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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 8 January 2021

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-I

1. प्रवासी भारतीय दिवस (PBD)

 

सामान्य अध्ययन-II

1. जम्मू-कश्मीर हेतु नई औद्योगिक विकास योजना (J&K IDS, 2021)

2. अमेरिकी संविधान का 25 वां संशोधन

3. पांचवे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण निष्कर्षों का अध्ययन करने हेतु समिति

 

सामान्य अध्ययन-III

1. स्पेक्ट्रम नीलामी

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)

2. नौसेना नवोन्मेष एवं स्वदेशीकरण संगठन (NIIO)

3. त्रिपुरा सरकार द्वारा राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

प्रवासी भारतीय दिवस (PBD)


(Pravasi Bharatiya Divas)

संदर्भ:

मौजूदा कोविड महामारी के बावजूद 9 जनवरी 2021 को देश में 16वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

प्रवासी भारतीय दिवस के बारे में:

भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने हेतु 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) का आयोजन किया जाता है।

  • प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन, विदेश मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है और यह विदेश में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने तथा संबंध स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
  • इस कार्यक्रम का आयोजन वर्ष 2003 से नियमित किया जा रहा है।
  • वर्ष 2015 में इस कार्यक्रम के प्रारूप को संशोधित किया गया और इसके बाद से प्रति दो वर्ष में एक बार प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन किया जाता है।

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 2021 का विषय: “आत्मनिर्भर भारत में योगदान”।

9 जनवरी को PBD मनाए जाने का कारण

प्रवासी भारतीय दिवस मनाने हेतु 9 जनवरी का दिन चुना गया है, क्योंकि वर्ष 1915 में इसी दिन महात्मा गांधी, दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व कर भारतीयों के जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया।

महत्व:

  • ये सम्मेलन विदेशी भारतीय समुदाय को भारत सरकार और उनके पूर्वजों की भूमि के लोगों के साथ जुड़ने तथा परस्पर हितकारी गतिविधियों के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।
  • ये सम्मेलन विश्व के विभिन्न भागों में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्किंग के लिए भी काफी उपयोगी होते हैं एवं विभिन्न क्षेत्रों में अपने अनुभवों को साझा करने में सक्षम बनाते हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. प्रवासी भारतीय दिवस किस दिन मनाया जाता है?
  2. PBD मनाए जाने के पीछे का कारण
  3. इसका महत्व

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।

जम्मू-कश्मीर हेतु नई औद्योगिक विकास योजना (J&K IDS, 2021)


(New Industrial Development Scheme for Jammu & Kashmir)

संदर्भ:

हाल ही में, भारत सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में औद्योगिक विकास के लिए जम्मू-कश्मीर हेतु नई औद्योगिक विकास योजना (New Industrial Development Scheme for Jammu & KashmirJ&K IDS, 2021) तैयार की गयी है।

योजना के बारे में:

जम्मू-कश्मीर हेतु नई औद्योगिक विकास योजना (J&K IDS, 2021) एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।

इस योजना का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में ब्लॉक स्तर तक औद्योगिक विकास को ले जाना है और यह भारत सरकार द्वारा पहली बार ब्लॉक स्तर पर शुरू की गई औद्योगिक प्रोत्साहन योजना है।

  • प्रस्तावित योजना का वित्तीय परिव्यय योजना अवधि 2020-21 से 2036-37 के लिए 28,400 करोड़ रुपये है।
  • इस योजना में नए निवेश को आकर्षित करने तथा जम्मू-कश्मीर में मौजूदा उद्योगों के विकास हेतु 5 सालों के लिए 5% की दर से कार्यशील पूंजी की सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।

योजना का उद्देश्य:

  • इस योजना का मुख्य लक्ष्य रोजगार सृजन करना है, जिससे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके।
  • इसके अलावा, योजना का उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में विनिर्माण के साथ-साथ सेवा क्षेत्र का विकास करना है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • यह योजना छोटी और बड़ी दोनों तरह की इकाइयों के लिए आकर्षक बनायी गई है।
  • यह भारत सरकार द्वारा संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी तथा संतुलित औद्योगिक विकास के लिए किया गया एक प्रयास है।
  • जीएसटी से जुड़े प्रोत्साहन को शामिल करके योजना को व्यापार-सुगमता के अनुरूप सहज बनाया गया है। जीएसटी से जुड़ा प्रोत्साहन पारदर्शिता से समझौता किये बिना अनुपालन बोझ को कम करना सुनिश्चित करेगा।
  • इस योजना का जीएसटी प्रतिपूर्ति या वापसी से कोई संबंध नहीं है बल्कि केंद्र शासित जम्मू और कश्मीर के नुकसान की भरपाई के लिए कुल जीएसटी का इस्तेमाल औद्योगिक प्रोत्साहन की पात्रता निर्धारित करने में होता है।

