में, अपराध स्थल सूची, संदिग्धों अथवा अभियुक्तों की सूची, अपराधियों की सूची, लापता व्यक्तियों तथा अज्ञात मृतक व्यक्तियों आदि की सूची संग्रहीत की जायेगी।
  2. दंड विधान: अनाधिकृत व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के लिए डीएनए प्रोफाइल की जानकारी देने पर तीन साल तक की जेल की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  3. उपयोग: विधेयक के अनुसार, डीएनए प्रोफाइल, डीएनए नमूने और रिकॉर्ड सहित सभी डीएनए डेटा का उपयोग केवल व्यक्ति की पहचान के लिए किया जाएगा और “किसी अन्य उद्देश्य” के लिए नहीं इस जानकारी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
  4. विधेयक में व्यक्तियों के डीएनए नमूनों के संग्रह से पहले उनकी लिखित सहमति प्राप्त करने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, सात साल से अधिक कैद या मौत की सजा प्राप्त अपराधों के मामले में सहमति की आवश्यकता नहीं है।
  5. विधेयक के प्रावधानों में गुमशुदा व्यक्तियों तथा देश के विभिन्न हिस्सों में पाए गए अज्ञात शवों के बीच मिलान करने तथा सामूहिक आपदाओं में पीड़ितों की पहचान करने हेतु एकत्रित डीएनए डेटा का उपयोग करने की अनुमति प्रदान की गयी है।
  6. विधेयक में एक डीएनए रेगुलेटरी बोर्ड के गठन का प्रस्ताव किया गया है। यह बोर्ड डीएनए प्रयोगशालाओं को स्थापित करने की प्रक्रिया का निर्धारण और उनके लिये मानक तय करेगा तथा ऐसी प्रयोगशालाओं को मान्यता प्रदान करेगा।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘डीएनए’ क्या होते है?
  2. डीएनए और आरएनए के बीच अंतर
  3. ‘जीन’ (Gene) क्या होताहै?
  4. डीएनए बिल की प्रमुख विशेषताएं।

मेंस लिंक:

डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक का उद्देश्य तो ठीक है, किंतु सुरक्षा उपायों के अभाव में इसका दुरूपयोग किया जा सकता है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

START संधि का विस्तार करने पर रूस की सहमति


संदर्भ:

अमेरिका और रूस न्यू स्टार्ट (New START) परमाणु हथियार संधि का विस्तार करने के लिए सहमत हो गए हैं।

इस ऐतिहासिक हथियार नियंत्रण समझौते के विस्तार से प्रत्येक देश द्वारा तैनात की जा सकने वाली परमाणु मिसाइलों की संख्या को सीमित रखना जारी रहेगा।

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पृष्ठभूमि:

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस संधि का विस्तार करने के लिए की जाने वाली वार्ता रोक दी गई थी। ट्रम्प, रूस के लिए कड़ी जांच करने और चीन को शामिल करने पर जोर दे रहे थे, हालांकि चीन ने समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

न्यू स्टार्ट संधि के बारे में:

यह संयुक्त राज्य अमेरिका और रूसी संघ के बीच एक परमाणु शस्त्र न्यूनीकरण संधि- नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि (Strategic Arms Reduction Treaty-START) है, जिसे औपचारिक रूप से ‘न्यू स्टार्ट’ संधि (New START treaty) भी कहा जाता है।

  1. नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि (START) पर अप्रैल 2010 में को प्रॉग (Prague) में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।
  2. इस संधि के तहत प्रत्येक पक्षकार के लिए तैनात किए जाने हेतु सामरिक परमाणु वारहेड की संख्या 1,550 तथा तैनात और गैर-तैनात अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) लॉन्चर्स, पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) लॉन्चरों की संख्या, और परमाणु आयुध से लैस भारी बमबर्षक यानों की संख्या 800 तक सीमित की गयी है।
  3. इसके तहत, संधि के अनुपालन को सत्यापित करने हेतु एक नया निरीक्षण और सत्यापन तंत्र स्थापित किया जाएगा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. STARTS और न्यू START संधियों के बारे में
  2. न्यू START के तहत समय सीमा
  3. न्यू START संधि पर हस्ताक्षरकर्ता
  4. संधि की शर्तें

मेंस लिंक:

न्यू स्टार्ट संधि के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA)


(International Energy Agency)

संदर्भ:

