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INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन – 1
विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
1. मुस्लिम लीग द्वारा पाकिस्तान की मांग करना एवं अंग्रेजों द्वारा इसे स्वीकार कर लेना एक बात थी क्योंकि यह उनके द्वारा की गई राजनीति के अनुरूप था। लेकिन कांग्रेस, जिसने लंबे समय तक एकता के लिए संघर्ष किया था, ने एकीकृत भारत के अपने आदर्श को क्यों छोड़ दिया। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्रा
निर्देशक शब्द:
परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत का विभाजन एवं व्यापक अराजकता, सांप्रदायिक झड़पों तथा इसके कारण हुई क्षति पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
समझाइए कि मुस्लिम लीग द्वारा पाकिस्तान की मांग कैसे प्रारम्भ हुई। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुस्लिम लीग द्वारा की गयी राजनीति पर चर्चा कीजिए।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन की स्वीकृति के कारणों की जाँच कीजिए, जिसका उसने अब तक विरोध किया था।
निष्कर्ष:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन की स्वीकृति पर एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
2. भूमि सुधारों में स्वामित्व पैटर्न में संरचनात्मक एवं संस्थागत परिवर्तन, भूमि कार्यकाल प्रणाली, कृषि कार्यों का आधुनिकीकरण तथा ग्राम समुदाय स्तर पर सहायक संस्थानों में परिवर्तन शामिल थे। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: स्वतंत्रता के पश्चात् भारत: बिपिन चंद्रा
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
स्वतंत्र भारत में प्रारंभ किए गए भूमि सुधारों के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उपर्युक्त कारकों के संबंध में संरचनात्मक तथा संस्थागत परिवर्तनों को संबोधित कीजिए।
उपर्युक्त लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया गया? विस्तृत वर्णन कीजिए।
निष्कर्ष:
भारत में भूमि सुधारों के समग्र सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 3
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
3. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में नई दिल्ली का प्रवेश एक नवीन विश्व व्यवस्था के उदय का द्योतक है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपने लक्ष्यों की खोज के लिए भारत का एक स्पष्ट एजेंडा होना चाहिए तथा इसकी सामग्री एवं भू-राजनीतिक सीमाओं को भी प्रतिबिंबित करना चाहिए। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के कार्यकाल की शुरुआत तथा इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसर का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
नई विश्व व्यवस्था के उद्भव को संबोधित कीजिए। साथ ही, भारत में देखे गए परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।
भारत को इस छोटे से कार्यकाल में दीर्घकालीन लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करना चाहिए? समझाइए। इसकी सीमाओं को दर्शाते हुए एक स्पष्ट एजेंडा प्रस्तुत कीजिए।
निष्कर्ष:
इस तथ्य पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए कि भारत का दृष्टिकोण व्यावहारिक दीर्घकालिक दृष्टिकोण होना चाहिए।
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
4. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 1.0 एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0 से प्राप्त शिक्षा के आधार पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने वर्तमान नीति सिद्धांत से मेल खाने तथा कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित होने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को सक्रिय करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY 3.0) के नए संस्करण में सुधार किया है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 1.0 एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0 की कमियों का उल्लेख कीजिए।
विशेष रूप से महामारी के आलोक में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? उपाय सुझाइए।
निष्कर्ष:
भारत को विश्व की “कौशल राजधानी” बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 3
विषय: समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय; सरकारी बजट।
5. केंद्रीय बजट के साथ भारत सरकार महामारी द्वारा फैली व्यापक असमानताओं को कम करने के उपायों के बारे में सोच सकती है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में लगातार बढ़ती असमानताओं, जो महामारी के दौर में और अधिक व्यापक हो गई हैं, का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
ऑक्सफैम रिपोर्ट (Oxfam report) द्वारा उपर्युक्त के सम्बन्ध में प्रकाशित किये गए तथ्य प्रस्तुत कीजिए।
बढ़ती असमानता के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
समझाइए कि केंद्रीय बजट इन समस्याओं के समाधान के लिए कैसे अवसर प्रदान करता है।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन – 4
विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
6. स्वामी विवेकानंद एवं श्री अरबिंदो ने भारतीय दार्शनिक मन में क्रांति पैदा की एवं उसे जागृत किया। उन्हें “विविधता में एकता” के दर्शन के महान स्वामी के रूप में देखा जा सकता है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)
सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन
निर्देशक शब्द:
समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
महान भारतीय दार्शनिकों के रूप में स्वामी विवेकानंद एवं सर अरबिंदो का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत कीजिए।
विषय वस्तु:
स्वामी विवेकानंद के व्यावहारिक वेदांत पर प्रकाश डालिए।
श्री अरबिंदो की अनिवार्य शिक्षाओं पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि उनका संदेश सार्वभौमिक एवं शाश्वत है, जो वर्तमान समय के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है।
विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र।
7. नैतिक नेतृत्व के बिना सुशासन नहीं हो सकता है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)
सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
नैतिक नेतृत्व का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
नैतिक नेतृत्व एवं सुशासन के मध्य संबंधों पर प्रकाश डालिए। हाल ही में घटित उदाहरणों के साथ ऐतिहासिक उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।
नेतृत्व को नैतिक मूल्यों से सम्बद्ध करने के उपाय सुझाइए।
निष्कर्ष:
वर्तमान समय में नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
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