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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 8 December

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. ‘हवाना सिंड्रोम’

2. हथियारों के बाजार में अमेरिका और चीन का दबदबा: रिपोर्ट

3. फ्रांस के नए सुरक्षा कानून पर विवाद

 

सामान्य अध्ययन-III

1. लाइट डिटेक्शन और रेंजिंग सर्वेक्षण (LiDAR) तकनीक

2. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संवर्धित चावलों की शुरुआत का विरोध

3. तैरती हुई अवसंरचनाओं हेतु तकनीकी विनिर्देश

4. वन्यजीवों की मदद हेतु जंगल में पुल-निर्माण

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. थारू जनजाति

2. वधावन बंदरगाह परियोजना

3. लक्षद्वीप: शत-प्रतिशत जैविक बनने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश

4. बांग्लादेश द्वारा भूटान के साथ पहले ‘अधिमान्य व्यापार समझौते’ (PTA) पर हस्ताक्षर

5. केंद्र सरकार द्वारा दो नए चिड़ियाघरों को मान्यता

6. निवेश प्रोत्साहन पुरस्कार 2020

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

हवाना सिंड्रोम


(Havana syndrome)

संदर्भ:

लगभग चार वर्ष पूर्व, हवाना सिंड्रोम (Havana syndrome) नामक एक रहस्यमय न्यूरोलॉजिकल बीमारी से, क्यूबा, ​​चीन और अन्य देशों में तैनात अमेरिकी राजनयिक और खुफिया अधिकारी, ग्रसित हो गए थे।

अब, नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (NAS) की एक रिपोर्ट में, इस बीमारी का संभावित कारण ‘निर्देशित’ माइक्रोवेव विकिरण (directed microwave radiation) बताया गया है।

हवाना सिंड्रोम’ क्या है?

  • वर्ष 2016 के अंत में, हवाना में तैनात कई अमेरिकी राजनयिक और अन्य कर्मचारी, अपने होटल अथवा घरों में अजीबोगरीब ध्वनियां सुनाई देने और शरीर में अजीब सनसनी महसूस होने के बाद, बीमार हो गए थे।
  • इसके अलावा, मतली आने, गंभीर सिरदर्द, थकान, चक्कर आने, नींद की समस्या और श्रवण-ह्रास आदि लक्षण पाए गए। इस बीमारी को तब से “हवाना सिंड्रोम” के रूप में जाना जाता है।

‘हवाना सिंड्रोम’ के कारण

  • समिति द्वारा जांच किए गए मामलों की व्याख्या करने पर, ‘निर्देशित’ स्पंदित रेडियो आवृत्ति ऊर्जा (Directed pulsed Radio Frequency energy) को ‘हवाना सिंड्रोम’ का सर्वाधिक संभावित कारण पाया गया है।
  • इस बीमारी से संक्रमित होने पर, रोगी को पीड़ादायक सनसनाहट और भिनभिनाहट की आवाज महसूस होती थी, और ये एक विशेष दिशा से या कमरे में एक विशिष्ट स्थान से उत्पन्न होती थी।

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 प्रीलिम्स लिंक:

  1. माइक्रोवेव हथियार क्या हैं?
  2. हवाना सिंड्रोम क्या है?
  3. इसके नामकरण के पीछे कारण?
  4. विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का अवलोकन

मैंस लिंक:

हाल ही में, समाचारों में चर्चित ‘हवाना सिंड्रोम’ क्या है? इसके खबरों में होने के कारणों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

हथियारों के बाजार में अमेरिका और चीन का दबदबा: रिपोर्ट


संदर्भ:

हाल ही में, स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research InstituteSIPRI) द्वारा विश्व में हथियारों के बाजार पर एक रिपोर्ट जारी की गयी है।

प्रमुख निष्कर्ष:

