HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
समुद्री जल के संचलन पर निम्नलिखित में से किनका प्रभाव होता हैं?
- लवणता
- तापमान
- सूर्य
- चंद्रमा
- वायु
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
समुद्री जल गतिशील होता है। तापमान, लवणता, घनत्व और बाहरी बल जैसे सूर्य, चंद्रमा और वायु समुद्री जल की गति को प्रभावित करते हैं।
Incorrect
उत्तर: d)
समुद्री जल गतिशील होता है। तापमान, लवणता, घनत्व और बाहरी बल जैसे सूर्य, चंद्रमा और वायु समुद्री जल की गति को प्रभावित करते हैं।
-
Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- मौसम संबंधी प्रभावों के कारण समुद्री जलस्तर के दिन में एक या दो बार होने आवधिक वृद्धि और गिरावट को ज्वार कहा जाता है।
- केन्द्रापसारक बल ज्वार की घटना का कारण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण के कारण समुद्री जलस्तर के दिन में एक या दो बार होने आवधिक वृद्धि और गिरावट को ज्वार कहा जाता है।
मौसम संबंधी प्रभावों (हवाओं और वायुमंडलीय दाब में परिवर्तन) के कारण होने वाले जल के संचलन को सर्ज (surges) कहा जाता है।
काफी हद तक चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल और कुछ हद तक सूर्य का गुरुत्वाकर्षण, ज्वार की घटना के प्रमुख कारण हैं। एक अन्य कारण केन्द्रापसारक बल है। केन्द्रापसारक बल, गुरुत्वाकर्षण को संतुलित करने के लिए कार्य करता है। एक साथ, गुरुत्वाकर्षण और केन्द्रापसारक बल पृथ्वी पर दो प्रमुख ज्वारों के लिए उत्तरदायी हैं।
Incorrect
उत्तर: b)
सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण के कारण समुद्री जलस्तर के दिन में एक या दो बार होने आवधिक वृद्धि और गिरावट को ज्वार कहा जाता है।
मौसम संबंधी प्रभावों (हवाओं और वायुमंडलीय दाब में परिवर्तन) के कारण होने वाले जल के संचलन को सर्ज (surges) कहा जाता है।
काफी हद तक चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल और कुछ हद तक सूर्य का गुरुत्वाकर्षण, ज्वार की घटना के प्रमुख कारण हैं। एक अन्य कारण केन्द्रापसारक बल है। केन्द्रापसारक बल, गुरुत्वाकर्षण को संतुलित करने के लिए कार्य करता है। एक साथ, गुरुत्वाकर्षण और केन्द्रापसारक बल पृथ्वी पर दो प्रमुख ज्वारों के लिए उत्तरदायी हैं।
-
Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- दिन के समय में ज्वार की तीव्रता समुद्र तट के साथ-साथ सदैव समान होती है।
- पृथ्वी के संबंध में सूर्य और चंद्रमा दोनों की स्थितियों का ज्वार की ऊंचाई पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
- लघु ज्वार तब उत्पन्न होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में स्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
तटरेखा के साथ खाड़ी और ज्वरनदमुख की अवस्थिति ज्वार की तीव्रता को बढ़ा सकती है।
पृथ्वी के संबंध में सूर्य और चंद्रमा दोनों की स्थिति का ज्वार की ऊंचाई पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं, तो ज्वार की ऊंचाई अधिक होगी। इन्हें बृहत्-ज्वार कहा जाता है और ये महीने में दो बार आते हैं (एक पूर्णिमा और दूसरा अमावस्या को)।
आम तौर पर, बृहत्-ज्वार और लघु ज्वार के बीच सात दिन का अंतराल होता है। इस समय सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे के समकोण पर स्थित होते हैं तथा सूर्य और चंद्रमा के बल एक दूसरे को संतुलित करते हैं।
Incorrect
उत्तर: c)
तटरेखा के साथ खाड़ी और ज्वरनदमुख की अवस्थिति ज्वार की तीव्रता को बढ़ा सकती है।
पृथ्वी के संबंध में सूर्य और चंद्रमा दोनों की स्थिति का ज्वार की ऊंचाई पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं, तो ज्वार की ऊंचाई अधिक होगी। इन्हें बृहत्-ज्वार कहा जाता है और ये महीने में दो बार आते हैं (एक पूर्णिमा और दूसरा अमावस्या को)।
आम तौर पर, बृहत्-ज्वार और लघु ज्वार के बीच सात दिन का अंतराल होता है। इस समय सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे के समकोण पर स्थित होते हैं तथा सूर्य और चंद्रमा के बल एक दूसरे को संतुलित करते हैं।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- चक्रवात और महासागरीय धाराओं के विपरीत, ज्वार का पूर्व में पूर्वानुमान नहीं किया जा सकता है।
- महासागरीय धाराएं गुरुत्वाकर्षण बल और कोरिओलिस बल से प्रभावित होती हैं।
- कोरिओलिस प्रभाव के कारण, समुद्री जल स्तर मध्य अक्षांशों की तुलना में भूमध्य रेखा पर कम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
चूंकि ज्वार पृथ्वी-चंद्रमा-सूर्य की स्थिति के कारण आता है, अत: ज्वार का पूर्वानुमान पहले से अच्छी तरह से किया जा सकता है।
महासागरीय धाराएँ महासागरों में नदी के प्रवाह के समान होती हैं। वे एक निश्चित पथ और दिशा में नियमित गति करती हैं।
धाराओं को प्रभावित करने वाले प्राथमिक बल हैं: (i) सौर ऊर्जा द्वारा उष्णता; (ii) पवनें; (iii) गुरुत्वाकर्षण; (iv) कोरिओलिस बल।
सौर ऊर्जा द्वारा गर्म करने से जल का विस्तार होता है। इसीलिए, कोरिओलिस प्रभाव के कारण, समुद्री जल स्तर मध्य अक्षांशों की तुलना में भूमध्य रेखा पर लगभग 8 सेमी अधिक होता है।
Incorrect
उत्तर: b)
चूंकि ज्वार पृथ्वी-चंद्रमा-सूर्य की स्थिति के कारण आता है, अत: ज्वार का पूर्वानुमान पहले से अच्छी तरह से किया जा सकता है।
महासागरीय धाराएँ महासागरों में नदी के प्रवाह के समान होती हैं। वे एक निश्चित पथ और दिशा में नियमित गति करती हैं।
धाराओं को प्रभावित करने वाले प्राथमिक बल हैं: (i) सौर ऊर्जा द्वारा उष्णता; (ii) पवनें; (iii) गुरुत्वाकर्षण; (iv) कोरिओलिस बल।
सौर ऊर्जा द्वारा गर्म करने से जल का विस्तार होता है। इसीलिए, कोरिओलिस प्रभाव के कारण, समुद्री जल स्तर मध्य अक्षांशों की तुलना में भूमध्य रेखा पर लगभग 8 सेमी अधिक होता है।
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Question 5 of 5
5. Question
निम्नलिखित में से कौन सी देश की राजधानी भूमध्य रेखा के निकट स्थित है?
Correct
उत्तर: a)
Incorrect
उत्तर: a)









