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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 14 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. कांग्रेस की स्थापना विगत वर्षों के राजनीतिक कार्य की स्वाभाविक परिणति थी। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

1885 में कांग्रेस के गठन की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों के बारे में संक्षेप में वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

कांग्रेस के गठन के सन्दर्भ में प्रचलित विभिन्न सिद्धांतों – सुरक्षा वाल्व सिद्धांत एवं राष्ट्रवादी सिद्धांत के बारे में संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

भारतीयों में विकसित राजनीतिक चेतना का उल्लेख कीजिए। इसके लिए उत्तरदायी कारकों का उल्लेख कीजिए। इसके अलावा, राजनीतिक जागृति के परिणामस्वरूप सम्पूर्ण भारत में विकसित होने वाले विभिन्न स्थानीय संगठनों के बारे में लिखिए। उनकी मांगों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कैसे इनके परिणामस्वरूप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में एक अखिल भारतीय संगठन का गठन हुआ।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. ग़दर क्रांतिकारियों ने व्यर्थ ही संघर्ष किया क्योंकि वे अपने इच्छित उद्देश्यों को प्राप्त करने में असफल रहे एवं इसलिए ग़दर आंदोलन को एक विफलता के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ग़दर आंदोलन और इसके लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के बारे में संक्षेप में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुरूप, ग़दर आंदोलन ने भारत और विदेशों में कैसे आकार लिया? समझाइए। इसके नेताओं और ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के उनके प्रयासों के बारे में संक्षेप में लिखिए।

अपने उल्लिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने में ग़दर क्रन्तिकरियों की सफलता और विफलता का विस्तार से विश्लेषण कीजिए। ग़दर क्रन्तिकरियों की तैयारी, गोपनीयता की कमी और औपनिवेशिक सरकार द्वारा आंदोलन के दमन के बारे में उल्लेख कीजिए।

राष्ट्रवादी चेतना और विचारधारा को और अधिक गहरा करने में ग़दर आंदोलन के योगदान पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि राजनीतिक आंदोलन की सफलता या असफलता को हमेशा निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के संदर्भ में नहीं बल्कि समग्र योगदान और इसके द्वारा निर्मित विरासत से मापा जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

3. क्यूबा के प्रति अमेरिका के तीखे व्यवहार की जड़ें शीत युद्ध के दौर में निहित हैं। अमेरिका द्वारा क्यूबा को एक आतंकवाद प्रायोजक राज्य के रूप में पुनर्निर्धारित किए जाने के बाद अमेरिकी-क्यूबा संबंध को एक नया मोड़ दिया गया है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ट्रम्प के राष्ट्रपति काल के अंतिम समय में क्यूबा को एक आतंकवाद प्रायोजक राज्य के रूप में पुनर्निर्धारित किये जाने का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

शीत युद्ध से लेकर वर्तमान तक एक छोटे से कैरिबियाई राष्ट्र क्यूबा एवं यूएएसए के मध्य संबंधों पर प्रकाश डालिए। क्यूबा मिसाइल संकट सहित फिदेल कास्त्रो के शासन के दौरान संबंधों में उत्पन्न जटिलताओं और शत्रुता पर प्रकाश डालिए।

ट्रम्प प्रशासन द्वारा इसे एक आतंकवाद प्रायोजक राज्य के रूप में निर्धारित किये जाने के मौजूदा कारणों का उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि कैसे यह कदम दोनों राष्ट्रों के बीच संबंधों को और जटिल बनाएगा एवं यह आने वाले बाइडेन प्रशासन के लिए कठिन होगा, जो ओबामा काल में प्राप्त किए गए अच्छे कार्यों को पूर्ववत कर देगा।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

 4. आपूर्ति श्रृंखला वायरस जल्दी से साइबर युद्ध का नया चेहरा बन रहे हैं। भारत को ऐसे हमलों से भारत को संरक्षित करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए। जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द: 

जांच कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एक आपूर्ति श्रृंखला वायरस का निर्माण कैसे होता है? सोदाहरण समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

आपूर्ति श्रृंखला वायरस आक्रमण के तंत्र एवं देश की आपूर्ति श्रृंखला पर इसके निहितार्थों का वर्णन कीजिए। अपने उत्तर की पुष्टि के लिए वियतनाम एवं अमेरिका के उदाहरणों का उपयोग कीजिए।

भारत की आपूर्ति श्रृंखला की विशाल प्रकृति को देखते हुए, उन्हें अस्थिर करने और जनता को प्रभावित करने के लिए भारत में आपूर्ति श्रृंखला वायरस के संभावित प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

किसी भी आपूर्ति श्रृंखला वायरस की निरंतर पहचान करने और उससे सुरक्षा के लिए क्षमता निर्माण करने के संबंध में भारत द्वारा उठाये जाने वाले कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

5. क्रिप्टोकरेंसी जोखिमों की बहुलता को प्रस्तुत करती है। क्रिप्टोकरेंसी से सम्बद्ध जोखिमों के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए एवं उन्हें रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपनाये जाने वाले उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्रिप्टोकरेंसी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

क्रिप्टोकरेंसी के अनुप्रयोगों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

क्रिप्टोकरेंसी से सम्बद्ध जोखिमों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

क्रिप्टोकरेंसी से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का उल्लेख करने वाली किसी भी रिपोर्ट का उल्लेख कीजिए।

क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए उपरोक्त चरणों को संबोधित करने के उद्देश्य से  आरबीआई द्वारा उठाये जाने योग्य कदमों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

एक विनियमित वातावरण में क्रिप्टोकरेंसी के विकास को सुनिश्चित करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार।

 6. जवाबदेह तथा पारदर्शी एवं गलत सूचनाओं का सामना करके सरकार कोविड -19 के खिलाफ युद्ध में हमारे लिए महत्वपूर्ण सार्वजानिक टीकाकरण में सुधार कर सकती है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

 संदर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में से एक रूप में देखे जाने वाले अभियान का संदर्भ देते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए एवं टीकाकरण अभियान की सफलता एवं पारदर्शिता के मध्य संबंध स्पष्ट कीजिए।

विषय वस्तु:

समझाइये कि कैसे टीकाकरण अभियान के संबंध में पारदर्शिता और सार्वजनिक जानकारी की कमी से टीकाकरण के खिलाफ जनभावना को क्षति पहुंच सकती है। मीडिया और सार्वजनिक डोमेन में बढ़ती गलत सूचना के कारण वैक्सीन को लेकर संकोच पैदा हो सकता है।

सरकार द्वारा भय एवं संदेह पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम।

 7. क्या सफेद झूठ नैतिक रूप से उचित है? सफेद झूठ की अवधारणा पर सोदाहरण चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

 संदर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सफेद झूठ के निर्माण को सोदाहरण परिभाषित कीजिए।

विषय वस्तु:

सफेद झूठ की प्रकृति का परीक्षण कीजिए एवं विभिन्न नैतिक सिद्धांतों और विचारकों के विचारों का उपयोग करके इस अवधारणा का विश्लेषण कीजिए। अपने तर्कों के पुष्टिकरण के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

ऐसी परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए, जहाँ सफ़ेद झूठ का उपयोग करना उचित होगा तथा जहाँ सफ़ेद झूठ का उपयोग उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष:

एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि सफेद झूठ का उपयोग स्थिति पर आधारित होता है लेकिन सभी प्रकार के झूठ धोखे का एक रूप हैं। जब तक असामान्य परिस्थितियाँ न हों, तब तक नैतिक रूप से सफेद झूठ को सही ठहराना उचित नहीं होगा।


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