  1. पिछले वर्ष, अमेरिकी हथियार उद्योग का, विश्व के ‘शीर्ष 25’ निर्माताओं द्वारा की गयी कुल बिक्री में 61% हिस्सा था और चीन का कुल वैश्विक बिक्री में 15. 7% हिस्सा था।
  2. ‘शीर्ष 25’ निर्माताओं की कुल बिक्री में  8.5% की वृद्धि हुई और यह $ 361 बिलियन तक पहुँच गई, जो कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के वार्षिक बजट का 50 गुना अधिक है।
  3. वैश्विक हथियारों पर व्यय के मामले में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका दो सबसे बड़े देश हैं। शीर्ष हथियार कंपनियों में इन देशों की सर्वाधिक कंपनियां हैं।
  4. पहली बार पश्चिम एशिया की एक हथियार कंपनी भी शीर्ष 25 कंपनियों में जगह बनाने में कामयाब रही है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी ‘EDGE’ सूची में 22वें स्थान पर है। वर्ष 2019 में ‘EDGE’ का गठन 25 रक्षा इकाईयों के एकीकरण द्वारा किया गया था।

SIPRI के बारे में:

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) 1966 में स्थापित एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है, जो युद्ध तथा संघर्ष, युद्धक सामग्रियों, हथियार नियंत्रण तथा निरस्त्रीकरण के क्षेत्र में अनुसंधान-कार्यों के लिए समर्पित है।

स्टॉकहोम स्थित यह संस्था, नीति निर्माताओं, शोधकर्त्ताओं, मीडिया और अन्य इच्छुक लोगों के लिए आँकड़ों का विश्लेषण और सुझाव उपलब्ध कराती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. SIPRI क्या है?
  2. दुनिया में कितने देश परमाणु हथियार संपन्न हैं?
  3. वर्ष 2020 में परमाणु शस्त्र भण्डार
  4. पिछली रिपोर्ट के निष्कर्षो से तुलना
  5. शीर्ष हथियार निर्यातक देश

मेंस लिंक:

संक्षेप में चर्चा कीजिए कि हथियारों के उत्पादन पर आत्मनिर्भर बनना क्यों महत्वपूर्ण है।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

फ्रांस के नए सुरक्षा कानून पर विवाद


संदर्भ:

हाल ही में, फ्रांस सरकार द्वारा पार्लियामेंट में एक विवादास्पद सुरक्षा विधेयक पेश किया गया है। विधेयक में पुलिस अधिकारियों को अधिक अधिकार और सुरक्षा प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है।

विवादास्पद प्रावधान:

पुलिस के लिए जमीनी और हवाई रूप से व्यापक निगरानी करने हेतु सक्षम बनाया गया है, और साथ ही पुलिस अधिकारियों के फिल्मांकन को प्रतिबंधित किया गया है।

  • प्रस्तावित ‘वैश्विक सुरक्षा’ कानून के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत पुलिस तथा अर्द्धसैनिक बलों के लिए नागरिकों की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिये बॉडी कैमरा तथा ड्रोन के उपयोग की अनुमति, और रिकॉर्ड किये गए फुटेज़ को कमांड पोस्ट के लिए लाइव प्रसारण करने की अनुमति दी गई है।
  • अनुच्छेद 24 के अंतर्गत ऑपरेशन में कार्य कर रहे किसी पुलिस या अर्द्धसैनिक बल के अधिकारी के ‘चेहरे की छवि या पहचान के किसी अन्य हिस्से’ को जानबूझकर प्रकाशित या प्रसारित करने पर कठोर दण्ड का प्रावधान किया गया है।

सुरक्षा कानून के विरोधियों का तर्क

अनुच्छेद 24 के लागू होने से सार्वजनिक घटनाओं को कवर करना और पुलिस हिंसा की घटनाओं को रिकॉर्ड करना कठिन हो जाएगा, और इससे अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना मुश्किल होगा।

बिधेयक के पक्ष में तर्क:

सरकार का कहना है कि इसका प्रेस की स्वंत्रता या मानवाधिकारों को सीमित करने जैसा कोई लक्ष्य नहीं है और नए कानून का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों तथा उनके परिवारों को ऑनलाइन ट्रोलिंग तथा उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रीलिम्स लिंक:

