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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 23 दिसंबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ एवं सूखा।

1. हालांकि भूस्खलन प्राकृतिक कारकों के कारण उत्पन्न होता है, लेकिन मानवजनित कारकों में वृद्धि के कारण होने वाला भूस्खलन चिंताजनक है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  भूगोल NCERT – कक्षा XI: भारत भौतिक पर्यावरण

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भूस्खलन को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। हाल के कुछ प्रमुख भूस्खलन के उदाहरण भी दीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में भूस्खलन के प्राकृतिक कारणों का सोदाहरण उल्लेख कीजिए। भूस्खलन प्रवत्त प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए। इन क्षेत्रों को दर्शाने के लिए मानचित्र भी प्रस्तुत कीजिए।

मानव गतिविधियों के कारण उत्पन्न भूस्खलन को सोदाहरण प्रस्तुत कीजिए। भूस्खलन से सम्बंधित उत्तरदायी मानवजनित कारकों पर प्रकाश डालिए। भूस्खलन की घटनाओं के संबंध में तथ्य एवं आंकड़े प्रस्तुत कीजिए। उदाहरण के लिए: कोपर्निकस प्रकाशन की 2018 की रिपोर्ट, जिसमें कहा गया है कि मानव-प्रेरित भूस्खलन की वैश्विक घटनाओं का 18% भाग भारत में घटित होता है। भूस्खलन से सम्बंधित राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के आंकड़ों का उल्लेख कीजिए।

मानवजनित कारकों में वृद्धि के कारण होने वाला भूस्खलन चिंताजनक क्यों है? समझाइए। इस समस्या के समाधान के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ एवं सूखा।

 2. भारत एक जलवायु विरोधाभास का सामना कर रहा है – औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि ने दीर्घकाल तक वर्षा न होना और फिर अचानक से अत्यधिक वर्षा का होना जैसी प्रवृत्ति को जन्म दिया है, जिसकारण चरम मौसम सम्बन्धी घटनायें उत्पन्न होती हैं। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भूगोल NCERT – कक्षा XI: भारत भौतिक पर्यावरण

 निर्देशक शब्द:

परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में मौसम की चरम घटनाओं के बढ़ते स्तर के संदर्भ को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। प्रासंगिक उदाहरण और तथ्य उद्धृत कीजिए।

 विषय वस्तु:

चरम मौसम की घटनाओं विशेष रूप से बाढ़ और सूखा एवं इनके कारण होने वाली क्षति को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए। अपने विचारों की पुष्टि के लिए प्रासंगिक तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

चरम मौसमी घटनाओं में वृद्धि के लिए उत्तरदायी कारकों एवं इनसे विश्व एवं भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

सूखे एवं बाढ़ के इस जलवायवीय विरोधाभास को दूर करने के लिए उपाय भी सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

 3. भारत में परिवार नियोजन अभी भी आगे की राह है न कि जनसंख्या को नियंत्रित करने वाला कोई कानून। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत की जनसांख्यिकी का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। समझाइए कि यह अनुमान है कि 2024 तक भारत विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश के रूप में चीन से आगे निकल जायेगा।

 विषय वस्तु:   

भारत की जनसंख्या को नियंत्रित करने की आवश्यकता जैसे: संसाधनों पर अत्यधिक बोझ, गरीबी और असमानताओं की उच्च दर, सतत विकास आदि पर प्रकाश डालिए।

जनसंख्या नियंत्रण कानून एवं ’दो बच्चे नीति’के खिलाफ तर्क प्रस्तुत कीजिए।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के हालिया आंकड़ों को प्रस्तुत कीजिए, जो परिवार नियोजन पहल के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण में प्राप्त सफलता को दर्शाता हैं। देश में प्रजनन दर को कम करने के लिए गर्भनिरोधक, जागरूकता, बेहतर शिक्षा और प्रोत्साहन आदि के पक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

एक संतुलित आगे की राह, जो भारत में परिवार नियोजन को अधिक प्रभावी बनाती है, को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: औद्योगिक नीति में परिवर्तन और औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव।

4. आत्मनिर्भर होने के लिए भारत को पर्याप्त विनिर्माण गहनता की आवश्यकता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना की क्षमता का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और आत्मनिर्भर होने के लिए विनिर्माण गहनता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

विकास की उच्च दर, अधिक रोजगार, विदेशी खतरों के खिलाफ सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में स्थायी प्रतिस्पर्धा के रूप में विनिर्माण गहनता होने के लाभों पर प्रकाश डालिए।