प्रमुख प्रभाव तथा रोजगार सृजन क्षमता:

इस योजना के तहत रोजगार सृजन, कौशल विकास,नए निवेश को आकर्षित करके जम्मू और कश्मीर के वर्तमान औद्योगिक परिवेश में मौलिक परिवर्तन किया जाएगा।

  • जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय स्तर पर देश के औद्योगिक रूप से विकसित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के साथ स्पर्धा करने में सक्षम हो सकेगा।
  • प्रस्तावित योजना से अप्रत्याशित निवेश आकर्षित होगा तथा लगभग 4.5 लाख व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. J&K IDS, 2021 क्या है?
  2. योजना की अवधि
  3. प्रयोजन?
  4. योजना के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहन
  5. केंद्रीय क्षेत्रक योजना बनाम केंद्र प्रायोजित योजना

मेंस लिंक:

जम्मू और कश्मीर के लिए नई औद्योगिक विकास योजना, संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी तथा संतुलित औद्योगिक विकास के लिए किया गया एक प्रयास है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन


(25th Amendment of the US Constitution)

संदर्भ:

डोनाल्ड ट्रम्प समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में उपद्रव मचाने के बाद कई लोगों ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने की मांग की है।

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन क्या है?

25वें संशोधन (Twenty-fifth Amendment) को संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में वर्ष 1967 के संशोधन / Amendment (1967) के रूप में जाना जाता है।

  • इस संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के रिक्त होने एवं अयोग्यता से संबंधित उत्तराधिकार नियमों को निर्धारित किया गया है
  • यह संशोधन अमेरिकी कांग्रेस द्वारा 6 जुलाई, 1965 को प्रस्तावित किया गया था और 10 फरवरी, 1967 को पारित किया गया था।

पच्चीसवें संशोधन में चार अनुच्छेद हैं:

  1. पहले अनुच्छेद में, राष्ट्रपति की मृत्यु होने पर पारंपरिक उत्तराधिकार प्रक्रिया को संहिताबद्ध किया गया है, जिसके तहत उपराष्ट्रपति, कार्यकाल पूरे होने तक राष्ट्रपति के पद पर कार्य करेगा। इसमें राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने पर उपराष्ट्रपति की पदोन्नति के बारे में भी परिवर्तन किया गया है।
  2. संशोधन का दूसरा अनुच्छेद उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति के संबंध में प्रावधान करता है।
  3. तीसरे अनुच्छेद में ‘राष्ट्रपति पद’ की शक्तियों और कर्तव्यों के निर्वहन हेतु राष्ट्रपति की क्षमताओं का निर्धारण करने के लिए औपचारिक प्रक्रिया निर्धारित की गयी है। यदि राष्ट्रपति अपनी असमर्थताओं की घोषणा करने में सक्षम है, तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेगा।
  4. संशोधन के चौथे अनुच्छेद में प्रावधान किया गया है, कि यदि राष्ट्रपति अपनी अक्षमता घोषित करने में असमर्थ होता है, तो उपराष्ट्रपति और कैबिनेट संयुक्त रूप से इसकी जांच करेंगे। इस स्थिति में उपराष्ट्रपति, तत्काल ही कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ उपराष्ट्रपति पेंस से पच्चीसवें संशोधन के चौथे अनुच्छेद को ही लागू किये जाने की मांग की जा रही है

पच्चीसवें संशोधन का अतीत में इस्तेमाल

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या के बाद कांग्रेस द्वारा पच्चीसवें संशोधन को 6 जुलाई, 1965 को प्रस्तावित किया गया था और 10 फरवरी, 1967 को अमेरिकी राज्यों द्वारा इसकी पुष्टि की गई थी।
  • पच्चीसवें संशोधन के चौथे अनुच्छेद को अभी तक कभी भी लागू नहीं किया गया है।

डोनाल्ड ट्रम्प समर्थकों द्वारा कैपिटल हिल में उपद्रव का कारण

  • राष्ट्रपति ट्रम्प, बिना किसी वैध सबूत के, बार-बार जोर देकर कह रहे हैं कि नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी।
  • अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गणना की पुष्टि करने हेतु अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में एकत्रित हुए थे। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा मतों की पुष्टि होने के बाद 20 जनवरी को जो बिडेन द्वारा औपचारिक रूप से पदभार संभालने का मार्ग प्रशस्त हो जाता। ट्रम्प ने इसी दौरान समर्थकों से अपनी आवाज अमेरिकी कांग्रेस सुनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अमेरिकी संविधान के पच्चीसवें संशोधन के बारे में?
  2. संशोधन के अनुच्छेद
  3. इस संशोधन को अतीत में लागू जाने संबंधी उदाहरण।
  4. कैपिटल हिल उपद्रव का कारण

