विषय – सूची:
सामान्य अध्ययन-I
1. नेताजी के जन्मदिवस को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा
सामान्य अध्ययन-II
1. प्रश्नकाल
2. बर्ड फ़्लू वायरस के इतने अधिक उप-प्रकारों का कारण और मनुष्यों के लिए इसका निहितार्थ
3. S-400 मिसाइल सिस्टम के लिए मास्को में भारतीय सैन्य विशेषज्ञों का प्रशिक्षण
4. वेस्ट बैंक एवं इससे संबंधित मुद्दे:
सामान्य अध्ययन-III
1. उच्चतम न्यायालय द्वारा नदी की जल-गुणवत्ता पर स्थिति रिपोर्ट की मांग
प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य
1. भारतीय स्टार कछुआ
2. सेमरू ज्वालामुखी
सामान्य अध्ययन- I
विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
नेताजी के जन्मदिवस को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा
संदर्भ:
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, 23 जनवरी, को प्रतिवर्ष “पराक्रम दिवस” के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गयी है।
23 जनवरी 2021 को सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती मनाई जाएगी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में:
- वर्ष 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जापानी कब्जे वाले सिंगापुर में आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार के गठन की घोषणा की थी।
- आर्जी हुकुमत-ए-आज़ाद हिंद के (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) रूप में जानी जाने वाले इस सरकार का धुरी राष्ट्रों; इम्पीरियल जापान, नाजी जर्मनी, इटालियन सोशल रिपब्लिक और उनके सहयोगियों द्वारा शक्तियों द्वारा समर्थन किया गया था।
- उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के उत्तरार्ध-काल में एक अनंतिम निर्वासित-सरकार के बैनर तले भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने के लिए संघर्ष शुरू किया।
- उनकी इस अनंतिम सरकार के अंतर्गत लगभग सभी प्रवासी भारतीय एकजुट हो गए।
- अनंतिम सरकार में सुभाष चंद्र बोस राज्य के प्रमुख, प्रधान मंत्री और युद्ध और विदेशी मामलों के मंत्री थे।
- सुभाष चंद्र बोस को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दो बार (हरिपुर अधिवेशन-1938 तथा त्रिपुरी अधिवेशन-1939) अध्यक्ष चुना गया।
- उन्होंने वर्ष 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस के भीतर ही ‘ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक’ का गठन किया।
प्रीलिम्स लिंक:
- बोस और आजाद हिन्द फ़ौज।
- बोस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस।
- आजाद हिंद सरकार का गठन।
- आजाद हिंद सरकार में विभिन्न विभागों का वितरण।
मेंस लिंक:
आज़ाद हिंद सरकार पर एक टिप्पणी लिखिए।
स्रोत: द हिंदू
सामान्य अध्ययन- II
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
प्रश्नकाल
(Question Hour)
संदर्भ:
सरकार द्वारा पिछले मानसून सत्र के दौरान ‘प्रश्नकाल’ (Question Hour) को निलंबित कर दिया गया था, इसके लिए 29 जनवरी से आरंभ होने वाले संसद के बजट सत्र में फिर से शुरू किया जाएगा।
‘प्रश्नकाल’ क्या है?
- प्रत्येक संसदीय बैठक के पहले घंटे को प्रश्नकाल कहा जाता है।
- यह सदन की प्रक्रिया के नियमों में उल्लिखित है।
- इस दौरान, सदस्य प्रश्न पूछते हैं और आमतौर मंत्री पर उत्तर देते हैं।
- प्रश्नकाल में निजी सदस्यों / प्राइवेट मेंबर्स (मंत्रियों के अलावा अन्य सांसद) से भी प्रश्न पूंछे जा सकते हैं।
अपवाद: दोनों सदनों में सत्र के प्रत्येक दिन ‘प्रश्नकाल’ आयोजित किया जाता है। किंतु दो दिन इसके अपवाद होते हैं:
- जिस दिन राष्ट्रपति केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों के सांसदों को संबोधित करते है, उस दिन कोई प्रश्नकाल नहीं होता है।
- जिस दिन वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं उस दिन प्रश्नकाल नहीं होता है।
प्रमुख तथ्य:
प्रश्नकाल के संचालन के संबंध में दोनों सदनों (राज्य सभा और लोकसभा) के पीठासीन अधिकारी अंतिम प्राधिकारी होते हैं।
प्रीलिम्स लिंक:
- ‘प्रश्नकाल’ क्या है?
- ‘शून्यकाल’ क्या है?
- ‘तारांकित प्रश्न’ क्या होते हैं?
- ‘अतारांकित प्रश्न’ क्या हैं?
