Print Friendly, PDF & Email

INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 30 December

 

विषय – सूची

 

सामान्य अध्ययन-II

1. मध्यप्रदेश धर्मांतरण-रोधी विधेयक

2. वैश्विक टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण गठबंधन (GAVI)

 

सामान्य अध्ययन-III

1. राज्यों द्वारा 43% अधिक ऋणों की प्राप्ति

2. ज़ीरो कूपन बॉण्ड

3. तिहान-आईआईटी हैदराबाद

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. सरकार द्वारा वाहनों में फ्रंट सीट एयरबैग अनिवार्य किये जाने पर विचार

2. गाजा (Gaza)

3. जाइंट रॉक बी हनी

4. डिजिटल महासागर

5. लेह में मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

मध्यप्रदेश धर्मांतरण-रोधी विधेयक


(MP anti-conversion Bill)

संदर्भ:

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून को मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 (Madhya Pradesh Dharmik Swatantrata (Freedom of Religion) Bill 2020 का नाम दिया गया है।

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा विधेयक पर सहमति दे दी गयी है।

प्रमुख प्रावधान:

  • प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य राज्य में अंतरधार्मिक विवाहों (inter-faith marriages) को विनियमित करना है।
  • मूल धर्म में पुन:परिवर्तन को इस क़ानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • इसके तहत ‘विवाह अथवा अन्य बलात माध्यमों से धर्मांतरण’ कराने पर 10 साल तक का कारावास और 1 लाख रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • इस विधेयक में, गलत-बयानी/ बहकाने, प्रलोभन, धमकी, अनुचित दबाव, बल-पूर्वक, विवाह और किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण का प्रयास करने अथवा धर्म-परिवर्तन करने पर रोक लगाने हेतु प्रावधान किये गए हैं।
  • धर्मांतरण के लिए किसी व्यक्ति को प्रेरित करने अथवा साजिश करने को भी प्रतिबंधित किया गया है।
  • इसके तहत, बलपूर्वक धर्मांतरण और विवाह एक संज्ञेय अपराध होगा और गैर-जमानती होगा।

मुद्दे और चिंताएँ:

विभिन्न राज्यों द्वारा विवाह के लिए धर्म की स्वतंत्रता (लव जिहाद) पर कानून बनाए जा रहे हैं।

  • पिछले महीने, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020′ (U.P. Unlawful Religious Conversion Prohibition Ordinance, 2020) पारित किया गया है।
  • हरियाणा और कर्नाटक राज्यों द्वारा भी इस प्रकार के कानून लागू करने के इरादे की घोषणा की गयी है।

इससे यह विषय विवादास्पद बन चुका है।

आलोचकों का पक्ष:

इस अध्यादेश की कई कानूनी विद्वानों द्वारा तीखी आलोचना की गयी है, इनका कहना है कि, लव जिहादकी अवधारणा का कोई भी संवैधानिक या कानूनी आधार नहीं है।

  • ये संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहते हैं कि, संविधान में नागरिकों को अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का अधिकार दिया गया है।
  • इसके अलावा, अनुच्छेद 25 के तहत, अंतःकरण की स्वतंत्रता, अपनी पसंद के धर्म का पालन तथा इच्छानुसार धर्म परिवर्तन करने और साथ ही किसी भी धर्म को नहीं मानने के अधिकार की गारंटी प्रदान की गयी है।

विवाह और धर्मांतरण पर उच्चतम न्यायालय की राय:

  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई निर्णयों में माना है कि जीवन साथी का चयन करने हेतु किसी वयस्क के पूर्ण अधिकार पर राज्य और अदालत अथवा धर्म का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।
  • लिली थॉमस और सरला मुद्गल दोनों मामलों में भारत के उच्चतम न्यायालय ने पुष्टि की है कि वास्तविक आस्था के बिना और कुछ कानूनी लाभ उठाने के उद्देश्य से किए गए धर्म परिवर्तन का कोई आधार नहीं है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अनुच्छेद 21 के बारे में
  2. अनुच्छेद 25
  3. सलामत अंसारी-प्रियंका खरवार मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय

मेंस लिंक:

किसी साथी को चुनने का अधिकार अथवा अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार, नागरिकों के ‘जीवन और स्वतंत्रता संबंधी मूल अधिकार’ का भाग है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

वैश्विक टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण गठबंधन (GAVI)


(Global Alliance for Vaccines and Immunisation)

संदर्भ:

हाल ही में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को वैश्विक टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण गठबंधन (Global Alliance for Vaccines and Immunisation GAVI) बोर्ड में सदस्य के तौर पर नामित किया गया है।

डॉ. हर्षवर्धन GAVI बोर्ड में दक्षिण-पूर्व क्षेत्र क्षेत्रीय कार्यालय (SEARO) / पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रीय कार्यालय (WPRO) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।

GAVI बोर्ड:

  • गावी (GAVI) बोर्ड रणनीतिक दिशा एवं नीति-निर्माण के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा यह टीका गठबंधन के संचालनों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की निगरानी भी करता है।
  • इसके साथ ही, कई साझेदार संगठनों और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों सहित यह संतुलित रणनीतिक निर्णय लेने, नवाचार और सहयोगात्मक साझेदारी के लिए भी एक मंच उपलब्ध कराता है।

GAVI क्या है?

वर्ष 2000 में गठित वैश्विक टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण गठबंधन (GAVI), एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो विश्व के कमजोर और पिछड़े देशों के बच्चों हेतु नए तथा अप्रयुक्त टीकों को उपलब्ध कराने हेतु समान लक्ष्यों वाले सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को एक साथ लाता है।

सदस्य:

GAVI, विकासशील देशों और अनुदान देने वाली सरकारों, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, विश्व बैंक, औद्योगिक और विकासशील देशों के वैक्सीन उद्यमियों, अनुसंधान और तकनीकी एजेंसियों, नागरिक समाज, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और अन्य निजी समाज-सेवी व्यक्तियों को एक मंच पर एकत्र करता है।

प्रमुख गतिविधियां:

  1. GAVI की रणनीति, निर्बल देशों में टीकाकरण की पहुंच बढ़ाकर, बच्चों के जीवन बचाने तथा लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले अभियानों को सहयोग प्रदान करना है।
  2. यह प्रदर्शन तथा परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए संयुक्त राष्ट्र के सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (Millennium Development Goals) को प्राप्त करने में योगदान देता है।
  3. इसके सहयोगी स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकारण हेतु टीके तथा बौद्धिक संसाधनों के लिए धन उपलब्ध कराते हैं।
  4. वे संवहनीय तरीके से टीकाकरण तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमताओं को सशक्त बनाने में भी योगदान करता है।

water

प्रीलिम्स लिंक:

  1. GAVI के सदस्य?
  2. GAVI में सबसे बड़ा योगदानकर्ता?
  3. हाल ही में वैश्विक वैक्सीन शिखर सम्मेलन का आयोजन किसने किया?
  4. भारत ने GAVI को कितनी राशि के अनुदान का वायदा किया है?
  5. वैक्सीन क्या है?
  6. विभिन्न प्रकार के टीके क्या हैं?

मेंस लिंक:

वैश्विक टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण गठबंधन (GAVI) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

राज्यों द्वारा 43% अधिक ऋणों की प्राप्ति


संदर्भ:

पहले 9 महीनों में राज्यों द्वारा 43% अधिक ऋण लिया गया है, जिससे ये ऋणों के भारी जाल में फंस चुके है।

रेटिंग एजेंसी ICRA के विश्लेषण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 20 (FY20) के पहले नौ महीनों में राज्यों द्वारा 3,87,400 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया है।

राज्यों द्वारा ऋण:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 292 और 293 के अंतर्गत, भारत सरकार और राज्यों के द्वारा ऋण लेने संबंधित उपबंध किये गए हैं।

