HINDI - INSIGHTS CURRENT EVENTS QUIZ 2020
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Welcome to Current Affairs Quiz in HINDI Medium. Hope you are happy with our Hindi Current Affairs. The following Quiz is based on the Hindu, PIB and other news sources. It is a current events based quiz. Solving these questions will help retain both concepts and facts relevant to UPSC IAS civil services exam – 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
1 pointsसिंगापुर कन्वेंशन ऑन मिडिएशन (Singapore Convention on Mediation) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- यह सिंगापुर के नाम पर होने वाली पहली संयुक्त राष्ट्र संधि है।
- यह सरकारी स्तर पर सदस्यों के बीच विवादों का निपटारा करती है और इसमें कॉर्पोरेट विवाद शामिल नहीं हैं।
- भारत इसका एक हस्ताक्षरकर्ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
यह संधि भारत और हस्ताक्षरकर्ता देशों के बीच आपसी व्यावसायिक और बड़े कॉरपोरेट विवादों को निपटाने में मध्यस्थता का प्रभावी ढाँचा उपलब्ध कराएगी।
इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय समाधान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र संधि’ (United Nations Convention on International Settlement Agreements Resulting from Mediation: UNISA) के रूप में भी जाना जाता है, यह सिंगापुर के नाम पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र की पहली संधि भी है।
इसका उद्देश्य ऐसे वैश्विक ढाँचे की स्थापना करना है जिससे व्यवसायों को अदालत में जाने के बजाय मध्यस्थता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों को निपटाने का निपटारा किया जा सके।
1 सितंबर तक कन्वेंशन में भारत, चीन और यू.एस. सहित 53 हस्ताक्षरकर्ता देश हैं
Incorrect
उत्तर: c)
यह संधि भारत और हस्ताक्षरकर्ता देशों के बीच आपसी व्यावसायिक और बड़े कॉरपोरेट विवादों को निपटाने में मध्यस्थता का प्रभावी ढाँचा उपलब्ध कराएगी।
इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय समाधान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र संधि’ (United Nations Convention on International Settlement Agreements Resulting from Mediation: UNISA) के रूप में भी जाना जाता है, यह सिंगापुर के नाम पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र की पहली संधि भी है।
इसका उद्देश्य ऐसे वैश्विक ढाँचे की स्थापना करना है जिससे व्यवसायों को अदालत में जाने के बजाय मध्यस्थता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों को निपटाने का निपटारा किया जा सके।
1 सितंबर तक कन्वेंशन में भारत, चीन और यू.एस. सहित 53 हस्ताक्षरकर्ता देश हैं
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Question 2 of 5
2. Question
1 pointsभारत के बाह्य ऋण की हालिया प्रवृत्ति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- अमेरिकी डॉलर भारत के बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा।
- अनिवासी जमा बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा।
- कुल बाह्य ऋण में दीर्घकालिक ऋण अल्पकालिक ऋण से दोगुना रहा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: c)
भारत का बाहरी ऋण जून के अंत में 554.5 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो मार्च 2020 के अंत के स्तर से 3.9 बिलियन अमरीकी डालर की कमी दर्शाता है। जीडीपी अनुपात में बाह्य ऋण 31 मार्च के 20.6 प्रतिशत से बढ़कर जून 2020 में 21.8 प्रतिशत हो गया।
आंकड़ों के अनुसार, वाणिज्यिक उधार 38.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा, इसके बाद अनिवासी जमा (23.9 प्रतिशत) और अल्पकालिक व्यापार ऋण (18.2 प्रतिशत) का स्थान रहा था।
कुल बाह्य ऋण में अल्पावधि ऋण की हिस्सेदारी 30 जून को घटकर 18.1 प्रतिशत रह गई, जो मार्च के अंत में 19.1 प्रतिशत थी। रिज़र्व बैंक ने कहा कि अमेरिकी डॉलर का ऋण भारत के बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक बना रहा, जिसकी जून में 53.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, इसके बाद भारतीय रुपया (31.6 प्रतिशत), येन (5.7 प्रतिशत), एसडीआर (4.5) और यूरो (3.5 प्रतिशत) का स्थान था।
Incorrect
उत्तर: c)
भारत का बाहरी ऋण जून के अंत में 554.5 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो मार्च 2020 के अंत के स्तर से 3.9 बिलियन अमरीकी डालर की कमी दर्शाता है। जीडीपी अनुपात में बाह्य ऋण 31 मार्च के 20.6 प्रतिशत से बढ़कर जून 2020 में 21.8 प्रतिशत हो गया।
आंकड़ों के अनुसार, वाणिज्यिक उधार 38.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा, इसके बाद अनिवासी जमा (23.9 प्रतिशत) और अल्पकालिक व्यापार ऋण (18.2 प्रतिशत) का स्थान रहा था।
कुल बाह्य ऋण में अल्पावधि ऋण की हिस्सेदारी 30 जून को घटकर 18.1 प्रतिशत रह गई, जो मार्च के अंत में 19.1 प्रतिशत थी। रिज़र्व बैंक ने कहा कि अमेरिकी डॉलर का ऋण भारत के बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक बना रहा, जिसकी जून में 53.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, इसके बाद भारतीय रुपया (31.6 प्रतिशत), येन (5.7 प्रतिशत), एसडीआर (4.5) और यूरो (3.5 प्रतिशत) का स्थान था।
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Question 3 of 5
3. Question
