HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए।
गवर्नर-जनरल घटनाएँ
- वेलेज़ली टेलीग्राफ और डाक सुधार
- विलियम बेंटिक आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी की शुरुआत
- डलहौजी सहायक संधि
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुम्मेलित है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
वेलेज़ली – 1798 में सहायक संधि की शुरुआत।
विलियम बेंटिक – शैक्षिक सुधार और आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी की शुरूआत।
डलहौज़ी – कलकत्ता को बंबई, मद्रास और पेशावर से जोड़ने के लिए टेलीग्राफ (4000 मील लंबी लाईने) और डाक (डाकघर अधिनियम, 1854) सुधार।
Incorrect
उत्तर: b)
वेलेज़ली – 1798 में सहायक संधि की शुरुआत।
विलियम बेंटिक – शैक्षिक सुधार और आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी की शुरूआत।
डलहौज़ी – कलकत्ता को बंबई, मद्रास और पेशावर से जोड़ने के लिए टेलीग्राफ (4000 मील लंबी लाईने) और डाक (डाकघर अधिनियम, 1854) सुधार।
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Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- वारेन हेस्टिंग्स नागरिक सेवाओं की शुरुआत और व्यवस्थित करने वाला प्रथम व्यक्ति था।
- लिटन ने वैधानिक सिविल सेवा की शुरुआत की।
- सत्येंद्र नाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
कॉर्नवॉलिस (गवर्नर-जनरल, 1786-93) नागरिक सेवाओं की शुरुआत और व्यवस्थित करने वाला प्रथम व्यक्ति था।
1878-79 में, लिटन ने सांविधिक सिविल सेवा की शुरुआत की जिसमें स्थानीय सरकारों द्वारा नामांकन के माध्यम से उच्च परिवारों के भारतीयों द्वारा 1/6 पदों को भरा जाना था जिनका अनुमोदन राज्य सचिव और वाइसराय द्वारा किया जाना था।
1863 में, सत्येंद्र नाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बन गए।
Incorrect
उत्तर: b)
कॉर्नवॉलिस (गवर्नर-जनरल, 1786-93) नागरिक सेवाओं की शुरुआत और व्यवस्थित करने वाला प्रथम व्यक्ति था।
1878-79 में, लिटन ने सांविधिक सिविल सेवा की शुरुआत की जिसमें स्थानीय सरकारों द्वारा नामांकन के माध्यम से उच्च परिवारों के भारतीयों द्वारा 1/6 पदों को भरा जाना था जिनका अनुमोदन राज्य सचिव और वाइसराय द्वारा किया जाना था।
1863 में, सत्येंद्र नाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बन गए।
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Question 3 of 5
3. Question
अंग्रेजों के समय में गठित एचिसन समिति किससे संबंधित है
Correct
उत्तर: b)
सार्वजनिक सेवाओं पर एचिसन समिति (1886) का गठनडफरिन द्वारा किया गया था, इसकी प्रमुख सिफारिशे-
- ‘प्रसंविदाबद्ध’ और ‘अप्रसंविदाबद्ध’ शब्दों का त्याग;
- इम्पीरियल इंडियन सिविल सर्विस (इंग्लैंड में परीक्षा), प्रांतीय सिविल सेवा (भारत में परीक्षा) और अधीनस्थ सिविल सेवा (भारत में परीक्षा) के रूप में सिविल सेवा का वर्गीकरण; तथा,
- आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष करना।
Incorrect
उत्तर: b)
सार्वजनिक सेवाओं पर एचिसन समिति (1886) का गठनडफरिन द्वारा किया गया था, इसकी प्रमुख सिफारिशे-
- ‘प्रसंविदाबद्ध’ और ‘अप्रसंविदाबद्ध’ शब्दों का त्याग;
- इम्पीरियल इंडियन सिविल सर्विस (इंग्लैंड में परीक्षा), प्रांतीय सिविल सेवा (भारत में परीक्षा) और अधीनस्थ सिविल सेवा (भारत में परीक्षा) के रूप में सिविल सेवा का वर्गीकरण; तथा,
- आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष करना।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- कॉर्नवॉलिस कोड भारत में अपने क्षेत्रों के शासन में सुधार के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अधिनियमित कानून का एक भाग था।