संविधान का अनुच्छेद 292: भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करना।

संविधान का अनुच्छेद 293: राज्यों द्वारा ऋण प्राप्त करना

  1. इस अनुच्छेद के प्रावधानों के अधीन, किसी राज्य की कार्यकारी शक्ति उस राज्य की संचित निधि की प्रतिभूति पर भारतीय क्षेत्र में ऋण लेने के लिए, कुछ सीमाओं के अधीन विस्तारित होती है, इन सीमाओं को, यदि ऐसी कोई सीमाएं होती हैं तो, राज्य का विधानमंडल द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जा सकता है।
  2. भारत सरकार, संसद् द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन अधिकथित, शर्तों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य को ऋण प्रदान कर सकती है अथवा अनुच्छेद 292 के अधीन नियत सीमाओं के अंतर्गत किसी राज्य द्वारा लिए जाने वाले ऋणों के संबंध में प्रत्याभूति/ गारंटी दे सकती है और इस प्रकार के ऋण-प्रदान करने के प्रयोजन हेतु अपेक्षित राशियां भारत की संचित निधि पर भारित होती है।
  3. राज्य पर भारत सरकार या उसकी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दिए गए ऋण का बकाया अथवा भारत सरकार या उसकी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रत्याभूति दिए गए ऋण का बकाया होने पर वह राज्य, भारत सरकार की सहमति के बिना कोई ऋण नहीं ले सकेगा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अनुच्छेद 293 किससे संबंधित है?
  2. क्या राज्यों को बाजार से ऋण प्राप्त करने के लिए केंद्र की अनुमति आवश्यक है?
  3. वित्त आयोग- संरचना।
  4. वित्त आयोग के कार्य।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

ज़ीरो कूपन बॉण्ड


(Zero coupon bonds)

संदर्भ:

हाल ही में, सरकार द्वारा पंजाब और सिंध बैंक के पुनर्पूंजीकरण (Recapitalise) हेतु एक नए वित्तीय नवाचार के रूप में 5,500 करोड़ रुपए की कीमत के गैर-ब्याज धारक बांड्स (non-interest bearing bonds) जारी किये गए हैं।

ये सरकार द्वारा सम्यक् जांच-पडताल के बाद जारी किये गए विशेष प्रकार के ज़ीरो कूपन बांड (Special Zero Coupon Bonds) है और इन्हें समान कीमतों पर जारी किया जाता है।

‘ज़ीरो कूपन बॉण्ड’ क्या हैं?

  • ज़ीरो कूपन बॉण्ड, भारत सरकार की गैर-ब्याज धारक, गैर-हस्तांतरणीय विशेष प्रतिभूतियां हैं।
  • ज़ीरो कूपन बॉण्ड की परिपक्वता अवधि सामान्यतः 10 से 15 वर्ष होती है और ये बॉण्ड विशेष रूप से पंजाब एंड सिंध बैंक के लिए जारी किये गए है।
  • विशेष प्रकार के इन पुनर्पूंजीकरण बॉण्ड को केंद्र सरकार द्वारा विशेष रूप से किसी विशेष संस्थान के लिए जारी किया जाता है।
  • यह बॉण्ड व्यापार योग्य नहीं है तथा न ही इनका हस्तांतरण किया जा सकता है।
  • इन बॉण्डस को आरबीआई के दिशा-निर्देशानुसार बैंक की परिपक्कव प्रतिभूतियों (Held-To-Maturity- HTM) की श्रेणी में शामिल किया जाता है। इन्हें परिपक्वता अवधि तक के लिये खरीदा जाता है, और इनकी गणना अंकित मूल्य के आधार पर की जाती है।