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

पांचवे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण निष्कर्षों का अध्ययन करने हेतु समिति


(Panel to study NFHS-5 findings)

संदर्भ:

हाल ही में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पांचवे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) में प्राप्त प्रतिकूल निष्कर्षों की जांच करने हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

विशेषज्ञ समिति के बारे में:

  • इस समिति की अध्यक्षता परिवार कल्याण मंत्रालय की संयुक्त सचिव प्रीति पंत को सौंपी गयी है और इसमें औषधि एवं पोषण विशेषज्ञों को भी सम्मिलित किया गया है।
  • समिति में कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के राज्य कार्यक्रम अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।

समिति का अधिदेश:

समिति को कुपोषण, बौनापन (stunting), रक्ताल्पता और सी-सेक्शन (C-Section: Cesarean Delivery) संबंधी संकेतकों को बेहतर बनाने हेतु प्रकार्यात्मक और नीतिगत हस्तक्षेपों की सिफारिश करने का कार्य सौंपा गया है।

NFHS 5 के प्रमुख निष्कर्ष:

पांचवे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में 130 से अधिक मापदंडों पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आंकड़े पेश किये गए हैं। विभिन्न मापदंडों पर कई राज्यों ने पिछले सर्वेक्षण के (NFHS 4: 2015-16) की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है।

  • सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2014 और 2019 के बीच जन्म लेने वाले बच्चे पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक कुपोषित पाए गए।
  • अधिकांश भारतीय राज्यों में नवजात शिशु और बाल मृत्यु दरों में गिरावट आई है।
  • सिक्किम, असम, गोवा और जम्मू और कश्मीर राज्यों में नवजात मृत्यु दर (Neonatal Mortality RateNMR), शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality RateIMR) और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (Under-Five Mortality RateU5MR) में काफी गिरावट देखी गयी है।
  • मेघालय, मणिपुर और अंडमान और निकोबार द्वीप में बाल मृत्यु दर की तीनों श्रेणियों – नवजात मृत्यु दर (NMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (U5MR) में वृद्धि दर्ज की गई है।
  • सर्वेक्षण में भाग लेने वाले सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में, बिहार में शिशु और बाल मृत्यु दर की तीनों श्रेणियों में उच्चतम वृद्धि देखी गई, जबकि केरल में सबसे कम बाल मृत्यु दर दर्ज की गई।

NFHS 5 निष्कर्षों का महत्व:

  • बाल कुपोषण में भारी वृद्धि और सामान्यतः महिलाओं तथा गर्भवती महिलाओं में रक्ताल्पता के बढ़ते स्तर का स्पष्ट रूप से मतलब है कि 2015-2019 के दौरान जन्म लेने वाले बच्चे दुर्बलता अथवा अक्षमताओं से पीड़ित हो सकते हैं।
  • हालाँकि, भारत में NFHS 3 (2005-06) और NFHS 4 (2015-16) के मध्य बाल कुपोषण में सुधार देखा गया था, किंतु NFHS 5 परिणामों के अनुसार, बच्चों के बीच कुपोषण के मामले में देश ने नकारात्मक राह पकड़ ली है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. NFHS 5 के प्रमुख निष्कर्ष
  2. निष्कर्षों का अध्ययन करने हेतु गठित समिति के बारे में।
  3. ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ (NFHS) क्या है?
  4. NFHS का संचालन कौन करता है?

मेंस लिंक

हालाँकि भारत में पिछले सर्वेक्षणों के दौरान बाल कुपोषण में सुधार देखा गया था, किंतु हालिया सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार बाल कुपोषण के मामले में देश ने नकारात्मक राह पकड़ ली है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

स्पेक्ट्रम नीलामी’


(What are the spectrum auctions?)

संदर्भ:

हाल ही में, दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications- DoT) द्वारा 1 मार्च से 4G स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू करने संबंधी घोषणा की है।

स्पेक्ट्रम बिक्री के प्रमुख उद्देश्य:

  • उपलब्ध स्पेक्ट्रम के लिए बाजार-निर्धारित मूल्य हासिल करना,
  • स्पेक्ट्रम का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना तथा जमाखोरी को समाप्त करना,
  • क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और अधिकतम राजस्व अर्जित करना।

‘स्पेक्ट्रम नीलामी’ क्या है?

