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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 4 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. भारत में आने वाली सभी प्रमुख यूरोपीय शक्तियों में से ब्रिटिश ही एक लंबे समय तक चलने वाले अखिल भारतीय साम्राज्य की स्थापना करने में सक्षम थे। इसके लिए उत्तरदायी कारकों की जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास: स्पेक्ट्रम प्रकाशन

निर्देशक शब्द:

जांच कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में आने वाली विभिन्न यूरोपीय शक्तियों की उपस्थिति के संबंध में प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सर्वाधिक महत्वपूर्ण आंग्ल-फ्रांस प्रतिद्वंद्विता पर प्रकाश डालिए।

अंग्रेज अन्य प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के मध्य विजयी कैसे बने रहे? इसके बारे में विस्तार से समझाइए।

निष्कर्ष:

संक्षेप में समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए कि दो शताब्दियों के लिए अर्थात 1760 तक भारत में अंग्रेजों का कोई गंभीर यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी नहीं था और अंग्रेजों ने भारतीय साम्राज्य के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त किया।

  

विषय:  18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. भारतीय राष्ट्रवाद का उदय ब्रिटिश शासन की निरंकुश, भेदभावपूर्ण और कुटिल नीतियों एवं प्रकृति के खिलाफ एक प्रतिक्रिया थी। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास: स्पेक्ट्रम प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में भारतीय राष्ट्रवाद की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय राष्ट्रवाद अंग्रेजों के खिलाफ एक प्रतिक्रिया कैसे थी? विश्लेषण कीजिए।

भारतीय राष्ट्रवाद अपनी परिपक्वता का एक उत्पाद कैसे था? विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

भारतीय राष्ट्रवाद ने कैसे जन्म लिया? एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे।

3. भारतीय कृषि में व्यापक लैंगिक भेद उपस्थित है, जिसे संबोधित करने के लिए नवीन कृषि कानून में अत्यंत कम प्रावधान हैं। वास्तव में यह इस भेद को और अधिक विस्तृत कर सकता है। विश्लेषण कीजिए। भारतीय कृषि में लैंगिक भेद को पाटने के लिए उपाय सुझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय कृषि में लैंगिक विभेद का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। NSSO के 68 वें दौर के आंकड़ों के अनुसार, कृषि में महिलाओं की भागीदारी 63% है।

 विषय वस्तु:   

भारतीय कृषि में व्याप्त विषमताओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इसके प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

मौजूदा लिंग सम्बन्धी कानूनों पर हाल ही में लागू किये गए कृषि कानूनों के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

कृषि में लैंगिक विभेद को कम करने के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

लैंगिक विभेद को कम करने एवं एसडीजी 5 (ए) (महिलाओं को आर्थिक संसाधनों के समान अधिकार देने के साथ ही स्वामित्व और भूमि पर नियंत्रण में सुधार करना।) को हासिल करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ।

 4. सार्वजनिक नीति एवं शासन के समक्ष प्रमुख चुनौती यह है कि हम 19वीं सदी की सरकारी संरचनाओं का उपयोग करते हुए 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए विवश हैं। जाँच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Live Mint 

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

स्वास्थ्य, समाज एवं भू-राजनीति द्वारा उत्पन्न आधुनिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए सार्वजनिक नीति के साथ प्रौद्योगिकी के अभिसरण को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

विस्तार से समझाइए कि कैसे शासन अभिसरण एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया रही है।

समझाइए कि सार्वजनिक नीति एवं शासन को प्रौद्योगिकी अभिसरण का उपयोग करके आधुनिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए विकसित होना चाहिए। अभिसरण के लिए विभिन्न उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मुद्दे।

5. पेटेंट प्रदान करने का उद्देश्य न केवल नवाचार को प्रोत्साहित करना है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि आविष्कार भारत में काम कर रहे हैं और उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में जनता के लिए उपलब्ध हैं। नवीनतम प्रकाशित पेटेंट (संशोधन) नियम, 2020 के आलोक में टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

बौद्धिक सम्पदाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने के क्रम में नवाचारियों की बौद्धिक संपदा की रक्षा में पेटेंट के महत्व का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 146, (2) के बारे में उल्लेख कीजिए।

हाल ही में पेटेंट नियम, 2020 और फॉर्म 27 के संशोधन के बारे में चर्चा कीजिए, जिसने धारा 146 (2) को कमजोर कर दिया है।

हालिया संशोधनों के कारण उत्पन्न संभावित प्रभावों पर टिप्पणी कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अनिवार्य लाइसेंसिंग एवं निरस्तीकरण प्रावधानों को प्रोत्साहित करने के लिए पेटेंट कार्य डेटा महत्वपूर्ण है। यदि डेटा गुप्त और अपारदर्शी होगा, तो यह अंततः उपभोक्ताओं को संभावित रूप से अधिक सस्ती प्रौद्योगिकियों और वस्तुओं को नकारने से प्रभावित करेगा।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम।

 6. नैतिक सद्गुण एक ऐसी अवस्था है, जो दो अवगुणों- आधिक्य एवं अभाव के मध्य में स्थित होता है। अपने विचार प्रस्तुत कीजिए। (150 शब्द)

सन्दर्भ: plato.stanford.edu

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि तीन प्रकार की मनोवृत्तियां होती हैं। उनमें से दो अवगुण, जिनमें क्रमशः आधिक्य एवं अभाव शामिल हैं एवं अन्य एक सद्गुण है।

विषय वस्तु:

इस सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।

उदाहरणों के साथ उपर्युक्त को स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में इस सिद्धांत की आलोचना भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इस सिद्धांत का महत्त्व एवं इसकी प्रासंगिकता को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

 7. निम्नलिखित उद्धरण की व्याख्या अपने शब्दों में कीजिए-  “अच्छाई, बुराई के बिना उपस्थित हो सकती है, जबकि बुराई, अच्छाई के बिना उपस्थित नहीं रह सकती है।”- थॉमस एक्विनास। (150 शब्द)

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस उद्धरण की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

प्रासंगिक उदाहरणों के साथ उपरोक्त को समझाइये।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अच्छाई स्वतंत्र रूप से मौजूद हो सकती है लेकिन बुराई हमेशा सामान्य से पृथक व्यवहार को दर्शाती है।


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