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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 22 दिसंबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय मृदा एवं भारतीय वनस्पति।

1. भारत की मृदा अपने आप में विविध है। इसके मृदाजनन (Pedogenesis) के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  भूगोल NCERT – कक्षा XI: भारत भौतिक पर्यावरण

निर्देशक शब्द:

व्याख्या कीजिये- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में मृदा की विविधता एवं प्रमुख क्षेत्रों में इसकी संरचना के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय मृदा संरचना में विविधता के कारणों और इसकी प्रमुख विशेषताओं तथा प्रत्येक मृदा में बोई जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण फसलों के बारे में चर्चा कीजिए। बेहतर ढंग से समझाने के लिए भारत के प्रमुख मृदा क्षेत्रों को एक मानचित्र की सहायता से समझाया जा सकता है।

भारत में मृदाजनन (Pedogenesis) के लिए उत्तरदायी विभिन्न कारकों का विस्तार से उल्लेख कीजिए। मूल सामग्री, उच्चावच, जलवायु और प्राकृतिक वनस्पति जैसे कारकों के बारे में बताइए। प्रासंगिक उदाहरणों के साथ अपना उत्तर दें।

निष्कर्ष:

भारत की मृदा संरचना में विविधता के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय मृदा एवं भारतीय वनस्पति।

 2. विभिन्न जलवायवीय परिस्थितियों के कारण भारत में प्राकृतिक वनस्पति की एक विस्तृत श्रृंखला है। भारत में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों पर विस्तृत चर्चा कीजिए। भारत में वनस्पति से सम्बंधित प्रमुख खतरे कौन- कौन से हैं? (250 शब्द)

सन्दर्भ: भूगोल NCERT – कक्षा XI: भारत भौतिक पर्यावरण

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम समझाइए कि विभिन्न जलवायवीय परिस्थितियों के कारण प्राकृतिक वनस्पतियों की एक विस्तृत श्रंखला का निर्माण कैसे हुआ है। 

 विषय वस्तु:

भारत में उपस्थित विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों के बारे में चर्चा कीजिए। भारत की प्रमुख वनस्पतियों पर प्रकाश डालते हुए एक साधारण मानचित्र भी प्रस्तुत कीजिए।

वनस्पति के प्रकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए। उत्तरदायी प्रमुख जलवायवीय कारकों, प्रत्येक वनस्पति की प्रमुख विशेषताएं एवं वहां पाए जाने वाले प्रमुख वनस्पति – जीवों पर एक लेख लिखिए।

भारतीय वनस्पतियों से सम्बंधित प्रमुख खतरे जैसे- वनों की कटाई, खनन, अतिचारण, जलवायु परिवर्तन एवं आक्रामक प्रजातियां आदि पर प्रकाश डालिए। उपर्युक्त के स्पष्टीकरण के लिए हाल ही में जारी की गई भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट 2019 के कुछ तथ्यों को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

भारतीय वनस्पति की सुरक्षा से सम्बंधित आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

 3. नेपाल में ‘संवैधानिक तख्तापलट’ चल रहा है। भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बल देते हुए हिमालयी राष्ट्र में उथल-पुथल के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नेपाल में हाल के घटनाक्रमों से उत्पन्न राजनीतिक संकट के संदर्भ को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

इस अभूतपूर्व संकट की स्थिति एवं लोकतंत्र के लिए इसके निहितार्थों को समझाइए।

संविधान में विघटन के प्रावधान की अनुपस्थिति एवं इसके द्वारा सामना की जा रही कानूनी चुनौतियों पर प्रकाश डालिए, जिससे ‘संवैधानिक तख्तापलट’ जैसी परिस्थितियों का निर्माण हुआ है।

इस संकट से नेपाल पर पड़ने वाले प्रभावों जैसे- नेपाल में अस्थिरता, इसकी लोकतांत्रिक साख, धीमी अर्थव्यवस्था से लेकर बढ़ते कोरोनावायरस संकट पर उठते सवाल आदि की विस्तार से जाँच कीजिए।

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) में संभावित अव्यवस्था, शीर्ष नेतृत्व में संभावित बदलाव एवं 2021 में चुनाव तक अनिश्चितता भारत-नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों को कैसे प्रभावित कर सकती है? समझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र / सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।

4. सार्स- कोव2 (SARS-COV2) वायरस के उपभेदों के उत्परिवर्तन का उपचार अत्यंत सावधानी के साथ किया जाना चाहिए न कि घबड़ाहट में। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu  , Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रमुख रूप से लंदन और यू.के. में उत्पन्न होने वाले कोविड -19 वायरस में उत्परिवर्तन के संबंध में संदर्भ की व्याख्या करके उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