“आत्मनिर्भर भारत” के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना पर प्रकाश डालिए। देश में एक कुशल, न्यायसंगत और लचीला विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना के लिए इसकी क्षमताओं का उल्लेख कीजिए। औद्योगिक वस्तुओं के उत्पादन और निर्यात में वृद्धि, अधिक विदेशी प्रतिस्पर्धा, नवाचार, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एकीकरण, एमएसएमई के साथ बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करना एवं अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न करने में यह कैसे सहायक होगा, समझाइए।

उन निश्चित क्षेत्रों का विश्लेषण कीजिए, जिनमें उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए सुधार करने की आवश्यकता है। जैसे- घरेलू मूल्य-वृद्धि के साथ प्रोत्साहन की मात्रा को जोड़ना, पीएलआई प्रोत्साहन का निर्धारण, अनुसन्धान एवं विकास में सुधार करना आदि।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इसे भारतीय नीति निर्माताओं के लिए एक सीख के रूप में कार्य करना चाहिए एवं एक स्थायी और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण नीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

  

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. जलवायु परिवर्तन पर वार्ता करने के लिए, विश्व को एक समान कार्बन प्रशुल्क व्यवस्था की ओर बढ़ने और जलवायु तटस्थता के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Business Standard  , The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कार्बन प्रशुल्क एवं इसकी प्रकृति को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। फिर जलवायु तटस्थता को समझाइए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि कार्बन प्रशुल्क पर विचार करने के लिए यह सही समय क्यों है तथा यह विकसित और विकासशील देशों के लिए तटस्थता की योजना बनाने के लिए प्रासंगिक क्यों है।

कार्बन प्रशुल्क तंत्र, विशेष रूप से जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के संबंध में इसके लाभों पर चर्चा कीजिए। समझाइए कि वैश्विक स्तर पर हरित गृह गैसों का उत्सर्जन करने की लागत में प्रशुल्क कैसे भूमिका निभाएगा। कार्बन प्रशुल्क और करों से प्राप्त राजस्व का उपयोग न केवल नवीकरणीय ऊर्जा का समर्थन करने के लिए किया जा सकता है, बल्कि कार्बन कैप्चर और भंडारण की लागत को कम करने के लिए नवाचारों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

जलवायु तटस्थता प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया के बारे में चर्चा कीजिए।

सहयोग को बढ़ावा देना, कार्बन को कम करने की प्रौद्योगिकियों की लागत में कमी, यूरोपीय संघ हरित समझौते की तर्ज पर जलवायु तटस्थता प्राप्त करने के लिए एक नवीन विकास मॉडल और रोडमैप की आवश्यकता आदि।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: कमजोर वर्ग के प्रति सहिष्णुता और करुणा।

 6. अपने स्वयं के जीवन और अनुभव से एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए किसी घटना का वर्णन कीजिए, जिसने आपको करुणा के महत्व का एहसास कराया हो। (150 शब्द)

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

करुणा अथवा किसी महान व्यक्तित्व द्वारा उद्धृत करुणा से सम्बंधित उद्धरण को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

यह अत्यंत सरल प्रश्न है एवं आपको अपने जीवन की किसी एक घटना का वर्णन करने की आवश्यकता है, जिसने आपको अधिक दयालु बना दिया हो। आपके द्वारा उल्लेखित घटना करुणा के लिए प्रासंगिक होनी चाहिए। अपने उत्तर में स्वयं को कृपालु अथवा परोपकारी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास न करें। उत्तर बिंदुवार एवं अत्यंत विनम्रता के साथ लिखा जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

विश्व में विशेष रूप से वर्तमान परीक्षण और प्रयास के समय में अधिक करुणा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उत्तर पूरा कीजिए।

  

विषय: सार्वजनिक निधियों का उपयोग।

 7. सार्वजानिक निधियों की उपयोगिता को अधिकतम करने का सबसे अच्छा तरीका इसके उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, अखंडता और योग्यता: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सार्वजनिक निधि में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व पर चर्चा कीजिए।

विषय वस्तु:

देश में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, अधूरे कार्य, कार्यों की गुणवत्ता में कमी, निधियों का अभाव आदि जैसे सार्वजनिक निधियों के उपयोग से सम्बंधित कमियों की व्याख्या कीजिए।

सार्वजनिक निधि के वितरण की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए उपकरण के रूप में पारदर्शिता और दक्षता के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक विभिन्न तंत्रों – सार्वजानिक कोष प्रबंधन प्रणाली, अंकेक्षण एजेंसी – सीएजी, बजटिंग – आउटकम आधारित बजट, शून्य आधारित बजट, भागीदारी एवं पारदर्शिता – सामाजिक लेखा परीक्षा, वित्तीय विवेक आदि पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि यह देश की विकासात्मक प्रक्रिया में सहायक होगा और साथ ही भ्रष्ट आचरण को कम करेगा।


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