नए सुरक्षा कानून और लागू करने वाले देश का संक्षिप्त अवलोकन

मेंस लिंक:

फ्रांस के नए सुरक्षा कानून से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

लाइट डिटेक्शन और रेंजिंग सर्वेक्षण (LiDAR) तकनीक


(Light Detection and Ranging Survey (LiDAR) technique)

संदर्भ:

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के उद‌्देश्य से लाइट डिटेक्शन और रेंजिंग सर्वेक्षण (LiDAR) तकनीक का उपयोग करने जा रहा है। इसमें हेलीकॉप्टर पर स्थापित लेजर उपकरण के माध्यम से जमीन का सर्वेक्षण किया जाएगा।

पृष्ठभूमि:

  • प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी एचएसआर अलायन्मेन्ट / संरेखण (HSR alignment) के भौगोलिक क्षेत्र में सघन बसावट वाले नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र, राजमार्ग, सड़कें, घाट, नदियां, हरित क्षेत्र शामिल हैं जिसके कारण यह कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण है।
  • रेल मंत्रालय ने दिल्ली-वाराणसी एचएसआर कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को सौंपी है।
  • कॉरिडोर की अनुमानित लम्बाई 800 किलोमीटर है। अलायन्मेन्ट (संरेखण) और स्टेशनों के संबंध में सरकार से परामर्श कर निर्णय लिया जाएगा।

लाइडर (LiDAR) क्या है?

LiDAR एक लाइट डिटेक्शन ऐंड रेंजिंग तकनीक है। इस सुदूर संवेदन तकनीक में दूरी के मापन हेतु लक्ष्य पर लेज़र प्रकाश डाला जाता है तथा परावर्तित प्रकाश का विश्लेषण किया जाता है।

इस तकनीक के जरिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों की सड़क निर्माण में सर्वेक्षण का काम किया जाता है। इसमें स्पंदित प्रकाश को – हवाई माध्यम से एकत्र किये गए अन्य डेटा के साथ मिलाकर पृथ्वी की सटीक त्रिविमीय सूचना तथा इसकी सतह की विशेषताओं के बारे में जानकारी एकत्रित की जाती है।

सर्वेक्षण के पश्चात डिजिटल चित्रों के जरिए दुर्गम इलाकों की सड़क संरचना का एकदम सही अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे जमीन की बनावट, सतह की ऊंचाई, पेड़-पौधों के फैलाव और क्षेत्रफल का सही अनुमान लगाकर मदद ली जा सकती है।

यह किस प्रकार कार्य करता है?

LiDAR तकनीक का एक साधारण सिद्धांत है – पृथ्वी की सतह पर स्थित किसी वस्तु पर लेजर प्रकाश डालना तथा परावर्तित प्रकाश के LiDAR स्रोत पर लौटने के समय की गणना करना। प्रकाश की गति (लगभग 186,000 मील प्रति सेकंड) की तेजी के कारण LiDAR तकनीक के माध्यम से दूरी को सटीकता से मापने की प्रक्रिया काफी तीव्र होती है।

  • LiDAR उपकरण में मुख्य रूप से एक लेजर, एक स्कैनर और एक विशेष जीपीएस रिसीवर होता है।
  • सामान्यतः विस्तृत क्षेत्रों का LiDAR डेटा प्राप्त करने के लिए हवाई जहाज तथा हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया जाता है।

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इंस्टा फैक्ट्स:

भारत में पहली बार किसी रेलवे परियोजना के लिए LiDAR सर्वेक्षण तकनीक को मूल रूप से इसकी उच्च शुद्धता के कारण मुम्बई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में अपनाया गया।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. GPS क्या है?
  2. भारत सहित विभिन्न देशों के स्थान आधारित नेविगेशन सेवाएं।
  3. यह किस प्रकार कार्य करता है?
  4. LiDAR के अनुप्रयोग।
  5. लेजर क्या है?