1 pointsकालाजार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- कालाजार एक उष्णकटिबंधीय रोग है जिसमें अनियमित बुखार, वजन में कमी, एनीमिया और प्लीहा एवं यकृत में सूजन होती है।
- यह एक प्रोटोजोअन लीशमैनिया परजीवी के कारण होता है और संक्रमित मादा सैंडफ्लाइज के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
- भारत इस बीमारी के प्रकोप को नियंत्रित करने में सफल रहा है और कुल वैश्विक मामलों में इसका दसवां हिस्सा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: a)
कालाजार या विसेरल लीशमैनियासिस (वीएल) एक उष्णकटिबंधीय बीमारी है जिसमें अनियमित बुखार, वजन घटना, एनीमिया और प्लीहा एवं यकृत की सूजन होती है। यह एक प्रोटोजोअन लीशमैनिया परजीवी के कारण होता है और संक्रमित मादा सैंडफली के काटने से मनुष्यों में फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, विश्व स्तर पर, सालाना लगभग 7 से 10 लाख नए मामले सामने आते हैं।
भारत में कुल वैश्विक मामलों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है, और यह बीमारी बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अधिक है। डब्ल्यूएचओ द्वारा 2020 तक दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र से सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में वीएल को खत्म करने के लिए एक पहल शुरू की गई थी। इस सीमा को अब 2023 तक बढ़ा दिया गया है।
Incorrect
उत्तर: a)
कालाजार या विसेरल लीशमैनियासिस (वीएल) एक उष्णकटिबंधीय बीमारी है जिसमें अनियमित बुखार, वजन घटना, एनीमिया और प्लीहा एवं यकृत की सूजन होती है। यह एक प्रोटोजोअन लीशमैनिया परजीवी के कारण होता है और संक्रमित मादा सैंडफली के काटने से मनुष्यों में फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, विश्व स्तर पर, सालाना लगभग 7 से 10 लाख नए मामले सामने आते हैं।
भारत में कुल वैश्विक मामलों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है, और यह बीमारी बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अधिक है। डब्ल्यूएचओ द्वारा 2020 तक दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र से सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में वीएल को खत्म करने के लिए एक पहल शुरू की गई थी। इस सीमा को अब 2023 तक बढ़ा दिया गया है।
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Question 4 of 5
4. Question
1 pointsएंटी-डंपिंग ड्यूटी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक संरक्षणवादी प्रशुल्क है जिसे एक घरेलू सरकार विदेशी आयात पर लगाती है जो यह मानती है कि इसकी कीमत उचित बाजार मूल्य से कम है।
- भारत में, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR), डंपिंग रोधी जांच करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक संरक्षणवादी प्रशुल्क है जिसे एक घरेलू सरकार विदेशी आयात पर लगाती है जो यह मानती है कि इसकी कीमत उचित बाजार मूल्य से कम है। डंपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक कंपनी किसी उत्पाद का उस मूल्य पर निर्यात करती है जो उसके घरेलू बाजार में आम तौर पर लगने वाले मूल्य से काफी कम होता है।
Incorrect
उत्तर: c)
एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक संरक्षणवादी प्रशुल्क है जिसे एक घरेलू सरकार विदेशी आयात पर लगाती है जो यह मानती है कि इसकी कीमत उचित बाजार मूल्य से कम है। डंपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक कंपनी किसी उत्पाद का उस मूल्य पर निर्यात करती है जो उसके घरेलू बाजार में आम तौर पर लगने वाले मूल्य से काफी कम होता है।
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Question 5 of 5
5. Question
1 pointsपेटेंट प्राप्ति की तिथि से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय, इच्छुक कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित में से किस आधार पर पेटेंट पर अनिवार्य लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है?
- पेटेंट किया गया उत्पाद, जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो।
- पेटेंटेड उत्पाद, जनता के लिए उचित मूल्य पर उपलब्ध न हो।
- पेटेंटेड उत्पाद का उपयोग एक गैर-भारतीय दवा कंपनी द्वारा भारत के क्षेत्र में किया जा रहा हो।
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: a)
पेटेंट प्राप्ति की तिथि से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय, इच्छुक कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित आधार पर पेटेंट पर अनिवार्य लाइसेंस के लिए नियंत्रक के पास आवेदन कर सकता है:
(a) पेटेंट किया गया उत्पाद, जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो।, या
(b) पेटेंटेड उत्पाद, जनता के लिए उचित मूल्य पर उपलब्ध न हो।, या
(c) पेटेंटेड उत्पाद का उपयोग भारत में नहीं किया जा रहा हो।
Incorrect
उत्तर: a)
पेटेंट प्राप्ति की तिथि से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय, इच्छुक कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित आधार पर पेटेंट पर अनिवार्य लाइसेंस के लिए नियंत्रक के पास आवेदन कर सकता है:
(a) पेटेंट किया गया उत्पाद, जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो।, या
(b) पेटेंटेड उत्पाद, जनता के लिए उचित मूल्य पर उपलब्ध न हो।, या
(c) पेटेंटेड उत्पाद का उपयोग भारत में नहीं किया जा रहा हो।