मेंस लिंक:
संसद में ‘शून्यकाल’ के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्रोत: द हिंदू
विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
बर्ड फ़्लू वायरस के इतने अधिक उप-प्रकारों का कारण और मनुष्यों के लिए इसका निहितार्थ
संदर्भ:
हाल ही में, हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू वायरस अथवा ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ के दो भिन्न उप-प्रकारों का पता चला है।
‘इन्फ्लूएंजा ए’ वायरस के ज्ञात उपप्रकार (Strains):
वर्तमान में, इन्फ्लूएंजा ए (Influenza A) विषाणु के न्यूनतम 131 भिन्न-भिन्न उपप्रकार प्रकृति में पाए गए हैं।
- इन्फ्लूएंजा ए वायरस की पृष्ठीय सतह पर हेमग्लगुटिनिन (Hemagglutinin- H) और न्यूरोमिनिडेस (Neuraminidase- N) नामक दो प्रोटीन होते हैं, जिनमें क्रमशः 18 और 11 अलग-अलग उपप्रकार होते हैं, जिससे H3N2 और H7N9 जैसे विभिन्न संयोजन निर्मित होते हैं।
- इस विषाणु के कुछ उपप्रकार / उपभेद (strains) केवल पक्षियों को संक्रमित करते हैं, जबकि अन्य उपप्रकार, पक्षियों के साथ-साथ सुअर, कुत्ते, घोड़े और मनुष्यों जैसे स्तनधारियों को भी संक्रमित करते हैं।
मनुष्यों को संक्रमित करने में सक्षम उपभेद:
आम तौर पर, मनुष्यों में इन्फ्लूएंजा ए (Influenza A) विषाणु के केवल H प्रकार के तीन अलग-अलग (H1, H2 and H3) उपभेदों और N प्रकार के दो अलग-अलग (N1 and N2) उपभेदों द्वारा संक्रमण देखा गया है।
- वर्तमान में, इन्फ्लूएंजा ए विषाणु के दो उपप्रकार H1N1 और H3N2, मनुष्यों को संक्रमित करके मौसमी फ्लू महामारी फैलाते हैं। चूंकि ये ‘उपभेद’ मनुष्यों के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित हैं, इसलिए उन्हें बर्ड फ्लू के बजाय मानव फ्लू के रूप में संदर्भित किया जाता है।
- जब भी कोई नया फ्लू A वायरस खुद को मनुष्यों में अनुकूलित कर लेता है, तो यह महामारी फैलाने में सक्षम हो जाता है।
- वर्ष 1918 से इस तरह की चार महामारियां, स्पैनिश फ्लू (H1N1), 1957-58 का एशियाई फ्लू (H2N2), 1968 का हांगकांग फ्लू (H3N2) तथा 2009 स्वाइन फ़्लू (H1N1 का एक नया संस्करण) फ़ैल चुकी है।
फ्लू ए (flu A) वायरस में इतने सारे स्ट्रेन / उपभेद क्यों होते हैं?
इन्फ्लुएंजा ए वायरस लगातार उत्परिवर्तित (Mutate) होता रहता है और इसका कारण निम्नलिखित हैं:
- सबसे पहले, यह सखंड जीनोम युक्त एक RNA वायरस है, अर्थात इसकी आठ अलग-अलग किस्में हैं, जिससे इसकी प्रतिकृति निर्माण के दौरान त्रुटि होने अथवा इसके उत्परिवर्तन की काफी संभावना होती है।
- इस ‘एंटीजेनिक प्रवृत्ति (antigenic drift) के कारण विषाणु की पृष्ठीय सतह के प्रोटीन में मामूली किंतु निरंतर म्यूटेशन/ उत्परिवर्तन होता रहता है, यही कारण है कि फ्लू के टीके को नियमित रूप से अपडेट करना पड़ता है।
- दूसरा, जब कोई कोशिका दो अलग-अलग फ्लू ए विषाणुओं से संक्रमित होती है, तो इनके जीन आसानी से परस्पर मिश्रित हो सकते हैं। पुनर्विन्यास (re-assortment) के रूप में यह मिलावट, सहवास का एक विषाणु संस्करण होता है।
प्रीलिम्स लिंक:
- जब किसी देश को एवियन इन्फ्लुएंजा से मुक्त घोषित किया जाता है, तो इसे कौन घोषित करता है?
- H5N1 बनाम H5N6 बनाम H9N2 बनाम H5N8
मेंस लिंक:
बर्ड फ्लू पर एक टिप्पणी लिखिए। इसकी रोकथाम के लिए उपायों पर चर्चा कीजिए।
स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
S-400 मिसाइल सिस्टम के लिए मास्को में भारतीय सैन्य विशेषज्ञों का प्रशिक्षण
संदर्भ:
हाल ही में, अमेरिका ने फिर से भारत को चेतावनी दी है, कि उसे 5.5 बिलियन डॉलर की पाँच रूसी अल्माज़-अनतेई एस- 400 ट्रायम्फ स्व-चालित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM) खरीदने पर प्रतिबंधों का सामना कर सकता है।
भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए S-400 मिसाइल प्रणाली हासिल करने पर भारत के लिए ‘अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों को प्रतिबंधो के माध्यम से प्रत्युत्तर अधिनियम‘ (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act– CAATSA) से छूट मिलने की संभावना नहीं है।
CAATSA क्या है?
- अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों को प्रतिबंधो के माध्यम से प्रत्युत्तर अधिनियम‘ (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act- CAATSA) का प्रमुख उद्देश्य दंडात्मक उपायों के माध्यम से ईरान, उत्तर कोरिया और रूस को प्रत्युत्तर देना है।
- यह अधिनियम मुख्य रूप से, यूक्रेन में रूसी सैन्य हस्तक्षेप और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित रूसी छेड़छाड़ की पृष्ठभूमि में रूसी हितों, जैसे कि, इसके तेल और गैस उद्योग, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र, और वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित है।
अमेरिका द्वारा CAATSA जैसे कानून को लागू करने का कारण
- संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए चुनावों के बाद चुनावों में तथाकथित रूसी हस्तक्षेप, जिसे कुछ अमेरिकियों द्वारा मिलीभगत भी कहा गया था, का आरोप लगाया गया था। इसके बाद वाशिंगटन और मॉस्को के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया।
- विश्व भर में मॉस्को की कार्रवाइयों से नाराज, अमेरिकी कानूनविदों द्वारा रूस को इसके संवेदनशील जगहों, जैसे कि रक्षा और ऊर्जा व्यवसाय, पर चोट पहुचाने के उद्देश्य से CAATSA क़ानून पारित किया गया था।
प्रीलिम्स लिंक:
- CAATSA किससे संबंधित है?
- CAATSA के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति की शक्तियां।
- लगाये जाने वाले प्रतिबंधों के प्रकार।
- भारत और रूस के बीच महत्वपूर्ण रक्षा सौदे।
- ईरान परमाणु समझौते का अवलोकन।
मेंस लिंक:
CAATSA की विशेषताओं और महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्रोत: द हिंदू
विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
वेस्ट बैंक एवं इससे संबंधित मुद्दे:
संदर्भ:
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल समाप्त होने से पहले इजरायल ने वेस्ट बैंक में स्थित बस्तियों को अनुमोदित कर दिया है।
इस अनुमोदन को, व्यापक रूप से, ट्रम्प प्रशासन के अंतिम दिनों में उठाये जाने वाले लाभ के रूप में देखा जा रहा है।
‘वेस्ट बैंक’ (West Bank) की अवस्थिति:
यह पश्चिमी एशिया के भूमध्यसागरीय तट के पास एक स्थल-रुद्ध क्षेत्र है। पूर्व में इसकी सीमा जॉर्डन से मिलती है तथा यह दक्षिण, पश्चिम और उत्तर में ‘ग्रीन-लाइन’ द्वारा इज़राइल से पृथक होता है। वेस्ट बैंक के अंतर्गत पश्चिमी मृत सागर तट का काफी हिस्सा भी आता है।
इस क्षेत्र की बस्तियाँ और विवाद:
- वर्ष 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के पश्चात् वेस्ट बैंक पर जॉर्डन द्वारा कब्जा कर लिया गया था।
- इजरायल ने वर्ष 1967 के छह दिवसीय युद्ध के पश्चात इसे वापस छीन लिया, और तब से वेस्ट बैंक पर इसका अधिकार है। इस लड़ाई में इजराइल ने मिस्र, सीरिया और जॉर्डन की संयुक्त सेनाओं को हराया था ।
- इजराइल ने वेस्ट बैंक में लगभग 130 औपचारिक बस्तियों का निर्माण किया है, तथा पिछले 20-25 वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में इसी तरह की कई छोटी, अनौपचारिक बस्तियां विकसित हो चुकी हैं।
- इस क्षेत्र में 4 लाख से अधिक इजरायल उपनिवेशी निवास करते है, उनमें से कई यहूदी धार्मिक लोग, इस भूमि पर बाइबिल के अनुसार अपने पैदाइशी हक़ का दावा करते हैं।
- इनके अतिरिक्त्त, इस क्षेत्र में 26 लाख फिलिस्तीनियों इस क्षेत्र में निवास करते है।
- जब 1967 में इज़राइल द्वारा इस भूमि पर कब्ज़ा किया गया था, तब इसने यहूदी लोगों को इस स्थान पर बसने की अनुमति दी। लेकिन फिलिस्तीनियों द्वारा ‘वेस्ट बैंक’ फ़िलिस्तीनी भूमि पर अवैध कब्जा माना जाता है।
इन बस्तियों की वैधानिक स्थिति:
- संयुक्त राष्ट्र महासभा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अनुसार- वेस्ट बैंक में स्थित इजराइली बस्तियां, चतुर्थ जेनेवा अभिसमय (Fourth Geneva Convention) का उल्लंघन करती हैं।
- चौथे जिनेवा अभिसमय (1949) के अनुसार- किसी क्षेत्र पर कब्ज़ा करने वाली शक्ति, अपनी नागरिक आबादी के किसी भी हिस्से को अधिकृत क्षेत्र में निर्वासित या स्थानांतरित नहीं करेगी ।
- 1998 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय की स्थापना करने वाले रोम अधिनियम (Rome Statute) के अनुसार- कब्ज़ा करने वाली शक्ति द्वारा इस तरह का कोई भी स्थानांतरण ‘युद्ध अपराध’ के समान होगा, जिसमे सैन्य बलों द्वारा अवैध और निर्दयतापूर्वक संपतियों का नुकसान व उन पर कब्ज़ा किया जाता है।
प्रीलिम्स लिंक:
- सिक्स डे वॉर क्या है?
