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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 10 दिसंबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: ज्वालामुखी, भूकंप एवं भूस्खलन।

1. उपयुक्त उदाहरणों के साथ ज्वालामुखी निर्माण, उनके प्रकार एवं संरचनाओं का वर्णन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत: जी. सी. लियोंग, भौतिक भूगोल के मूल तत्व- कक्षा XI NCERT

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ज्वालामुखी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उनकी संरचना पर चर्चा कीजिए।

उपयुक्त आरेख एवं विवरण के साथ ज्वालामुखी के प्रकारों का उल्लेख कीजिए।

इससे सम्बद्ध विभिन्न स्थलाकृतियों को प्रस्तुत कीजिए। आतंरिक एवं बाह्य दोनों प्रकार की स्थलाकृतियों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

स्थलाकृतियों के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: ज्वालामुखी, भूकंप एवं भूस्खलन।

 2. “भूस्खलन एक प्राकृतिक घटना से कहीं अधिक है।” क्या आप सहमत हैं? इसके न्यूनीकरण के तरीकों पर चर्चा कीजिए एवं सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत: जी. सी. लियोंग

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भूस्खलन की पृष्ठभूमि / केस स्टडी के साथ उत्तर प्रारम्भ किया जा सकता है – हाल ही में सम्पूर्ण भारत में भारी बारिश के दौरान केरल में भूस्खलन से बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति हुई है। जून 2013 में उत्तराखंड में आई बाढ़ के कारण हुए केदारनाथ भूस्खलन के कारण 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जो इस प्रकार की सबसे दुखद आपदा थी।

 विषय वस्तु:

भूस्खलन को परिभाषित कीजिए।

भूस्खलन के प्रमुख कारणों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि भूस्खलन प्राकृतिक घटना से कहीं अधिक क्यों है।

उनके न्यूनीकरण के लिए सुझावों को सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. “भारत में स्वच्छता के समक्ष उपस्थित प्रमुख समस्या अवसंरचना की कमी नहीं है बल्कि इससे सम्बंधित सामाजिक एवं सांस्कृतिक कुरीतियों की है।” क्या आप सहमत हैं? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उपयुक्त तथ्यों के साथ भारत में स्वच्छता की स्थिति को संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:   

उचित शौचालय की कमी, कार्य से संबंधित भेदभाव, भारत में मैला ढोने से संबंधित मुद्दे, भौतिक संसाधनों की कमी आदि के बारे में चर्चा कीजिए।

यह सामाजिक एवं सांस्कृतिक कुरीतियों से कैसे सम्बद्ध है, उदाहरण देकर समझाइए।

ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए क्या किया जाना चाहिए? सुझाव देकर समझाइए।

निष्कर्ष:

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों एवं आगे की राह का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. भारत में कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाली कई सरकारी नीतियों के बावजूद, कौशल विकास अभी भी देश में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में कौशल विकास के परिदृश्य को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

कौशल विकास के महत्त्व एवं इसे प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा प्रारम्भ किये गए कार्यक्रमों पर प्रकाश डालिए।

समझाइए कि कौशल विकास देश के समक्ष अभी भी एक चुनौती कैसे है। समझाइए कि सरकार द्वारा किये गए इन प्रयासों के बावजूद कुछ मुद्दों ने भारत की कुशल जनशक्ति, कम रोजगार और रोजगार दर को प्रभावित किया है; जैसे – अच्छी तरह से प्रशिक्षित एवं कुशल कर्मियों की कमी, कार्यबल में महिला भागीदारी की न्यूनता, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल की कमी आदि।

इन समस्याओं के समाधान के लिए उपयुक्त सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कौशल विकास को एक व्यक्तिगत गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी अन्य पहलों पर कार्य करने की आवश्यकता है।

  

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 5. किन संभावित तरीकों से आंगनवाड़ी केंद्र (AWCs), एकीकृत बाल विकास योजनाओं (ICDS) की सेवाओं के बेहतर वितरण के लिए एजेंट बन सकते हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस तथ्य की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि कोविड-19 के कारण हुए आर्थिक पतन ने गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक कल्याण सेवाओं की आवश्यकता पर पहले से कहीं अधिक दबाव बनाया है।