मेंस लिंक:

LiDAR प्रौद्योगिकी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संवर्धित चावलों की शुरुआत का विरोध


(Launch of fortified rice in PDS opposed by activists)

संदर्भ:

ओडिशा सरकार द्वारा फरवरी माह से मलकानगिरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System- PDS) में संवर्धित चावल (Fortified Rice) वितरित किये जाने की तैयारी की जा रही है। सरकार के इस कदम का 100 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है, इनका कहना है, कि पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों के पास प्राकृतिक भोजन में पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं के तर्क:

  • प्राकृतिक भोजन में विटामिन सी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती हैं।
  • विटामिन C जल में घुलनशील होता है। यदि चावल को विटामिन सी से संवर्धित किया जाता है, तो खाना पकाने से पहले चावल के धोए जाने के दौरान यह पानी के साथ ही बह जाएगा।
  • बिना पके हुए चावल में विटामिन सी को मिलाना एक निरर्थक कार्य है और इससे करदाताओं के पैसे की बर्बादी होगी।

‘खाद्य-संवर्धन’ क्या होता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ‘खाद्य-संवर्धन’ (Food Fortification), ‘ किसी खाद्यान्न को पोषणयुक्त बनाने के लिए उसमे सावधानी से आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों अर्थात् विटामिन और खनिज तत्वों, की मात्रा में वृद्धि करने की प्रकिया होती है।

इसका उद्देश्य आपूर्ति किए जाने वाले खाद्यान्न की पोषण गुणवत्ता में सुधार करना तथा न्यूनतम जोखिम के साथ उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है।

भारत में ‘खाद्य-संवर्धन’ का विनियमन

  • अक्टूबर 2016 में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा भारत में सूक्ष्म पोषक तत्वों के कुपोषण के उच्च भार को कम करने हेतु मुख्य खाद्यान्नों अर्थात् गेहूं के आटे और चावल (आयरन, विटामिन बी 12 और फेलिक एसिड सहित), दूध और खाद्य तेल (विटामिन ए और डी सहित) और डबल फोर्टिफाइड नमक (आयोडीन और आयरन सहित) के लिए ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य-संवर्धन) विनियम, 2016  को लागू किया गया ।
  • भारत की राष्ट्रीय पोषण रणनीति, 2017 में रक्तअल्पता, विटामिन ए और आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए पूरक आहारों और आहार विविधीकरण के अलावा अन्य उपाय के रूप में ‘खाद्य-संवर्धन’ (Food Fortification) को सूचीबद्ध किया गया है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. जैव-संवर्धन तथा आनुवांशिक-संवर्धन में भिन्नता
  2. सूक्ष्म पोषक बनाम वृहद पोषक
  3. भारत में जैव उर्वरक और जीएम फसलों के लिए स्वीकृति
  4. भारत में अनुमति प्राप्त जीएम फसलें

मेंस लिंक:

खाद्य पदार्थों के संवर्धन से आप क्या समझते हैं? इसके फायदों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

तैरती हुई अवसंरचनाओं हेतु तकनीकी विनिर्देश


(Technical Specifications of Floating Structures)

संदर्भ:

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा तैरती हुई अवसंरचनाओं (Floating Structures) हेतु तकनीकी विनिर्देशों को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है।

मंत्रालय का उद्देश्य भारतीय तटरेखा पर विभिन्न उपयोगों हेतु विश्व स्तर की फ्लोटिंग जेटी को बढ़ावा देना है।

पारंपरिक जहाजी घाटों (Quay) और फिक्स्ड कंक्रीट अवसंरचनाओं की तुलना में फ्लोटिंग जेटी के लाभ इस प्रकार हैं:

  1. यह कम लागत वाला समाधान है और पारंपरिक संरचनाओं की कीमत से काफी सस्ता है।
  2. पारंपरिक जेटी की तुलना में फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स काफी तेजी से स्थापित किए जा सकते हैं। आमतौर पर, पारंपरिक संरचनाओं की स्थापना में 24 महीने का समय लगता है, इसकी तुलना में फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स 6-8 महीनों में बनाए जा सकते हैं।
  3. पर्यावरणय पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
  4. मॉड्यूलर निर्माण तकनीकों के कारण इसका विस्तार करना आसानी से संभव है।
  5. बंदरगाह के नवीनीकरण की स्थिति में इसे आसानी से दूसरी जगहों पर ले जाया जा सकता है।
  6. यह जेटी और नौकाओं के बीच निरंतर मुक्त उतार-चढ़ाव की सुविधा प्रदान करता है।

