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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 8 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. 1909 के ‘सुधारों’ ने भारत में सांप्रदायिकता को संस्थागत बना दिया। भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष:बिपिन चंद्र

निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

परिचय में मॉर्ले- मिंटो सुधारों के प्रमुख पहलुओं का एक संक्षिप्त पूर्वावलोकन प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

स्पष्ट कीजिए कि कैसे पृथक सांप्रदायिक निर्वाचन की अवधारणा को प्रारम्भ करके सांप्रदायिकता की नीति और फूट डालो राज करो की नीति को कानूनी मंजूरी मिली।

उन परिस्थितियों पर प्रकाश डालिए जिनके तहत यह लागू हुआ था। नरमपंथियों की प्रमुख मांगों जैसे- विधान परिषद का विस्तार, उत्तरदायी सरकार आदि पर प्रकाश डालिए। उदाहरणों की सहायता से समझाइए कि ये सुधार वास्तविक मांग की छाया मात्र थे।

इन सुधारों की कुछ सकारात्मकताओं का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि देश की राजनीतिक समस्याओं को हल करने के स्थान पर इन संवैधानिक सुधारों ने स्थिति को बदतर बनाकर और अधिक समस्याएं उत्पन्न कीं।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. होम रूल आंदोलन की निश्चित ही कुछ सीमाएँ थीं, लेकिन फिर भी इसका राष्ट्रीय आंदोलन और देश के मिज़ाज को परिवर्तित करने में एक ठोस और गहरा प्रभाव पड़ा। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष:बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम होम रूल आंदोलन, इसके नेताओं, प्रेरणा और लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।

 विषय वस्तु:

होम रूल आंदोलन और इसके कामकाज और प्रसार की प्रकृति के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

होम रूल की सीमाओं पर प्रकाश डालिए। तिलक और बेसेंट की लीग के बीच सामंजस्य की कमी, कांग्रेस का अविश्वास, मोंटेग्यू घोषणा के बाद बेसेंट की अस्थिरता, 1917 के पश्चात् नेतृत्व का अभाव आदि।

आंदोलन की विरासत के बारे में विस्तार से लिखिए। युद्ध काल के दौरान राष्ट्रीय आंदोलन को गति प्रदान की, लखनऊ में कांग्रेस में चरमपंथियों का पुन: प्रवेश, आगामी नेताओं के लिए एक मंच प्रदान किया, गांधी के आगमन और जन आंदोलनों के लिए भारत को तैयार किया आदि।

निष्कर्ष:

इसके समग्र महत्व एवं होम रूल आंदोलन की विरासत को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

3. विलक्षण एवं अस्थिर ट्रम्पवाद के अंत के साथ ही सीनेट, कांग्रेस पर एक लोकतांत्रिक नियंत्रण एवं राष्ट्रपति पद भी विश्व और भारत के लिए एक स्वागत योग्य परिवर्तन है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu  , The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सत्ता के हस्तांतरण के संबंध में हाल की अस्थिरता और झड़पों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

श्री ट्रम्प के प्रशासन एवं विदेश नीति की अस्थिरता और अप्रत्याशितता का उल्लेख कीजिए। पेरिस समझौते से निकासी, ईरान समझौता, यूनेस्को, व्यापार युद्ध आदि जैसे उदाहरणों का भी उल्लेख कीजिए। भारत के साथ इनके संबंधों और भारतीय प्रवासी पर इसके प्रभाव पर भी प्रकाश डालिए।

ट्रम्प युग से आगे बढ़ने पर हम किन बदलावों की अपेक्षा कर सकते हैं। नवीन प्रशासन के आगमन का विश्व और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की सकारात्मक राह का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।

 4. एक असमान विश्व में कोई भी झटका लोगों को असमान रूप से प्रभावित करता है। इस महामारी ने विमुद्रीकरण के समान ही लोगों को प्रभावित किया है और उनके संयुक्त प्रभाव ने गरीबों की असमानताओं और दुख को बढ़ा दिया है। नीति निर्माताओं को उन्हें और कष्टों से बचाने के लिए तत्परता से कार्य करना चाहिए। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महामारी के कारण गरीबी की बढ़ती असमानताओं का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। प्रासंगिक आँकड़े / तथ्यों के साथ उपर्युक्त का समर्थन कीजिए।

 विषय वस्तु:  

इन असमानताओं के कारण उत्पन्न होने वाले विस्तृत प्रभावों जैसे- बच्चों की शिक्षा, पर्याप्त भोजन और पोषण, आजीविका, आवास और बुनियादी सुविधाओं जैसे जल एवं स्वच्छता आदि तक पहुंच से वंचित होना आदि का उल्लेख कीजिए। तथ्यों की सहायता से पुष्टि कीजिए।

इस दबावपूर्ण स्थिति को संबोधित करने के लिए आवश्यक परिवर्तन एवं नवोन्मेषों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

5. एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू क्या है? देश में एवियन इन्फ्लुएंजा की आवर्ती घटनाओं से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

बर्ड फ्लू / एवियन इन्फ्लूएंजा को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

बर्ड फ़्लू के प्रमुख कारकों जैसे- संचरण, मृत्यु दर, मनुष्यों पर प्रभाव आदि के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए। बर्ड फ्लू के आर्थिक और पारिस्थितिक प्रभावों पर भी प्रकाश डालिए।