 विषय वस्तु:

एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) कार्यक्रम की व्याख्या कीजिए।

सेवा प्रदान किये जाने सम्बन्धी प्रणाली की कमियों एवं खामियों पर प्रकाश डालिए।

एकीकृत बाल विकास योजनाओं (ICDS) की सेवाओं के बेहतर वितरण के लिए एक एजेंट के रूप में आंगनवाड़ी केंद्रों (AWCs) की संभावित भूमिका पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

संदर्भित लेख की सहायता से इसके समाधान के उपाय सुझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

 6. भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थव्यवस्था की संभावनाओं एवं चुनौतियों पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कुछ प्रमुख तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। डेटा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेवाओं से भारत की आर्थिक वृद्धि को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने में सहायता मिलती है।उदाहरण के लिए, नैस्कॉम (NASSCOM) के अनुसार, डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता 2025 तक भारत की जीडीपी में $450 बिलियन- $500 बिलियन का योगदान देगी, जो सरकार की $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की आकांक्षा का लगभग 10% है।

 विषय वस्तु:

भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।

भारत में एक संपन्न कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्टार्ट-अप पारिस्थिकी तंत्र है, जिसमें उद्यमों के उपयोग के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, स्मार्ट कृषि तथा संवादी कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक समाधान विकसित किए जा रहे हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता में हमारा कुशल मानव संसाधन तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में 5,00,000 से अधिक लोग इन तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा कीजिए।

हमारे देश के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा संचालित अर्थव्यवस्था की क्षमता को सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भविष्य आशाजनक है, लेकिन इस क्षमता को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए भारत को प्रतिभा विकास, डेटा उपयोग और शासन के लिए मजबूत नीतियों और प्रौद्योगिकी अवसंरचना बनाने में अधिक निवेश की आवश्यकता होगी।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र आधारित केस स्टडी।

 7. अमित सिंह उत्तरी भारत के एक राज्य का एक छोटा किसान है। उसे हाल ही में प्रारम्भ की गई पीएम फसल बीमा योजना के बारे में पता चला। ग्राम प्रधान ने उसे अधिक जानकारी के लिए बैंक में जाने की सलाह दी। बैंक अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूरी कीं और उसके खाते से प्रीमियम की राशि काट ली। कुछ दिनों के पश्चात् भारी बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण उसकी गेहूं की फसल नष्ट हो गयी। तीन-चार दिनों से खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण वह बैंक अधिकारियों को सूचित नहीं कर पाया। चार दिनों के बाद, जब वह सूचित करने के लिए बैंक पहुंचा तो उसे कहा गया कि वह बीमा कंपनी के कार्यालय में संपर्क करे। जब उसने अंततः बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, तो उसे बताया गया कि वे उसके दावे को संसाधित करने में असमर्थ थे क्योंकि उसे इस घटना के 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी।

 मान लीजिए कि आप बीमा दावों के खिलाफ शिकायतों की सुनवाई करने वाले जिला स्तरीय अधिकारी हैं एवं अमित सिंह आपके समक्ष शिकायत दर्ज करता है तो आप इस मुद्दे से कैसे निपटेंगे? इसमें शामिल नैतिक मुद्दों की पहचान एवं चर्चा कीजिए तथा उनके संभावित उपाय भी बताइये। (250 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम इस प्रश्न के संदर्भ पर चर्चा कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के उद्देश्यों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

उपरोक्त मामले में शामिल मुद्दों – बीमा दावों, बैंकों और मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र के संबंध में चर्चा कीजिए।

इन समस्याओं के समाधान के लिए उपाय भी सुझाइए – जैसे नागरिक हितैषी शासन, जन समर्थक शासन, सूचित निर्णय निर्माण, सामाजिक अनुबंध आदि।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सरकार की सामाजिक अनुबंध के तहत लोगों के कल्याण की जिम्मेदारी है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह योजना को किसान हितैषी बनाए न कि बीमा कंपनी के अनुकूल।


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