पृष्ठभूमि:

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मार्गदर्शन सिद्धांतों का पालन करते हुए, हाल ही में कुछ पायलट परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है।
  • इनमें गोवा में यात्री फ्लोटिंग जेटी, साबरमती नदी और सरदार सरोवर बांध (सीप्लेन सेवाओं हेतु) पर वाटर-एयरोड्रोम की स्थापना शामिल हैं।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

वन्यजीवों की मदद हेतु जंगल में पुल-निर्माण


संदर्भ:

हाल ही में, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रामनगर वन प्रभाग द्वारा सरीसृप और छोटे स्तनधारी जीवों के लिए पहला पारिस्थितिकी-पुल / इको-ब्रिज (Eco-Bridge) का निर्माण किया गया है।

पारिस्थितिकी-पुलों के उदाहरण

  • इनमें, छतरी पुल (आमतौर पर बंदरों, गिलहरियों और अन्य जंगली प्रजातियों के लिए); कंक्रीट अंडरपास या ऊपरी सुरंग मार्ग या मार्ग सेतु (आमतौर पर बड़े जानवरों के लिए); और उभयचर सुरंगों या पुलियां सम्मिलित होती हैं।
  • आमतौर पर इन पुलों को स्थानीय बेलों और लताओं से तैयार किया जाता है, जिससे भू-दृश्य के साथ इसका रूप सन्निहित हो सके।

पारिस्थितिकी-पुलों का महत्व:

  • राजमार्गों अथवा लकड़ी की कटाई होने होने के कारण वन्यजीवों का आवागमन बाधित होता है, इससे बचने के लिए, इको-ब्रिज वन्यजीवों के मध्य परस्पर संबद्धता को बढ़ावा देते हैं।
  • कई सड़क परियोजनाएं वन्यजीव गलियारों से होकर गुजरती हैं। उदाहरण के लिए, असम में राष्ट्रीय राजमार्ग 37, काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग अभ्यारण्य से होकर, तथा कर्नाटक में, राज्य राजमार्ग 33, नागरहोल टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. इको-ब्रिज क्या होते हैं?
  2. इनके प्रकार
  3. भारत में पहला इको-ब्रिज
  4. हाल ही में उद्घाटन किया जाना वाला इको-ब्रिज

मेंस लिंक:

पारिस्थितिकी-पुल / इको-ब्रिज के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


थारू जनजाति

(Tharu tribals)

संदर्भ:

हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा थारू जनजाति की अनूठी संस्कृति को विश्व में पहचान दिलाने हेतु एक योजना का आरम्भ किया गया है।

इस योजना में ‘होम स्टे’ (Home Stay) सुविधाओं को तैयार किया जाना शामिल किया गया है। इसके तहत, मुख्यतः जंगलों से एकत्रित घास-फूस से निर्मित पारंपरिक झोपड़ियों में पर्यटकों को थारू जनजाति के प्राकृतिक आवासों में रहने का अनुभव कराया जाएगा।

थारू जनजाति के बारे में:

  • थारू जनजाति, शिवालिक और लघु हिमालय के तराई क्षेत्रों में पाई जाती है। इसके अधिकाँश सदस्य वनवासी हैं, और कुछ कृषि कार्य भी करते हैं।
  • थारू शब्द की उत्पत्ति ‘स्थाविर’ से हुई है, जिसका अर्थ है बौद्ध धर्म के थेरवाद संप्रदाय के अनुयायी।
  • थारू, भारत और नेपाल दोनों में निवास करते हैं। भारतीय तराई क्षेत्र में, ये मुख्यतः उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में वसे हुए हैं।
  • थारू महिलाओं को, उत्तर भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों की महिलाओं की तुलना में संपत्ति संबंधी अधिक अधिकार प्राप्त होते है।