- ‘गाजापट्टी’ कहाँ अवस्थित है?
- जेरुशलम कहाँ अवस्थित है?
- फिलिस्तीनी कौन है और उनकी मांगे क्या है?
- इजरायल के चारो ओर के देश
मेंस लिंक:
क्या भारत फिलिस्तीन के संप्रभु स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापना का समर्थन करता है? चर्चा कीजिए।
स्रोत: द हिंदू
सामान्य अध्ययन- III
विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
उच्चतम न्यायालय द्वारा नदी की जल-गुणवत्ता पर स्थिति रिपोर्ट की मांग
संदर्भ:
हाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा नियुक्त यमुना निगरानी समिति से, जल-गुणवत्ता में सुधार हेतु इसकी सिफारिशों और राज्यों द्वारा इसके सुझावों को लागू करने के संबंध में स्थिति-रिपोर्ट माँगी है ।
इस समिति की अध्यक्ष दिल्ली की पूर्व मुख्य-सचिव शैलजा चंद्रा है।
पृष्ठभूमि:
13 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने नगरपालिकाओं की लापरवाहियों के कारण गंदे नाले के अपशिष्टों द्वारा नदियों के प्रदूषित होने को स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा, कि ‘नदियों सहित खुले सतही जल-संसाधन मानव सभ्यता के लिए जीवन-रेखा हैं’।
यमुना के अत्यधिक प्रदूषित होने संबंधी कारण:
- दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट/ दूषित जल उपचार संयंत्र (Sewage Treatment Plants) यमुना में प्रवाहित होने वाले प्रदूषकों के प्रमुख योगदान-कारक हैं।
- विभिन्न प्रकार के उद्योगों से उत्सर्जित प्रदूषकों का स्राव भी एक प्रमुख विषय है।
- दिल्ली में नदी के किनारे होने वाली कृषि-गतिविधियाँ भी नदी के प्रदूषण में योगदान करती हैं।
- हरियाणा राज्य के खेतों से कृषि अपशिष्टो और कीटनाशकों का स्राव भी प्रदूषण में योगदान करता है।
- नदी में जल-प्रवाह का स्तर कम होने से प्रदूषक तत्व जमा हो जाते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है।
यमुना नदी के बारे में:
- यमुना नदी, गंगा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
- इसकी उत्पत्ति उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बंदरपूँछ शिखर के पास यमुनोत्री नामक ग्लेशियर से निकलती है।
- यह उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से प्रवाहित होने के बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी से मिलती है।
- इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ चंबल, सिंध, बेतवा और केन हैं।
प्रीलिम्स लिंक:
- यमुना नदी कितने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर बहती है?
- यमुना की सहायक नदियाँ
- पीने के पानी में अमोनिया की अधिकतम स्वीकार्य सीमा?
- सल्फेट का स्वीकार्य स्तर
- पानी की कठोरता की वांछनीय सीमा
- मल कोलिफॉर्म का वांछनीय स्तर
स्रोत: द हिंदू
प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य
भारतीय स्टार कछुआ
(Indian star tortoise)
- यह प्रजाति, भारतीय उप-महाद्वीप में विशेष रूप से, भारत के मध्य और दक्षिणी भागों में, पश्चिम पाकिस्तान में और श्रीलंका में पायी जाती है।
- यह वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची IV के तहत संरक्षित है।
- वन्यजीवोंके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (CITES) की परिशिष्ट-I में सम्मिलित
- है।
- IUCN स्थिति: असुरक्षित (Vulnerable)।
सेमरू ज्वालामुखी
(Semeru volcano)
- हाल ही में, ‘सेमरू ज्वालामुखी’ में प्रस्फोट हुआ है।
- यह इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में अवस्थित है।
- यह जावा का उच्चतम ज्वालामुखी है और सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।












