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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 28 दिसंबर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. मलिन बस्तियां ’समस्याएं’ नहीं हैं, जिन्हें ‘हल’ किया जाना है – लेकिन वास्तव में भूमि स्वामित्व, बुनियादी ढांचे के प्रावधान और रखरखाव और अन्य सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को शामिल करने वाली एकांगी एवं निहित शहरी नीतियों का परिणाम है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत में सामाजिक समस्याएँ: राम आहूजा

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विकासशील देशों में अधिकांश शहरी क्षेत्रों की मलिन बस्तियों एवं अनधिकृत बस्तियों में आय एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल आदि जैसे अन्य अंतरालों पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। भारत में मलिन बस्तियों से संबंधित कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि मलिन बस्तियां वास्तव में समस्याएँ नहीं हैं, लेकिन अनियोजित शहरीकरण, अवसरों और कौशल की कमी, प्रवासन, किफायती आवास की कमी, भीड़भाड़, नौकरियों और बाज़ारों की निकटता, अवधीय असुरक्षा एवं शहरी सेवाओं की अनौपचारिक एवं रुक-रुक कर आपूर्ति आदि के कारण मलिन बस्तियां समस्या बन गयी हैं।

प्रासंगिक तथ्यों और आंकड़ों के साथ उपरोक्त के प्रभाव का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

 2. नए दशक की सबसे बड़ी एवं सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि पर्यावरण पर मानव गतिविधि के नकारात्मक प्रभाव को कम करते हुए विश्व की 8.4 बिलियन लोगों की जनसंख्या को जीवन स्तर के उच्च मानकों को प्राप्त करने के लिए समायोजित किया जाए। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत में सामाजिक समस्याएँ: राम आहूजा

 निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आगामी दशक में हमारे सामने आने वाली दो चुनौतियों – बढ़ती समस्याओं के साथ-साथ पर्यावरण पर इसके प्रभाव का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

विस्तार से समझाइये कि कैसे जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक विकास, जीवन स्तर के बढ़ते मानकों और उपभोग के उच्च स्तर के परिणामस्वरूप भूमि उपयोग के बदलते पैटर्न, ऊर्जा उपयोग में वृद्धि एवं प्राकृतिक संसाधनों की कमी और पहले से कहीं अधिक पर्यावरणीय गिरावट के परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन के संकेत मिले हैं।

पर्यावरण की सुरक्षा करते हुए लोगों की बढ़ती संख्या के लिए संसाधनों तक पहुंच, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को कम करना तथा उपभोग एवं उत्पादन के निरंतर पैटर्न को समाप्त करना एक मुद्दा है।

कुछ अवसरों के बारे में चर्चा कीजिए, जिनके माध्यम से उपर्युक्त का दोहन किया जा सकता है।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 3. वैक्सीन के आगमन के साथ ही भारत को समुचित नियोजन, एक विवेकपूर्ण वितरण नीति और जनता का समग्र टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए टीकाकरण के पश्चात् एक सतर्क निगरानी की आवश्यकता है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu  , The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में प्रमुख टीकों के टीका परीक्षणों के अंतिम चरण की स्थिति एवं आपातकालीन उपयोग की अनुमति तथा यू.एस. और यू.के. जैसे देशों के टीकाकरण अभियानों के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

भारत की एक विशाल जनसंख्या, सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता एवं दो सप्ताह के अंतराल पर दो खुराकों की आवश्यकता के कारण यथोचित योजना की आवश्यकता के बारे में बताइये। 

बड़ी संख्या में टीकाकरण की आवश्यकता एवं प्रारंभिक आपूर्ति की कमी के कारण टीका वितरण कार्यक्रम को कैसे आकार दिया जाए? समझाइए। टीका वितरण में निजी समूहों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

टीकाकरण के दीर्घकालिक प्रभावों की निगरानी करने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

इस प्रकार के सार्वभौमिक प्रतिरक्षाकरण कार्यक्रम, WIN IT प्लेटफॉर्म एवं कुछ राज्यों में इसके परीक्षण के दौरान भारत की क्षमता एवं तैयारियों के बारे में उल्लेख कीजिए। इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम सुझाइए।

निष्कर्ष:

भारत में टीकाकरण नीति को सफल बनाने वाले प्रमुख घटकों को सारांशित कीजिए।

  