स्पेक्ट्रम नीलामी (Spectrum Auction) प्रक्रिया के तहत, सरकार विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विशिष्ट बैंडो पर सिग्नलों को प्रसारित करने के अधिकार बेचने और दुर्लभ स्पेक्ट्रम संसाधनों व्यावसायिक समूहों को सौपनें के लिए नीलामी पद्धति का उपयोग करती है।

भारत में स्पेक्ट्रम की नीलामी

सेलफोन और तार की लाइन वाले टेलीफोन जैसे उपकरणों को परस्पर एक दूसरे से जुड़ने के लिए संकेतों (Signals) की आवश्यकता होती है। ये सिग्नल वायु-तरंगो (Airwaves) पर कार्य करते हैं तथा बाधा-रहित संचरण के लिए इन संकेतों को निर्दिष्ट आवृत्तियों पर भेजा जाता है।

  • देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सभी परिसंपत्तियों पर केंद्र सरकार का स्वामित्व होता है, इसमें वायुतरंगे एयरवेव भी शामिल होती हैं।
  • सेलफोन, वायरलाइन टेलीफोन और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ ही समय-समय पर इन संकेतों को अधिक स्थान दिए जाने की आवश्यकता होती है।
  • इन संकेतो के प्रसारण हेतु अवसंरचना निर्माण करने की इच्छुक कंपनियों के लिए इन परिसंपत्तियों को बेचने हेतु केंद्र सरकार दूरसंचार विभाग (DoT) के माध्यम से समय-समय पर वायुतरंगों की नीलामी करती है।
  • इन वायुतरंगों को स्पेक्ट्रम कहा जाता है। ये स्पेक्ट्रम अलग-अलग आवृत्तियों वाले बैंड्स में उप-विभाजित होते हैं।
  • इन सभी वायुतरंगों को एक निश्चित अवधि के लिए बेचा जाता है। आम तौर पर यह अवधि 20 वर्ष निर्धारित की जाती है, तथा अवधि पूरी होने के बाद इनकी वैधता समाप्त हो जाती है।

स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने हेतु दावेदार

अपने नेटवर्क पर उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या की सुविधा हेतु निजी क्षेत्र के सभी तीनो दूरसंचार व्यावसायिक समूह, रिलायंस जियो इन्फोकॉम, भारती एयरटेल, और वोडाफ़ोन-आईडिया (Vi), अतिरिक्त स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए पात्र दावेदार हैं।

  • इन तीन व्यावसायिक समूहों के अलावा, विदेशी कंपनियों सहित नई कंपनियां भी एयरवेव के लिए बोली लगाने हेतु पात्र हैं।
  • हालाँकि, विदेशी कंपनियों को स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने हेतु, भारत में एक शाखा स्थापित करनी होगी और एक भारतीय कंपनी के रूप में पंजीकरण करना होगा अथवा किसी भारतीय कंपनी के साथ गठजोड़ करना होगा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. स्पेक्ट्रम नीलामी क्या हैं?
  2. बिक्री के उद्देश्य
  3. नई स्पेक्ट्रम नीलामी की आवश्यकता
  4. नीलामी में कौन भाग ले सकता है?

मेंस लिंक:

भारत में स्पेक्ट्रम नीलामी एक खरीदार की बाजार में परिवर्तित हो गई है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)

(Bureau of Indian Standards)

6 जनवरी को भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards- BIS) द्वारा स्थापना दिवस मनाया गया।

BIS के बारे में:

  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), भारत में राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने वाली संस्था है। यह उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में कार्य करता है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो की स्थापना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 के अंतर्गत की गयी थी।
  • भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम (BIS Act), 2016 के तहत BIS को एक राष्ट्रीय मानक निकाय का दर्जा दिया गया। BIS एक्ट, 12 अक्टूबर 2017 को लागू किया गया।
  • भारतीय मानक ब्‍यूरो, उत्‍पादों के मानकीकरण, चिहांकन और गुणवत्ता प्रमाणित गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास एवं इससे संबंधित मामलों के लिए उत्तरदायी है।

नौसेना नवोन्मेष एवं स्वदेशीकरण संगठन (NIIO)

(Naval Innovation and Indigenisation Organisation)

हाल ही में, रक्षा मंत्री द्वारा नौसेना नौसेना नवोन्मेष एवं स्वदेशीकरण संगठन (NIIO) की शुरुआत की गयी है।

  • नौसेना प्रौद्योगिकी त्वरण परिषद (N-TAC) नवोन्मेषण एवं स्वदेशीकरण दोनों पहलुओं को एक साथ लाएगी और शीर्ष स्तरीय निर्देश उपलब्ध कराएगी।
  • N-TAC के तहत एक कार्य समूह परियोजनओं को कार्यान्वित करेगा।
  • त्वरित समय सीमा में उभरती बाधाकारी प्रौद्योगिकी के समावेशन के लिए एक प्रौद्योगिकी विकास त्वरण प्रकोष्ठ (TDAC) का सृजन किया गया है।

त्रिपुरा सरकार द्वारा राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी

  • त्रिपुरा सरकार की नई योजना के तहत, राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मार्च 2018 तक राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया गया है।
  • इस योजना के तहत, अपेक्षित मानदंडों को पूरा करने वाले ऐसे परिवारों के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।

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