पारंपरिक बॉण्डस से भिन्नता

ये विशेष ज़ीरो कूपन बॉण्ड, पारंपरिक ज़ीरो कूपन बॉण्ड से भिन्न हैं क्योंकि विशेष ज़ीरो कूपन बॉण्ड को समान कीमतों पर ही जारी किया जाता है, परंतु उन पर कोई ब्याज़ प्राप्त नहीं होता है। पारंपरिक ज़ीरो कूपन बॉण्ड पर छूट दी जाती है, इसलिये ये तकनीकी रूप से ब्याज-धारक होते हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ‘बॉण्ड’ क्या होते हैं?
  2. सरकारी प्रतिभूतियाँ क्या हैं?
  3. ‘ज़ीरो कूपन बॉण्ड’ क्या हैं?
  4. परिपक्कव प्रतिभूति (HTM) श्रेणी के बारे में।

मेंस लिंक:

‘ज़ीरो कूपन बॉण्ड’ क्या होते हैं? इनके महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई तकनीक विकसित करना।

तिहान-आईआईटी हैदराबाद


(TiHAN-IIT Hyderabad)

संदर्भ:

हाल ही में, भारत की स्वायत्त दिक्-चालन प्रणाली (Autonomous Navigation Systems) (स्थलीय और हवाई) के लिए प्रथम परीक्षण स्थल – ‘तिहान-आईआईटी हैदराबाद’ की आधारशिला रखी गयी है।

इकाई की मुख्य विशेषताओं में, टेस्ट ट्रैक, वास्तविक-विश्व परिदृश्यों का अनुकरण, आधुनिक सिमुलेशन टेक्नोलॉजी, सड़क सुविधा, V2X कम्युनिकेशन, ड्रोन रनवे और लैंडिंग एरिया, मैकेनिकल इंटीग्रेशन सुविधा, केन्द्रीयकृत नियंत्रण कक्ष/भूतल नियंत्रण केन्द्र, हैंगर आदि इस शामिल हैं

पृष्ठभूमि:

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा राष्ट्रीय अंतर-विषयी साइबर-फिजिकल सिस्टम (National Mission on Interdisciplinary Cyber-Physical Systems:NM-ICPS) मिशन के तहत ऑटोनोमस नेविगेशन और डेटा अधिग्रहण प्रणाली (UAVs, RoVs, आदि) पर एक प्रौद्योगिकी नवाचार केन्द्र स्थापित करने हेतु आईआईटी हैदराबाद के लिए 135 करोड़ रुपये की राशी मंजूर की गयी है।

साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) क्या हैं?

यह सक्रिय वातावरण में संगणन (Computation) और भौतिक प्रक्रियाओं को एकीकृत करने वाला अभियांत्रित प्रणालियों (Engineered Systems) का एक नया वर्ग है। साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS)  में साइबरनेटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स, डिजाइन और एंबेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आदि प्रौद्योगिकी क्षेत्र सम्मिलित हैं।

राष्ट्रीय अंतर-विषयी साइबर-फिजिकल सिस्टम (NM-ICPS) मिशन के बारे में:

  • प्रौद्योगिकी से संबंधित नई लहर की क्षमतों का दोहन करने और भारत को CPS में एक अग्रणी नायक बनाने हेतु केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वर्ष 2018 में NM-ICPS को मंजूरी दी गयी थी।
  • इसके तहत पाँच वर्षों की अवधि के लिए 3,660 करोड़ रुपए का कुल परिव्यय निर्धारित किया गया था।

मिशन कार्यान्वयन से अपेक्षाएं:

  • साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) और संबंधित प्रौद्योगिकियों तक देश की पहुंच,
  • भारत के विशिष्ट राष्ट्रीय / क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान हेतु CPS प्रौद्योगिकियों का उपयोग,
  • CPS में कुशल अगली पीढ़ी का निर्माण,
  • उन्नत अनुसंधान को उत्प्रेरित करना,
  • CPS में उद्यमशीलता और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में तीव्रता,
  • साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) में उन्नत शोध, प्रौद्योगिकी विकास और विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग विषयों में उच्च शिक्षा, और
  • अन्य उन्नत देशों के बराबर भारत की स्थिति तथा कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ।