हाल ही में, भारत ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency- IEA) के साथ साझेदारी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के तहत सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, मजबूत सहयोग और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और टिकाऊपन को बढ़ावा मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी’ के बारे में:

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA), एक अंतर-सरकारी स्वायत्त संगठन है। इसकी स्थापना आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (Organisation of Economic Cooperation and Development- OECD) फ्रेमवर्क के अनुसार वर्ष 1974 में की गई थी।

  • इसके कार्यों का फोकस मुख्यतः चार मुख्य क्षेत्रों पर होता है: ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास, पर्यावरण जागरूकता और वैश्विक सहभागिता।
  • इसका मुख्यालय (सचिवालय) पेरिस, फ्रांस में है।

भूमिकाएँ और कार्य:

  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की स्थापना वर्ष 1973-1974 के तेल संकट के दौरान सदस्य देशों के लिए तेल आपूर्ति व्यवधानों का सामना करने में मदद करने के लिए की गयी थी। IEA द्वारा यह भूमिका वर्तमान में भी निभाई जा रही है।
  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अधिदेश में समय के साथ विस्तार किया गया है। इसके कार्यों में वैश्विक रूप से प्रमुख ऊर्जा रुझानों पर निगाह रखना और उनका विश्लेषण करना, मजबूत ऊर्जा नीतियों को बढ़ावा देना और बहुराष्ट्रीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देना शामिल किया गया है।

IEA की संरचना एवं सदस्यता हेतु पात्रता:

वर्तमान में ‘अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी’ में 30 सदस्य देश तथा में आठ सहयोगी देश शामिल हैं। इसकी सदस्यता होने के लिए किसी देश को आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) का सदस्य होना अनिवार्य है। हालांकि OECD के सभी सदस्य आईईए के सदस्य नहीं हैं।

किसी देश को अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का सदस्यता के लिए निम्नलिखित शर्ते पूरा करना आवश्यक है:

  • देश की सरकार के पास पिछले वर्ष के 90 दिनों में किए गए निवल आयात के बराबर कच्चे तेल और / अथवा उत्पाद भण्डार मौजूद होना चाहिए। भले ही यह भण्डार सरकार के प्रत्यक्ष स्वामित्व में न हो किंतु वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान को दूर करने के इसका उपयोग किया जा सकता हो।
  • देश में राष्ट्रीय तेल खपत को 10% तक कम करने के लिए एक ‘मांग नियंत्रण कार्यक्रम’ लागू होना चाहिए।
  • राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया उपाय (CERM) लागू करने के लिए क़ानून और संस्था होनी चाहिए।
  • मांग किये जाने पर देश की सीमा में कार्यरत सभी तेल कंपनियों द्वारा जानकारी दिए जाने को सुनिश्चित करने हेतु क़ानून और उपाय होने चाहिए।
  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सामूहिक कार्रवाई में अपने योगदान को सुनिश्चित करने के लिए देश में क़ानून अथवा उपाय होने चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा प्रकाशित की जाने वाली रिपोर्ट्स:

  1. वैश्विक ऊर्जा और CO2 स्थिति रिपोर्ट
  2. विश्व ऊर्जा आउटलुक
  3. विश्व ऊर्जा सांख्यिकी
  4. विश्व ऊर्जा संतुलन
  5. ऊर्जा प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य

प्रीलिम्स लिंक:

  1. IEA द्वारा जारी की जाने वाली विभिन्न रिपोर्ट्स
  2. ओईसीडी और ओपेक की संरचना? सदस्यता हेतु पात्रता?
  3. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के शीर्ष उत्पादक और आयातक?
  4. IEA के सहयोगी सदस्य
  5. भारत, IEA में किस प्रकार का सदस्य है?

मेंस लिंक:

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के उद्देश्यों और कार्यों पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: पीआईबी

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

हाथी कॉरिडोर मामले में गठित समिति का विस्तार


संदर्भ:

हाल ही में उच्चतम न्यायलय ने एक संरक्षणवादी नंदिता हजारिका को पिछले वर्ष 14 अक्टूबर को अदालत द्वारा गठित एक तकनीकी समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया है।

इस समिति का गठन नीलगिरी कलेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ भूमि मालिकों द्वारा की जाने वाली शिकायतों पर सुनवाई करने हेतु किया गया था। नीलगिरी कलेक्टर पर भू-स्वामियों द्वारा उनकी इमारतों को सील करने तथा ‘हाथी गलियारे’ के क्षेत्रफल में मनमाना परिवर्तन करने के आरोप लगाए गए थे ।

