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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 12 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. सम्पूर्ण भारत में देखी गयी असहयोग आंदोलन की प्रकृति का वर्णन कीजिए। असहयोग आंदोलन वापस क्यों ले लिया गया था एवं इसका क्या प्रभाव पड़ा? (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष:बिपिन चंद्र

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

असहयोग आंदोलन तथा उसे प्रारम्भ करने का संदर्भ संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

असहयोग आंदोलन की प्रमुख विशेषताओं एवं इसके प्रमुख उपकरणों पर प्रकाश डालिए।

असहयोग आंदोलन भारत के विभिन्न भागों जैसे बॉम्बे, बंगाल, संयुक्त प्रान्त, आंध्रा, असम और पंजाब आदि में कैसे प्रारम्भ हुआ? समझाइए।

असहयोग आंदोलन को वापस लेने के कारणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

राष्ट्रवादियों की प्रतिक्रिया और इसके अचानक समाप्त हो जाने से राष्ट्रीय आंदोलन की समकालीन राजनीति पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इसे अचानक समाप्त किये जाने के बावजूद यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण आंदोलन था।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. क्या आपको लगता है कि खिलाफत आंदोलन को महात्मा गांधी के समर्थन ने उनकी धर्मनिरपेक्ष पहचान को कमजोर कर दिया था? घटनाओं के मूल्यांकन के आधार पर अपना तर्क प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष:बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

खिलाफत आंदोलन की पृष्ठभूमि और गांधी जी द्वारा इसे समर्थन दिए जाने का कारण बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस प्रकार के प्रश्नों को एक वृत्तांत के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए। मुख्य भाग में सर्वप्रथम चर्चा कीजिए कि खिलाफत आंदोलन को उनके समर्थन ने उनकी धर्मनिरपेक्ष पहचान को कैसे कमजोर किया। इस आधार पर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना क्यों की?

स्पष्ट कीजिए कि यद्यपि यह आंदोलन धार्मिक मुद्दे पर आधारित था, क्योंकि गांधीजी न तो सांप्रदायिक थे और न ही मुस्लिम समर्थक और न ही अवसरवादी नेता थे, बल्कि एक व्यावहारिक राजनेता थे, जिन्हें ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध अवसरों और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना था।

उनके उद्देश्यों की शुद्धता पर प्रकाश डालते हुए समझाइए कि कैसे उन्होंने चौरी चौरा की घटना के पश्चात् अपने एकमात्र सच्चे धर्म अर्थात मानवता को दर्शाते हुए आंदोलन को वापिस ले लिया।

निष्कर्ष:

उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. स्कूली शिक्षा पर कोविड -19 का अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बड़े पैमाने पर स्कूल से बाहर निकलने की दर को रोकने के लिए सरकार की ओर से एक सुनियोजित और समग्र प्रयास की आवश्यकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शिक्षा क्षेत्र पर कोविड -19 के प्रभावों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

स्थिति की गंभीरता को समझाने के लिए कुछ प्रमुख तथ्य एवं आंकड़े प्रस्तुत कीजिए एवं शिक्षा में इसप्रकार के अवरोध के कारणों का वर्णन कीजिए।

उपरोक्त के संभावित परिणामों के बारे में चर्चा कीजिए।

इसे रोकने के लिए आवश्यक उपायों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 4. नवीन यूरोपीय संघ-चीन निवेश समझौता किसी भी दीर्घकालिक रणनीति पर बढ़ती वैश्विक शक्ति से अल्पकालिक आर्थिक अवसरों की प्राथमिकता को रेखांकित करता है। साथ ही यह उस वैश्विक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों को चुनौती देने के लिए तत्पर है, जिसे यूरोपीय संघ संरक्षित करने का इच्छुक है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

समझौते की प्रकृति समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए एवं समझाइए कि कैसे यह एक प्रमुख आर्थिक महत्व के समझौते के रूप में चित्रित किया गया है क्योंकि चीन ने यूरोपीय व्यवसायों को उनके संचालन के लिए निश्चितता और पूर्वानुमेयता देते हुए यूरोपीय संघ के निवेशकों के लिए बाजार के एक अभूतपूर्व स्तर की उपलब्धता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

 विषय वस्तु:  

यूरोपीय संघ और चीन के बीच संपन्न समझौते के प्रमुख तत्वों और महत्वपूर्ण विवरणों का उल्लेख कीजिए।

इस समझौते का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

समझाइए कि यह यूरोपीय संघ-भारत संबंधों को कैसे प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष:

यूरोपीय संघ और चीन के बीच हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर भारत को किसप्रकार के  दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता है, बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

5. निम्नलिखित उद्धरण से आप क्या समझते हैं?

 ‘किसी व्यक्ति को नैतिकता के स्थान पर विचारों की दृष्टि से शिक्षित करना समाज के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले एक व्यक्ति को शिक्षित करना है’। थियोडोर रूजवेल्ट (150 शब्द)

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण के अर्थ का विस्तृत वर्णन करते हुए एवं इसे अपने शब्दों में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उद्धरण के पुष्टिकरण के लिए उदाहरणों का उपयोग कीजिए।

अनुशासन, ईमानदारी, दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील होना, शिक्षकों के लिए सम्मान, विपरीत दृष्टिकोण को समझे बिना बहस में न उलझना, टीम भावना को बढ़ावा देना, नियमों और आचार संहिता का सम्मान करना, दूसरों की सफलता के लिए खुश होना आदि मूल्यों को मूल्य आधारित शैक्षिक प्रणाली का एक अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।

समझाइए कि कैसे विभिन्न विधाओं में शिक्षित पुरुषों और महिलाओं को एवं युवा छात्रों को हमारे मूल्य प्रणालियों पर नियंत्रण वापस लेने के लिए अपनी जिम्मेदारी को पूरा करना चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।

 6. अभिवृत्ति एवं व्यवहार के मध्य क्या संबंध है? स्पष्ट कीजिए। अभिवृत्ति का निर्माण कैसे होता है? (150 शब्द)

 संदर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अभिवृत्ति एवं व्यवहार को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

अभिवृत्ति और व्यवहार के मध्य क्या सम्बन्ध है? स्पष्ट कीजिए।

अभिवृत्ति का निर्माण कैसे होता है? समझाइए।

निष्कर्ष:

उचित अभिवृत्ति विकसित करने की आवश्यकता के बारे में उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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