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

4. अपने पहले से कहीं अधिक मुखर राष्ट्रवाद के कारण उत्पन्न ‘वुल्फ वॉरियर कूटनीति’ के साथ चीन ने अपनी विदेश नीति में एक पृष्ठ परिवर्तित किया है। मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

चीन की ‘वुल्फ वॉरियर कूटनीति’ को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

समझाइए कि राष्ट्रपति शी जिंगपिंग के नेतृत्व में चीन की विदेश नीति के संबंध में विशेष रूप से ‘वुल्फ वॉरियर कूटनीति’ के संदर्भ में एक प्रतिमान परिवर्तन हुआ है।

‘वुल्फ वॉरियर कूटनीति’ के आवश्यक घटकों का उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि कैसे महामारी के बाद ‘वुल्फ वॉरियर दृष्टिकोण’ अधिक आक्रामक हो गया।

चीन एवं वैश्विक शक्तियों और भारत के साथ इसके संबंधों पर नीति के प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

चीन की तेजी से मुखर विदेश नीति पर एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।

5. सनराइज़ उद्योग किसे कहते हैं? भारत में सनराइज़ उद्योग के रूप में पुष्प-कृषि की क्षमताओं का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Business Standard

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सनराइज़ उद्योग की परिभाषा एवं इसकी संरचना को सोदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में पुष्प-कृषि के बारे में उल्लेख कीजिए।

निर्यात उन्मुख सनराइज उद्योग के रूप में पुष्प-कृषि की क्षमता का अन्वेषण कीजिए। भारत फूलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, उत्पादन में वृद्धि एवं क्षेत्रवार उत्पादन इसे बागवानी की एक आकर्षक शाखा के रूप में प्रस्तुत करता है। विभिन्न उद्देश्यों के लिए फूलों की स्थानीय के साथ-साथ वैश्विक मांग का उल्लेख कीजिए एवं पूर्वोत्तर भारत में इसकी क्षमताओं पर प्रकाश डालिए।

भारत में पुष्प-कृषि क्षेत्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

भारत में चुनौतियों को दूर करने और फूलों की खेती में क्षमता को अधिकतम करने की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 6. दहेज प्रथा हमारे समाज में इतनी गहराई से प्रवेश क्यों कर गयी है? नैतिक रूप से विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में दहेज प्रथा की समस्याओं का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

दहेज प्रथा के मुद्दे के लिए उत्तरदायी नैतिक मुद्दों पर प्रकाश डालिए। पैसों का लालच, पितृसत्ता, कानून की अवज्ञा, लड़की और उसके परिवार के प्रति सहानुभूति की कमी, सांस्कृतिक मुद्दे, स्वीकृति, स्त्रीविरोधी व्यवहार एवं पुरुषवादी प्रवृत्ति आदि।

दहेज प्रथा के प्रचलन के परिणामों पर प्रकाश डालिए। इस कुप्रथा से विवाह रुपी संस्था में परिवर्तन आया है। विवाह महिलाओं की बढ़ती संख्या के लिए एक संभावित मौत का जाल बन गया है, खासकर देश के उत्तरी भाग में। गृहस्थी बसाने के लिए नव-विवाहित जोड़े की सहायता करने के स्थान पर दहेज वैवाहिक सद्भाव का एक बड़ा व्यवधान बन गया है।

निष्कर्ष:

इस व्यापक खतरे से निपटने के लिए उपाय सुझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता।

 7. सेवा वितरण के द्वारा वांछित परिणाम प्राप्त किये जाने चाहिए एवं सार्वजनिक नीति में परिकल्पित लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाया जाना चाहिए। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

लोगों की आकांक्षाओं को प्राप्त करने में सेवा वितरण के महत्व का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

वर्तमान सेवा वितरण प्रणाली की कमियों के बारे में उल्लेख कीजिए; जैसे- अक्षम आवंटन, भ्रष्टाचार, अक्षमता, शौकिया गुणवत्ता का काम, जवाबदेही की कमी, अकुशल विलंब जो लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने में विफल रहते हैं।

सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने में कुछ असाधारण प्रदर्शन करने वाली भारत सरकार की नीतियों/ कार्यक्रमों जैसे मनरेगा एवं केंद्रीकृत सार्वजानिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली, तेलंगाना सरकार की ‘राजीव आरोग्यश्री’ योजना आदि का उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

सतत विकास सुनिश्चित करने में सेवा वितरण के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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