बर्ड फ्लू से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख कीजिए। राष्ट्रीय एवियन इन्फ्लूएंजा योजना, 2015 की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उपरोक्त की कमियों का उल्लेख कीजिए एवं राष्ट्रीय एवियन इन्फ्लूएंजा योजना को और अधिक सफल बनाने के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकलिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: केस स्टडी।

 6. श्री जूलियन असांजे को 2019 में गुप्त सैन्य और राजनयिक दस्तावेजों को प्राप्त करने और प्रकाशित करने के लिए अमेरिका के एस्पियोनेज अधिनियम के उल्लंघन के 17 मामलों में दोषी ठहराया गया था। उस पर यू.एस. में कंप्यूटर धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।

 सामग्री के प्रकाशन ने इराक और अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका के गलत कार्यों को उजागर किया तथा अधिकार समूहों ने जनता के लिए बहुमूल्य जानकारी के रूप में उन्हें उजागर किये जाने की सराहना की है। श्री असांजे द्वारा सरकार में पारदर्शिता को प्रोत्साहित किए जाने के कारण उन्हें कई लोगों के लिए एक हीरो बना दिया है, लेकिन एक अनिश्चित व्यक्तित्व वाले प्रचारक के रूप में उनकी आलोचना भी की गई है।

 दूसरी ओर, अमेरिकी सरकार श्री असांजे को एक ऐसा व्यक्ति मानती है, जिसने अमेरिकी कर्मियों और मुखबिरों के नामों का खुलासा करके उनकी जान जोखिम में डाल दी है, जो युद्ध क्षेत्रों जैसे खतरनाक स्थानों की बहुमूल्य जानकारी प्रदान करते हैं।

 2012 में, श्री असांजे ने स्वीडन से प्रत्यर्पण अनुरोध से बचने के लिए लंदन के इक्वाडोर दूतावास में प्रवेश किया, जहां उन्हें बलात्कार के आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दूतावास में सात साल बिताए, लेकिन ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें 2019 में गिरफ्तार कर लिया और बाद में दूतावास में प्रवेश करने पर उन्हें जमानत देने के लिए 50 सप्ताह के कारावास की सजा सुनाई गई।

 स्वीडन में आरोप हटा दिए गए हैं और श्री असांजे ने अपनी 50 सप्ताह की सजा पूरी कर ली है। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर किसी भी अपराध के आरोपी नहीं है, लेकिन ब्रिटेन द्वारा उनके प्रत्यर्पण का फैसला होने तक वे लंदन के बेल्मार्स जेल में ही रहेंगे। उनके जमानत के अनुरोध को अब तक खारिज किया गया है।

 कई चिकित्सकों ने कहा है कि श्री असांजे अवसाद और स्मृति क्षीण से पीड़ित हैं और यदि उन्हें प्रत्यर्पित किया गया तो वे स्वयं को मारने का प्रयास कर सकते हैं।संयुक्त राष्ट्र के एक कानूनी पैनल द्वारा फैसला सुनाए जाने के बावजूद, जिसने उनके कारावास को “मनमाना और अवैध” घोषित किया है, विकीलीक्स के संस्थापक और प्रधान संपादक जूलियन असांजे को व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्राप्त नहीं है। (250 शब्द)

1.  उपरोक्त मामले में शामिल नैतिक मुद्दों का विश्लेषण कीजिए।

2. क्या श्री जूलियन असांजे को क्षमा किया जाना चाहिए? अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

केस स्टडी का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

जूलियन असांजे की केस स्टडी अध्ययन पर आधारित यह प्रश्न एक बहुत ही रोचक और दुविधापूर्ण प्रश्न है। 2019 की मुख्य परीक्षा में एडवर्ड स्नोडेन पर ऐसा ही एक प्रश्न पूछा गया था।

भाग (अ): केस स्टडी में शामिल सभी नैतिक मुद्दों की विस्तार से पहचान कीजिए एवं उनका उल्लेख कीजिए। इसमें अनेक नैतिक मुद्दे शामिल हैं और अनेक मुद्दे एक-दूसरे के प्रति विरोधाभास भी उत्पन्न करते हैं। संकेत: प्रेस की स्वतंत्रता और देश के सुरक्षा हितों के बीच संघर्ष पर चर्चा कीजिए।

भाग (ब): उपरोक्त नैतिक मुद्दों का उपयोग करते हुए यह निर्धारित कीजिए कि क्या श्री असांजे को क्षमा किया जाना चाहिए या नहीं। यहां यह महत्वपूर्ण है कि आप नैतिक सिद्धांतों और विचारकों का उपयोग करें ताकि आप उत्तर की पुष्टि कर सकें। तार्किक, सुसंगत और विचार उत्तेजक तर्क प्रस्तुत कीजिए। निरर्थक तर्क एवं तर्कों की पुनरावृत्ति से बचें। अपने पक्ष का निर्धारण करने से पहले सभी तथ्यों और संघर्षों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कीजिए।

निष्कर्ष:

श्री असांजे की क्षमा पर अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा।

 7. ईमानदारी के प्रमुख सिद्धांतों की व्याख्या कीजिए। इसके महत्व का भी उल्लेख कीजिए। (150 शब्द)

सन्दर्भ:   नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन पब्लिकेशन्स

निर्देशक शब्द:

व्याख्या कीजिये- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ईमानदारी को संक्षेप में परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:   

ईमानदारी के प्रमुख सिद्धांतों जैसे – जवाबदेही, पारदर्शिता, गोपनीयता, संघर्ष क्षेत्रों का प्रबंधन आदि की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व को पुन: प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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