संबंधित प्रकरण:

शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष 14 अक्टूबर को अपने फैसले में तमिलनाडु सरकार के, ‘हाथी गलियारे’ (Elephant Corridor) को अधिसूचित करने तथा नीलगिरि जीवमंडल रिजर्व से होकर जाने वाले जानवरों के प्रवासी मार्ग को सुरक्षित करने संबंधी अधिकार को बरक़रार रखा था।

अदालत ने कहा था कि पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण ‘प्रमुख प्रजातियों’ जैसे हाथी, की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।

गलियारे की अवस्थिति:

  • यह हाथी गलियारा, पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील सिगुर पठार (Sigur plateau) में स्थित है, यह पठार पश्चिमी और पूर्वी घाटों को परस्पर संबद्ध करता है और हाथियों की आबादी तथा उनकी आनुवंशिक विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • इस हाथी गलियारे के दक्षिण-पश्चिम की ओर नीलगिरि पहाड़ियाँ और इसके उत्तर-पूर्वी किनारे पर मोयार नदी (Moyar River) घाटी स्थित है। भोजन और पानी की तलाश में हाथी इस पठार से होकर गुजरते हैं।

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 ‘हाथी कोरिडोर’ क्या होते हैं?

‘हाथी कोरिडोर’ / गलियारे, हाथियों के दो विस्तृत अधिवासों को परस्पर जुड़ने वाली संकरी भूमि-पट्टियाँ होती हैं। दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से होने वाली पशु मृत्यु दर को कम करने ‘हाथी कोरिडोर’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, आवागमन गलियारों को संरक्षित करने के लिए वनों का सीमांकन अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

हाथी कोरिडोर’ संरक्षण की आवश्यकता

  1. हाथियों की आबादी की आनुवंशिक रूप से वर्धनक्षमता में वृद्धि हेतु इनका आवागमन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे जंगलों को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलती है, और इन जंगलो पर बाघ समेत अन्य प्रजातियां भी निर्भर होती है।
  2. लगभग 40% हाथी अभ्यारण्य असुरक्षित हैं, क्योंकि ये संरक्षित पार्कों और अभयारण्यों से बाहर अवस्थित हैं। इसके अलावा, आवागमन गलियारों को भी कोई विशिष्ट कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं है।
  3. खेतों में परिवर्तित हो चुके जंगल और अनियंत्रित पर्यटन, वन्य जीवों के मार्ग में बाधक हो रहे हैं। इससे वन्यजीवों को दूसरे वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करने पर विवश होना पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप हाथी-मानव संघर्ष में वृद्धि होती है।
  4. इकोटूरिज्म का शिथिल विनियमन भी इन महत्वपूर्ण अधिवासों को बुरी तरह से प्रभावित करता है।

अखिल भारतीय स्तर पर प्रयास:

  1. वर्ष 2017 में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर, हाथियों की सुरक्षा हेतु एक राष्ट्रव्यापी अभियान, गज यात्रा’ का आरंभ किया गया था।
  2. इस अभियान में हाथी रेंज के 12 राज्यों को शामिल करने की योजना है।
  3. इस अभियान का उद्देश्य अपने अदिवासों में मुक्त आवागमन को प्रोत्साहित करने हेतु ‘हाथी गलियारों’ के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

मानव-हाथी संघर्ष के प्रबंधन हेतु वन मंत्रालय के दिशा-निर्देश:

  1. हाथियों को उनके प्राकृतिक आवासों में रखने हेतु जल स्रोतों का निर्माण तथा जंगलों की आग को नियंत्रित करना।
  2. तमिलनाडु में हाथियों के लिए अभेद्द्य खाइयाँ (Elephant Proof trenches) ।
  3. कर्नाटक में लटकती बाड़ और छोटे-छोटे पत्थरों की दीवारें (Hanging fences and rubble walls)।
  4. उत्तर बंगाल में मिर्च के धुएं और असम में मधुमक्खियों अथवा मांसाहारी जीवों की आवाज़ का उपयोग।
  5. प्रौद्योगिकी का उपयोग: दक्षिण बंगाल में हाथियों की पहचान, और निगरानी तथा हाथियों की उपस्थिति संबंधी चेतावनी हेतु एसएमएस अलर्ट भेजना।

