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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 30 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

1. “चक्रवातों की ‘पुनरावृत्ति” (recurving of cyclone) से आप क्या समझते हैं? हाल के उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिए एवं इस प्रकार की घटनाओं को दर्शाने वाले कारकों पर भी प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

“चक्रवातों की ‘पुनरावृत्ति” को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताइये।

चक्रवात ओखी का उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है।

चक्रवातों के पुनरावृत्ति के प्रभावों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके निहितार्थों पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए एवं इसके समाधान का सुझाव दीजिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।

2. वैश्विक भूख सूचकांक के अंतर्गत भारत की खराब रैंक क्या कारण हैं एवं इसके समाधान के क्या उपाय हैं? क्या आपको लगता है कि भूख के मुख्य कारण के रूप में भोजन की उपलब्धता की कमी पर ध्यान केंद्रण, भारत में अप्रभावी मानव विकास नीतियों से ध्यान हटाता है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति से सम्बंधित तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

दो हालिया रिपोर्ट- संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित “2020 में विश्व में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति” पर वार्षिक रिपोर्ट एवं ब्रेड फॉर द वर्ल्ड इंस्टिट्यूट द्वारा प्रकाशित 2020 भूख रिपोर्ट, “बेहतर पोषण, बेहतर कल” – भारतीय खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के सन्दर्भ में चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत करते हैं। अपने उत्तर के पहले भाग में इन रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालिए।

समझाइए कि भोजन की उपलब्धता की कमी पर ध्यान केंद्रित करना प्रायः भूख का मुख्य कारण कैसे होता है।

भारत में उन अप्रभावी मानव विकास नीतियों पर प्रकाश डालिए, जो प्रायः भूख से आच्छादित रहती हैं।

निष्कर्ष:

 सम्पूर्ण मुद्दे के समाधान के लिए उपाय जैसे: सार्वजानिक वितरण प्रणाली का तत्काल सार्वभौमिकरण, गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का वितरण और सामुदायिक रसोई आदि का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

3. नीले ज्वार (Blue Tide) की परिघटना को समझाइए? यह देश के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे प्रभावित करता है? विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नीला ज्वार (Blue Tide) को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

इसकी प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

भारत में इसकी प्रमुख घटनाओं पर चर्चा कीजिए।

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर इसके प्रभावों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

इस समस्या को हल करने और आगे की राह का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सा.अ.2- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

सा.अ.3– भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. अतीत में मुक्त व्यापार समझौतों के सन्दर्भ में भारत का क्या अनुभव रहा है? मुक्त व्यापार समझौते भारत की आशा के अनुरूप कार्य क्यों नहीं कर रहे हैं? भारत ने अपने मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को सशक्त करने के लिए क्या कदम उठाए हैं? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express 

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

मुक्त व्यापार समझौते के संबंध में भारत के विगत अनुभवों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए मुक्त व्यापार समझौतों का क्या महत्व है।

भारत और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) के मामले को प्रस्तुत करते हुए भारत के अनुभवों के बारे में विस्तार से बताइए।

अपने मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को सशक्त करने के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए एवं आगे की राह का सुझाव दीजिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. धारणीय पीट-भूमि प्रबंधन के महत्व पर चर्चा कीजिए। यह भविष्य की महामारियों को रोकने में कैसे सक्षम है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Down to Earth 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पीट- भूमि क्या हैं, समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

धारणीय पीट- भूमि प्रबंधन के महत्व पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

संदर्भित लेख से संकेत लीजिए एवं केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए एवं उन्हें प्रबंधित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

समझाइए कि ये भविष्य की महामारियों को रोकने में कैसे सक्षम हैं।

निष्कर्ष:

धारणीय पीट- भूमि प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 6. भारत जूट का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है। इस संदर्भ में जूट उद्योग के समक्ष उपस्थित मुद्दों एवं इसके प्रोत्साहन के लिए आवश्यक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए इसकी क्षमताओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस तथ्य के साथ उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि भारत, जूट का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है लेकिन भारत इसके प्रोत्साहन के लिए बहुत कम प्रयास करता है।

विषय वस्तु:

भारत में जूट उद्योग के समक्ष चुनौतियों जैसे कच्चे माल की कमी, जूट के अंतर्गत क्षेत्र बढ़ाने के सरकार के प्रयासों के बावजूद, भारत कच्चे माल में आत्मनिर्भर नहीं है, जीर्ण-शीर्ण मिल्स और मशीनरी; जूट क्षेत्र की मिलें और मशीनरी पुरानी हैं और उन्हें प्रौद्योगिकी के उन्नयन की आवश्यकता है आदि पर चर्चा कीजिए।

भारत में सूती वस्त्र उद्योग के बाद जूट दूसरा सबसे महत्वपूर्ण उद्योग है और पूर्वी भारत की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में लगभग 40 लाख का योगदान देता है।

देश में इस उद्योग की क्षमताओं पर चर्चा कीजिए।

इसकी भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. मनोवैज्ञानिक स्वार्थवाद एवं नैतिक स्वार्थवाद के मध्य प्रमुख अंतर क्या है? तुलना कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन

उत्तरकीसंरचना:

परिचय:

सर्वप्रथम दोनों पदों को परिभाषित कीजिए।

विषयवस्तु:

नैतिक स्वार्थवाद:

  1. यह इस तथ्य पर आधारित होता है कि “जो किसी व्यक्ति विशेष के लिए अच्छा है, वह समाज के लिए भी अच्छा है।”
  2. जेरेमी बेंथम ने इस अवधारणा को प्रतिपादित किया।
  • यह आदर्शवादी नैतिकता में उपयोगितावादी सिद्धांत (अधिकतम सुख, न्यूनतम दुःख) के आधार का निर्माण करता है।
  1. यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता एवं सुख पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है।

मनोवैज्ञानिक स्वार्थवाद

  1. यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि “मानव स्वार्थी, क्रूर एवं आत्म-सुरक्षित होता है।”
  2. इस अवधारणा को थॉमस हॉब्स ने प्रतिपादित किया।
  • यह थॉमस होब्स के “सामाजिक अनुबंध सिद्धांत” के आधार का निर्माण करता है।
  1. समाज में शांति और व्यवस्था के लिए मानव कुछ अधिकारों का त्याग करेगा।

निष्कर्ष:

दोनों के महत्व को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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