कार्यान्वयन:

  • इस मिशन का लक्ष्य 15 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH), छह एप्लीकेशन इनोवेशन हब (AIH) और चार टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क (TTRP) की स्थापना करना है।
  • ये हब और TTRP देश भर में शिक्षाविदों, उद्योग, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों को एक हब और स्पोक मॉडल (hub and spoke model) में प्रतिष्ठित शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विकास और अन्य संगठनों से जोड़ेंगे।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) क्या हैं?
  2. IoT क्या है?
  3. बिग डेटा क्या है?
  4. CPS के संभावित अनुप्रयोग।

मेंस लिंक:

साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) और इससे संबंधित तकनीकों पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: पीआईबी

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


सरकार द्वारा वाहनों में फ्रंट सीट एयरबैग अनिवार्य किये जाने पर विचार

  • सरकार द्वारा वाहनों की अगली सीटों पर यात्रियों के लिए एयरबैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया गया है।
  • इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की स्थिति में यात्री सुरक्षा में सुधार करना है।
  • सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में एक मसौदा अधिसूचना जारी की है।

गाजा (Gaza)

गाजा के इस्लामी समूहों द्वारा इज़राइल के साथ वर्ष 2008 में संघर्ष की शुरुआत की सालगिरह पर समुद्र में रॉकेट दागे गए।

‘गाजा’ की अवस्थिति

गाजा, मुख्यतः फिलिस्तीनी लोगों की घनी आबादी वाली एक स्थलीय पट्टी है और यह अधिकांशतः इज़राइल से घिरी हुई है। 2005 से पहले इस क्षेत्र में इज़राइल की सेना तैनात थी।

वर्तमान में, गाजा पट्टी पर इस्लामी समूह ‘हमास’ का शासन है। हमास का गठन वर्ष 1987 में इजरायल के खिलाफ एक उग्रवादी “बागी” समूह के रूप में हुआ था।

israel

जाइंट रॉक बी हनी

(Giant Rock Bee Honey)

ट्राइब्स इंडिया के संग्रह में विशिष्ट शहद जाइंट रॉक बी हनी को सम्मिलित किया गया है।

  • यह तमिलनाडु के मलयाली जनजाति का प्राकृतिक, ताजा, ऑर्गेनिक उत्पाद है।
  • यह शहद ज्वार, इमली तथा काली मिर्च के रस से तैयार होता है।
  • मलयाली जनजातीय समूह उत्तर तमिलनाडु में पूर्वी घाट में निवास करता है।
  • इस क्षेत्र में इनकी आबादी लगभग 3,58,000 है और सबसे बड़े जनजातीय समूह हैं।

डिजिटल महासागर

(Digital Ocean)

हाल ही में, ओशन डेटा मैनेजमेंट के लिए अपनी तरह के पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘डिजिटल ओशन’ की शुरुआत की गयी है।

  • यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा (INCOIS) संस्थान द्वारा विकसित किया गया है।
  • ‘डिजिटल ओशन’ समुद्रीय ज्ञान को अनुसंधान संस्थानों, परिचालन संबंधी संस्थाओं, सामरिक उपयोगकर्ताओं, शैक्षणिक समुदायों, समुद्री उद्योग और नीति निर्माताओं समेत उपयोगकर्ताओं की एक विस्तृत श्रेणी के साथ साझा करने में मदद करता है।
  • इससे गहरे महासागरीय अभियान से महासागर की शक्ति को समझने में मदद मिलेगी।

लेह में मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना

  • हाल ही में उद्घाटन किया गया।
  • 3500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित, मौसम विज्ञान केंद्र, लेह (MetCenterLeh) भारत का सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र होगा।
  • यह नुब्रा, चांगथांग, पैंगोंग झील, ज़ांस्कर, कारगिल, द्रास, धा-ब्यामा (आर्यन घाटी) जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमानों की जानकारी प्रदान करेगा।

  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos