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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 26 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. जर्मनी में महिलाओं के लिए प्रस्तावित नवीन बोर्डरूम कोटा क्या है? क्या इसे देश में लैंगिक असमानता की खाई को कम करने के अगले कदम के रूप में देखा जा सकता है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जर्मनी की सरकार द्वारा हाल ही में उठाये गए कदम के बारे में संक्षिप्त में चर्चा कीजिए। जर्मनी, देश की सूचीबद्ध फर्मों में वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर काम करने वाली महिलाओं की संख्या के लिए एक अनिवार्य कोटा लागू करने की योजना बना रहा है।

विषय वस्तु:

जर्मनी सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई इस योजना को स्पष्ट कीजिए।

2015 के बाद से ही जर्मनी, जो कि यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, में पर्यवेक्षी बोर्डों में महिलाओं के लिए स्वैच्छिक कोटा 30 प्रतिशत था।

विश्व भर में महिलाओं के आरक्षण से सम्बंधित आंकड़े प्रस्तुत कीजिए और भारत का पक्ष भी दर्शाइए। हमारे देश में भी इस प्रकार के कदम को उठाये जाने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

चर्चा कीजिए कि यह महिलाओं द्वारा धारण किये जाने वाले वरिष्ठ कार्यकारी पदों के अनुपात में सुधार करने में कैसे सहायता करता है।

निष्कर्ष:

इस प्रकार की पहलों के महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

2. एक दृष्टिकोण के अनुसार भारत को पुरानी धारणा को त्यागना होगा और खाड़ी क्षेत्र में नवीन रणनीतिक साझेदारी को हासिल करना होगा। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अतीत से लेकर वर्तमान तक खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा, हाल ही में खाड़ी में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तनों और हिंद महासागर में क्षेत्र के बढ़ते प्रभाव को प्रतिबिंबित करने के लिए एक अच्छा क्षण है।

खाड़ी क्षेत्र के प्रति दृष्टिकोण से सम्बंधित मुद्दों को प्रस्तुत कीजिए। खाड़ी क्षेत्रों के साथ संभावित संबंधों के क्षेत्रों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

 निष्कर्ष निकालिए कि जैसा कि भारत, खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को फिर से जोड़ना चाहता है, दक्षिण ब्लॉक के लिए वास्तविक चुनौती, खाड़ी देशों के प्रति पुरानी धारणाओं को त्यागना एवं क्षेत्र के साथ नवीन रणनीतिक संभावनाओं को हासिल करना है।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

3. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सुधारों के एक भाग के रूप में कॉर्पोरेट घरानों को बैंकिंग लाइसेंस देने की सिफारिश की है। इस संदर्भ में, भारतीय बैंकिंग प्रणाली में कॉर्पोरेट घरानों को अनुमति देने का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Economic Times 

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए। यह भी समझाइए कि अर्थव्यवस्था में कॉर्पोरेट घरानों की क्या भूमिका है।

 विषय वस्तु:   

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के एक आंतरिक कार्यदल ने सिफारिश की है कि कॉरपोरेट घरानों को बैंक लाइसेंस दिए जाएं। इस दिशा में RBI द्वारा की गई कार्रवाइयों की पृष्ठभूमि पर चर्चा कीजिए।

इस प्रकार के कदम के लाभ एवं हानियों को सूचीबद्ध कीजिए। इस प्रकार के कदम उठाने में शामिल जोखिमों के बारे में भी बताइये।

समझाइये कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन शायद ही कोई कॉरपोरेट घराना बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने की योग्यता रखता हो।

निष्कर्ष:

 एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारत में भूमि सुधार।

4. भारत में चल रहे कृषि संकट को दूर करने के लिए भूमि सुधारों की प्रधानता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में कृषि की वर्तमान स्थितियों को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

समझाइए कि समय-समय पर भूमि सुधार और फोकस क्षेत्रों जैसे: भूमि रिकॉर्ड भंडार का निर्माण, शीर्षक और एनकंब्रेन्स से संबंधित सभी रिकॉर्डों का डिजिटलीकरण और एकीकरण, भूमि के सभी भूखंडों के राजकीय मानचित्रों को औपचारिक बनाना, संपत्ति विवादों के समय पर समाधान के लिए एक संरचित समयरेखा को परिभाषित करना और सार्वजनिक भूमि विवाद डेटा निर्माण आदि पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

