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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 24 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

1. संविधान द्वारा प्रदत्त गारंटी के बावजूद मुक्त भाषण, असंतोष और यहां तक ​​कि वैध आलोचना को भी एक अनैतिक वर्ताव के रूप में देखा जाता है एवं लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्राधिकारी पर एक हमले के रूप में पेश किया जाता है। केरल राज्य में हाल ही में पारित अध्यादेश के आलोक में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए; सम्बंधित अध्यादेश ने केरल पुलिस अधिनियम, 2011 में एक नया प्रावधान, धारा 118-ए जोड़ा है। यह संशोधन किसी भी व्यक्ति को डराने, अपमान करने या बदनाम करने के लिए संचार के किसी भी माध्यम से अपमानजनक सामग्री का उत्पादन, प्रकाशन या प्रचार करने के लिए दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष की कैद और 10,000 रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान करता है।

 विषय वस्तु:

अध्यादेश से सम्बंधित मुद्दों पर प्रकाश डालिए। अध्यादेश के माध्यम से संशोधन से सम्बंधित क्या चिंताएं हैं? समझाइए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 ए पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि संविधान द्वारा प्रदत्त गारंटी के बावजूद मुक्त भाषण, असंतोष एवं यहां तक ​​कि वैध आलोचना को भी अनैतिक वर्ताव के एक अभ्यास के रूप में देखा जाता है और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्राधिकारी पर हमले के रूप में पेश किया जाता है। नतीजतन, मौजूदा कानूनों को पत्रकारों या नागरिकों को एक ट्वीट या एक नारा या फेसबुक पोस्ट के लिए गिरफ्तार करने का एक उपकरण बनाया जा रहा है।

  

विषय: गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय; केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

2. ‘हंगर वॉच’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्षों पर एक लेख लिखते हुए चर्चा कीजिए कि सरकार द्वारा किये गए हालिया प्रयास उन्हें किस हद तक संबोधित कर पाए हैं? साथ ही इससे सम्बद्ध चुनौतियों पर प्रकाश डालिए एवं उनका समाधान भी सुझाएं। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

“हंगर वॉच” द्वारा अनेक नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर “भोजन का अधिकार अभियान” नामक एक त्वरित सर्वेक्षण प्रारम्भ किया गया था, जो सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक 11 राज्यों में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य कमजोर वर्गों के बीच भूख की स्थिति का आकलन करना था। साथ ही अत्यधिक आवश्यकता वाले लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल स्थानीय कार्रवाई करना था।

 विषय वस्तु:

सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्षों को प्रस्तुत कीजिए। निष्कर्ष के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा कीजिए।

देश में भूख से सम्बंधित समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए निर्देशित की गयी योजनाओं और नीतियों को प्रस्तुत कीजिए।

इससे सम्बंधित मुद्दों और चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

 इन समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय; महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

3. 21 वीं सदी में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में क्या- क्या रुकावटें हैं? विश्व के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक अधिक लोकतांत्रिक वैश्विक शासन प्रणाली की आवश्यकता पर चर्चा और विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:   

21 वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सम्बंधित बाधाओं पर चर्चा कीजिए।

इसकी प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालिए- सम्पूर्ण वैश्विक आबादी के लिए कोविड वैक्सीन की सस्ती उपलब्धता सुनिश्चित करना, गरीबी के पूर्ण उन्मूलन के लिए विश्व अर्थव्यवस्था को समावेशी, न्यायसंगत और धारणीय बनाना, पृथ्वी की रक्षा के लिए समयबद्ध जलवायु कार्रवाई को अपनाना, महासागरों, बाहरी अंतरिक्ष और अन्य वैश्विक कॉमन्स आदि के सैन्यीकरण को रोकना आदि।

इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सुझाव प्रस्तुत कीजिए। इन मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक नवीन लोकतांत्रिक वैश्विक शासन प्रणाली की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

 आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. आभासी मुद्रा क्या है? भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस पर प्रतिबंध क्यों लगाया? इस सन्दर्भ में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों पर विस्तृत चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ को संक्षेप में स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए- क्रिप्टोकरेंसी के आपराधिक उपयोग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रॉस-सेक्टर समाधानों को आकार देने के लिए 132 देशों के प्रतिनिधियों ने आभासी सम्मेलन में भाग लिया।

 विषय वस्तु:  

आभासी मुद्रा क्या है, इसकी कोई वैश्विक रूप से स्वीकृत परिभाषा नहीं है। आम तौर पर, इसे मूल्य के एक डिजिटली व्यापार योग्य रूप के रूप में जाना जाता है, जिसे विनिमय के माध्यम के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी एक विशिष्ट प्रकार की आभासी मुद्रा है, जो क्रिप्टोग्राफ़िक एन्क्रिप्शन तकनीकों द्वारा विकेंद्रीकृत और संरक्षित है। (जैसे: बिटकॉइन, एथेरियम, रिपल, पेट्रो, एल्बर आदि)

2018 में, आरबीआई ने उन बैंकों और संस्थाओं को विनियमित किया, जो आभासी मुद्राओं से संबंधित सेवाएं प्रदान करते थे।

प्रतिबंध लगाए जाने के प्रमुख कारणों पर विस्तृत चर्चा कीजिए।

आभासी मुद्राओं पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. देश में वायु प्रदूषण के खतरे को संबोधित करने वाले नीति मैट्रिक्स को दोष-रहित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व विद्युत्, उर्वरक एवं खरीद पर सब्सिडी की नीति है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Financial Express 

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषणकीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तरकीसंरचना:

परिचय:

देश में वायु प्रदूषण की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

विषयवस्तु:

भारत में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों को प्रस्तुत कीजिए एवं इनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

विद्युत्, उर्वरक और खरीद पर सब्सिडी की नीति के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

सुझाव दीजिए कि क्या किया जाना चाहिए?

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. बैंक ऋण स्थगन (Bank Moratorium) क्या है एवं इसे कब उपयोग में लाया जाता है? ऋण स्थगन, बैंक से भारी मात्रा में आकस्मिक आहरण को कैसे रोक सकता है? उदाहरण देकर समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu  , The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ऋण स्थगन (मोरेटोरियम) को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इसे कब उपयोग में लाया जाता है? विस्तार से समझाइए।

देश में ऋण स्थगन (मोरेटोरियम) के संबंध में भारत के विगत अनुभवों को प्रस्तुत कीजिए।

ऋण स्थगन, बैंक से भारी मात्रा में आकस्मिक आहरण को कैसे रोक सकता है? समझाइए।

उपर्युक्त के सन्दर्भ में उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए। 

निष्कर्ष:

 इसकी प्रासंगिकता एवं महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. संसाधनों एवं जिम्मेदारियों के वितरण तथा पुनर्वितरण के लिए “अज्ञानता के आवरण” का उपयोग करने से जॉन रॉल्स का क्या अभिप्राय है? समझाइए। क्या यह नैतिक रूप से सुसंगत है? (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामाजिक संविदा सिद्धांत का एक घटक “अज्ञानता का आवरण” हमें निष्पक्षता के लिए विचारों का परीक्षण करने की अनुमति देता है। अज्ञानता का आवरण क्या है, संक्षेप में समझते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

रॉल्स सुझाव देते हैं कि आप स्वयं को अज्ञानता के आवरण के पीछे एक मूल स्थिति में कल्पना करते हैं। इस आवरण के पीछे आप स्वयं के बारे में और अपनी प्राकृतिक क्षमताओं, या समाज में अपनी स्थिति के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। अज्ञानता के ऐसे आवरण के पीछे सभी व्यक्तियों को तर्कसंगत, स्वतंत्र और नैतिक रूप से समान प्राणी के रूप में निर्दिष्ट किया जाता है।

रॉल्स के इन सिद्धांतों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

अपनी राय देते हुए निष्कर्ष निकालिए कि क्या यह एक नैतिक रूप से सुसंगत सिद्धांत है।


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