इस संबंध में निजी संगठनों के प्रयास:

  • एशियाई हाथी गठबंधन (Asian Elephant Alliance), पाँच NGO की एक संयुक्त छाता पहल है। इसकी स्थापना, पिछले साल, भारत के 12 राज्यों में हाथियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 101 मौजूदा गलियारों में से 96 को सुरक्षित करने के लिए की गयी थी।
  • NGO हाथी परिवार, अंतर्राष्ट्रीय पशु कल्याण कोष, IUCN नीदरलैंड और विश्व भूमि ट्रस्ट द्वारा भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट (WTI) के साथ मिलकर ‘हाथी कोरिडोर’ संरक्षण हेतु कार्य किया जा रहा है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. एशियाई हाथी की IUCN संरक्षण स्थिति
  2. भारत में हाथी गलियारे।
  3. हाथियों का प्रजनन काल
  4. भारत का विरासत पशु
  5. गज यात्रा के बारे में
  6. हाथी झुंड का नेतृत्व किसके द्वारा किया जाता है?
  7. भारत में हाथियों की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य

मेंस लिंक:

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा मानव-हाथी संघर्ष के प्रबंधन के लिए सुझाए गए उपायों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

सरकारी गोपनीयता अधिनियम


(Official Secrets Act)

संदर्भ:

हाल ही में, रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ सरकारी गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए मुंबई के पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायतें दर्ज की गई हैं।

पृष्ठभूमि:

महाराष्ट्र कांग्रेस द्वारा, रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ व्हाट्सएप चैट के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक करने के लिए देशद्रोह का मामला दर्ज करके गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई है।

ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट/ सरकारी गोपनीयता अधिनियम के बारे में:

इस क़ानून को मूल रूप से भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन (1899 से 1905 तक) के शासन काल के दौरान लागू किया गया था।

  • इस अधिनियम का एक मुख्य उद्देश्य राष्ट्रवादी प्रकाशनों की आवाज़ को दबाना था।
  • भारतीय सरकारी गोपनीयता अधिनियम, 1923 (Indian Official Secrets Act,1923) द्वारा पूर्व में लागू अधिनियम को प्रतिस्थापित किया गया, और देश के प्रशासन में गोपनीयता संबधी सभी मामलों तक इसका विस्तार कर दिया गया।

अधिनियम का दायरा:

यह मुख्यतः दो पहलुओं से संबंधित है:

  1. जासूसी अथवा गुप्तचरी, इसे अधिनियम की धारा 3 के तहत कवर किया गया है।
  2. अधिनियम की धारा 5 के तहत सरकार की अन्य गोपनीय सूचनाओं का खुलासा।

‘गोपनीय जानकारी’ की परिभाषा

अधिनियम में ‘गोपनीय’ दस्तावेज को परिभाषित नहीं किया गया है। इसके अनुसार- किन दस्तावेजों अथवा जानकारी को ‘गोपनीय’ की श्रेणी में रखा जा सकता है, इसके निर्णय सरकार द्वारा किया जायेगा।

  • बहुधा यह कहा जाता है, कि यह अधिनियम, ‘सूचना के अधिकार अधिनियम’, 2005 के विपरीत है।
  • हालांकि, यदि किसी जानकारी देने के संबंध में ‘ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट’ के तहत कोई असंगतता होने पर ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ (RTI Act) प्रभावी होगा।
  • लेकिन, RTI Act की धारा 8 और 9 के तहत, सरकार किसी जानकारी को प्रदान करने से इनकार कर सकती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. सरकारी गोपनीयता अधिनियम का अवलोकन
  2. प्रमुख प्रावधान
  3. अधिनियम का दायरा
  4. सरकारी गोपनीयता अधिनियम बनाम सूचना का अधिकार अधिनियम’

स्रोत: द हिंदू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


कोपरा के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ का निर्धारण

  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2021 सीजन के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।
  • यह स्वीकृति, कृषि लागत और मूल्य (CACP) आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।
  • 2021 सीजन के लिए कोपरे के MSP में वृद्धि, एमएसपी को उत्पादन के अखिल भारतीय औसत लागत के 1.5 गुणे पर निर्धारित करने के सिद्धांत के अनुरूप है। सरकार ने 2018-19 के बजट में इसकी घोषणा की थी।

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