- स्थायी बंदोबस्त नामक राजस्व संग्रह योजना कॉर्नवॉलिस कोड का एक भाग था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
कॉर्नवॉलिस कोड 1793 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में अपने क्षेत्रों के शासन में सुधार के लिए निर्मित कानून का एक भाग था। कोड को कॉर्नवॉलिस के मार्गदर्शन में विकसित किया गया था, जिन्होंने 1786 से 1793 तक बंगाल के गवर्नर के रूप में कार्य किया था।
इस कोड में शासन, पुलिसिंग और न्यायिक तथा नागरिक प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान थे। इसका सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान स्थायी बंदोबस्त (या 1793 में जमींदारी व्यवस्था) था, जिसने एक राजस्व संग्रह योजना की स्थापना की जो 20वीं शताब्दी तक प्रचलित थी।
Incorrect
उत्तर: c)
कॉर्नवॉलिस कोड 1793 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में अपने क्षेत्रों के शासन में सुधार के लिए निर्मित कानून का एक भाग था। कोड को कॉर्नवॉलिस के मार्गदर्शन में विकसित किया गया था, जिन्होंने 1786 से 1793 तक बंगाल के गवर्नर के रूप में कार्य किया था।
इस कोड में शासन, पुलिसिंग और न्यायिक तथा नागरिक प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान थे। इसका सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान स्थायी बंदोबस्त (या 1793 में जमींदारी व्यवस्था) था, जिसने एक राजस्व संग्रह योजना की स्थापना की जो 20वीं शताब्दी तक प्रचलित थी।
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Question 5 of 5
5. Question
इसके कार्यकाल के दौरान, भारत सरकार अधिनियम, 1858 पारित किया गया था जिसके द्वारा वायसराय का पद सृजित किया गया था जिसे भारत के गवर्नर जनरल द्वारा ही धारण किया जा सकता था। वह कौन था
Correct
उत्तर: d)
लॉर्ड कैनिंग ने 1856 से 1862 तक भारत के गवर्नर जनरल के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान, भारत सरकार अधिनियम, 1858 पारित किया गया था, जिसके द्वारा वायसराय का पद सृजित किया गया था जिसे भारत के गवर्नर जनरल द्वारा ही धारण किया जा सकता था। इस प्रकार, लॉर्ड कैनिंग ने भारत के पहले वायसराय के रूप में भी काम किया।
उनके कार्यकाल के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल हैं –
1857 का विद्रोह, जिसे वह सफलतापूर्वक दबाने में सक्षम रहा,
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 पारित करना जिसने भारत में पोर्टफोलियो प्रणाली की शुरुआत की,
“व्यपगत के सिद्धांत” को वापस लेना जो 1857 के विद्रोह के मुख्य कारणों में से एक था,
दंड प्रक्रिया संहिता की शुरूआत
भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (1858), बंगाल किराया अधिनियम (1859) का अधिनियमन
प्रायोगिक आधार आदि पर आयकर की शुरुआत
Incorrect
उत्तर: d)
लॉर्ड कैनिंग ने 1856 से 1862 तक भारत के गवर्नर जनरल के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान, भारत सरकार अधिनियम, 1858 पारित किया गया था, जिसके द्वारा वायसराय का पद सृजित किया गया था जिसे भारत के गवर्नर जनरल द्वारा ही धारण किया जा सकता था। इस प्रकार, लॉर्ड कैनिंग ने भारत के पहले वायसराय के रूप में भी काम किया।
उनके कार्यकाल के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल हैं –
1857 का विद्रोह, जिसे वह सफलतापूर्वक दबाने में सक्षम रहा,
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 पारित करना जिसने भारत में पोर्टफोलियो प्रणाली की शुरुआत की,
“व्यपगत के सिद्धांत” को वापस लेना जो 1857 के विद्रोह के मुख्य कारणों में से एक था,
दंड प्रक्रिया संहिता की शुरूआत
भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (1858), बंगाल किराया अधिनियम (1859) का अधिनियमन
प्रायोगिक आधार आदि पर आयकर की शुरुआत








