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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 30 दिसंबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

1. भारत के द्वीपसमूहों की विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में एक अप्रयुक्त आर्थिक, भू-रणनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षमता है। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: कक्षा- XI NCERT: भारत भौतिक पर्यावरण।

निर्देशक शब्द:

परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत के प्रमुख द्वीप समूहों – बंगाल की खाड़ी में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा अरब सागर में लक्षद्वीप द्वीप समूह का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

दोनों द्वीपों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए; जैसे उनके गठन की प्रकृति, प्रमुख द्वीप, संरचना और उनकी अनूठी विशेषताएं।

अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूहों की अप्रयुक्त क्षमता का लाभ उठाने के बारे में चर्चा कीजिए। एक आर्थिक हब एवं अपनी रक्षा तथा सुरक्षा रणनीति के लिए एक त्रि-सेवा कमान के रूप में प्रमुख केंद्रों में से एक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उत्परिवर्तन के लिए एक सक्रिय नीति की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

उपरोक्त को प्राप्त करने में संभावित चुनौतियों पर प्रकाश डालिए एवं उन्हें दूर करने के उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि बंगाल की खाड़ी के साथ भारत के क्षेत्रीय जुड़ाव को बढ़ाने में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह एक अहम भूमिका निभा सकता है।

  

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

 2. स्थानीय समुदायों को शामिल किए बिना, पश्चिमी घाट की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कोई भी संरक्षण प्रयास त्रुटिपूर्ण है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पश्चिमी घाट के स्थानीय समुदायों एवं जनजातियों के बारे में संक्षेप में उल्लेख कीजिए। प्रासंगिक तथ्यों और आंकड़ों का भी उल्लेख कीजिए।

 विषय वस्तु:

पश्चिमी घाट के संरक्षण के प्रयासों की पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए। यूनेस्को द्वारा घोषित एक विश्व धरोहर स्थल को संरक्षण की आवश्यकता है।

वन अधिकार अधिनियम, 2006 का उल्लेख कीजिए कि कैसे यह वन में निवासित जनजातियों के हितों की रक्षा करता है।

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में उपस्थित बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

स्थानीय जनजातियों को संरक्षण के साथ-साथ विकासात्मक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण भाग कैसे बनाया जाए, इसके उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

संरक्षण प्रयासों के लिए केंद्र के रूप में स्थानीय समुदायों की सुरक्षा को संतुलित करने के महत्व को रेखांकित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

3. ऑस्ट्रेलिया-चीन व्यापार युद्ध की स्थितियों के बिगड़ने तथा दोनों देशों के मध्य संबंधों में खटास आने के साथ ही भारत को चीन के विरुद्ध ऑस्ट्रेलियाई निर्भरता के समाधान के रूप में एक विकल्प होने का अवसर प्राप्त हो सकता है। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

उन हालिया घटनाओं का उल्लेख कीजिए, जो चल रहे विवादों को जन्म देती हैं।

प्रासंगिक तथ्यों और आंकड़ों के साथ चीन पर ऑस्ट्रेलिया की निर्भरता के बारे में उल्लेख कीजिए एवं समझाइए कि कैसे देश पहले से ही कोविड -19 के आर्थिक प्रभावों का सामना कर रहा है एवं अब चल रहे टैरिफ युद्ध के कारण आगे संघर्ष जारी है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए एक संभावित समाधान के रूप में भारत के लिए अवसर एवं भारत का बीजिंग के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवाद का उल्लेख कीजिए। इसके अतिरिक्त उपरोक्त की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

4. प्राकृतिक आपदाएँ महत्वपूर्ण राजकोषीय जोखिम उत्पन्न करती हैं, जो विकासशील देशों को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर प्रधानमंत्री के दस सूत्रीय एजेंडे का मुख्य उद्देश्य यही है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: ndma.gov.in

निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रधानमंत्री दस सूत्रीय एजेंडा के बारे में संक्षेप में बताइये, जिसमें आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेंदाई फ्रेमवर्क के प्राथमिकता वाले कार्यान्वयन के लिए एक ठोस विचार प्रस्तुत किया गया है।

 विषय वस्तु:  

विकासशील देशों पर प्राकृतिक आपदाओं के राजकोषीय प्रभाव का सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

प्रधानमंत्री दस सूत्रीय एजेंडा के प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण कीजिए।

एजेंडे के सकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालिए। दस सूत्रीय एजेंडे की कमियों का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

5. भू-राजनीति एवं भू-अर्थशास्त्र को कभी भी स्पष्ट रूप से पृथक नहीं किया जा सकता है। वास्तव में आत्मनिर्भर होने के लिए भारत को लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के वातावरण के निर्माण एवं उसके प्रोत्साहन पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को बेहतर बनाएंगे। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम आपूर्ति श्रृंखलाओं में आने वाली बाधाओं के बारे में उल्लेख कीजिए, जो या तो आपदाओं जैसे प्राकृतिक कारण अथवा राजनीति, गतिरोध आदि जैसे मानव निर्मित कारणों से उत्पन्न होती हैं।

 विषय वस्तु:

भू-राजनीति एवं भू-अर्थशास्त्र के बीच के सम्बन्ध पर प्रकाश डालिए। भू-राजनीति के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने वाले ऐतिहासिक के साथ-साथ कुछ हालिया उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए एवं इसके प्रभावों का भी उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि आत्मनिर्भर भारत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का होना महत्वपूर्ण कैसे है। भारत द्वारा सामना की जाने वाली बाधाओं का उल्लेख कीजिए, जैसे – कुछ क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता, डेटा स्थानीयकरण, बौद्धिक संपदा अधिकार, शुल्कों की उच्च दर, दोहरी सुरक्षा एवं सुरक्षा परीक्षण, मूल्य नियंत्रण, अत्यधिक नौकरशाही आदि से सम्बंधित मुद्दे।

आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं का शिकार हुए बिना अधिक सख्ती से भाग लेने के लिए भारत की क्षमताओं को सशक्त करने के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा।

 6. कौन सा महान नेता अथवा व्यक्तित्व आपको नैतिक रूप से सत्यनिष्ठ रहने के लिए प्रेरित करता है एवं क्यों? (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

किसी व्यक्तित्व अथवा उसके किसी प्रासंगिक उद्धरण पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

आपको एक ऐसे नेता या व्यक्तित्व का चयन करना चाहिए, जो अपनी नैतिकता, दृढ़ता एवं नैतिक साहस के लिए जाना जाता है।

यह महत्वपूर्ण है कि आप प्रासंगिक उदाहरणों के साथ सम्बंधित नेता या व्यक्तित्व के जीवन के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करें; जैसे: उनका जीवन कैसा है / वह आपको सही रास्ते पर रहने के लिए कैसे प्रेरित करता है आदि।

आप नेता एवं महान व्यक्तित्व जैसे महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, गौतम बुद्ध आदि का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

नैतिक रूप से सत्यनिष्ठ बने रहने के लिए महान व्यक्तित्वों के जीवन से सीखने की आवश्यकता को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ।

 7. नौकरशाही का लक्ष्य केवल नैतिक एवं कुशल होना नहीं होना चाहिए, बल्कि एक ऐसे वातावरण का निर्माण भी करना चाहिए, जो अपने श्रमिकों के लिए शरीर एवं दिमाग के लिए अच्छा हो। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नौकरशाही के कार्य का दबाव एवं गतिहीन जीवन शैली सिविल सेवकों के शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव कैसे डाल रही है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

उपरोक्त के कारणों पर प्रकाश डालिए।

उपरोक्त के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

उपरोक्त में सुधार करने के उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कार्यस्थल पर एक सकारात्मक माहौल न केवल तनाव को कम करेगा बल्कि श्रमिकों की दक्षता में भी सुधार करेगा।


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