वधावन बंदरगाह परियोजना

वधावन बंदरगाह भारत का 13 वाँ प्रमुख बंदरगाह होगा।

  • इस बंदरगाह को ‘सभी मौसम में सभी प्रकार के कार्गो’ के लिए सैटेलाइट बंदरगाह के रूप में निर्मित किया जा रहा है, जिससे गहरे पानी वाले जहाजों और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  • वधावन बंदरगाह परियोजना, केंद्र सरकार की सागरमाला पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद में भारतीय बंदरगाहों के योगदान को बढ़ावा देना है।
  • इस बंदरगाह को एक समर्पित सड़क और रेल सेवा से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात में भीड़-भाड़ या कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
  • इसे ‘लैंडलार्ड’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

चर्चा का कारण

महाराष्ट्र के दहानू (Dahanu) में ग्रामीणों द्वारा वधावन बंदरगाह परियोजना पर आपत्ति की जा रही है। इनका कहना ​​है कि इस परियोजना से पर्यावरण और उनकी आजीविका पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा।

लक्षद्वीप: शत-प्रतिशत जैविक बनने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश

  • सिक्किम के बाद, लक्षद्वीप शत-प्रतिशत जैविक बनने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है। इस केंद्र शासित प्रदेश में सम्पूर्ण खेती कृत्रिम उर्वरकों और कीटनाशकों के बगैर की जाती है, जिससे सुरक्षित खाद्य विकल्प उपलब्ध होते हैं और कृषि गतिविधियां पर्यावरण के अधिक अनुकूल होती है।
  • कृषि मंत्रालय द्वारा लक्षद्वीप को जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है।

पृष्ठभूमि:

लक्षद्वीप, भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश, एक द्वीपसमूह है जिसमें 32 किलोमीटर के क्षेत्र वाले 36 द्वीप हैं। यह एक यूनी-जिला संघ राज्य क्षेत्र है और इसमें 12 एटोल, तीन रीफ, पांच जलमग्न बैंक और दस बसे हुए द्वीप हैं। इसकी राजधानी कवरत्ती है और यह केंद्र शासित प्रदेश का प्रमुख शहर भी है।

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बांग्लादेश द्वारा भूटान के साथ पहले ‘अधिमान्य व्यापार समझौते’ (PTA) पर हस्ताक्षर

  • बांग्लादेश द्वारा विश्व के किसी भी देश के साथ पहली बार ‘अधिमान्य व्यापार समझौते’ (PTA) पर हस्ताक्षर किये गए हैं ।
  • भूटान, 1971 में, बांग्लादेश को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाला विश्व का भारत के पश्चात दूसरा देश था।

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केंद्र सरकार द्वारा दो नए चिड़ियाघरों को मान्यता

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 37वीं आम सभा की बैठक में दो नए चिड़ियाघरों को मान्यता प्रदान की गई। ये हैं:

  1. राजगीर चिड़ियाघर सफारी, नालंदा, बिहार
  2. शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राण उद्यान गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

निवेश प्रोत्साहन पुरस्कार 2020

संयुक्त राष्ट्र (UNCTAD) ने इन्वेस्ट इंडिया- नेशनल इंवेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी ऑफ़ इंडिया– को 2020 के संयुक्त राष्ट्र निवेश प्रोत्साहन पुरस्कार के विजेता के रूप में घोषित किया है।

  • यह पुरस्कार विश्व भर में निवेश संवर्धन एजेंसियों (IPA) की उत्कृष्ट उपलब्धियों और बेहतरीन पद्धतियों को मान्यता प्रदान करता है।
  • UNCTAD एक केंद्रीय एजेंसी है, जो IPA के प्रदर्शन की निगरानी करती है और वैश्विक सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों की पहचान करती है।
  • जर्मनी, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर, इस पुरस्कार के विजेता रह चुके हैं।

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