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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 20 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की लंबी प्रक्रिया में भारत छोड़ो आंदोलन अपने आप में एक क्रांति थी। भारत छोड़ो आंदोलन की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कांग्रेस के मंत्रालयों का निर्माण एवं लोगों के विभिन्न वर्गों की व्यापक एवं विविध अपेक्षाओं की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे कुछ इतिहासकारों के द्वारा “अगस्त क्रांति” के रूप में जाना जाता है, की शुरुआत के बारे में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

महात्मा गांधी के भाषण एवं जनता तथा नेतृत्व के विभिन्न वर्गों के प्रति उनके आह्वान का उल्लेख कीजिए।

उन अभूतपूर्व विशेषताओं का उल्लेख कीजिए, जिन्हें आंदोलन के भाग के रूप में देखा गया था तथा जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन को अपने आप में एक क्रांति बना दिया, जैसे: जनता की भागीदारी, सरकारों द्वारा दमन, नए नेतृत्व की आपात स्थिति, समानांतर सरकारें, हिंसा, संगठन का अभिनव एवं गोपनीय रूप और आगजनी की घटनाएं आदि।

भारत छोड़ो आंदोलन के समग्र महत्व पर प्रकाश डालिए जिसने भारत को स्वतंत्रता के शिखर पर पहुँचा दिया।

निष्कर्ष:

इसके महत्त्व पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. जब माउंटबेटन ने घोषणा की कि अपेक्षित समय से दस माह पूर्व स्वतंत्रता दे दी जाएगी, नव स्थापित भारत तथा पाकिस्तान राज्यों को बड़े पैमाने पर पलायन, व्यापक हिंसा एवं अराजकता से निपटना पड़ा। विभाजन के पश्चात् आने वाले संकटों में ब्रिटिश प्रशासन के उत्तरदायित्व का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत का विभाजन करने वाली माउंटबेटन योजना एवं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

विभाजन के भयानक परिणामों पर प्रकाश डालिए।

विभाजन के परिणामों में अंग्रेजों के उत्तरदायित्व का परीक्षण कीजिए।

निष्कर्ष:

ब्रिटिश की भूमिका के बारे में एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

3. भारत की नेपाल नीति सभी वर्गों के साथ गहरे जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। राष्ट्रों के मध्य एवं नेपाल के भीतर आंतरिक अशांति के हाल के घटनाक्रमों के प्रकाश में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संक्षेप में, भारत-नेपाल संबंधों का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

एक टाइमलाइन प्रस्तुत कीजिए, जिसमें भारत एवं नेपाल के मध्य प्रमुख घटनाओं को दर्शाया गया हो तथा उनके संबंधों के विवादों पर प्रकाश डाला गया हो। हाल ही में सीमा विवाद का मुद्दा एवं नेपाल के आंतरिक संघर्ष पर विस्तृत रूप से चर्चा कीजिए।

एक दूसरे के लिए अपरिवर्तनीय दृष्टिकोण के लिए उत्तरदायी अंतर्निहित कारकों पर चर्चा कीजिए। दोनों देशों के संबंधों पर उनके प्रभावों का उल्लेख कीजिए। दोनों देशों के मध्य विभिन्न स्तरों पर संपन्न समझौतों पर चर्चा कीजिए।

भारत-नेपाल संबंधों की वर्तमान तस्वीर पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

संबंधों को पुनर्गठित करने एवं दोनों देशों के मध्य परस्पर समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक मार्ग का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. आत्मनिर्भर भारत में निहित सरकार की निर्यात नीति को सफल बनाने के लिए निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार लाने के उद्देश्य से एक सशक्त एवं प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एक सशक्त निर्यातोन्मुख नीति एवं आत्मनिर्भर भारत नीति की सफलता में इसकी भूमिका के मध्य सम्बन्ध स्थापित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

भारत के निर्यात क्षेत्र के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।

एक उचित रणनीति विकास के चालक के रूप में भारत के निर्यात क्षेत्र की सम्पूर्ण क्षमता को साकार करने में एक लंबी राह कैसे तय कर सकती है? समझाइए।

 निष्कर्ष:

इसे सफल बनाने के लिए आवश्यक पूरक उपायों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

5. डीपफेक क्या हैं? उनसे सम्बद्ध खतरे क्या हैं? भारत में मौजूदा कानून डीपफेक के विरुद्ध स्पष्ट रूप से व्यक्तियों और संस्थाओं की सुरक्षा के लिए अपर्याप्त हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सतत विकास के साथ-साथ भारत में खनन क्षेत्र के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

डीपफेक को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

डीपफेक द्वारा व्यक्तियों एवं संस्थाओं के लिए उत्पन्न विभिन्न खतरों का उल्लेख कीजिए। उनके उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

समझाइए कि भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, सूचना प्रौद्योगिकी मध्यस्थ दिशानिर्देश (संशोधन) नियम, 2018 और चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देश डीपफेक के खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त क्यों नहीं हैं।

उनके अनुसन्धान को बेहतर बनाने एवं उन्हें बेहतर तरीके से विनियमित करने के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: कमज़ोर वर्गों के प्रति सहिष्णुता तथा संवेदना।

 6. मीडिया द्वारा एवं लोकप्रिय संस्कृति में गरीबी का रूमानीकरण अप्रभावी तथा गरीबी उन्मूलन में गैर-समानुभूतिपूर्ण कैसे है? स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गरीबी के रूमानीकरण का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उदाहरण के साथ मीडिया में गरीबी के रूमानीकरण का विस्तृत वर्णन कीजिए। कुछ कंपनियों द्वारा अपनाए गए पिरामिड दृष्टिकोण का भी उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि गरीबी के रूमानीकरण से गरीबों को सहायता नहीं मिलती है बल्कि वास्तव में वे परेशान होते हैं। गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हुए, आधुनिक ऋण पर अधिकता, गरीबों एवं उनके मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता की कमी और जमीनी हकीकत की पूर्ण अवहेलना को प्रदर्शित करता है।

निष्कर्ष:

गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सामाजिक प्रभाव और अनुनय।

 7. अनुनय में वक्ता की विश्वसनीयता द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका का मूल्याङ्कन कीजिए। विश्वसनीयता निर्माण के उपाय भी सुझाइए। (150 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विश्वसनीयता को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

अनुनय में विश्वसनीयता द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका का वर्णन कीजिए।

विश्वसनीयता निर्माण के उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

अनुनय में विश्वसनीयता की भूमिका को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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