नए उत्परिवर्तित स्ट्रेन पर चिंता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालिए। इस वायरस में 70% अधिक आसानी से संचरित होने, अत्यधिक संक्रामक होने और नवीन विशेषताओं की संभावना है।

यह एक गंभीर मुद्दा हो सकता है। हालांकि, इसे सक्रिय प्रतिक्रिया और प्रचुर सावधानी के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। समझाइए कि वायरस में उत्परिवर्तन होना एक सामान्य घटना है एवं सार्स- कोव2 के 20 से अधिक उत्परिवर्तित स्ट्रेन पहले से ही उपस्थित हैं। इसके अलावा, वैक्सीन की प्रभावकारिता उत्परिवर्तन से प्रभावित नहीं हो सकती है।

स्पष्ट कीजिए कि हमें टेस्टिंग, ट्रैकिंग एवं आइसोलेशन के अभ्यास एवं मास्क पहनने और सेनिटाइज़र का उपयोग करने के सुरक्षित तरीके को जारी रखने की आवश्यकता क्यों है।यू.के. से आने वाली अथवा जाने वाली हवाई यात्राओं का निलंबन एक सक्रिय उपाय है।

निष्कर्ष:

सार्वजानिक टीकाकरण होने तक बचाव एवं एहतियात बरतना ही सर्वश्रेष्ठ उपाय है, समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों की उपलब्धियां।

5. रामानुजन की विरासत वास्तविक, विपुल, विविध एवं समय की सीमाओं से परे है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के बारे में एक संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

गणित, गणितीय विश्लेषण, संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला, और निरंतर भिन्न, जिनमें उन गणितीय समस्याओं का समाधान भी शामिल है, जिन्हें हल न होने योग्य माना जाता है, के क्षेत्र में श्रीनिवास रामानुजन के महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डालिए।

समझाइए कि उनके वास्तविक एवं उच्च अपरंपरागत परिणाम, जैसे रामानुजन प्राइम, रामानुजन थीटा फ़ंक्शन, विभाजन सूत्र एवं मॉक थीटा फ़ंक्शन आदि ने इस क्षेत्र के सम्पूर्ण नए क्षेत्रों का विकास किया और आगे के शोधों की एक विस्तृत श्रंखला को प्रेरित किया है।

निष्कर्ष:

रामानुजन की विरासत समय की सीमाओं से परे एवं अमर कैसे है, समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: सरकारी एवं निजी संस्थानों में नैतिक चिंतायें तथा दुविधायें।

 6. कभी-कभी, सार्वजनिक सेवा के अतिव्यापी स्वभाव से नैतिक मूकता उत्पन्न होती है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, अखंडता और योग्यता: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक मूकता को परिभाषित करते हुए एवं सार्वजनिक सेवा के अत्यधिक बोझ के कारण यह कैसे उत्पन्न होता है, समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

समझाइए कि सार्वजनिक सेवा की बोझिल प्रक्रियाएं नैतिक तर्क के लिए बहुत कम समय देती हैं और इसलिए सही निर्णय लेने और काम करने के बीच संघर्ष उत्पन्न हो सकता है।

उपर्युक्त उदाहरणों का वर्णन कीजिए।

उपरोक्त मुद्दे को संबोधित करने सम्बन्धी प्रमुख उपायों पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि निर्णय छोटा या बड़ा कैसा भी हो, यह नैतिक रूप से उचित होना चाहिए।

 

विषय: नैतिक संहिता, आचार संहिता।

7.  सार्वजनिक एवं कॉर्पोरेट संस्थानों मूल्य-आधारित आचार संहिता समय की मांग है। आप मूल्य आधारित नैतिक संहिता के अनुपालन को संस्थागत कैसे बनाएंगे? (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, अखंडता और योग्यता: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

 विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मूल्य-आधारित नैतिक संहिता को परिभाषित करते हुए एवं इसकी आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

संगठन की एक मुख्य मूल्य प्रणाली को संबोधित करने के लिए मूल्य-आधारित नैतिक संहिता की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए। समझाइए कि यह विस्तृत सार्वजनिक हित और पर्यावरण से संबंधित उत्तरदायी आचरण के मानकों को कैसे रेखांकित कर सकता है। अनुपालन-आधारित संहिता की तुलना में मूल्य-आधारित नैतिक संहिता के लिए अधिक स्व-विनियमन की आवश्यकता हो सकती है।

अनुपालन को संस्थागत रूप देने वाले एवं अनुपालन की निरंतरता सुनिश्चित करने वाले उपायों पर विचार कीजिए। कर्मचारियों की जरूरतों, व्यापक अनुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम, लोगों के केंद्रित दृष्टिकोण और सूचित निर्णय लेने आदि पर विचार करने सम्बन्धी उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

मूल्य आधारित नैतिक संहिता के अनुपालन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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