देश के लिए भूमि सुधार के महत्व पर चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इस प्रकार, 2025 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की आकांक्षी लक्ष्य के लिए वर्तमान आवश्यकता भूमि सुधारों पर ध्यान देकर भूमि की शक्ति को पुनः प्राप्त करना है।

 

विषय: साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

 5. धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कैसे किया जा सकता है? क्रिप्टोकरेंसी के गैरकानूनी उपयोग को रोकने के लिए चर्चा कीजिए एवं सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint , The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्रिप्टो करेंसी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

क्रिप्टो करेंसी-सुविधा वाले अपराध और बाद के मनी लॉन्ड्रिंग के क्षेत्र में जांच की संख्या और गुणवत्ता में हालिया वृद्धि का तात्पर्य है कि कानून प्रवर्तन और अन्य सार्वजनिक इकाइयां इस अपराध क्षेत्र में अपने ज्ञान और विशेषज्ञता के स्तर को बढ़ाने के लिए कार्यरत हैं।

क्रिप्टोकरेंसी और अपराध के अंतर्संबंधों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इसके स्पष्टीकरण के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

समझाइए कि क्रिप्टोकरेंसी और उसके द्वारा समर्थित मनी लॉन्ड्रिंग से उत्पन्न समस्याओं को दूर करने के लिए क्या उपाय अपनाये जाने चाहिए।

समाधान जैसे- आभासी संपत्ति की जांच करने के तरीकों पर क्षमता निर्माण के उपाय, धन शोधन को रोकने के लिए स्पष्ट विनियामक ढांचा स्थापित करना, आपराधिक कार्यवाहियों के खिलाफ रणनीतियों का पालन करना, आपराधिक नेटवर्क की जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना और आपराधिक वित्तीय जांच में नई तकनीकों का उपयोग करना आदि का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सा.अ. 2– सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

सा.अ. 3– संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 6. जल जीवन मिशन को लागू करने के सहजीवी चरण का उपयोग मिशन के लक्ष्यों से परे विशाल जल संसाधन प्रबंधन एजेंडा के सन्दर्भ में राज्यों के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए किया जा सकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जल जीवन मिशन एवं इसके उद्देश्यों के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

जल से सम्बंधित अनेक बिलों पर संसद की मंजूरी का इंतजार है। उनमें से दो- अंतरराज्यीय नदी जल विवाद संशोधन विधेयक 2019 और बांध सुरक्षा विधेयक 2019 को लोकसभा  द्वारा पारित कर दिया गया है एवं मानसून सत्र में राज्यसभा द्वारा मंजूरी के लिए सूचीबद्ध किए गए थे। केंद्र द्वारा प्रायोजित नवीनतम योजना, जल जीवन मिशन (JJM) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने में बड़े पैमाने पर वित्त पोषण कर रही है।

अंतर-राज्य जल शासन की उभरती चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

धारणीय विकास के लिए जल शासन कैसे और क्यों आवश्यक है, स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

 प्रश्न में उल्लिखित कथन एवं उसके महत्व को पुन: प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

 7. सट्टेबाजी (betting) एवं जुआ (gambling) के नियमन में शामिल नैतिक पहलुओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामाजिक संविदा सिद्धांत का एक घटक “अज्ञानता का आवरण” हमें निष्पक्षता के लिए विचारों का परीक्षण करने की अनुमति देता है। अज्ञानता का आवरण क्या है, संक्षेप में समझते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सट्टेबाजी और जुआ क्या है, इस पर टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

2018 में, भारत में विधि आयोग ने सिफारिश की कि वर्तमान परिदृश्य में सट्टेबाजी और जुए को वैध बनाना वांछनीय नहीं है और गैरकानूनी सट्टेबाजी और जुए पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। हालांकि इसने कहा कि यदि यह संभव नहीं है, तो इस गतिविधि को विनियमित करना व्यवहार्य विकल्प है।

इनकी कानूनी स्थिति पर टिप्पणी कीजिए- 7 वीं अनुसूची की सूची 2 के अंतर्गत उल्लिखित है; वर्तमान में देश में लॉटरी को छोड़कर सभी जुए पर प्रतिबंध है। साथ ही, भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार द्वारा आयोजित लॉटरी, संघ सूची के अंतर्गत आती है।

सट्टेबाजी और जुए दोनों के खिलाफ बिंदुओं को प्रस्तुत कीजिए; इसमें शामिल नैतिक चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

नैतिक रूप से इस समस्या का समाधान करने के लिए एक उचित और संतुलित समाधान सुझाइये।


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